पूर्व मंत्री विजय मिश्र की पहल से नगर विकास के कार्यों के लिए मिले 6 करोड़

गाजीपुर। जनहित को दृष्टिगत रखते हुए विनियमित क्षेत्र मद की लगभग 6 करोड़ रुपये की धनराशि को अन्य क्षेत्र में किए जाने के प्रस्ताव के स्थान पर नगर के विकास कार्यों में खर्च किए जाने तथा उक्त धनराशि को नगर पालिका को स्थानांतरित किए जाने के निर्णय के लिए भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को धन्यवाद दिया। श्री मिश्र ने कहा कि नगर में सीवर कार्य एवं वाटर लाइन डालने के कारण नगर की सभी सडकें क्षतिग्रस्त हो जाने के उपरांत बन रही सड़कों को सुव्यवस्थित ढंग से नाली, फुटपाथ एवं सड़क के साथ ही, सभी वार्डो की जल निकासी व्यवस्था को एक-दूसरे से जोडते हुए सम्पूर्ण जल निकासी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी वार्डो का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराकर कार्य कराये जाने हेतु विषयक पत्र एवं बात कर सुनिश्चित किये जाने हेतु जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से वार्ता की।

उन्होंने अवगत कराया कि पूर्व में भी नये भवनों एवं नई कॉलोनियों के निर्माण के कारण नगर के कुछ क्षेत्रों, जैसे विवेकानंद कॉलोनी आदि, में जल निकासी की समस्या उत्पन्न हुई थी। जल निकासी का वाटर लेवल प्लान नहीं होने के कारण तत्कालीन जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री एवं अधिशासी अभियंता कन्हैया झा द्वारा नगर के सभी वार्डो के जल निकासी को सुनिश्चित करने के लिए सभी वार्डो की सभी सड़कों और गलियों का सर्वे कराकर जल निकासी हेतु वॉटर लेबल सर्वे कराया गया था। श्री मिश्र ने कहा कि पूर्व में कराए गए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर अथवा वर्तमान में चल रहे सीवर लाइन के कार्य के जल निकासी लेवल को ध्यान में रखते हुए नगर के सभी वार्डो की समस्त नालियों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए सभी वाडों की सम्पूर्ण जल निकासी सुनिश्चित किया जाना अति आवश्यक है जिससे जल भरात की स्थिति न उत्पन्न हो।

उन्होंने कहा कि नाली, फुटपाथ एव सडक का निर्माण कराने से पर्व सीवर लाइन, वाटर लाइन अथवा अन्य किसी प्रकार की लाइन डालने वाले सभी संबंधित विभागों एवं नगर पालिका की सयुक्त टीम बनाकर आपसी सहमति से कार्य करें और खदाई से संबंधित सभी विभागों के कार्य पर्ण कराने के पश्चात ही नाली, फुटपाथ एवं सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे नवनिर्मित सडकें दीर्घकाल तक टिकाऊ एवं उपयोगी बनी रहे।

श्री मिश्र ने आगे कहा कि किसी भी सड़क का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाना चाहिए। पहले नाली का निर्माण हो, फिर फुटपाथ का निर्माण कराया जाए और उसके बाद सडक का निर्माण हो। यदि नाली एवं फुटपाथ का निर्माण किए बिना सड़क बना दी जाती है तो जलभराव के कारण सडक जल्द टूट जाएगी। इससे सरकारी धन का अपव्यय होने के साथ-साथ सरकार एवं अधिकारियों की आलोचना का कारण बनेगा तथा जनता को भी संकट का सामना करना पड़ेगा।

श्री मिश्र ने बताया कि जल निकासी, नाली, फुटपाथ एवं सड़क निर्माण के लिए सभी वार्डो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनवाई जाए। नगर पालिका में धन की उपलब्धता के आधार पर कार्यो की प्राथमिकता तय करते हुए सड़क, नाली एवं फुटपाथ के कार्य कराए जाएं। आवश्यकता के अनुसार बचे हुए वार्डो में नाली, सड़क एवं फुटपाथ के निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि शासन से मांग कर कार्य पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से इन कार्यों को पूर्ण कराकर नगर को सुव्यवस्थित, साफ-सुथरा एवं सुंदर बनाने की बात कही जिसपर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला जी ने संबंधित विभाग और अधिकारियों को कार्यवाही करने का आदेश दिया।

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