रेलवे का चल रहा यह स्वर्णिम काल: उप राज्यपाल मनोज सिन्हा

गाजीपुर। मेरे गाजीपुर से जाने के बाद गाजीपुर- मऊ रेलखंड परियोजना कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई थी। उसका कारण यह बताया गया कि गाजीपुर से मऊ की रेल कनेक्टिविटी पहले से ही बेहतर है। भारत सरकार के वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विशेष रूप से आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि पिछला बजट जो देश की संसद ने पारित किया। उसमें दोबारा से इस रेलखंड के बजट की स्वीकृति दी गई है। रेलवे का यह स्वर्णिम काल चल रहा है। 2014 से पहले रेलवे में जो निवेश हुआ था। वह बहुत ही कम था। उपरोक्त बातें जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित “अतिथि विश्राम गृह एवं कम्युनिटी सेंटर” के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पूरे देश का छोड़िए केवल पूर्वांचल की बात करें तो आज यहां पहले से बहुत ही बेहतर स्थिति है। हर रेल रूट पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। रेलगाड़ियों का आवागमन भी बढ़ चुका है। जिससे यातायात सुगम है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी जब वाराणसी आते थे तो डीएलडब्लू के रेलवे अतिथि गृह में रुकते थे। मैं भी कई बार उसमें रुका था तो मुझे लगा कि क्या गाजीपुर में भी ऐसा विश्राम गृह बन सकता है? इसके बाबत मैंने रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों से इसकी चर्चा की कि आप लोग इतनी बड़ी परियोजनाओं पर यहां काम कर रहे हैं यदि कभी प्रधानमंत्री जी यहां रुकने के लिए आ जाए, तो गाजीपुर में वह रुके तो उनको यह न लगे कि गाजीपुर में उनके लायक कोई जगह नहीं है। आज मैं रेल विकास निगम लिमिटेड के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक उत्कृष्ट और शानदार रेलवे अतिथि गृह और कम्युनिटी सेंटर का निर्माण पूरा किया है। इसके लिए वह बधाई के पात्र भी है और मुझे बहुत खुशी है कि इसका शिलान्यास भी मैंने किया था। जो आज पूर्ण हुआ। उन्होंने रेल विकास निगम लिमिटेड की प्रशंसा करते हुए कहीं की यह रेल मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण अंग है। एक घटना की चर्चा करते उन्होंने बताया कि जब वह रेल राज्यमंत्री थे तो अंग्रेजी के एक बड़े अखबार की पत्रकार जो बैंगलोर से आई थी। उनके साथ गाजीपुर में थी। उन्होंने रास्ते में यात्रा के दौरान शौचालय जाने की इच्छा व्यक्त की। इस पर उन्होंने गाजीपुर स्थित महिला महाविद्यालय में आरवीएनएल द्वारा बनाए हुए कम्युनिटी टॉयलेट का उपयोग किया। जिसके बाद उस पत्रकार ने प्रतिष्ठित अंग्रेजी के अखबार में लिखा कि जैसे शौचालय गाजीपुर में है वैसे शौचालय बैंगलोर में नहीं हैं।


उन्होंने कहा कि आरवीएनएल ने जिले में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण की है। साथ ही साथ अनेकों सार्वजनिक शौचालय और स्नान गृह का भी निर्माण किया है। कई बार कई परियोजनाएं पूर्ण नहीं हो पाती है। क्योंकि इतने मुकदमें हाईकोर्ट और गाजीपुर न्यायालय में लंबित रहते हैं कि उसका निस्तारण कर पाना मुश्किल है। कुछ दिन पहले एक अखबार में मैंने रिपोर्ट पढ़ी ताड़ीघाट – गाज़ीपुर- मऊ रेल मार्ग को लेकर, मेरा एक निवेदन है कि सार्वजनिक रूप से कुछ लिखने से पूर्व तथ्य जानना बहुत ही आवश्यक है। और गंभीर पत्रकारीता के लिए और भी आवश्यक है। अभिव्यक्ति की आजादी पूरी है देश में उसका उपयोग भी होना चाहिए। कभी-कभी समाज में गलत जानकारी से विधर्म पैदा होता है। मेरा निवेदन होगा कि तथ्यों के साथ लिखा जाना मुनासिब होगा। मुख्य रूप से पत्रकार की यह भूमिका होनी ही चाहिए कि कोई कार्य अच्छे ढंग से नहीं हो रहा है तो पत्रकार सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराए। लोकतंत्र में चौथे मजबूत स्तंभ के नाते यह आपका महत्वपूर्ण दायित्व है लेकिन गलत खबरों से संदेश ठीक नहीं जाता है।


इससे पूर्व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पट्ट अनावरण कर उपरोक्त भवन का लोकार्पण किया। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव ने उप राज्यपाल का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। मनोज सिन्हा ने कम्युनिटी सेंटर के एक एक कक्ष का निरीक्षण कर कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान होगा।


इस अवसर पर प्रमुख रूप से राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, आरवीएनएल के निदेशक विकास चन्द्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह और कृष्णबिहारी राय, भाजपा नेता अभिनव सिन्हा, जिला महामंत्री ओमप्रकाश राय, प्रवीण कुमार सिंह, दयाशंकर पांडेय, जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा, सोशल मीडिया विभाग के जिला संयोजक कार्तिक गुप्ता, अखिलेश सिंह, रामनरेश कुशवाहा,हिमांशु राय, शशांक राय, अविनाश सिंह,सहित अनेकों लोग उपस्थित रहें। संचालन अभिनव सिंह छोटू ने किया।

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