स्वास्थ्य समेत सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं:सीडीओ

जिला टास्क फोर्स की हुई बैठक

फाइलेरिया उन्मूलन : एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए आयोजित हुई ‘जिला टास्क फोर्स’ बैठक

स्वास्थ्य समेत सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं – सीडीओ

जनपद में 10 अगस्त से दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

एक वर्ष से कम, गर्भवती महिला और अति गंभीर बीमार लोगों को छोड़ कर करेंगे दवा का सेवन

पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने के लिए 10 अगस्त को मनेगा ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’

एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़ों (कृमि) से बचाव की दवा

गाज़ीपुर। जनपद में लोगों को लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाने के लिए दस अगस्त से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही 10 अगस्त को पेट के कीड़े यानि कृमि से बचाव के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) भी मनाया जाएगा। दोनों कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को राइफल क्लब सभागार में जिला टास्क फोर्स बैठक व अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संतोष कुमार वैश्य ने की। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य समेत सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर एमडीए और एनडीडी कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकार ने कहा कि एमडीए के साथ साथ एनडीडी अभियान के दौरान किसी भी विभाग के स्तर से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समस्त सरकारी विभागों व कार्यालयों में बूथ लगवाकर लोगों को दवा सेवन करवाया जाए। सभी विभाग समय से अपना माइक्रोप्लान तैयार कर लें और उसी के अनुसार अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान से पहले ही फाइलेरिया बीमारी की भयावहता के बारे में लोगों से चर्चा करें और अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता के साथ सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने सामने फाइलेरिया और कृमि से बचाव की दवा का सेवन करवाएं। सीडीओ ने अपील की कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन व एनडीडी कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया व कृमि से बचाव की दवा खाकर स्वयं को फाइलेरिया व कृमि से सुरक्षित करें एवं गाजीपुर को फाइलेरिया व कृमि मुक्त जनपद बनाएं। घर – घर जाने वाली स्वास्थ्य टीमों का पूरा सहयोग करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि एमडीए अभियान जनपद के मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक को छोड़कर अन्य सभी ब्लाकों एवं नगर में चलेगा। इसके तहत दस अगस्त से दो सितम्बर तक दो सदस्यों की टीम घर घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा (डीईसी व एल्बेण्डाज़ोल) खिलाएंगी। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला और अति गंभीर रूप से बीमार लोगों को छोड़कर सभी को खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया (हाथीपाँव) एक लाइलाज बीमारी है, जिससे बचने के लिए पाँच साल तक लगातार साल में एक बार बचाव की दवा का सेवन जरूरी है। इसके अलावा मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त) को निजी, सरकारी, सरकारी सहायता विद्यालयों, मदरसों एवं केंद्रीय विद्यालय में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़ों (कृमि) से बचाव के लिए एल्बेण्डाज़ोल दवा खिलाई जाएगी। लेकिन जो बच्चे बीमार हैं या दवा खा रहे हैं, उन्हें यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी केंद्र या आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें।
बैठक में एमडीए अभियान के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ जेएन सिंह, एनडीडी अभियान के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ मनोज कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सरकारी चिकित्सालयों के अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी तथा आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, आजीविका, समाज कल्याण, कृषि, आपूर्ति, नगर पालिका, सूचना विभाग के अधिकारी व कर्मी, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार, एवीडेंस एक्शन संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।

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