विकास भवन में किसान दिवस का आयोजन,अब तक बन चुका है 41500 किसानों कीे फार्मर आई. डी.

विकास भवन में किसान दिवस का आयोजन,अब तक बन चुका है 41500 किसानों कीे फार्मर आई. डी.

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता एवं उप कृषि निदेशक विजय कुमार की  उपस्थिति में विकास भवन के सभा कक्ष में किसान दिवस का आयोजन किया गया। उप कृषि निदेशक गाजीपुर द्वारा पिछली किसान दिवस की परिपालन आख्या एवं कार्यवृत्ति विस्तार से पढ़ा गया। उप कृषि निदेशक गाजीपुर द्वारा विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दिया गया। प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में फार्मर रजिस्ट्री समस्त किसानों हेतु राज्य एवं केन्द्र सरकार की तरफ से अनिवार्य कर दिया गया है। 41500 किसानों कीे फार्मर आई. डी.अब तक बन चुका है, शेष किसानों का अभियान चलाकर पॉच सदस्यीय टीम गांवों में फार्मर आईडी /फार्मर रजिस्ट्री  का कार्य 06 अप्रैल से 11 अप्रैल तक तथा द्वितीय चरण का अभियान चलाकर पूर्ण किया जा रहा है। आगामी खरीफ सीजन से उर्वरक का पूर्ति कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर उर्वरक दिया जाएगा। बीज एवं खर पतवार नाशी बीज गोदामों से वितरण कराया जाएगा। ढैचें की मांग पूर्व में ही किया जा चुका है, प्राप्त होते ही कृषकां में वितरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। एक बार फार्मर रजिस्ट्री होने पर विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ कृषकों को आसानी से प्रदान किया जा सकता है। किसान भाईयों से अपील है कि जिन किसान भाइयों को फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है वे कैम्प में आधार कार्ड, मो०नं० व खतौनी ले जाकर पूर्ण करा सकते है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ में विगत वर्ष 47000 बीमीत कृषको में से 31800000 (5812 कृषक)रू0 की प्रतिपूर्ति कराया गया है, जिलाधिकारी के विशेष प्रयास से बैंको ने ओवर ड्राफ्ट की सुविधा देकर प्रीमियम की धनराशि का समायोजन किया गया। कृषक भाई प्रोमियम कीे धनराशि बैंक में अवश्य छोडे तथा फसल बीमा कराकर भविष्य में होने वाले जोखिम को कम कर सके। 01 फरवरी 2019 के बार्ड क्रय जमीन के किसान पीएम सम्मान निधि के लाभार्थी नहीं होगे। वरासत के मामलों में ऐसा नहीं है। जिला कृषि अधिकारी गाजीपुर द्वारा खरीफ बीजों यथा धान एवं ढैचा बीज की मांग पूर्व से है। प्रयास किया जा रहा है कि ससमय उपलब्ध करा दिया जाए। जमीन के आधार पर उर्वरको का वितरण फार्मर रजिस्ट्री वाले कृषकों को किया जाएगा। खरीफ में मिलेट्स ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो की आपूर्ति होते ही वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा । जिला उद्यान अधिकारी गाजीपुर द्वारा बताया गया कि पंजीकरण (फलदार पौधों एवं अन्य) प्रारम्भ है, लक्ष्य आते ही प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर किया जाएगा। पशु चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर द्वारा बताया गया कि श्वाइन फ्लू एवं एच.एस. (गलाघोटू ) का टीकाकरण 15 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा। गो आश्रय स्थलों से पशु लेने पर प्रति पशु 1500/- प्रति माह अधिकतम बार पशुओं हेतु लाभ लिया जा सकता है। हरे चारे हेतु किसान गोआश्रय स्थल से टाइअप कर सकते हैं। जिसमें हरा चारा अधिकतम 3/- किग्रा भुगतान होगा। कृषि विज्ञान केन्द्र गाजीपुर (बाविस्टीन 2.5 3 ग्राम प्रति किलो केप्टान, थीरम, ट्राइकोडर्मा) बीज शोध हेतु प्रयोग उत्पादन, उत्पादकता एवं गुणवत्ता सुधारने हेतु उपचार समय से अच्छी प्रजाति का चयन कर विज्ञान का प्रयोग कर अच्छी उपज ली जा सकती है। किसान भाई सांवा, कोदो, रागी, कंगनी का बीज के वी के को उपलब्ध करा दे एवं अपना उचित मूल्य प्राप्त कर लें।
