गाजीपुर। नंदगंज थाना क्षेत्र के दवेपुर गांव के कुछ दबंग लोगों ने चकरोड की जमीन पर खेती कर लिया है। जिसके वजह से लोगों के आने-जाने के लिए पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है। यहां तक की जब शिकायतकर्ता के द्वारा शिकायत की गई तो लेखपाल ने 15 जुलाई को रिपोर्ट लगाया कि उक्त जमीन को खाली कर लिया गया है जबकि मौजूदा समय में उस पर धान और गन्ने की फसल लहलहा रही है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में आए दिन जमीन संबंधित विवाद आते रहते हैं जिसको लेकर शासन और प्रशासन के द्वारा सख्त निर्देश है की तत्काल राजस्व की टीम को भेज कर उसका निस्तारण कराया जाए। लेकिन ऐसा कहीं कुछ होता नहीं दिख रहा है नंदगंज थाना क्षेत्र के दवेपुर गांव के रहने वाले हवलदार यादव जो सेना से रिटायर्ड है और गांव में ही निवास करते हैं।

गांव में उनके आने के लिए चकबंदी में करीब 2 मीटर चौड़ी रास्ता दिया गया। लेकिन उसे रास्ते पर पिछले कई सालों से गांव के ही कुछ दबंग लोग खेती कर रहे हैं। और मौजूदा वक्त में भी उस पर फसल लगी हुई है। वही इस समस्या को लेकर वह कई बार जिला अधिकारी एसडीएम सैदपुर के साथ ही साथ मुख्यमंत्री के शिकायत पोर्टल पर भी शिकायत कर चुके हैं। और इस शिकायत निस्तारण के क्रम में स्थानीय लेखपाल रंजीत के द्वारा 15 जुलाई 2024 को यह रिपोर्ट लगा दिया गया कि उक्त भूमि को खाली करा दिया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब 15 जुलाई को भूमि खाली कर दी गई है तो मौजूदा समय में उस चिह्नित भूमि पर फसल कैसे लहलहा रही है। जो कहीं ना कहीं यह साबित करती है कि लेखपाल और भूमाफियाओं में कुछ ना कुछ कनेक्शन है।

रास्ता नहीं होने की वजह से इन लोगों को पगडंडियों का सहारा लेकर आना जाना पड़ता है। यहां तक की गांव में जब उन लोगों के बेटियों की शादी होती है तब वह मजबूरी में उनके दरवाजे तक बारात नहीं आ पाती है । जिसके कारण अब वह मैरिज हाल की शरण लेना पड़ रहा है पूर्व में बाइक पर बैठाकर किसी तरह से द्वार पूजा लगाने का कार्य किया जाता रहा है। वही गांव की एक महिला ने बताया कि उसकी शादी के 24 साल हो चुके हैं लेकिन उसने अपने गांव का रास्ता नहीं देखा मजबूरी में पगडंडियों के सहारे वह में रोड तक आती और जाती है। वही इस मामले पर सैदपुर एसडीएम रवीश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं थी और मीडिया की जानकारी देने पर उन्होंने लेखपाल से बात किया है। और उनके अनुसार लेखपाल ने उस जमीन को चिन्हित कर लिया है और फसल कट जाने के बाद उस पर रास्ते बनाने का कवायद किया जाएगा।