अफजाल और नुसरत ने किया नामांकन, 20 मई अगली तारीख

गाजीपुर। गाजीपुर लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया सोमवार को भी जारी रही। जिसमें सपा प्रत्याशी अफ़ज़ाल अंसारी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। अफ़ज़ाल अंसारी के नामांकन में जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह, सदर विधायक जैकिशुन साहू, जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव और सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव भी मौजूद रहे। जिस कार से अफ़ज़ाल अंसारी नामांकन स्थल पहुचे उसे उमर अंसारी चला रहे थे। इस दौरान नामांकन स्थल के आसपास व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे।


इसी दौरान अफ़ज़ाल अंसारी की बेटी ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा समेत इंडिया गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
नामांकन प्रक्रिया को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के आसपास के रास्तों पर सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त प्रशासन द्वारा किया गया था। पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग कर नामांकन स्थल की तरफ आने वाले वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। नामांकन प्रक्रिया सुबह 10 से 3 बजे तक चला। मालूम हो कि गाजीपुर में 1 जून को मतदान होना है। नामांकन स्थल पहुंचने से पहले अफ़ज़ाल अंसारी सपा कार्यालय लोहिया भवन पहुचे। जहां गठबंधन के दिग्गज नेताओं समेत कार्यकर्त्ता भी मौजूद रहे। इसके बाद उनका काफिला जिला कलेक्ट्रेट स्थित नामांकन स्थल के लिए रवाना हुआ। नामांकन स्थल पहुंचने से पहले अफजाल अंसारी और सपा विधायकों ने जिला मुख्यालय स्थित कामरेड सरयू पांडेय की मूर्ति को प्रणाम किया।

मालूम हो कि सरयू पांडेय को अफजाल का सियासी गुरु भी कहा जाता है। अफजाल अंसारी को 1985 के विधानसभा चुनावों में अपने वक़्त के जाने-माने कम्युनिस्ट नेता सरजू पांडेय ने टिकट देकर चुनाव लड़वाया था, जिसमे अफ़ज़ाल पहली बार विधायक बने। उन्होंने मिडिया से बातचीत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी से मैंने अपना नामांकन कर दिया है। बेटी नुसरत ने भी सपा से वैकल्पिक प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। साथ ही उसने एक सेट में निर्दल प्रत्याशी के रूप में भी नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों में प्रावधान है कि एक कैंडिडेट के होते हुए कोई वैकल्पिक कैंडिडेट भी नामांकन दाखिल कर सकता है। समाजवादी पार्टी ने एबी फॉर्म दो लोगों को दिया था। मालूम हो कि हाईकोर्ट इलाहाबाद ने अफजाल अंसारी के सजा पर दाखिल याचिका पर सुनवाई की। वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अजय श्रीवास्‍तव ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे में बहस के दौरान अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी, दयाशंकर मिश्र ने पक्ष रखा। कहा कि राजनीतिक रंजिश में फंसाया गया है। अफजाल अंसारी के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। कहा कि घटना के कई साल बाद गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था। न्‍यायमूर्ति संजय कुमार ने लगभग तीन घंटे बहस सुनने के पश्‍चात अगली कार्रवाई के लिए 20 मई की तारीख निर्धारित की है।मालूम हो कि गाजीपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने अफजाल अंसारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है जबकि भाजपा से पारसनाथ राय और बसपा से डॉक्टर उमेश सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही जिले की सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है।

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