प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में महिला महाविद्यालय का प्रदेश में पांचवा स्थान, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल!
गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा जारी प्रमाण पोर्टल पर टॉप 20 महाविद्यालयो में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में पांचवा एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जून 2026 माह की समीक्षा के आधार पर महाविद्यालय ने सभी श्रेणियां में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 62.96 अंकों के साथ प्रदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ है। 68.34 अंकों के साथ पी पी एन कॉलेज, कानपुर प्रथम स्थान पर है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी के अनुसार यह पोर्टल योजना एवं नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयों की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी उत्तरदाई एवं परिणामोन्मुखी बनाना है। इसके आधार पर प्रत्येक माह में इन संस्थाओं की समीक्षा की जाती है।यूपी प्रमाण पोर्टल पर प्रदेश के महाविद्यालयों का मूल्यांकन 44 विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है।

महाविद्यालय के यू पी प्रमाण पोर्टल के प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के अनुसार इन मानकों में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र हितैषी सेवाएं, शोध एवं नवाचार, डिजिटल प्रशासन, परीक्षा एवं मूल्यांकन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता आश्वासन, संस्थागत उपलब्धियां तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अनुपालन सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाता है।
महाविद्यालय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी ने समस्त प्राध्यापको, कर्मचारियो एवं छात्राओं तथा अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। आपने सभी से भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए महाविद्यालय को प्रदेश के शीर्ष संस्थान में बने रहने और इससे भी ऊंचा स्थान प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया। विदित हो कि महाविद्यालय ने अपने नैक द्वितीय चक्र में सत्र 2016 में 2.89 अंकों एवं बी प्लस प्लस ग्रेड के साथ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयो में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था तथा यहां पर वर्तमान में लगभग 2700 छात्राएं अध्यनरत हैं। बी ए में कुल 18 विषय तथा बीएससी में 4 विषयों के साथ यहां पर 7 विषयों में एम ए एवं एक विषय में एमएससी के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार महाविद्यालय की भौतिक सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यहां 18 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बालिकाओं के लिए 200 की क्षमता का छात्रावास एवं 400 की क्षमता का एक आधुनिक सुसज्जित ऑडिटोरियम निर्माणधीन है। डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत का कंप्यूटर बिल्डिंग के निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा छात्राओं के लिए पृथक कामन हाल का निर्माण भी शुरू हो गया है। एनसीसी, रेंजर, राष्ट्रीय सेवा योजना, खेलकूद, संगीत, चित्रकला, कार्यशालाओ, सबके लिए अनिवार्य कंप्यूटर शिक्षा एवं विभागीय परिषदों के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय वर्ष भर अपनी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक अनुभव के साथ-साथ व्यापक शिक्षणेतर अवसर भी उपलब्ध कराता है। छात्राओं में बहुमुखी व्यक्तित्व, नेतृत्व, एवं कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के कारण महाविद्यालय जनपद में बालिकाओं की उच्च शिक्षा का पसंदीदा स्थान है।