गाजीपुर। उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण एवं उनके समुचित प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए तथा बड़े एवं छोटे तथा नर एवं मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए, जिससे उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण एवं देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने सभी गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कराने के निर्देश दिए।

अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 1000 नए बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे गोबर का वैज्ञानिक एवं उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, करीमुद्दीनपुर में बंद पड़े बायोगैस संयंत्र को शीघ्र चालू कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाओं का सेवन कराए जाने तथा बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उप निदेशक कृषि विजय कुमार, उपायुक्त मनरेगा विजय यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार शाही, नोडल अधिकारी (गोशाला) डॉ. राकेश कुमार गौतम सहित सूचना, वन, नेडा एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा नन्दिनी एवं मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के साथ किसान बन्धु एवं जनप्रतिनिधिगण भी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक के उपरान्त अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा गौ-आश्रय स्थल आर0टी0आई0 गोराबाजार, गौ-आश्रय बिरनो, गोपाल गोशाला रौजा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा गौवंश को हरे चारे अपने हाथो से खिलाया गया एवं विशेष साफ सफाई रखने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल एवं पूर्ण अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के साथ सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

