गाजीपुर। जनपद में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत सोमवार से ‘दस्तक अभियान’ की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर संचारी व संक्रामक रोगों के मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच के लिए चिन्हित करेंगे। इसके साथ ही समुदाय के लोगों को जागरूक करेंगे। समीक्षा बैठक के दौरान विकास खण्ड जखनिया एवं कासिमाबाद मे कार्याे में लापरवाही एवं अधिकाररियों द्वारा समय पर मॉनिटरिंग न करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए खण्ड विकास अधिकारी जखनिया, कासिमाबद एवं ए डी ओ पंचायत एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी जखनिया एवं कासिमाबाद को स्पष्टिकरण का निर्देश दिया। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने तीन अक्टूबर से संचालित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा की। इसके साथ ही सोमवार से शुरू हुए दस्तक अभियान के लिए विभिन्न निर्देश दिये। ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, गंदे पानी व जल जमाव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए निरंतर कार्य किया जाए। परिवारों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था की जाए। परिवार के सभी सदस्य शौचालय का ही प्रयोग करे। शौच के लिए बाहर न जाएँ। इसके लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए। नगर पालिका को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों की जाम नालियों की सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी शत-प्रतिशत क्षेत्रों में पूरा किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए। ई-कवच पोर्टल पर समस्त अभियान की रिपोर्टिंग की जाए। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य करें। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि मच्छर जनित रोगों से बचाव के जागरूकता के लिए स्टिकर, पोस्टर आदि चस्पा किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्रों में पार्षदों का सहयोग लेकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जाए। यह अभियान प्रदेश के मुख्यमंत्री का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को इस अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है, जो अन्य 10 विभागों के बीच समन्वय बनाकर वेक्टर व जल जनित रोगों से संबन्धित रोकथाम व नियंत्रण गतिविधियों के लिए कार्य कर रहा है। सीएमओ ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि 16 अक्टूबर से शुरू हुए दस्तक अभियान के तहत घर-घर जाकर बुखार, इनफ्लुएंजा लाइक इलनेस (सर्दी, खांसी, जुकाम) लक्षण वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करें। इसके अलावा टीबी, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया आदि के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर सूची बनाएँ और तत्काल जांच कराएं। पॉज़िटिव आने पर उनका उपचार सुनिश्चित कराएं। विभाग की ओर से गठित की गई सर्विलांस टीम संचारी रोगों की नियमित निगरानी कर रही है। साथ ही इन रोगों से बचाव के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार व व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां भी की जा रही हैं। उन्होंने अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण व रिपोर्टिंग करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया। अभियान के सफलतापूर्वक संचालन के लिए सभी विभागों को आपस में समन्वय व सामंजस्य स्थापित कर अपने कार्य व दायित्वों को पूरा करने की आवश्यकता है। नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ जेएन सिंह एवं जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।
