डेढ़ लाख किसानों को नहीं मिलेगी खाद,डीएम के निर्देश पर फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही बरतने वाले लेखपालों पर बड़ी कार्रवाई

डेढ़ लाख किसानों को नहीं मिलेगी खाद

आगामी खरीफ मौसम में डेढ़ लाख किसान यदि अपनी फार्मर आई डी नहीं बनवाते हैं तो उन्हें किसी भी प्रकार का उर्वरक एवं बीज नहीं मिलेगा

गाजीपुर। जनपद में अभी तक 571518 कुल किसानों के सापेक्ष 74प्रतिशत, 4022978 किसानों ने अपनी फार्मर आई डी बनवा ली है। अभी भी 148720 किसान फार्मर आई डी बनवाने से बचे हुए हैं। ज्ञातव्य है की 8 अप्रैल के शासनादेश द्वारा उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं क्रय केदो पर विक्रय, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के साथ विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान पहचान पत्र, फार्मर आईडी बनवाना जरूरी हो गया है। कोई किसान फार्मर आईडी ना बनवाने के कारण खाद,बीज,किसान सम्मान निधि इत्यादि सुविधाओं से वंचित न हो, इसके लिए 6 अप्रैल से जारी अभियान में जिला प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 2600 से अधिक अधिकारी कर्मचारी रात दिन गांव में कैंप कर फार्मर आईडी बनाने का काम कर रहे हैं। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और 200 विकासखंड स्तरीय अधिकारी प्रगति को बढ़ाने में लगे हैं। 6 अप्रैल से अब तक 35000 से अधिक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर फार्मर रजिस्ट्री के काम में लापरवाही बरतने वाले लेखपालों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। अब तक 2 लेखपालों को निलंबित, 2 के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही और 3 के विरुद्ध शो कॉज का नोटिस जारी किया गया है। जगदीशपुर विद्यापति की लेखपाल अनुराधा यादव, जरगो के लेखपाल, आमोद प्रकाश जहां निलंबित हुए हैं, वहीं बिराइच के नरेंद्र उपाध्याय, नवदर के सूरज यादव के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई है। तीन लेखपालों शिवदीप झा, राजू राम और दुष्यंत सिंह के विरुद्ध स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने किसानों से अपील की है कि वह जल्दी से जल्दी अपनी फार्मर रजिस्ट्री जरूर बनवाएं जिससे उन्हें खाद से वंचित न होना पड़े। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आदेश कॉलम में नाम होने, अंश निर्धारण ना होने, आधार और खतौनी में नाम के अंतर होने से कठिनाई आ रही है उसके लिए लेखपाल से लेकर उप जिलाधिकारी तक पूरा तहसील प्रशासन सुधार में लगा हुआ हैं। इसलिए तुरंत अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर फार्मर आईडी यानी अपना किसान पहचान पत्र बनवाए। यह काम सबसे जरूरी काम है।

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