500 से 3,500 रुपये तक वसूली के प्रकरण सामने आने पर एंटी करप्शन वाराणसी को भी दी गई सूचना
गाजीपुर। जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने के नाम पर बिचौलियों द्वारा अवैध धनराशि वसूले जाने की शिकायतों को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गंभीरता से लिया है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर लोगों से 500 रुपये से लेकर 3,500 रुपये तक की धनराशि लिए जाने की शिकायत की गई है।जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद तथा उपजिलाधिकारी कासिमाबाद द्वारा मामले में जांच आख्या उपलब्ध कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन्म प्रमाण पत्र समेत किसी भी शासकीय सेवा के नाम पर आमजन से निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी प्रकार की अवैध धनराशि की वसूली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय सेवाएं निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच से संबंधित जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए क्षेत्राधिकारी, एंटी करप्शन, वाराणसी को भी सूचित किया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभागों में बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। यदि किसी भी विभाग में शासकीय कार्य कराने के नाम पर अवैध धनराशि मांगने या वसूलने का मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनसामान्य से अपील की कि किसी भी प्रमाण पत्र या शासकीय सेवा के लिए यदि कोई व्यक्ति निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, जिससे शिकायत की जांच कर दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।