गाजीपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर व्यापारियों का पलटवार, राज्यपाल को भेजा निंदा प्रस्ताव

गाजीपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध पर व्यापारियों का पलटवार, राज्यपाल को भेजा निंदा प्रस्ताव

गाजीपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने आस्तीन चढ़ाते हुए कड़ा विरोध जताया है। जिले के प्रमुख समाजसेवी, व्यापारी एवं संगठन के जिलाध्यक्ष असित सेठ के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मुलाकात कर राज्यपाल को संबोधित निंदा प्रस्ताव सौंपा।
संगठन द्वारा दिए गए निंदा प्रस्ताव में कहा गया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन नारी सशक्तिकरण, समानता, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति अपनी अटूट आस्था रखता है। महिलाओं ने लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में अनेक असमानताओं और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे में नारी वंदन शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को न्याय और अधिकार दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार की एक सार्थक पहल है, जिसका संसद में विरोध गलत कदम था।
संगठन ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा इस अधिनियम का विरोध करना देश की आधी आबादी का विरोध करने जैसा है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह किसी राजनीतिक दल की विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं को लंबे समय से लंबित अधिकार दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम है।
जिलाध्यक्ष असित सेठ ने कहा, सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए। हमारा संगठन महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के समर्थन में सदैव खड़ा रहेगा। उन्होंने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन अग्रवाल द्वारा दिए गए नारे “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” की भावना के साथ व्यापारियों ने जिलाधिकारी को निंदा प्रस्ताव सौंपते हुए उसे नियमानुसार राज्यपाल तक भेजने का आग्रह किया। संगठन ने शैक्षणिक, सामाजिक और अन्य संगठनों से भी महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में सकारात्मक पहल करने की अपील की।

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