गाजीपुर। सोमवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला कार्यालय विकास भवन पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह को प्रयागराज, आजमगढ़, वाराणसी का मंडल अध्यक्ष बनाए जाने पर सम्मानित किया गया। अरविंद कुमार सिंह विगत वर्षों से लगातार उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद वर्ष 2016 से वर्ष 2022 से अब तक 2023 तक अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2020 से वर्ष सितंबर 2023 तक क्षेत्रीय अध्यक्ष मनोनीत रहे। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष गिरिजा शंकर तिवारी व महामंत्री गिरीश चंद्र मिश्रा द्वारा अरविंद कुमार सिंह के कर्मठता व संघर्षता को देखते हुए वाराणसी सहित प्रयागराज, आजमगढ़ मंडली अध्यक्ष 13 अक्टूबर 2023 को मनोनीत किया गया, जिससे कर्मचारी परिषद गाजीपुर के लिए हर्ष की बात है, जिसके क्रम में आज अरविंद कुमार सिंह को माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
उक्त कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव, जिला मंत्री ओंकार नाथ पांडे, आलोक कुमार राय, सुभाष सिंह, देवेंद्र मोर्य, अभय सिंह, राम अवतार, हनुमान, कुंदन सिंहा, राजेश श्रीवास्तव, अमित कुमार, गोविंद कुमार, विनोद पांडे, रामधनी, रमेश यादव, रविशंकर कुशवाहा, संजय यादव और संतोष कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे।
गाजीपुर। अति प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से लीला केे छठे दिन हरिशंकरी स्थित श्रीराम सिंहासन से रविवार को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम की शोभा यात्रा बाजे गाजे के साथ निकाली गयी। शोभायात्रा हरिशंकरी से शुरू होकर महाजन टोली, झुन्नुलाल चौराहा, आमघाट, चित्रगुप्त चौराहा (ददरीघाट), महुआबाग चौक होते हुए भजन कीर्तन के साथ पहाड़ खाँ पोखरा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पर जाकर सम्पन्न हुआ। लीला में दर्शाया गया माता पिता के आदेशानुसार अपनी माता कौशल्या के पास जाकर उन्हेें प्रणाम करके तपस्वी का भेष बनाकर श्रीराम लक्ष्मण सीता वन के लिए प्रस्थान कर देते है। वन का सारा सामान सजाकर श्रीराम सीता लक्ष्मण सहित ब्राम्हण और गुरू के चरणो की वंदना करके सबको अचेतावस्था में करकेे चल दिये। श्रीराम राजमहल सेे निकलकर अपने कुलगुरू वशिष्ठ के दरवाजे पर जाकर खड़े होकर देखा कि सब लोग विरह की अग्नि में जल रहे है।
फिर श्रीराम चन्द्रजी ब्राम्हणों की मण्डली को बुलाया, इसके बाद गुरूदेव से कहकर उन सबको वर्ष भर केे लिए भोजन दिये और आदरदान तथा विनय से उन्हे वश में कर लेते है, फिर याचको को बहुत सा दान मान देकर श्रीराम संतुष्ट करते है तथा मित्रों को पवित्र प्रेम से प्रसन्न कर देते है फिर दास दासियों को बुलाकर उन्हें गुरूदेव को सौंपकर हाथ जोडकर कहते है कि हे गुरूदेव इन सबकी माता पिता के समान देख रेख करते रहियेगा। बार-बार श्रीराम हाथ जोडकर सबसे कोमल वाणी कहतेे है कि मेरा सब प्रकार से हितकारी मित्र वही है जिसकी चेष्ठा सेे महाराज सुखी रहे। उन्होंने पुरवासियों से विदाई ले लेते है और वन पर सरकार वन प्रदेश केे लिए रवाना हो जाते है। वनगमन की राह में निषाद राज से मिलन के बाद भगवान श्री राम तमाशा निवास करते हैं। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, कुश कुमार त्रिवेदी, मनोज तिवारी उर्फ मन्नू भइया, श्रीराम सिंह यादव, बालगोविन्द त्रिवेदी आदि रहे।
गाजीपुर। स्वामी सहजानन्द पीजी कालेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. वी के राय ने बताया है कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से सम्बद्ध जनपद के महाविद्यालयों के स्नातक तथा स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के लिए ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तीथि 27 अक्तूबर, 2023 नियत की गई है। प्रो. राय ने सूचित किया है कि संबंधित कक्षाओं के छात्र छात्राएं अपने परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन सबमिट कर उसकी एक हार्ड-कॉपी महाविद्यालय कार्यालय में 27 अक्तूबर तक अवश्य जमा कर दें। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने अबतक स्नातक तथा स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश नहीं लिया है, वे विलंबतम 20 अक्टूबर तक प्रवेश ले लें तथा निर्धारित तिथि तक अपने परीक्षा फॉर्म जमा कर दें।
