लड़की ने अपने भाई के साथ मिलकर की थी मनोहर की हत्या

कॉलेज के सहपाठी से लिया था पैसे उधार और फिर वापस करने के नाम पर आनाकानी करने और महिला सहपाठी के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से करने लगा था परेशान

पिता ने दर्ज कराया था अपहरण का मुकदमा, पुलिस ने जब जांच किया और गंगा नदी में सर्च कराया तब लापता युवक का मिला शव

गाजीपुर। सदर कोतवाली इलाके के बारह बंगला के रहने वाले मनोहर सिंह यादव जो जिले के ही एक महाविद्यालय में कर्मचारी था। 11 फरवरी को अचानक से वह गायब हो गया। जिसके बाद परिवार के लोगों ने मनोहर के अपहरण को लेकर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जब इस मामले में तफ्तीश करना शुरू किया तो इसमें मामला पुरानी दोस्ती में पैसे का लेनदेन और फिर पैसे को वापस न करने और पैसा लेने वाले युवक मनोहर ने अपने ही महिला सहपाठी जिसने पैसा दिया था उसके साथ मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना आरंभ कर दिया, जिससे परेशान होकर महिला सहपाठी और उसके भाई ने कड़ा कदम उठाते हुए पहले उसका गला घोटा और फिर उसे गंगा नदी में फेंक दिया था। जिसे गोताखोरों की मदद से शव मिलने के बाद मामला का खुलासा हुआ। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा इस मामले का खुलासा किया गया। पुलिस के चंगुल में युवक परीक्षित सिंह और उसकी बहन जो सुहवल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। मृतक मनोहर अपनी कॉलेज के दिनों की सहपाठी से करीब 1 साल पहले ढाई लाख रूपए उधार लिए थे और उसे पैसे को वापस नहीं कर रहा था। उसकी सहपाठी मऊ जनपद में एसबीआई बैंक में कर्मचारी थी और इसी बात को लेकर दोनों मनोहर और महिला में काफी विवाद हुआ करता था। मनोहर बार-बार महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान भी किया करता था जिससे महिला काफी परेशान रहती थी और उसकी परेशानी को देखकर उसके भाई ने उसे सच्चाई जानने का प्रयास किया तो महिला ने पहले तो बताने से इनकार किया लेकिन बाद में उसने बताया कि मनोहर ने उसे ढाई लाख रूपए उधार लिए हैं और मांगने पर पैसा भी वापस नहीं कर रहा है और हमारी इज्जत के साथ खिलवाड़ भी कर रहा है और बदनाम करने की धमकी दे रहा है। उसने यह भी बताया कि मनोहर का कई अन्य लड़कियों से भी संबंध है जिससे उसकी बातचीत होती रहती है। उसके बाद युवक ने अपनी बहन से कहा कि अब तुम परेशान ना हो अब आगे जब भी तुम्हें मनोहर मिलने के लिए बुलाए तो मुझे बताना। फिर मनोहर ने महिला को फोन किया और मिलने के लिए गाजीपुर के रौज़ा इलाके में बुलाया। इसके बाद महिला ने इसकी जानकारी अपने भाई को दिया। महिला और मनोहर दोनों गाजीपुर के गंगा नदी पर बने रेलवे पुल के नीचे जो सुहवल थाना क्षेत्र में आता है वहां पहुंचे। वहां पर पैसे के वापसी को लेकर बात होने लगी लेकिन मनोहर दोनों भाई-बहन को ही दोषी बताने लगा और यह भी कहा कि पैसा वापस नहीं करूंगा और तुम्हारी बहन की बदनामी होगी मेरा कुछ नहीं होने वाला। इन्हीं बातों से गुस्से में आकर दोनों भाई-बहन ने उसके स्कोर्फ़ से गला दबाकर मार डाला और फिर गंगा नदी में फेंक दिया। उसकी मोटरसाइकिल पर गंगा घाट पर से ही मिट्टी लगाकर उसकी बाइक को हमिद सेतु पर लाकर छोड़ दिया था ताकि लोगों को यह समझ में आए कि उसने किसी कारण से गंगा में छलांग लगाकर आत्महत्या कर लिया है। वहीं परिवार के द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद जब इस मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हुई और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सर्च करना शुरू किया तब मामला कुछ और ही निकला। उसके बाद इस मामले में दोनों भाई-बहन संदिग्ध पाए गए। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ आरंभ किया तो महिला ने कई बार अपने बयान बदले और जब एक दिन पूर्व मनोहर का शव गंगा नदी में मिला तब पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ किया तब यह मामला पूरी तरह से सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया। तब जाकर गला दबाकर मारने का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया। उसके बाद आज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों भाई-बहन को जेल भेज दिया।

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