गाजीपुर। सैदपुर तहसील के मलिकपुर गांव में जन्म लेने वाले कलराज मिश्रा जो शिक्षा के वक्त से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और फिर 1977 में जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष और 1979 में जनता युवा मोर्चा के पहले निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 1978 से 1984 तक राज्यसभा और 1986 से 2001 तक विधान परिषद और 2001 से 2012 तक राज्यसभा सदस्य के साथ ही उत्तर प्रदेश और केंद्र में मंत्री के साथ ही हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के राज्यपाल पद पर भी रह चुके हैं। रविवार को सामाजिक संस्था साहित्य चेतना समाज के द्वारा एक मैरेज हॉल में गाजीपुर गौरव से कलराज मिश्र को सम्मानित किया गया और अपने गृह जनपद में अपने लोगों के बीच सम्मान पाकर आज पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र काफी आनंदित नजर आए।

अपने सम्मान से अभिभूत होते हुए उन्होंने बताया कि अपने गृह जनपद में सम्मान पाना अपने आप में काफी अचंभित करने वाला होता है सामान्य तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले लोग इस तरह से सम्मानित नहीं हो पाए क्योंकि जो भावनात्मक लगाव गृह जनपद से होना चाहिए वह कम हो जाता है हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि मैं गाजीपुर जनपद से कोई चुनाव नहीं लड़ा और ना ही मैं यहां का कभी प्रतिनिधि रहा हूं हालांकि संगठन के तौर पर मैं यहां पर काम जरूर किया हूं। उन्होंने इस सम्मान को बहुत विशेष सम्मान बताया ऐसे में जो अपने गृह जनपद का सम्मान प्राप्त कर लिया वह किसी भी स्तर का सम्मान प्राप्त कर सकता है।