पंजीयन शुल्क के अलावा अतिरिक्त वसूली की जांच, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण का लिया फीडबैक
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गुरुवार को एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, जनसामान्य को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा विभिन्न अनुभागों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय गेट के बाहर एक संदिग्ध व्यक्ति रामाशीष खरवार को संदेह के आधार पर पूछताछ के बाद पुलिस को सुपुर्द किया गया।

जिलाधिकारी ने पंजीयन कार्य के लिए कार्यालय पहुंचे आवेदकों से सीधे संवाद कर जानकारी ली कि निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त उनसे किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क तो नहीं लिया जा रहा है। आवेदकों ने बताया कि उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय आने वाले लोगों को शासन द्वारा निर्धारित शुल्क और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी स्तर पर उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।

उन्होंने कार्यालय में प्राप्त आईजीआरएस शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की। एक निस्तारित शिकायत के संबंध में जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ता आलोक कुमार से स्वयं दूरभाष पर बात कर जानकारी ली कि उनकी समस्या का निस्तारण समय से और संतोषजनक ढंग से हुआ है या नहीं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी समस्या का समय से निस्तारण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस सहित सभी जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लेखाकार कक्ष, डीबीए कक्ष, पंजीयन अनुभाग, सारथी बायोमेट्रिक कक्ष, जनसेवा केंद्र कक्ष, प्रवर्तन कक्ष, हल्के मोटर वाहन संबंधी कार्य कक्ष तथा लाइसेंस अनुभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षों में रखी फाइलों एवं अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति देखी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई तथा अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखने पर विशेष जोर दिया।
