नौकरी तलाशने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनेंगी छात्राएं

महिला महाविद्यालय में 7 सितंबर को व्यवसाय योजना एवं उद्यमिता विकास पर कार्यशाला

गाजीपुर। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें नौकरी की तलाश करने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाने की पहल शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से अविष्कार फाउंडेशन एवं राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर के संयुक्त तत्वावधान में 7 सितंबर 2026 को व्यवसाय योजना (बिजनेस प्लान) एवं उद्यमिता विकास विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला का आयोजन सावित्रीबाई फुले सभागार में दोपहर 12 बजे से होगा, जिसमें करीब 80 छात्राएं प्रतिभाग करेंगी। कार्यशाला में अविष्कार फाउंडेशन के रिसोर्स पर्सन श्री विकास कुमार छात्राओं को व्यवसायिक विचार को धरातल पर उतारने से लेकर प्रभावी बिजनेस प्लान तैयार करने तक की व्यावहारिक जानकारी देंगे। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की ओर से डॉ. पीयूष सिंह कार्यशाला में सहभागिता करेंगे। कार्यशाला में छात्राओं को केवल व्यवसाय शुरू करने की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि बिजनेस आइडिया की पहचान, उसका मूल्यांकन, वित्तीय नियोजन, बाजार की समझ, विपणन रणनीति, संसाधन प्रबंधन और व्यवसाय संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्राओं को यह भी बताया जाएगा कि सीमित संसाधनों के बीच किसी विचार को व्यवहारिक और टिकाऊ व्यवसाय मॉडल में कैसे बदला जा सकता है। इसके साथ ही स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों, सरकारी योजनाओं, वित्तीय संस्थानों तथा उद्यमिता के लिए उपलब्ध आर्थिक सहायता की जानकारी भी छात्राओं को दी जाएगी। कार्यशाला के जरिए उनमें निर्णय लेने, समस्या का समाधान खोजने, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बदलते दौर में युवाओं के लिए केवल नौकरी हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है। उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करना आत्मनिर्भरता की मजबूत राह है। इसी सोच के साथ छात्राओं को स्थानीय संसाधनों और जरूरतों को समझकर नए एवं टिकाऊ व्यवसाय मॉडल विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह कार्यशाला छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास, नवाचार और उद्यमशीलता की सोच को मजबूत करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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