कैबिनेट मंत्री और एमएलसी ने वितरित किया अनुदेशकों को चेक

गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में की गई। ऐतिहासिक वृद्धि के उपलक्ष्य में राइफल क्लब सभागार में भव्य “अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद गाजीपुर के 375 अनुदेशको का सम्मान एवं चेक वितरण किया गया।

इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों अंशकालिक अनुदेशक ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर एवं विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘चंचल‘, विधायक जनखनियां बेदी राम द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा सम्बोधित किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोक-भवन से प्रदेश भर के अंशकालिक अनुदेशक के सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण देख वा सुना गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षकों एवं अनुदेशकों के हितों की रक्षा हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अंशकालिक अनुदेशकों का योगदान ग्रामीण एवं प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा 01 अप्रैल, 2026 से मानदेय को ₹9,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹17,000 प्रतिमाह किया जाना अनुदेशकों के सम्मान एवं उनके परिश्रम का उचित मूल्यांकन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार ला रही है तथा शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं। बढ़े हुए मानदेय से अनुदेशकों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा तथा वे और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। कहा कि अंशकालिक अनुदेशक बेसिक शिक्षा विभाग की रीढ़ हैं। विषम परिस्थितियों में भी अल्प मानदेय पर इनके द्वारा दी जा रही सेवाएँ सराहनीय हैं। सरकार और प्रशासन इनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।

‘प्रतिभा सम्मान‘ परिषदीय विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने वाले अंशकालिक अनुदेशको को अंगवस्त्रम, प्रतीकात्मक चेक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सदर के बच्चों द्वारा शिक्षा के महत्व पर आधारित लघु नाटिका और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त अतिथि गणों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों के सुरक्षित भविष्य के लिए यह पहला ठोस कदम है जिसके फलस्वरूप वे तनावमुक्त होकर शिक्षण कार्य करेंगे एवं शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि हो सकेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागीय अधिकारियों ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत अनुदेशक विद्यालयों में खेल, कला, संगीत एवं व्यावसायिक शिक्षा जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित कर बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार का यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी, अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकरी आलोक प्रसाद, परियोजना निदेशक, दीनदयाल, खण्ड शिक्षा अधिकारी, मिनहाज आलम, उदय चन्द्र राय, निलेन्द्र चौधरी, मनीष पाण्डेय, जिला समन्वयक, प्रशिक्षण सर्वजीत यादव, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा० दुर्गेश प्रताप सिंह ने किया।

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