डा.मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता,अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है:कृष्ण बिहारी राय

डा.मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता,अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है:कृष्ण बिहारी राय

डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पखवाड़ा

गाजीपुर। जनसंघ संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पखवाड़ा के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता में नगर स्थित रायल पैलेस में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं भाजपा के नव नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि हजारों-लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान से प्राप्त आज़ादी के बाद गठित देश की पहली सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्पष्ट संकल्प था कि भारत शीघ्र ही अपने प्राचीन वैभव, आत्मनिर्भरता और औद्योगिक समृद्धि को पुनः प्राप्त करे। उन्होंने अपने अल्प मंत्रित्वकाल में देश के औद्योगिक विकास, सार्वजनिक उपक्रमों की स्थापना तथा जनकल्याणकारी परियोजनाओं की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विषय में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों से असहमति के कारण डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दिया और राष्ट्रवादी विचारधारा को राजनीतिक स्वर देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवकों के सहयोग से 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है।
राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि वर्ष 1947 से 1950 तक केंद्रीय उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आधुनिक भारत के औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, सिंदरी उर्वरक संयंत्र तथा हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट जैसे अनेक महत्वपूर्ण औद्योगिक उपक्रमों को गति देने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प आज साकार हो रहा है, उसकी वैचारिक आधारशिला डॉ. मुखर्जी जैसे दूरदर्शी राष्ट्रनायक ने ही रखी थी।
जिला प्रभारी डॉ. राकेश त्रिवेदी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकात्मता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रखर प्रहरी थे। “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उनका उद्घोष भारत की अखंडता का अमर मंत्र बन गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना, सांस्कृतिक चेतना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए उनका जीवन आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत है।
विषय प्रबोधन जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, आभार धन्यवाद वरिष्ठ नेता पारसनाथ राय ने तथा संचालन जिला महामंत्री सुमित तिवारी ने किया।
कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह,भानुप्रताप सिंह, बृजेन्द्र राय, पूर्व विधायक सुनीता सिंह, रामराज बनवासी, रमेश सिंह पप्पू, रामनरेश कुशवाहा,जितेन्द्र नाथ पांडेय, अवधेश राजभर, विष्णु सिंह प्रवीण सिंह, दयाशंकर पांडेय, जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, राजेश राजभर, कार्तिक गुप्ता,शिवशंकर गुप्ता, किरन सिंह, सरोज मिश्रा, संकठा प्रसाद मिश्र,साधना राय, विश्व प्रकाश अकेला, अभिनव सिंह, अविनाश सिंह,शनि चौरसिया और कार्यक्रम संयोजक जिला उपाध्यक्ष राजेश सोनकर के आलावा सभी मंडल अध्यक्ष, प्रभारी, मोर्चा पदाधिकारी सहित वरिष्ठ नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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