गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने मनाया हिन्दी पत्रकारिता दिवस
गाजीपुर। गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने शनिवार को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में संस्था के सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किये। अनिल उपाध्याय ने बताया कि 1826 में उतण्ड मार्तण्ड नाम के हिन्दी अखबार का प्रकाशन शुरू हुआ जो कि हिन्दी भाषा का पहला समाचारपत्र था। इसका शाब्दिक अर्थ होता है उगता हुआ सूरज। आज पत्रकारिता विभिन्न दौर से होते हुए लगातार विकास कर रही है और तेजी से आगे बढ़ रही है।

डाक्टर ए.के. राय ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता में 1826 से लेकर अबतक कई आमूल-चूल परिवर्तन हुये हैं। आज पत्रकारिता का दायरा काफी बड़ा हो गया है। आज पत्रकारिता एवं समाज के बीच सैकड़ों समस्याओं के बावजूद अपनी बेबाक लेखनी से सामाजिक सुरक्षा और आम जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के लिये निरन्तर आवाज उठा रही है। ऐसे पत्रकार सम्मान के पात्र हैं। पत्रकारों के कार्यो को देखते हुए शासन से सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिये। संरक्षक अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि हमलोगों ने पत्रकारिता का वो दौर देखा है जब लोगों की सुबह अखबार से शुरू होती थी और शासन-प्रशासन अखबार में छपी खबरों का संज्ञान लेता था और समस्याओं का समाधान कराता था।

सूर्यवीर सिंह ने बताया कि आज हम पत्रकारिता के कठिन दौर में हैं और हमारे सामने चुनौतियां अधिक हैं। सोशल मीडिया के दौर में खबरों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। हिन्दी पत्रकारिता दिवस हम सभी के लिये गौरव और आत्ममंथन का अवसर है। गोष्ठी में सुशील उपाध्याय, रविकान्त पाण्डेय,देवव्रत विश्वकर्मा,आलोक त्रिपाठी,दुर्गविजय सिंह,सुशील उपाध्याय, चंद्रकुमार तिवारी,विनोद कुमार गुप्ता,संजय सिंह,अजयशंकर तिवारी, प्रमोद कुमार सिन्हा,मुमताज अहमद, अरुण कुमार गुप्ता,उमेश श्रीवास्तव,भुवन जायसवाल, अवधेश सिंह यादव,राजेश सिंह,अनिलाभ सिंह,रमेश सोनी समेत तमाम पत्रकार उपस्थित रहे। संचालन आशुतोष त्रिपाठी और अध्यक्षता सूर्यवीर सिंह ने किया।