गाजीपुर। साल 2001 में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद तहसील के उसरी गांव की चट्टी पर दिन दहाड़े मुख्तार अंसारी गिरोह और बृजेश सिंह के गिरोह में गैंगवार हुआ था और इसी गैंगवार में मनोज राय की हत्या हुई थी और उस हत्या के मामले में साल 2023 में मनोज राय के पिता शैलेंद्र राय के द्वारा मुख्तार अंसारी सहित करीब 10 से 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और इस मुकदमे में गौस मोईनुद्दीन अंसारी जो मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई और रिश्ते में साढु भाई भी लगते हैं आरोपी थे जो पिछले कई सालों से फरार चल रहे थे और इसी फरारी को लेकर इन पर ₹25000 का इनाम भी घोषित किया गया था और इनाम घोषित किए जाने के बाद उनके खिलाफ NBW का वारंट भी जारी था और इस वारंट के तहत मोहम्मदाबाद पुलिस ने एक दिन पूर्व उन्हें गिरफ्तार किया और फिर उनकी गिरफ्तारी के बाद आज गाजीपुर न्यायालय में पेश किया गया इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया और अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि आज एमपी एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह के न्यायालय में गौस मोइनुद्दीन उर्फ तन्नू अंसारी को पेश किया गया था जहां पर शैलेंद्र राय के द्वारा दर्ज कराए गए मनोज राय हत्याकांड के मामले में यह फरार चल रहे थे और इस मामले में पुलिस ने एनबीडब्ल्यू वारंट पर इन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जिस पर माननीय न्यायाधीश ने उनके मामले पर सुनवाई करते हुए इन्हें आज जेल भेजा है और अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
उन्होंने बताया कि गौस मोइनुद्दीन उर्फ तन्नू अंसारी मनोज राय की हत्या में उनके आवास बक्सर जाकर मनोज राय का अपहरण कर मुख्तार अंसारी के साथ लेकर आए थे और फिर उनकी हत्या के मामले में शामिल थे।
बता दे 15 जुलाई 2001 को उसरी चट्टी हत्याकांड हुआ था। उसी दिन मनोज राय की भी हत्या हुई थी, उस समय मनोज राय को भी मुख्तार अंसारी ने हमलावरों में शामिल बताते हुए मुकदमा दर्ज कराई थी, लेकिन मनोज राय के पिता ने पुत्र की हत्या बताते हुए 2023 में मुख्तार अंसारी और उसके साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस की चार्जशीट में मृतक मनोज राय के पिता ने मुख्तार अंसारी के साथ सरफराज मुन्नी, अफरोज उर्फ चुन्नू, जफर उर्फ चंदा के साथ दस लोगों को नामजद किया था।