“गाजीपुर लोकसभा सीट का जातीय समीकरण” अफजाल और पारस मैदान में

गाजीपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को बहु प्रतीक्षित लोकसभा सीट गाजीपुर पर अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। मनिहारी ब्लाक के सिखड़ी निवासी पारसनाथ राय पुत्र स्व उमाकांत राय को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया है। पारसनाथ राय का जन्म 2 जनवरी 1955 को हुआ था। पारस नाथ राय की शिक्षा परास्नातक है। यह लम्बे समय से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े थे। वो 1986 मे संघ के जिला कार्यवाह सहित विभिन्न पदों का दायित्व निर्वहन कर चुके हैं। तथा वर्तमान समय में जौनपुर के सह विभाग सम्पर्क प्रमुख तथा क्रय विक्रय सहकारी समिति जंगीपुर के अध्यक्ष हैं। पारस राय शबरी महिला महाविद्यालय सिखड़ी, पं मदन मोहन मालवीय इंटर कालेज तथा विद्या भारती विद्यालय के प्रबंधक है। पारस राय को मनोज सिन्हा का करीबी माना जाता है। मनोज सिन्हा के अब तक हुए लगभग सभी चुनाव में पारस राय ने ही पूरी जिम्मेदारी संभाली है। गाजीपुर में पारसनाथ का मदन मोहन मालवीय समेत कई विद्यालय हैं। मनोज सिन्हा इनके कॉलेज में हर साल होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

गाजीपुर लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की गई पार्टी यह है

अब तक गाजीपुर सीट पर कुल 17 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं। पांच बार कांग्रेस, तीन बार बीजेपी, तीन बार सीपीआई, तीन बार समाजवादी पार्टी और जनता पार्टी, स्वतंत्र पार्टी और बीएसपी ने एक-एक बार जीत हासिल की है। 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और बीएसपी का गठबंधन था। गठबंधन के तहत बीएसपी ने इस सीट से अफजाल अंसारी को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने जीत दर्ज की थी। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था और बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी के मनोज सिन्हा ने जीत दर्ज की थी और उन्हें मोदी सरकार में मंत्री भी बनाया गया था।

गाजीपुर लोकसभा सीट का जातीय समीकरण


गाजीपुर लोकसभा सीट पर यादव, मुस्लिम, कुशवाहा काफी महत्वपूर्ण वोटर हैं। गाजीपुर लोकसभा सीट पर 3 लाख से अधिक मुस्लिम आबादी है। कुशवाहा समाज के वोटरों की संख्या करीब ढाई लाख है। करीब डेढ़ लाख बिंद, 2 लाख राजपूत, एक से डेढ़ लाख ब्राह्मण, एक लाख वैश्य और 50 हजार के आसपास भूमिहार वोटर भी गाजीपुर लोकसभा सीट पर हैं, जो निर्णायक हैं।

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