गाजीपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण-2027 की तैयारी तेज, 17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैंप
फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता समाप्त, नए मतदाताओं के पंजीकरण पर जोर
गाजीपुर। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को रायफल क्लब सभागार में निर्वाचन नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 और मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराई। उन्होंने आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए मतदाता सूची को अधिक समावेशी और त्रुटिरहित बनाने में सहयोग की अपील की।

जिलाधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब मतदाता पूर्व की भांति अपने आवेदन के साथ निवास और जन्मतिथि से संबंधित साक्ष्य लगाकर आवेदन कर सकते हैं। बैठक में निर्वाचक नामावली में जेंडर रेशियो और ईपीआईसी रेशियो बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे 17 और 24 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले विशेष कैंपों में सक्रिय सहयोग करें, ताकि अब तक पंजीकरण से वंचित सभी पात्र मतदाताओं और युवा मतदाताओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने एसआईआर के दौरान आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण पंजीकरण से वंचित रह गई महिलाओं का भी शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने में सहयोग देने का आह्वान किया। इसके साथ ही मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में भी जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय मंत्री राजन प्रजापति, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रविकांत राय, समाजवादी पार्टी के जिला सचिव एवं मतदाता सूची प्रभारी राजेश कुमार यादव, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष जावेद अहमद, बहुजन समाज पार्टी के जनक प्रसाद सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।