गाजीपुर। पैसे के लिए विद्यालय के जिम्मेदार प्रबंधक और प्रिंसिपल कैसे कानून व्यवस्था को तार तार कर डालते हैं इसकी पोल एसटीएफ ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में उस वक्त खोल दिया जब दूसरे परीक्षार्थी की जगह पर एक परीक्षार्थी को परीक्षा देते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि पकड़े गए मुन्ना भाई को मोटी रकम लेकर विद्यालय के प्रिंसिपल के द्वारा बगैर बायोमेट्रिक जांच के ही परीक्षा केंद्र के अंदर तक पहुंचा दिया गया था। इतना ही नहीं इसके पहले भी दो दिन इसी छात्र के द्वारा दूसरे छात्र का परीक्षा दिया गया था। पूरा मामला यूपी बोर्ड के द्वारा संचालित हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का है जिसको लेकर जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा पूरी तैयारी करने का दावा किया गया था। इतना ही नहीं परीक्षाओं में किसी भी तरह की नकल या फिर प्रॉक्सी छात्रों का एंट्री ना हो इसके लिए भी विद्यालय के प्रबंधकों प्रधानाचार्ययों और शिक्षकों के साथ जिलाधिकारी ने बैठक कर सबको कड़े निर्देश दिए गए थे लेकिन जिले में जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देश को ताक पर रखकर सोमवार को अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए सालवर विद्यालय के अंदर पहुंच गया और परीक्षा भी दे रहा था। इस बात की जानकारी वाराणसी एसटीएफ की टीम को हो चुकी थी और एसटीएफ की टीम ने अचानक से दुल्लहपुर के बहलोलपुर गांव में चलने वाले भगेलु दास इंटर कॉलेज पर छापेमारी किया। छापेमारी में शिवम नाम का युवक दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। एसटीएफ ने जब जांच किया तो पता चला कि विद्यालय में बगैर बायोमेट्रिक एंट्री के छात्र को विद्यालय में एंट्री दिया गया था। इतना ही नहीं इसके पहले के भी दो विषयों में वह परीक्षा दे चुका था। STF अपने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि साल्वर शिवम यादव और प्रधानाचार्य विंध्याचल यादव के पास से दो मोबाइल एक आधार कार्ड एक ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका बरामद हुई है। यही नहीं एक हाई स्कूल अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र एक प्रवेश पत्र भी बरामद हुआ है। साल्वर के गिरफ्तार होने के बाद टीम परीक्षा केंद्र को लेकर सक्रिय हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह ने बताया कि पकड़ा गया युवक अपने परिवार के ही किसी सदस्य के नाम पर परीक्षा दे रहा था। इस तरह के मामले अब सामने आने के बाद अब आगामी परीक्षाओं के लिए कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं और सभी कक्ष निरीक्षकों और ड्यूटी में लगे हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि आगे से इस तरह का कोई भी मामला आता है तो उन्हें परीक्षा देने से वंचित न किया जाए बल्कि परीक्षा के उपरांत इनकी जांच किया जाए और जांच में कोई भी कमी पाए जाने पर ऊपर के अधिकारियों को जानकारी देते हुए करवाई किया जाए। बता दे की जनपद का दुल्लहपुर जखनिया इलाका नकल करने के साथ ही साथ फर्जी छात्रों के माध्यम से दूसरों की परीक्षा संपन्न कराए जाने के भी मामले आते रहे हैं। अभी पिछले साल भी इसी इलाके से भारी मात्रा में नकल की सामग्री के साथ मुन्ना भाई भी पकड़े गए थे जिस पर पुलिस ने परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई किया था। इन्हीं सब को देखते हुए परीक्षा से पूर्व जिलाधिकारी बैठक कर खड़े निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके इस तरह का मामला सामने आया है।