डीएम ने किया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए चिन्हित भूमि का स्थलीय निरीक्षण

गाजीपुर। जनपद में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र, अंकुशपुर में अविष्कार फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए चिन्हित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक तथा जिला उद्यान अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, उपलब्ध भूमि तथा भविष्य की आवश्यकताओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। जिलाधिकारी ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से जनपद गाजीपुर कृषि एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। इस केंद्र के माध्यम से स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डीप-टेक कृषि अनुसंधान एवं विकास, लाइव डेमो यूनिट तथा किसानों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त होगी तथा कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि के नए अवसर उपलब्ध होंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से किसानों, कृषि उद्यमियों एवं युवाओं को आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। यह केंद्र कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं व्यवहारिक प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर किसानों को निःशुल्क बीज का वितरण भी किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसानों से संवाद करते हुए आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों के लिए जलपान के अतिरिक्त भोजन की समुचित व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कृषि विज्ञान केंद्र अंकुशपुर द्वारा अतिरिक्त 5 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता व्यक्त किए जाने पर जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे 10 दिनों के भीतर उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रशिक्षण, बीज उत्पादन एवं अन्य कृषक हितैषी कार्यक्रमों के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। जिससे कृषि विकास संबंधी गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।

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