लोक भवन से मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण, गाजीपुर में देखा गया सजीव प्रसारण






गाजीपुर।उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत सम्पूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के एकीकृत डिजिटल समाधान के लिए लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों द्वारा लोक भवन, लखनऊ से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय की घोषणा करते हुए आउटसोर्स निगम की गाइड लाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग की जा सके, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल मैनेजमेंट एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, पेमेंट और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी व्यवस्था के माध्यम से वह अपना ग्रीवांस या शिकायत भी दर्ज करा सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा।निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में महीने के 5 तारीख तक जाएगा। कोई आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी को सरकार अलग से उसका सेवा शुल्क देगी।कर्मचारी के वेतन से किसी प्रकार की सर्विस चार्ज की कटौती नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी की भविष्य निधि का पैसा उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा। सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद यह राशि उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पूंजी के रूप में उपयोगी होगी। इसी प्रकार ई0एस0आई0 के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ई0एस0आई0 अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को किसी कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होती है तो पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार मामले की जांच करेगी और यदि कर्मचारी के विरुद्ध की गई शिकायत या रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। निर्धारित वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के आधार पर दुर्घटना बीमा का कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने ने कहा कि जीवन में किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार और यह व्यवस्था कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंक के माध्यम से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स में बदलने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बोझ मानती थीं। यही कारण था कि उस समय की अधिकांश आउटसोर्स कंपनियों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया जाता था। भर्ती के नाम पर, यूनिफॉर्म के नाम पर और अन्य कार्यों के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था। इस शोषण को रोकने का कार्य डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं माना, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन के रूप में उन्हें प्रदेश की संपत्ति माना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन एक चीज हमारे लिए कभी नहीं बदलेगी और वह है मानव श्रम का सम्मान। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। केवल टेक्नोलॉजी पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं हो सकती। हम मशीन नहीं हैं। हमारी संवेदना ही हमारी पहचान होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के भय से मुक्ति, भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्ति तथा पारदर्शिता के साथ एक नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे सामान्य परिवारों का विश्वास बढ़ा है। बिजली और पानी घरों तक पहुंचा तो लोगों के जीवन में बदलाव आया है। सड़कें बनीं तो गांव और बाजार के बीच की दूरी कम हुई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का हक सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। अब बिचौलियों के हाथ में नकद पैसा नहीं जाएगा, बल्कि लाभार्थी के खाते में सीधे पैसा पहुंचेगा।
कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद स्तरीय कार्यक्रम के रूप में विकास भवन सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजित कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा बी.ओ.सी.डब्लू. के लाभार्थियों को डेमो चेक एवं सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट का वितरण किया गया।
कर्यक्रम के दौरान ’राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने सम्बोधन कहा की आज का दिन उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में ऐतिहासिक दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। वर्षों से हमारे आउटसोर्स भाई-बहन कम मानदेय, समय से वेतन न मिलने और बिचौलियों के शोषण से परेशान थे।
मुख्यमंत्री ने जिस तरह से आउटसोर्स सेवा निगम बनाकर एकीकृत डिजिटल पोर्टल, लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया है, वह श्रमिकों के सम्मान की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। अब भर्ती पारदर्शी होगी, मानदेय सीधे खाते में आएगा। गाजीपुर जनपद में भी हजारों आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हमारी सफाई कर्मी बहनों को सुरक्षा किट मिलना और बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को सहायता मिलना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। मैं सभी कर्मियों से अपील करती हूँ कि वे पूरी निष्ठा से कार्य करें, सरकार आपके साथ है।
’प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करती हूँ। आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। आउटसोर्स कर्मियों को पहले कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पोर्टल के माध्यम से सारी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। शोषण मुक्त व्यवस्था से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और बेहतर कार्य कर पाएंगे। मैं सभी लाभार्थियों को बधाई देती हूँ और सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।
’नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने अपना सम्बोधन व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका में सफाई कर्मचारी हमारी रीढ़ हैं। वे सुबह से रात तक शहर को स्वच्छ रखने में लगे रहते हैं। आज उनके लिए सुरक्षा किट का वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को जो सम्मान दिया है, वह अभिनंदनीय है। आउटसोर्स निगम के पोर्टल से अब हर कर्मचारी को समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। नगर पालिका परिषद गाजीपुर अपने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करेगी।
कार्यक्रम में जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स नियमों की विस्तृत जानकारी दी।’ उन्होंने बताया कि अब सभी आउटसोर्स भर्तियां केवल सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से होंगी,, आरक्षण नियम, ई0पी0एफ0/ई0एस0आई0 न्यूनतम मानदेय ₹20,000 तक सुनिश्चित किया गया है। जो मानदेय सीधे कर्मी के खाते में जायेगा कोई कमीशन नहीं, सेवा सुरक्षा रहेगी।कार्मिको के चयन में पदों के सापेक्ष तकालशुदा/परित्यक्ता महिलाओं इत्यादि को वरीयता दिए जाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को वरीयता दिए जाने के शासनादेश का उल्लेख किया गया। महीने के 5 तारीख तक खाते में पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम मे अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, जिला सेवा योजन अधिकारी गौरव सिंह, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, विभिन्न विभागों से भारी संख्या मे आउटसोर्सकर्मी उपस्थित रहे।