कोचिंग संस्थानों,शिक्षण संस्थाओं,अस्पतालों और होटल के संचालकों के साथ डीएम-एसपी ने की बैठक,दिए निर्देश



गाजीपुर।लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हाल ही में हुई भीषण अग्निकांड की घटना और उससे उत्पन्न जनहानि एवं जनक्षति को गंभीरता से लेते हुए, जनपद प्रशासन ने सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।
बैठक जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा की उपस्थिति मे सम्पन्न हुआ। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित समस्त होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस एवं कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनुपालना सुनिश्चित कराना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी रेस्पॉन्स सिस्टम विकसित करना था।
लखनऊ की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। भीड़भाड़ वाले कोचिंग संस्थानों और होटलों में बड़ी संख्या में छात्र/अभ्यर्थी एवं पर्यटक रहते/पढ़ते हैं। यदि भवन निर्माण, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र एवं निकास मार्ग मानक के अनुरूप नहीं हैं, तो एक छोटी चिंगारी भी बड़ा हादसा बन सकती है। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि जनहानि की कीमत पर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन का दायित्व है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति इस जनपद में न हो। हम घटना के बाद नहीं, घटना से पहले रोकथाम पर काम करेंगे। विशेष रूप से जनपद के सभी होटल/लॉज/गेस्ट हाउस संचालकों, कोचिंग संस्थान संचालकों, को आमंत्रित किया गया था। बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान मालिकों ने भाग लेकर प्रशासन के साथ संवाद किया। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी होटल, लॉज, हॉस्टल एवं 100 से अधिक क्षमता वाले कोचिंग संस्थान को फायर डिपार्टमेंट से एन0ओ0सी/अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया। भवनों में अग्निशमन यंत्र, वॉटर हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं फायर अलार्म लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहां की सभी संस्थानों का विद्युत भार/लोड ऑडिट विद्युत विभाग से कराया जाए। ओवरलोडिंग, जर्जर वायरिंग, लूज कनेक्शन तत्काल ठीक कराए जाएं। प्रत्येक मंजिल पर एम सी बी लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहां की प्रत्येक भवन में कम से कम दो स्वतंत्र निकास मार्ग/सीढ़ियां हों। निकास मार्ग पर कोई सामान, कुर्सी, साइकिल आदि न रखी जाए। ‘‘निकास‘‘ के साइनबोर्ड रात में भी दिखने वाले लगाए जाएं। सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं वार्डन को फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का प्रशिक्षण दिया जाए। कोचिंग संस्थान हॉल की क्षमता से अधिक छात्र न बैठाएं। एक कमरे में प्रति छात्र का मानक लागू होगा। कोई भी कोचिंग सेन्टर बेसमेंट मे न चलाया जाए। संस्थानो मे सीसीटीवी कैमरे 24ग्7 चालू रहें, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थान मे छात्रों को अग्नि सुरक्षा एवं आपात निकास की जानकारी दिया जाए। प्रत्येक क्लास में निकास मार्ग का नक्शा चिपकाया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जान की सुरक्षा के आगे कोई समझौता नहीं होगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि लखनऊ जैसी घटना की पुनरावृत्ति जनपद में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी हादसे में लापरवाही पाई गई तो भवन स्वामी, संचालक एवं संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आई0पी0सी0 की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जाएगी. । प्रशासन जनता से सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि हम मिलकर अपने शहर को सुरक्षित बना सकें। बैठक मे मुख्य राजस्व अधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी, क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अन्य संबंधित अधिकारीगण एवं जनपद के कोचिंग संस्थान/होटल संचालक उपस्थित थे।