गाजीपुर।जनपद में सर्पदंश की घटना दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। उक्त के क्रम में आम जन-मानस को सर्पदंश से बचाव एवं इलाज हेतु प्रचार प्रसार करके इसके प्रसार को कम किया जा सकता है।
सर्प दिखने पर क्या करेः- सर्प को पकड़ने अथवा मारने का प्रयास न करें तथा उचित दूरी बनाकर रखे, सर्प को दौड़ाने, उस पर केमिकल व गर्म पानी फेकने से बचें, फारेस्ट अथवा फायर विभाग को सूचित करें।
सर्पदंश से बचावः- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, आस-पास झाड़-झंखाड़ ना होने दे, घर का कूड़ा करकट घर से दूर फेकें, दिवारों के छेद एवं दरार को भर दें, खिड़की को जाली से ढकवायें, अंधेरे में झाड़ियों में न जाये तथा टार्च का प्रयोग करें, बच्चों को अंधेरे में तथा झाड़ियों में न खेलने दे।
सर्पदंश की स्थिति में क्या करेंः- सबसे पहले जिसे सांप ने काटा है उसे लिटा दे ताकि चलने फिरने से जहर न फैले, उसे हिम्मत दे जिससें कि वह घबराए नही, घबराने से भी ब्लड फ्लो तेजी से बढ़ेगा और जहर फैलेगा, जल्द से जल्द नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाये, तंग कपड़े, ज्वेलरी, घड़ी, अंगूठी, बिछिया, पालय को उतार दें, क्योकि बाद में सूजन बढ़ सकती है,।
सर्पदंश की स्थिति में क्या न करेंः- कतई न घबराएं, शांत रहें। हर सर्पदंश का इलाज सम्भव है, झाड़, फूक, पुरानी परम्पराओ, देशी दवा आदि में समय बर्बाद न करे, सर्पदंश के हिस्से को काट कर या मुँह से चूस कर जहर निकालने की कोशिश न करें, सर्पदंश वाले स्थान को न धोएं न साफ करे, इससे सर्पदंश के स्थान को पहचानने में कठिनाई होगी, काटने वाली जगह पर रूमाल, कपड़ा, रस्सी जैसे कुछ न बाधें, बर्फ न लगाये, मालिस आदि न करें।
सर्पदंश का वैक्सीन (एन्टी स्नेक बेनम) जनपद के समस्त सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला पुरूष चिकित्सालय (मेडिकल कालेज) में निःशुल्क उपलब्ध है।
सर्पदंश की घटना हो जाने पर तुरन्त सहायता के लिए दिये गये नम्बरों पर सम्पर्क करें ।( 108, 112)