राजकीय महिला महाविद्यालय में चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता हुई आयोजित

ग़ाज़ीपुर।राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के पूर्व सप्ताह में मनोविज्ञान परिषद की ओर से मंगलवार को चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘सभी व्यक्तियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एक मानवाधिकार’ था। अर्थात मानवाधिकारों की तरह मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं सबके लिए सुलभ होनी चाहिए तथा सरकार एवं समाज का दायित्व सबका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करना होना चाहिए। इस बार ‘दुश्चिंता’ बीमारी के विभिन्न आयामों पर अधिक बल दिया गया हैं।

वर्तमान में दुश्चिंता विकार कई रूपों में जैसे प्रत्येक घटना को नियंत्रण करने की इच्छा, अपने और दूसरों से अत्यधिक अपेक्षाएं अत्यधिक सोचना, अत्यधिक योजनाएं बनाना आदि कई रूपों में विद्यार्थियों, युवाओं, वयस्कों, वृद्धो आदमी कई रूपों में हमेशा पायी जाती है। इसीलिए वर्तमान युग को ‘चिंता का युग’ भी कहा जाता है। यह चिंता विकार लंबे समय तक बने रहने पर मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है।


40 से अधिक छात्राओं ने दुश्चिंता, विषाद, नकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य एवं घटनाओं से संबंधित आकर्षक और रंगारंग चित्र बनाएं। इन चित्रों का मूल्यांकन डॉ दिवाकर मिश्रा, डॉ शंभू शरण प्रसाद एवं नेहा जी द्वारा किया गया। चार्ट प्रतियोगिता में रितु यादव प्रथम, सबीना द्वितीय, महक तृतीय एवं मालती यादव तथा मंजूरी खातून प्रसंशित स्थान पर रही। जबकि पोस्टर प्रतियोगिता में दीक्षा सिंह प्रथम, बुशरा द्वितीय, मानसी अग्रवाल तृतीय तथा सोनम कुमारी एवं शिवानी वर्मा प्रशंसित स्थान पर रहीं। मनोविज्ञान विभाग में आयोजित इन चार्ट पोस्टरो का अग्रसेन पीजी कॉलेज, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ओम प्रकाश चौधरी, छपरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरिकेश सिंह, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने अवलोकन किया और शिक्षकों से संवाद किया। कार्यक्रम का संयोजन मनोविज्ञान परिषद के प्रभारी डॉ शिवकुमार द्वारा किया गया।

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.