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स्व सियाराम को न्याय दो के नारों के साथ डीएम को सौंपा ज्ञापन, कई छात्र नेता हाउस अरेस्ट

गाजीपुर। मंगलवार को छात्र नेताओं और नागरिकों ने स्व सियाराम उपाध्याय के हत्यारे पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी हेतु जिलाधिकारी कार्यालय का हुआ घेराव कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। पुलिस इसके खिलाफ कई छात्रनेता को किया हाउस अरेस्ट किया। मंगलवार को जिले के छात्रनेता एवं नागरिकों ने सरयू पांडेय पार्क से जुलूस की शक्ल में “स्व सियाराम को न्याय दो , स्व सियाराम के हत्यारे पुलिस कर्मी को गिरफ्तार करो, पुलिस अधीक्षक को बर्खास्त करो” जैसे नारों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। वहां पहुंचकर एक छोटी सी विरोध सभा भी हुई। उसके बाद जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में सी आर ओ आयुष चौधरी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा गया जिसमें यह मांग की गई कि सियाराम को बेरहमी से पीटकर जिन पुलिसकर्मी ने हत्या की है आज तक उन पर प्रथम आपराधिक सूचना तक नहीं दर्ज की गई।

चूंकि राज्यपाल राज्य की संवैधानिक प्रमुख है। इसीलिए छात्रों ने यह मांग करते हुए कहा है कि स्व सियाराम उपाध्याय के हत्यारे सभी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी हो। स्व सियाराम के भाई को सरकार नौकरी दे एवं उनके वृद्ध माता पिता को 50 लाख रुपया जीवकोपार्जन के लिए दिया जाए। जिससे उत्तर प्रदेश के नागरिक सम्मान पूर्वक जीवन के मौलिक अधिकार को जी सके तथा प्रदेश में कानून व्यवस्था को स्थापित किया जा सके। डॉ शम्मी सिंह, शशांक उपाध्याय, अभिषेक कुमार राय, शिवम उपाध्याय, दिवंशु पाण्डेय, अभिषेक राय , सतीश उपाध्याय, राजकुमार सिंह, शीर्षदीप शर्मा, पंकज राय, अमरनाथ राय , प्रगति दुबे, डॉ समीर सिंह, शिवम सिंह,अश्वनी राय, ओजस्व शाहू, मोनू तिवारी, ओम प्रकाश पाण्डेय,पवन सिंह, रुद्रमणि त्रिपाठी, संजीत जायसवाल, अमित राय, प्रकाश राय, दिनेश सिंह, सुमित तिवारी, अतुल तिवारी आदि लोग मौजूद थे।

छात्रों ने कहा कि सुबह से गाजीपुर पुलिस ने इस कार्यक्रम को स्थगित करने हेतु पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय एवं सुधांशु तिवारी पूर्व महामंत्री को घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया और जबरदस्ती मोबाइल से सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम के स्थगित होने की फर्जी सूचना प्रसारित करवाई। जगह जगह कई छात्रनेताओं को रोका गया। फिर भी कुछ छात्रनेता और नागरिक पहुंच कर जिलाधिकारी का घेराव कर ज्ञापन देने में सफल रहे।

दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता की मौत, ग्रामीणों ने घटना पर जताया आक्रोश


लाठीचार्ज से दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता की मौत, पुलिस कर्मियों पर हो हत्या का मुकदमा


योगी के एसआईटी जांच के आदेश से जगी निष्पक्ष जांच की उम्मीद


अष्ट शहीद शेरपुर के ग्रामीणों ने घटना पर जताया आक्रोश


गाजीपुर। नोनहरा थाना परिसर में वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश राय बागी के नेतृत्व में गांव गठिया में बिजली के खंभे लगाने के विरोध में धरना दे रहे ग्रामीणों पर लाठी चार्ज में घायल सीताराम उपाध्याय निवासी रुकन्दीपुर की मौत पर आक्रोश व्यक्त करते हुए अष्ट शहीद गांव शेरपुर कलां के ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग की।
घटना की रात पुलिस ने ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ाकर पिटाई की जिसमें करीब आठ से दस लोगों को गंभीर चोटें आईं है। वहीं सुबह सीताराम उपाध्याय की मौत हो गई। वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा कि इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों और बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पिटाई से सीताराम उपाध्याय का पूरा शरीर काला पड़ गया था।


मृतक के परिजनों और समर्थकों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग की है। वही सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी जांच कराने का आदेश दिए जाने का स्वागत किया गया। उधर एसपी के द्वारा नोनहरा थाने के प्रभारी निरीक्षक सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोपी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज किए जाने की मांग की गई। जिला प्रशासन से आग्रह किया गया कि लाठीचार्ज से घायल व्यक्तिओं की इलाज की व्यवस्था की जाय।


