
युवा शक्ति और सत्य के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत: NEET धांधली के खिलाफ आंदोलित छात्रों के आगे जवाबदेह हुई सरकार
गाजीपुर। NEET परीक्षा धांधली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में गाजीपुर के नौजवानों और छात्र साथियों ने जिस एकजुटता और मजबूती के साथ अपनी आवाज़ उठाई, आज उसी संघर्ष की बदौलत शासन-प्रशासन को जवाबदेह होना पड़ा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब युवा शक्ति पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक स्वर में खड़ी होती है, तो व्यवस्था को सुधार की दिशा में कदम बढ़ाना ही पड़ता है।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उपाध्याय “कान्हा” ने इस ऐतिहासिक क्षण पर गाजीपुर के समस्त नौजवानों, प्रतियोगी छात्रों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
दीपक उपाध्याय “कान्हा” ने कहा कि “गाजीपुर की धरती हमेशा से न्याय और हक की लड़ाई की अगुआ रही है। हमारे युवा साथियों के अटूट संघर्ष की बदौलत ही आज सत्य की विजय हुई है। लेकिन हमारी मंजिल सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं है—हमारा लक्ष्य एक सुरक्षित, निष्पक्ष और पूरी तरह से ‘लीक-मुक्त’ शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, ताकि किसी मेधावी का हक न मरे।”