रेलवे ट्रैक के पास से 28 लोग गिरफ्तार

गाजीपुर। साहब गलती हो गई अब ना जाइब कुछ इसी तरह की बातें उस वक्त लोग कर रहे थे जब आरपीएफ ने रेलवे ट्रैक के किनारे घूम रहे एक-एक कर 28 लोगों को गिरफ्तार किया। क्योंकि इसके पहले कई बार लोगों को चेतावनी दिया गया था।बावजूद लोग नहीं मान रहे थे ।अभी कुछ दिनों पहले ही रेल पटरी पर गिट्टी रखने का मामला सामने आया था तो वही उसके कुछ ही दिनों बाद रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का बोटा रखकर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस को डिरेल करने का भी प्रयास किया गया था। हालांकि दोनों मामले में गिरफ्तारी किया जा चुका है। दोनों घटनाओं को देखते हुए आरपीएफ ने आठ जवानों को चार-चार सौ मीटर की दूरी पर निगरानी के लिए 8 घंटे की ड्यूटी लगाई है। इसी ड्यूटी के दौरान 28 लोग आरपीएफ के हत्थे चढ़े, जिन्हें गिरफ्तार कर आरपीएफ के जवानों ने आरपीएफ थाना लाया। जहां उनके परिजनों ने उनका जुर्माना भरकर अपने साथ वापस ले गए। बता दें कि गाजीपुर जनपद ही नहीं प्रदेश के कई जनपदों में इन दिनों रेल को डिरेल करने की साजिश चल रही है। जिसमें कानपुर के बाद गाजीपुर में भी एक बार रेल पटरी पर करीब 300 मी गिट्टी रखकर प्रयागराज जाने वाली ट्रेन को पलटने का प्रयास किया गया। तो वही उसके कुछ ही दिनों बाद रात के अंधेरे में रेल पटरी पर लकड़ी का बड़ा गुटका रखकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को पलटने की कोशिश की गई।

हालांकि दोनों मामले में आरपीएफ और सिविल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा। परिजनों को बुलाया और उनकी जमानत पर उन्हें रिहा किया। वहीं अब आरपीएफ के ऊपर रेल पटरी के निगरानी की जिम्मेदारी बढ़ गई है। और इसी निगरानी के तहत एक दिन पूर्व गाजीपुर सिटी से लेकर गाजीपुर घाट के बीच आरपीएफ ने 28 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार सभी लोग शाम 4:00 से 6:30 बजे के बीच रेल पटरी के किनारे घूमते हुए पाए गए जिसमें कुछ नशे के आदि रहे तो कुछ सब भ्रांत जान भी रहे। बता दे की रेलवे ट्रैक की सुरक्षा एसआई कमलेश सिंह यादव, एसआई जितेंद्र सिंह टीम के साथ पेट्रोलिंग पर निकले और इस दौरान रेलवे लाइन पर अधिकृत रूप से घूमते 28 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद जब सभी लोगों को मालूम चला तो अधिकतर लोग वहां पर कांस्टेबल और इंस्पेक्टर का हाथ जोड़कर अपने किए हुए गलती की माफी भी मांगने लगे की साहब गलती हो गई आगे से इस तरह की गलती नहीं होगी। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित राय ने बताया कि 28 लोगों को रेल अधिनियम के तहत चालान किया है और यह अभियान लगातार चलता रहेगा ताकि रेल पटरी को सुरक्षित किया जाए और रेल यातायात किसी भी तरह से बाधित न होने पाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे रील बनाने वाले भी काफी सक्रिय हैं। इसको लेकर भी आगे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसको लेकर सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले जा रहे हैं।

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