गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशानुसार जनपद में संचालित समस्त अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं का व्यापक निरीक्षण गुरुवार को विभिन्न अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य गौवंशों के संरक्षण, उनके समुचित भरण-पोषण, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का प्रभावी सत्यापन करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक बिंदु का तथ्यात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी गौशाला में कोई कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख निरीक्षण आख्या में करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित प्रारूप में विस्तृत निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर आवश्यक निर्णय लेते हुए गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक गौशाला में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसी क्रम में आज जनपद में जिला विकास अधिकारी राजन राय द्वारा बिरनो गौ-आश्रय स्थल, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला समन्वयक (मनरेगा), जिला पंचायत राज अधिकारी, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों की गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से गौशाला परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छता तथा कीचड़ की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारीयों ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गौशालाओं में नियमित रूप से सफाई हो तथा परिसर में जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति न रहे, जिससे गौवंशों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त गौवंशों के लिए हरे चारे की उपलब्धता, उसकी गुणवत्ता तथा पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध रहें। अधिकारियों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि गौशालाओं में निराश्रित गोवंशों के लिए पौष्टिक एवं पर्याप्त चारे की व्यवस्था निरंतर बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की कमी न हो। गौशालाओं में प्रकाश की समुचित व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा रात्रिकालीन सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गये। साथ ही गौसेवकों के मानदेय के भुगतान की स्थिति, उनकी उपस्थिति तथा गौशालाओं के संचालन से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी विस्तृत सत्यापन किया गया।