गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में बुधवार को शैक्षिक 2026-27 में बीए/ बीएससी नव प्रवेश हेतु काउंसलिंग प्रारंभ हुई। बीए/ बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश को लेकर छात्राओं एवं उनके अभिभावकों में उत्साह देखा गया। काउंसलिंग के प्रथम दिन बी ए प्रथम सेमेस्टर में 80 छात्राओं ने अपने अभिलेख सत्यापित कराते हुए विषय आवंटन कराया जबकि बीएससी में कुल 60 छात्राओं ने विषय आवंटन एवं अभिलेख सत्यापन कराया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्राओं को उनकी मेरिट, रुचि एवं उपलब्धता के आधार पर दो मेजर एवं एक माइनर विषय आवंटित किया गया।

नव प्रवेशी पांच छात्राओं को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनीता कुमारी एवं प्रवेश प्रभारी डॉ शिवकुमार ने विषय आवंटन प्रपत्र एवं पौधारोपण महाअभियान के तहत एक-एक फलदार पौधे भेंट स्वरूप प्रदान किया। विषय आवंटन के साथ-साथ छात्राओं का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण और प्रोफाइल फीडिंग का कार्य समर्थ प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के नेतृत्व में भी जारी रहा। जिन नव प्रवेशी छात्राओं का समर्थ पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट नहीं हुआ है वह विषय आवंटन के पश्चात अपना समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रोफाइल अपडेट की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से संपन्न कराएंगी। तत्पश्चात महाविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से तीन दिन के अंदर अपनी फीस ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगी। छात्राएं फीस रसीद दिखाकर अपना परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से बनवा लें।

महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार के अनुसार कल 9 जुलाई को बी ए में मेरिट क्रमांक 121 से लेकर 240 तक की छात्राओं का प्रवेश काउंसलिंग एवं विषय आवंटन की प्रक्रिया संपन्न होगी जबकि बीएससी में मेरिट क्रमांक 66 से लेकर सीट रिक्त रहने तक प्रवेश काउंसलिंग संपन्न होगी। बीएससी प्रवेश काउंसलिंग डॉ दिवाकर मिश्रा, डॉ सर्वेश कुमार, डॉ ओम शिवानी ने संपन्न कराई, जबकि समर्थ पोर्टल की प्रक्रिया में डॉ हसीन अहमद एवं डॉ मनीष सोनकर ने सहयोग प्रदान किया। बी ए प्रवेश काउंसलिंग में डॉ शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ इकलाख खान, डॉ संगीता, डॉ हरेंद्र यादव, डॉ नेहा कुमारी शामिल रहे तथा डॉ निरंजन कुमार डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ पीयूष सिंह, डॉ गजनफर सईद ने समर्थ पोर्टल प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया। डॉ शंभू शरण प्रसाद, डॉ सारिका सिंह एवं डॉ शशि कला ने प्रवेश समन्वय एवं अनुशासन का दायित्व निभाते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की जिज्ञासा का समाधान कर प्रवेश व्यवस्था को सहज ढंग से संपन्न बनाने में योगदान दिया।
