हत्यारे पिता-पुत्र को दस वर्ष की सश्रम कारावास

हत्यारे पिता-पुत्र को दस वर्ष की सश्रम कारावास
गाजीपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय अली रजा की अदालत ने सदोष मानव वध के प्रकरण आज शनिवार को दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी। जिसकी जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा सिराजुददीन अंसारी ग्राम सिंहानी थाना दिलदारनगर मंे अपने तहरीर में बताया कि बालू रखने के विवाद को लेकर मेरे भाई सरफुददीन को कलामुददीन और फारूख ने गाली गुप्ता देते हुए लाठी डन्डा से मारकर घायल कर दिया जिससे सरफुददीन के सिर पर शरीर पर काफी चोट आायी है। दिलदारनगर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए धारा 323, 504 आईपीसी मेे 5 जून 2012 की घटना का एनसीआर दर्ज किया गया। सरफददीन को इलाज के लिए बीएचयू ले जाते समय रास्ते मे मृत्यु हो गया, मामले में धारा 304 आईपीसी की ब़ढोत्तरी कर विवेचना प्रारम्भ की गयी, आरोप पत्र 10 जुलाई 2012 को न्यायालय में पेश किया गया। जिसपर न्यायालय एडीजे तृतीय अली रजा के न्यायालय के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश ंिसह ने कुल नौ गवाहो को परीक्षित कराया। साक्ष्योपरान्त न्यायालय ने गुणदोष का परीक्षण करके अभियुक्त कलामुददीन व फारूख जो आपस में पिता पुत्र है। प्रत्येक को 323/34 आईपीसी में एक वर्ष कठोर कारावास तथा एक हजार जुर्माना व 504 आईपीसी में दो वर्ष का कठोर कारावास तथा दो हजार रूपये का जुर्माना, 304/34 मंे दस वर्ष का कठोर कारावास तथा दस हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया और जुर्माना की आधी धनराशि मृतक की पत्नी खैरूनीशा को देने का आदेश दिया गया।

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