पोल्ट्री, डेयरी, पिगरी, बी किपिंग एवं अन्य उद्यम केवीके के माध्यम से सिख सकते है। किसान भाई हरी खाद, सनई, ढैचा, उर्द, मूंग,नैडेप, वर्मी कम्पोस्ट, लिक्विड मैन्योर का प्रयोग करे जिससे उर्वरक का प्रयोग कम किया जा सके। श्री अन्न  की खेती करने हेतु किसान भाइयो से अनुरोध किया जा रहा है। उत्पाद केवीके स्वयं खरीद लेगा। धान की प्रजाति 00.51 – 100 दिन में पककर तैयार हो जाती है डिस्क प्लाऊ से खेत की गहरी जुताई अवश्य करें। फार्मर आई -कृषक मंगला सिंह यादव रसूलपुर कन्धवारा कृषक का नाम एक खतौनी में दो बार हो गया है। सही कराया जाए 32/38 में मुकदमा पंजीकृत होगा, एक आवेदन एस.डी. एम. को दे दिया जाए सही हो जाएगा । एस.डी.एम के आदेशानुसार नाम काटकर सही किया जाएगा। कृषक जय गोविंद यादव तलवल विद्युत तार जर्जर था, पूर्व किसान दिवस में उठाया गया था परन्तु निदान यहां मिला । मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कहा गया कि इस पर तुरन्त कार्यवाही हो अन्यथा नुकसान होने पर तुरन्त कार्यवाही होगा। (एक सप्ताह के अन्दर कार्यवाही होना है ) (शिकायत पर कार्यवाही करते हुए प्रतिभाग किया जाए)। विपणन विभाग जनपद में 76केन्द्र स्थापित है। गेहॅू को कम रेट पर न बेचें, उचित मूल्य पर ही  बेचे। समस्त उत्पाद खरीदा जाएगा।  9से 10 प्रतिशत की खरीदारी हुई है। बोरों की सप्लाई अभी शुरु होने वाली है। मौसम के कारण भीगे हुए अनाज हेतु भारत सरकार की टीम विजिट कर सत्यापन करेगी क्योंकि रखाव हेतु क्वालिटी प्रभावित हो गयी है। किसानों द्वारा बताया गया कि गेहूं खरीद में असुविधा हो रही है। लोग गेहूं का बीज प्राइवेट बेचने हेतु विवश हो रहे है, व्यापारी कम दर पर खरीद कर रहे हैं। कृषक रामबचन द्वारा बताया गया कि क्रय केन्द्र पर बोरे की समस्या से खरीद प्रभावित हो रही है, बोरे की समस्या का समाधान किया जाए। इफकों मिटटी की जांच अवश्य करायें 200-300 ग्राम मिट्टी सेम्पल के रूप में रखे- इफको द्वारा मिट्टी की जांच – सचल मृदा प्रयोगशाला के माध्यम से एक सप्ताह के अन्दर परिणाम मो0 पर प्राप्त हो जाएगा। उर्वरक की अधिक मात्रा प्रयोग से लाभदायक जीवाणु घाट जाते हैं। बोतल वाली खाद बोरी वाली खाद के बराबर है। नैनो उर्वरक का प्रयोग अवश्य करें। 01 कु0डीएपी में से 15-20 कु. प्राप्त होता है। जबकि तरल रूप में बीज के माध्यम से या छिड़काव के रूप में प्रयोग करें। 5 एमएल नैनो डीएपी 1 केजी सिड के साथ प्रयोग करें। 5एमएल डीएपी पौध में रोपाई हेतु दुबारा प्रयोग करें नैनो यूरिया$ नैनो डीएपी $  सगरका का प्रयोग करे।  ईश्वर शरण उपाध्याय कासिमाबाद – विद्युत शार्ट सर्किट से फसल जल गयी परन्तु अब तक लाभ नही मिला। कृषक -गोपी यादव मदारपुर पीएम सम्मान निधि खाता बंद होना है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कहा गया कि कृषक के आवेदन पर कृषि उप निदेशक  द्वारा 150 फर्जी किसानों का पैसा रोका जाए एवं जांच किया जाए । अंजू चतुर्वेदी चौबेपुर द्वारा बताया गया कि पम्प कैनाल शाखा मलेठी माइनर में पानी नहीं पहुंच रहा है। समय से पानी दिया जाए, फसल नष्ट हो गया है।  कृषक ओमप्रकाश सिंह द्वारा सादात ब्लाक में क्रय केन्द्र बढाने हेतु अनुरोध किया गया। कृषक यशपाल सिंह यादव द्वारा अनुरोध किया गया कि सरकारी ट्यूबवेल 2011 से लगा है परन्तु अब तक पानी नहीं आया,नाली भी है। कृपया सिचाई हेतु व्यवस्था कराई जाए, विद्युत तार झोटना से बेलहरा तक 40 वर्ष पूर्व विद्युत तार लगा है जो कि जर्जर व उपयोगिता नही है, हटा दिया जाए अप्रिय घटना हो सकती है। कृषक धर्मराज सिंह जमानिया द्वारा बताया गया कि अंश निर्धारण न होने से गेहूं बेचने में पंजीकरण में रकबा कम ले रहा है जिससे गेहूं बेचने में कठिनाई हो रही है, कृपया समाधान कराया जाए। बैठक में जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी / कर्मचारी तथा प्रत्येक विकास खण्ड के प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया।

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