त्योहार और उत्सव हमारी संस्कृति के संरक्षण के सशक्त माध्यम हैं : अनिल

त्यौहार व उत्सव से अपनी संस्कृति संरक्षित होती हैं – अनिल


गाजीपुर। रक्षाबंधन उत्सव के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को महुआबाग स्थित कान्हा हवेली के सभागार मे आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल रहेl श्री अनिल ने अपने उद्बोधन में बताया कि यह हम सभी सनातनियों का सौभाग्य है कि अपना देश त्योहारों व उत्सवो का देश है, इससे हमारी संस्कृति संरक्षित होती हैं, हमारे पूर्वजों ने हमें विराट संस्कृति परम्परा देने का काम किया हैl आज देश में सनातन का ज्वार दिखाई पड़ता है, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, यह सनातन का ही प्रभाव है कि कश्मीर कि नेता विपक्ष भी शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए दिखाई देती है। हम सभी को इस ज्वार को और मजबूती देने का संकल्प लेना चाहिए।

स्वयं के जीवन में व्यवहार में समाज के प्रति समभाव रखते हुए सभी को एक सामान रखने का संकल्प लेना चाहिए, तीर्थराज प्रयाग में लगे महाकुम्भ का उदाहरण देते हुए बताया कि किसी को संगम स्नान का निमंत्रण नहीं दिया जाता फिर भी स्वतः स्वयं से लोग बड़ी मात्रा में आते हैं बिना किसी भेदभाव के किसी जाति विशेष को पूछकर नहीं आते। आज अपनी संस्कृति पर चोट करने के लिए कई प्रकार के विमर्श समाज में सनातन विरोधियों के द्वारा परोसने के काम होता है, हम सभी को स्वविवेक से उससे बचते हुए एकजुटता के साथ रहते हुए अपनी संस्कृति परंपरा को संरक्षित करने का काम करना चाहिए सही मायने में रक्षाबंधन का यही उद्देश्य है। इस अवसर पर विभाग प्रचारक आदित्य, सह विभाग प्रचारक प्रेम प्रकाश, जिला प्रचारक प्रभात, जिला संघचालक जयप्रकाश, नगर संघचालक सर्वजीत व नगर प्रचारक विक्रम सहित बड़ी मात्रा में स्वयंसेवक एवं माता बहनो की उपस्थिति रही।

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