डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना जीवन देश के नाम बलिदान किया:प्रमोद वर्मा

गाज़ीपुर(जखनिया)। जनसंघ के संस्थापक प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा और महान शिक्षाविद डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वी जयंती भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मवीर राजभर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के साथ बूथ संख्या 242पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि कर मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कहा जब देश को एक सूत्र में बाँधने के लिए भी संविधान का निर्माण किया जा रहा था तब कश्मीर को एक खाई के माध्यम से भारत से अलग रखने का प्रयास हुआ, उस खाई का नाम था धारा 370, जिसके सबसे बड़े विरोधी डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। उन्होंने एक देश, एक विधान, एक प्रधान का सपना देखा और आंदोलन छेड़ा, लेकिन 23 जून 1953 को अपने बलिदान तक वह सपना अधूरा रह गया। डॉ मुखर्जी ने जो विचार की ज्योति जलाई थी उसे 66 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। धारा 370 हटी, एक देश, एक विधान, एक प्रधान बना और कश्मीर में 35 ए को भी हटा दिया गया। वर्मा ने कहा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित रहा। वर्मा ने कहा पूर्वजों का स्मरण ही राष्ट्र को शक्ति और दिशा देता है। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमेशा लोगों के विचारों में अमर रहेंगे। वही मंडल अध्यक्ष धर्मवीर राजभर ने कहा की धारा 370 हटाने से कश्मीर से कनेक्टिविटी बढ़ रही है और राष्ट्रवाद की भावना नई ऊंचाइयों पर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि डॉ मुखर्जी का सपना आज धरातल पर उतर रहा है। मुखर्जी ने जो भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया था, उनका बलिदान आज गगन बेदी नारों से गुजता है कि “जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है” आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊंचाइयों को छू रहा है। जिसमें डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार और बलिदान का अमिट छाप है। इस मौके पर मंडल महामंत्री पीयूष सिंह, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, संतोष कश्यप, वरुण पांडेय, राजेश चौहान, कन्हैया चौहान, धर्मेंद्र चौरसिया, रामसेवक प्रजापति मोनू खान गुड्डू सिंह रामनिवास राम, यशवंत चौहान, पिंटू राम, इकबाल अंसारी, राजेश जायसवाल, धर्मेंद्र कुशवाहा,अशोक गुप्ता सहित प्रमुख लोग मौजूद रहे।