गाजीपुर। अति प्राचीन श्रीराम लीला कमेटी हरिशंकरी केे तत्वाधान में वन्दे वाणी विनाय कौ आदर्श श्रीराम लीला मण्डल द्वारा स्थानीय मुहल्ला हरिशंकरी, स्थित श्रीराम चबूतरा पर लीला के पांचवे दिन शनिवार को शाम 7 बजे से लीला के माध्यम से श्री महाराज दशरथ कैकेयी संवाद श्रीराम संवाद तथा विदायी मांगने से सम्बन्धित लीला का मंचन किया गया। लीला के दौरान दर्शाया गया कि जिस समय महाराज दशरथ दासियों के सूचना पाते ही संध्या के समय खुश होकर कैकेयी के महल में गये ऐसा मालूम हो रहा था कि साक्षात स्नेह ही शरीर धारण कर निष्ठुरता केे पास गया हो जब सुनते है कि महारानी कोप भवन में जाकर जमींन पर लेटी है तो वह कोप भवन का नाम सुनते ही सहम जाते है। उनका पैर आगे नही बढता है जैसे स्वंय देवराज इन्द्र जिनकी भुजाओ के बल पर बसते है और सम्पूर्ण राजा लोग जिनका रूख देखते रहते है वही राजा दशरथ अपने स्त्री का क्रोध सुनकर सहम गये, राजा डरते हुए अपनी पत्नी महारानी कैकेयी के पास जाकर उनके दशा को देखकर महाराज दशरथ दुखित होते है उन्होंने चारों ओर अपनी निगाहे दौड़ायी तो देखा कि सारे वस्त्राभूषण महारानी कैकेयी उतारकर कोप भवन के जमींन पर बिखेर दिया। वे महारानी के रूष्ट होने का कारण पूछते है कि बार-बार कह राउ सुमुखि सुलोचनि पिकवचनि कारण मोहि सुनाउ गजगामिनी निज काम कर। राजा दशरथ बार-बार कह रहे थे हे सुलोचनी अपने क्रोध का कारण बताओ, राजा दशरथ के बातों को सुनकर महारानी कैकेयी हंसती हुई सारे गहने कपड़ो को पहनकर राजा दशरथ से कहती है महाराज आपने देवासुर संग्राम में मुझे दो वरदान देने का वचन दिया था आज वह समय आ गया है, कैकेयी के बात को सुनकर महाराज दशरथ कैकेयी से तुरन्त कहतेे है कि हे सुमुखी तुम दो के बजाये चार वरदान मांग लो कहा गया हैं कि रघुकुल रीति सदा चली आयी, प्राण जाय पर वचन न जाय। इतना सुनकर महारानी ने कहा कि महाराज मुझे दो वरदान से ही मतलब है, पहला वरदान यह कि अयोध्या का राज हमारे पुत्र भरत को मिले तथा दूसरा वरदान में तापस वेश विशेखी उदासी 14 बरिस राम वनवासी, महाराज दूसरे वरदान में मैं आपसे मांगना चाहती हूँ कि आपके प्रिय पुत्र श्रीराम तपस्वी के भेष धारण कर 14 वर्ष के लिए वनवास जाने का वरदान चाहिए।
इतना सुनते ही महाराज दशरथ मुर्छित होकर गिर जाते है उधर श्रीराम की सारे राज्याभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली गयी। पूरे अयोध्याव के नर-नारी जुट गये उधर महाराज दशरथ को बुलाने के लिए कुल गुरू वशिष्ठ मंत्री सुमन्त को भेजते है जब मंत्री सुमन्त जी महारानी कैकेयी के कक्ष में पहुँचकर महाराज को मूर्छित पड़े देखा तो वे सहम गये और महारानी कैकेयी से महाराज के मूर्छा होने का कारण पूछते है महारानी कैकेयी ने मूर्छा होने कारण मंत्री सुमन्त को बता दिया इसके बाद मंत्री सुमन्त राजदरबार में पहुँचकर गुरू वशिष्ठ तथा श्रीराम को महाराज दशरथ के मूर्छित होने का समाचार बताते महाराज दशरथ के मूर्छित होेने का समाचार सुनकर कुलगुरू वशिष्ठ तथा श्रीराम माता कैकेयी के कक्ष में पहुँचते है और अपने पिता महाराज दशरथ के मूर्छित होने का कारण पुनः माता कैकेयी से पूछतेे है श्रीराम के प्रश्न का उत्तर देते हुए महारानी कैकेयी ने कहा हे राम देवासुर संग्राम में महाराज दशरथ के रथ का पिछला पहिया गड्ढे में धस गया था किसी तरह मैं उस रथ के पहिया को गड्ढा से मुक्त कर दिया था उसी समय आपके पिता जी महाराज दशरथ खुश हो करके हमें दो वरदान देने के लिए वचनबद्ध हुए। हमने कहा कि महाराज अभी रहने दीजिए, जब समय आयेगा तो मैं वह वरदान आपसे ले लूंगी। अब वह समय आ गया था कि मैंने दो वरदान में पहला वरदान अयोध्या का राज हमारे पुत्र भरत को देने की बात कही तथा दूसरे वरदान में तुम्हें तपस्वी का वेश धारण कर 14 वर्ष के लिए वनवाश मांगा इस बात को महाराज बरदास्त न कर सके और बेहोश होकर जमींन पर गिर पड़े। थोड़ी देर बाद श्रीराम मन में सोचकर वहाँ से माता कौशल्या के कक्ष में चल देते है वहाँ पहुँचकर माता कौशल्या से वन जाने की आज्ञा मांगकर पुनः अपने माता के कक्ष में पहँुचकर माता कैकेयी और अपने पिता, गुरू वशिष्ठ माता अरूनधती के चरणों में प्रणाम करते हुए पिता दशरथ से वन जाने के लिए आज्ञा मांगते है। महाराज दशरथ अपने पुत्र राम पुत्रवधू सीता व लक्ष्मण को तपस्वी के भेष में देख करके हाये राम करते हुए पुनः जमींन पर गिर जातेे है। सुरक्षा केे दृष्टिगत पुलिस प्रशासन की ओर से महिला पुलिस कर्मी तथा पुलिस की भारी संख्या में तैनाती की गयी थी। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, कुश कुमार त्रिवेदी, मनोज तिवारी उर्फ मन्नू भइया, कृष्णा त्रिवेदी, श्रीराम सिंह यादव, ओमनारायन सैनी, ओमप्रकाश पाण्डेय, बालगोविन्द त्रिवेदी आदि रहे।
