पत्नी की हत्या मामले में पति को दस साल की सजा
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/FTC प्रथम अलख कुमार की अदालत ने सोमवार को पत्नी हंता पति को 10 साल की कारवास के साथ 7 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया।
अभियोजन के अनुसार थाना जंगीपुर निवासी सुरेन्द्र यादव अपनी बहन कुसुम यादव की शादी दिसम्बर 2009 में थाना बहरियाबाद गांव नादेपुर के लालू यादव के साथ किया था। शादी के बाद कुछ दिन तक सब ठीक चला। बाद में ससुरालीजन पति लालू यादव, जेठ मुन्ना यादव, देवरानी मनीषा व जेठानी इमरती लगातार कम दहेज को लेकर ताना देते थे तथा दहेज में 1 मोटसाइकिल,1 लाख रुपये व सोने चेन की माँग करते थे और मारते पीटते थे। उसकी बहन मायके आ कर सब बताई। वादी रिस्तेदारो को लेकर उसके ससुरालीजन को समझाने बुझाने का प्रयास किया। पंचायत के विदा कराकर लिवा गए और उसको प्रताड़ित करने लगे। 30 नवम्बर 2015 को भोर में मामा को फोन कर बताया कि उसके ससुरालीजन उसको जान से मारने वाले है। उसकी बहन की हत्या कर दिया। उसकी सूचना उसी दिन सुबह 5 बजे मिली। सूचना पर अपनी बहन के ससुराल गया जहाँ वो मृत पड़ी थी। वादी की सूचना पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना उपरान्त सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल 9 गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। सोमवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए जेठ मुन्ना यादव व जेठानी ईमरती देवी व देवरानी मनीषा को दोषमुक्त करते हुए पति को दोषी माना और उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।