जिला अधिवक्ता कल्याण समिति ने जागरूकता सेमिनार का किया आयोजन

साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल कर, बैंक में ATM त्वरित ब्लॉक करवाए -जिला अधिवक्ता कल्याण समिति


गाजीपुर। जिला अधिवक्ता कल्याण समिति एवं SSY आपस में मिलकर विधिक जागरूकता पर हेतु आयोजित संस्था बी-लीगल के तत्वावधान में संचालित नो योर राइट्स कैंपेन में 28 मई 2026 को जंगीपुर क्षेत्र स्थित G-Tec Computer Institute में विधिक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में उपस्थित समिति के सदस्य विमल कुशवाहा ने संविधान की आत्मा पर सर्वप्रथम विचार विस्तृत रूप से उपस्थिति बच्चों के मध्य रखते हुवे संविधान के अनुच्छेद 32 को संविधान की आत्मा को बताया और संविधान की अधिकारों के ताकत से अपने मौलिक अधिकार कैसे प्राप्त कर सकते है, इसके बाद मूल प्रस्तावना की शपथ बच्चों को दिलाकर संविधान के प्रति कर्तव्य एवं दायित्व के बोध को समझाया।

उपस्थित SSY के चेयरमैन नीरज तरुण ने संविधान के ताकत के महत्व को समझाया कि किस प्रकार से संविधान के वजह से एक गरीब घर का बच्चा भी भारत के प्रतिष्ठ पद पर अपने शिक्षा से पहुंच सकता है। संविधान बिना भेद भाव से सभी को समान अधिकार मौलिक अधिकार के रूप में प्रदान करती है। समिति के सदस्य श्रेया ने अवगत कराया कि,साइबर अपराध (Cybercrime) कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल या अन्य डिजिटल उपकरणों और नेटवर्कों के इस्तेमाल में किए जाने वाले अवैध और आपराधिक गतिविधि है,जिसमे वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन अरेस्ट, लिंक से पैसा गबन, पहचान का दुरुपयोग जैसे कई साइबर क्राइम बढ़ रहा है।हमारी सतर्कता ही, हमारा बचाव है।


उपस्थित समिति सदस्य राहुल शर्मा अधिवक्ता ने साइबर अपराधों की धारा 43,66,72 पर विस्तार से प्रावधान एवं सजा पर चर्चा किया और अवगत कराया कि किसी के साथ भी अपना बैंक पासवर्ड, UPI पिन या OTP साझा कत्तई न करें।किसी भी अनजान लिंक (Link) पर क्लिक न करें या संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करें।अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्राइवेसी मजबूत रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करें। उपस्थित समिति के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र मोहन सिंह ने साइबर अपराधों पर पुलिस द्वारा साइबर अपराधी पर कारवाही में इंटरनेट के आईपी एड्रेस, डोमेन नेम, मोबाइल के IMEI, सर्विलांस द्वारा कार्यवाही, सेल्यूर नंबर, सिम नंबर, कॉल डेटा संरक्षण की बारीकियों पर किये जाने के संबंध में जानकारी साझा कर समझाया कि अपराध करने पर अपराधी बच नहीं सकता।

यदि आप साइबर अपराध का शिकार हो जाए , तो तुरंत मदद के लिए 24 घंटे के अंदर 1930 (साइबर हेल्पलाइन नंबर) पर कॉल करें या आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं पुलिस त्वरित सहयोग करेगी और अपने बैंक को तुरंत सूचित करके अपने अकाउंट और डेबिट/क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करवा दें।
इस अवसर पर सेमिनार के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजित हुआ जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रश्नोंए का उत्तर दिया । जिसके उपरांत छात्रों में से लिस्नर ऑफ द डे का चयन किया गया।


लिस्नर ऑफ द डे के रूप में चयनित छात्रा अनामिका विश्वकर्मा को संविधान की एक प्रति बी टीम लीगल द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में G – Tec Computer institute संस्था के प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव नेh समापन पर बी लीगल टीम के सभी सदस्यों को आभार जताया और कंप्यूटर की शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया। समिति के द्वारा किय गए साइबर क्राइम के आयोजन को शानदार बताकर सबको धन्यवाद ज्ञापित किया सेमिनार का संचालन डीके विश्वा ने काफी शानदार किया और बच्चों के हर पहलू पर विचारों को क्रमवार साझा करवाने हेतु सदस्यों को आमंत्रित किया।

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