गाजीपुर। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला अपराधों की रोकथाम और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा मिशन शक्ति के तहत चलाए जा रहे अभियान के चौथे चरण के शुभारम्भ के अवसर पर प्रदेश के समस्त जनपदों में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन कराया गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मिशन शक्ति फेज-4 का शुभारभ्भ लखनऊ से किया। जिसका लाईव प्रसारण जनपद के पुलिस लाईन सभागार मे शनिवार को देखा व सुना गया। इसी बीच जनपद के पुलिस लाइन सभागार मे मिशन शक्ति नारी शक्ति, नारी सम्मान, नारी सुरक्षा के संबंध में भव्य जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, पूर्व राज्य मंत्री संगीता बलवतं, पूर्व विधायक जमानियां सुनीता सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल, ब्लाक प्रमुख मरदह, आगनबाडी, आशा अध्यापक व महिला आरक्षी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। लूर्दस कान्वेंट के बालिकाओ द्वारा स्वागत गीत एवं मिशन शक्ति पर आधारित नाटक की प्रस्तुति दी गयी तथा महिला कल्याण विभाग की मार्शल आर्ट ट्रेनरो द्वारा महिला आत्म रक्षा हेतु प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रो मे किये गये अच्छे कार्याे के लिए चयनित महिला शक्ति को अंगवत्रम एवं मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में स्वास्थ्य विभाग से आशा कार्यकत्री सुमन राय एवं शैल कुमारी, अगस्ता सलामत के ग्राम प्रधान संगीता देवी, रसूलपुर टी शेखपुर की प्रधान कल्पना यादव, पुलिस आरक्षी रोली सिंह (महिला प्रकोष्ठ काउन्सल), मोनिका यादव एव अंजली यादव, आंगनवाडी कार्यक्रत्री सिन्धु लता मोहनपुरवां, अनीसा गुप्ता छावनी लाईन, गायत्री राय प्रधानाध्यापक प्रा0 विद्यालय रसूलपुर बेलवा, मीनू पटेल प्रधानाध्यापक प्र0 वि0 परसही, महिला कल्याण विभाग से प्रियंका प्रजापति एवं शिखा सिंह तथा नेहरू युवा केन्द्र से अविराम पद यात्री खुशबू वर्मा को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे मिशन शक्ति के बारे में सभी उपस्थित अतिथियों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम से पूर्व जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने संयुक्त रूप से मिशन शक्ति जागरुकता रैली को क्लेक्ट्रेट तिराहा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जागरूकता रैली में यूपी 112 के दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन, फायर सर्विस के वाहन, यातायात विभाग के वाहन, महिला आरक्षी/अध्यापक की स्कूटी वाहनों को सम्मलित किया गया। उक्त जागरूकता रैली क्लेक्ट्रेट से होते हुए अफीम फैक्ट्री से निकलकर महुआबाग, विशेश्वरगंज, दुर्गा चौक, लंका, सैनिक चौराहा, हेतिमपुर होते हुए पुलिस लाईन में आकर समाप्त हुई। उपरोक्त कार्यक्रम में आए समस्त महिलाओ में बहुत उत्साह रहा, संपूर्ण कार्यक्रम से महिला सम्मान, महिला सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण का एक वृहद संदेश पूरे समाज में प्रसारित हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने अपने सम्बोधन में शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देंश के क्रम में मिशन शक्ति के चौथे चरण के दृष्ठिगत कम्यूनिटी पुलिसिंग व महिला सशक्तिकरण हेतु शक्ति दीदी नारी सुरक्षा/ मिशन शक्ति अभियान के तहत चौथे चरण की सराहना की गयी तथा पूर्व में चलाये प्रथम, द्वितीय व तृतीय अभियान की तरह सफल बनाने को कहा गया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि मिशन शक्ति योजना पूरे देश में लांच किया गया था। जिसका फेज-4 शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा आज लखनऊ से किया गया है। मिशन शक्ति एक ऐसा अभियान है जिसके अन्तर्गत महिला सम्बन्धित जितनी भी योजनाए सरकार द्वारा संचालित है उसे हर महिला तक पहुचना, उसका प्रचार -प्रसार कराना एवं महिलाओ में जागरूकता लाना है। मिशन शक्ति में महिला आरक्षी जिसे गॉव में शक्ति दीदी के नाम से जाना जाता है, जो गॉव में महिलाओ से मिल कर उनकी समस्याओ को समझ कर उसका निस्तारण करेगी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत स्तर पर भी जितनी महिला कर्मचारी कार्यरत है वे मिशन शक्ति अभियान के तहत गॉव में चौपाल लगाकर महिलाओ की समस्याओ का निस्तरण करेगी। उन्होने कहा कि महिलाओ का अच्छा स्वास्थ्य हो, उन्हे अच्छी शिक्षा मिले, महिलाए स्वावलंबी हो तथा अपने पैरो पर खड़ी हो सके इन तीनो कार्याे पर सरकार कार्य कर रही है। यह तभी सम्भव हो सकेगा जब महिलाए सुरक्षित परिवेश मे रहे और सुरक्षित परिवेश में रहने के लिए पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न अभियान चलाये जा रहे है, चाहे वो एन्टी रोमियो स्क्वायर्ड हो, चाहे शक्ति दीदी के माध्यम से जागरूकता अभियान हो। इसके साथ ही जो महिलाओ बाहर निकलती है उन्हे बेसिक सेल्फ डिफेन्स की भी जानकारी होनी चाहिए, पास मे पेपर स्प्रे रखे, तथा किसी भी तरह की घटना, संकट की आशंका होने पर हेल्प लाइन नम्बर पर सूचित करे।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद महिला शक्ति को हेल्प लाइन नम्बर वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, पुलिस आपात कालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, एम्बुलेंस सेवा 108 व साइबर हेल्पलाइन 1930 आदि के बारें में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी तथा किसी भी आपात स्थिति व अन्य किसी समस्या होने पर बिना डरे, बेहिचक हेल्प लाइन नम्बरों के उपयोग करने हेतु प्रेरित किया तथा महिलाओं से जुड़े साइबर क्राइम के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देंश के क्रम में आगामी शारदीय नवरात्रों में मिशन शक्ति के चौथे चरण के दृष्ठिगत कम्यूनिटी पुलिसिंग व महिला सशक्तिकरण हेतु शक्ति दीदी के माध्यम से चलाये जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक के निर्देंशन में महिला बीट आरक्षियों द्वारा गाँव-गाँव चौपाल लगाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है। कम्युनिटी पुलिसिंग एवं महिला सशक्तिकरण हेतु “शक्ति दीदी” के माध्यम से महिला सम्मान, सुरक्षा व जागरूकता हेतु अभियान चलाया जा रहा है। जनपद के समस्त थानों में नियुक्त महिला बीट अधिकारियों द्वारा ग्राम चौपाल का आयोजन कर महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है। महिलाओं को विभिन्न उपयोगी हेल्पलाइन नम्बरों, संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, महिला हेल्प डेस्क व कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर व पम्पलेट वितरित कर सशक्त किया जा रहा है। छात्राओं को गुड टच, बैड टच के बारे में, साइबर अपराधों, घरेलू हिंसा, आदि के बारे में जागरूक किया गया। महिला बीट पुलिस अधिकारी (शक्ति दीदी) द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र अन्तर्गत गांव, कस्बों एवं सार्वजनिक स्थानों, मिशन शक्ति कक्ष में चौपाल लगाकर बालिकाओं/महिलाओं को उच्चाधिकारियों के नम्बर व नारी सुरक्षा / मिशन शक्ति अभियान के तहत हेल्प लाइन नम्बर वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, एम्बुलेंस सेवा 108 व साइबर हेल्पलाइन 1930 आदि के बारें में विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। महिला बीट आरक्षी द्वारा गाँव-गाँव जाकर महिलाओं / बालिकाओं की सुरक्षा हेतु चौपाल लगाकर महिलाओं/बालिकाओं के साथ घटित होने वाले अपराधों एवं उनके उत्पीड़न की रोकथाम हेतु समस्त थानों पर शक्ति दीदी / महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत थानों पर गठित महिला सुरक्षा दल व थाना पर नियुक्त महिला बीट पुलिस कर्मियों द्वारा थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों प्रमुख चौराहों /कस्बों / प्रमुख बाजारों / मन्दिर / शिवालयों / शापिंग मॉल आदि के आस-पास गश्त/चेकिंग करते हुए महिलाओं व बालिकाओं को आत्मसुरक्षा के लिये जागरुक किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रमीण/शहरी, क्षेत्राधिकारी सदर, परियोजना निदेशक राजेश यादव, डीसी एन आर एल एम गोपाल चौधरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी, अन्य सम्बन्धित, कर्मचारीगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुभाष प्रसाद ने किया।
फाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए प्रदान की गईं एमएमडीपी किट
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बयेपुर, फतेउलापुर व मुड़वल पर हुआ कार्यक्रम
फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल के प्रति किया जागरूक
रोगियों की देखभाल में सीएचओ भी निभा रहे अहम भूमिका
गाज़ीपुर। फाइलेरिया एक गंभीर लाइलाज बीमारी है । यह जमीन की ओर लटक रहे जुड़वा अंगों जैसे -महिलाओं के स्तन, महिला पुरुष के हाथ पैर व पुरुषों के अंडकोश में सूजन पैदा कर देती है । प्रभावित अंगों की ठीक से देखभाल न की जाय तो बीमारी अधिक गंभीर हो जाती है । इसके लिए जनपद के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में फाइलेरिया रोगियों को (रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम) एमएमडीपी किट प्रदान कर मरीजों को प्रभावित अंगों की देखभाल के तरीके बताए गए। शुक्रवार को सदर ब्लॉक के बयेपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने 10 फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट प्रदान की। इस दौरान डीएमओ और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ऋतु सिंह ने फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल के प्रति जागरूक किया। इसके साथ ही सदर ब्लॉक के ही फतेउलापुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और करंडा ब्लॉक के मुड़वल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर छह-छह रोगियों को एमएमडीपी प्रदान की गई। इस दौरान फतेउलापुर की सीएचओ पूनम पटेल और मुड़वल की सीएचओ जिज्ञासा ने रोगियों को फाइलेरिया के लक्षण, जांच, उपचार व परामर्श के बारे में जानकारी दी। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया रोग का कोई इलाज नहीं है लेकिन उचित देखभाल से इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है। इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में एमएमडीपी कैंप आयोजित कर प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए मरीजों को कुछ व्यायाम का अभ्यास कराया गया और दी गयी किट के माध्यम से प्रभावित अंगों की साफ सफाई के तरीके सिखाये गए ।
जिससे प्रभावित अंगों में किसी प्रकार के संक्रमण न हो। क्या है फाइलेरिया – डीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज मच्छर जनित रोग है। यह मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसे लिम्फोडिमा (हाथी पांव) भी कहा जाता है। यह बीमारी न सिर्फ व्यक्ति को दिव्यांग बना देती है बल्कि इस वजह से मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। यह बीमारी न हो इसके लिए साल में एक बार दो वर्ष से अधिक आयु के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया जाता है। इसके अलावा इस रोग से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग व घर के आस-पास व अंदर साफ-सफाई, इक्कठा हुए पानी को नष्ट कर मच्छरों से बचा जा सकता है । सीएचओ भी निभा रहे अहम भूमिका। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि फाइलेरिया प्रभावित रोगियों के घर के नजदीक ही एमएमडीपी किट के साथ देखभाल व परामर्श मिलता रहे, इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सभी सीएचओ को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिये गए हैं हैं। सीएचओ के माध्यम से स्क्रीनिंग, देखभाल, परामर्श के साथ ही आवश्यक दवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही गंभीर रोगियों को टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से चिकित्सक/विशेषज्ञ से परामर्श की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा आवश्यक जांच व उपचार के लिए उच्च इकाइयों में रेफर किया जा रहा है।
गाजीपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के ससुर शिवशंकर सिंह उम्र 82 वर्ष का शनिवार को हृदय गति रूकने से उनके सैदपुर स्थित कौशिक निवास पर निधन हो गया। वो लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। निधन की खबर से भारतीय जनता पार्टी अन्य लोगों में शोक की लहर व्याप्त है। जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने इस निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया है। जिनकी अंत्येष्टि आज ही जौहरगंज स्थित श्मशान घाट पर अपराह्न मे सम्पन्न हुई। मुखाग्नि पोते आयुष सिंह ने दिया। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार को छोड़ गये। वह लंबे समय से वह बीमार चल रहे थे। जिसके कारण वह कई जगह उपचार के बाद अपने सैदपुर स्थित आवास पर ही रह रहे थे। उनका स्नेह प्यार अपने परिवार के जैसा ही क्षेत्र सहित जिले के सभी लोगों के साथ था। आज अचानक उनके निधन से जिले के सभी राजनीतिक गलियारों सहित अन्य लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। अंत्येष्टि स्थल पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, लोकसभा संयोजक कृष्ण बिहारी राय, पुर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, जिला महामंत्री प्रवीण सिंह, दयाशंकर पांडेय, ब्लाक प्रमुख राजन सिंह, डा प्रदीप पाठक, जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, मनोज सिंह, मंयक जायसवाल, प्रवीण त्रिपाठी, संतोष चौहान, रघुवंश सिंह पप्पू, अभय सिंह, शशिप्रकाश सिंह, अविनाश सिंह, बॉबी सिंह, सम्मी सिंह, अभिनव सिंह छोटू और नितिश दूबे सहित सैंकड़ों जिले के प्रमुख व्यवसायी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा व अन्य दलों के नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे।
गाजीपुर। आगामी त्यौहार नवरात्रि, दशहरा दिपावली एवं छठ पूजा के मद्दे नजर रखते हुए जनपद में साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु सेन्ट्रल पीस कमेटी की बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर की उपस्थिति में पुलिस लाईन सभागार में शुक्रवार को सभी धर्मगुरूयो एवं नागरिको के साथ बैठक सम्पन्न हुई। इस दौरान जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बैठक में आये सभी धर्मों के सम्मानित नागरिकों को साधुवाद देते हुए कहा कि आप सभी लोग अपने-अपने समाजिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए इस बैठक में उपस्थित हुए इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होने सभी उपस्थित नागरिकों का आह्वाहन करते हुए अपील की है कि जिस प्रकार विगत वर्षों में सभी धर्मों के लोग आपसी भाई चारे से सभी त्यौहार मिल जुल कर मनाते रहे है, आगे भी उसी तरह से गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए इसका अक्षरशः पालन करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी धर्मों के त्यौहारों का एक ही मकसद होता है कि दूसरों की भावनाओं को आहत किये बिना हर्षोंल्लास के साथ त्यौहार मनायें। उन्होने जनपद वासियों का आह्वाहन करते हुए अपील की किया कि किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों को प्रसारित करने से बचे और कोई भी इस प्रकार भ्रामक सूचना यदि उन्हे प्राप्त होती है तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दे, ताकि उस सूचना की जॉच करते हुए उसका निस्तारण समयान्तर्गत कराया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 456 दुर्गा पूजा पण्डाल स्थापित होगे। इस हेतु पण्डाल समिति अपने-अपने आंतरिक व्यवस्थाए पूर्व मे सुनिश्चित कर ले तथा जिन्होने परमीशन न लिया हो वे लिखित रूप से सम्बन्धित अधिकारी से परमीशन लेकर दिये गये शर्ताे का पालन अवश्य करेगे। पण्डाल के सजावट के दौरान अत्यन्त ज्वलनशील वस्तुओ का प्रयोग न किया जाये। पण्डाल मे प्रवेश व निकास द्वार मे उचित स्थान रहे। सड़क के किनारे पण्डाल न लगाया जाये तथा पण्डाल में रेत, पानी, सी सी टी वी कैमरा की व्यवस्था अवश्य रहे। इस हेतु उन्होने सम्बन्धित अधिकारी को पूर्व में निरीक्षण कर आश्वस्त होने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पण्डाल के नाम पर कोई भी अन्य नया कार्य न हो, पण्डाल मे अश्लील गाने कदापि न बजे न ही आरकेस्ट्रा का आयोजन हो। पण्डाल स्थल पर महिला एव पुरूषो के लिए अलग-अलग लाईने लगायी जाये। उन्होने बताया कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिये गये है कि त्यौहारों को पारम्परिक ढंग से मनाया जाये और किसी भी प्रकार की नई परम्परा का आरम्भ न किया जाये। उन्होने सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि त्यौहार के समय अपने- अपने क्षेत्रों में पानी, बिजली और साफ सफाई की व्यवस्था मुकम्मल रखें। विद्युत विभाग से सम्बन्धित अत्यधिक शिकायतो पर उन्होने जर्जर तार, खम्भे, विद्युत आपूर्ति को सही कराने तथा विसर्जन के दौरान रास्तो पर विशेष रूप से मौके का निरीक्षण कर ढीले एव लटके हुए जर्जर तारो को प्राथमिकता के तौर पर सही कराने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ओेमवीर सिंह ने बैठक को सम्बोधित करते हुए बताया कि जनपद में सभी स्थानों पर पुलिस की व्यवस्था चाक चौबन्द रहेगी और सभी चौराहों पर पिकेट के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की टीम जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने अपील करते हुए कहा कि किसी भी भ्रामक खबरो पर ध्यान न दे, नही किसी भी सोशल साईट पर आने वाले भ्रामक खबरो व फोटो को पोस्ट करे। अन्यथा सम्बन्धित के खिलाफ ही कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जनपद में महिला के सम्मान एव सुरक्षा हेतु एण्टी रोमियो स्क्वायर्ड टीम सक्रिय रहेगी एवं विभिन्न पण्डालो पर महिला सुरक्षा कर्मियो की भी तैनाती की जायेगी। पण्डालो एवं अन्य स्थानो पर शस्त्रो का प्रदर्शन पूर्णतया वर्जित रहेगा। उन्होने कहा कि पुलिस की अराजक तत्वो पर पैनी नजर रहेगी तथा इस तरह के शोहदो पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने समस्त सम्बन्धित क्षेत्राधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने अपने क्षेत्र के सम्भ्रान्त नागरिकों एवं पीस कमेटी के सदस्यों से समन्वय स्थापित करते हुए जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 अरूण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण/शहरी, समस्त क्षेत्राधिकारी, समस्त सम्बन्धित अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत सहित गणमान्य नगारिक एवं धर्म गुरू उपस्थित थे।
शिक्षकों का वेतन और पितृ विसर्जन का अवकाश घोषित करने की मांग
डीएम से मिला शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल, समस्याओं के निस्तारण की मांग
गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई का प्रतिनिधिमंडल समस्याओं को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी से मिला। प्रादेशिक मंत्री चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा कि डीएम के निर्देश के बावजूद शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। पदाधिकारियों का कहना था कि जिलाधिकारी ने अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कराने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई वार्ता नहीं हो सकी है। अध्यापकों व कर्मचारियों की अनेक समस्यायें, जिनमें वेतन, अवशेष धनराशि, प्रोन्नत वेतनमान व चयन वेतनमान, स्थानान्तरण की प्रक्रिया, नई पेंशन योजना में सरकार का 14 प्रतिशत अंशदान व अध्यापकों के वेतन से 10 प्रतिशत की धनराशि उनके प्रान खाते में नहीं भेजी जा रही है। जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने कहा कि पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन हिन्दू समाज के लोग शास्त्र के अनुसार अपने पितरो को याद करते हुए श्राद्ध कार्यक्रम करते है। ऐसे अवसर पर पूर्व में परिषदीय विद्यालयों/माध्यमिक विद्यालयों में विभाग द्वारा अवकाश घोषित किये जाते रहे है। विगत वर्ष विभाग द्वारा घोषित अवकाश तालिका में पितृ विसर्जन के अवसर पर अवकाश घोषित नहीं हो रहा है। तत्काल घोषित कराने की मांग की गई। कई शिक्षकों का वेतन भुगतान न होने की स्थिति में शिक्षकों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश व्यक्त है। प्रतिनिधिमंडल में प्रकाश चन्द्र दुबे, राणा प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश राय, कुंवर अविनाश गौतम, डा. रियाज अहमद, रत्नेश कुमार राय, अमित कुमार राय, विवेकानंद गिरी, अंजनी कुमार सिंह, शैलेन्द्र कुमार यादव आदि मौजूद रहे।