बैठक में नारायण उपाध्याय, डॉ रमेश राय, मिथिलेश राय, पूर्व प्रधान विद्यासागर गिरि, डॉ आलोक राय, आनन्द राय पहलवान, दीनबंधु उपाध्याय, बुच्चू उपाध्याय, राजू राय, सत्यम राय, पवन राय, राजेश राय डब्बू, फिल्म कलाकार हिमांशु राय, शुभांशु राय, अशोक कुमार, संतोष राय, विवेक राय, मदन राय, हिमांशु उपाध्याय, बड़क राय, बुचीया राय, कल्लू राय, आजाद राय, बंटी यादव, चुलबुल राय, धनंजय राय, मयंक राय, अंकित राय, सतीश राय, शिव जी राय, अतुल राय, धीरेन्द्र राय, रिशु राय, संदीप राय, विपुल राय आदि मौजूद रहे।

पोस्टर बैनर के माध्यम से छात्राओं ने किया जागरूक

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में विश्व आत्महत्या निवारण सप्ताह के अंतर्गत मनोविज्ञान परिषद की ओर से प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी के मार्गदर्शन एवं मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ शिव कुमार के संयोजन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन शनिवार को भी जारी है। इसके अंतर्गत छात्राओं ने आकर्षक चार्ट, पोस्टर और बैनर के माध्यम से “जीवन है अनमोल; आत्महत्या अधर्म कर्म है; आत्महत्या नहीं समस्या का समाधान, आदि नारे लगाते हुए महाविद्यालय परिसर का भ्रमण किया और छात्रों को जागरूक किया।

इस अवसर पर छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर परिचित कराया गया। मनोविज्ञान परिषद की ओर से आनंदी गुप्ता एवं टीम ने अपना नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया और इसके माध्यम से विद्यार्थियों से अपील किया की 'हालात से वक्त के मारे, तुम भले ही दुनिया को लगे बेचारे, मगर जिंदगी की डोर को ना छोड़ना कभी आत्महत्या के सहारे।

इसके बाद नेहा शर्मा, शालू गुप्ता और अंजलि अग्रहरी के नेतृत्व में छात्राओं ने पारिवारिक समस्याओं को दिखाते हुए द्वितीय नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर छात्राओं को जागरुक करते हुए बताया कि 'संघर्षों से घबराकर यदि सब मृत्यु गले लगाते, डर के आगे जीत लिखे जो ना विजेता वह मिल पाते। आत्महत्या का विचार आना एक विशेष मनोदशा की स्थिति है। थोड़ा रुके, थोड़ा सोचे, किसी से बात करें तो बात बन जाएगी। किसी अस्थाई समस्या का स्थायी समाधान आत्महत्या है। आत्महत्या से कुछ ना सुलझे, परिवार उजड़ जाएगा। तुम्हारी कमी की भरपाई कौन कर पाएगा?

आत्महत्या ख्याल जो आए, उसे पल को तुम बस टालों! सबसे ज्यादा प्यार जिससे हाले दिल उसे सुना लो! पात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उपस्थित विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन के तनाव से सकारात्मक रूप से सामना करने की भूमिका को बखूबी प्रदर्शित किया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी ने इस आयोजन हेतु मनोविज्ञान परिषद की सराहना किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ सगीता, डॉ निरंजन कुमार, डॉ नेहा कुमारी, डॉ शशि कला आदि प्राध्यापक गण एवं महाविद्यालय की छत्राएं उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संयोजन में मनोविज्ञान परिषद की ओर से मानसी अग्रवाल,महक खान, अर्चना कश्यप, गरिमा यादव, अभिलाषा राय, स्वधा गुप्ता, आदि ने प्रमुख भूमिका निभाई।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम 16 सितंबर को पीजी कॉलेज में लगाएगी विशेष कैंप

छात्रों की जीत: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम 16 सितंबर को पीजी कॉलेज गाजीपुर में लगाएगी विशेष कैंप
गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति के निर्देश पर, छात्रों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय के प्रयासों से, विश्वविद्यालय की एक विशेष टीम 16 सितंबर को स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में छात्रों के लिए एक विशेष कैंप लगाएगी। यह पहल 25 अगस्त को शुरू हुई जब दीपक उपाध्याय ने कुलपति के नाम संबोधित एक पत्र परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह को सौंपा था। पत्र में उन्होंने गाजीपुर जनपद में एक “निस्तारण पटल कैंप” लगाने की मांग की थी, जिस पर डॉ. विनोद कुमार सिंह ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, दीपक उपाध्याय ने इस शिकायत को जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराया।


इन प्रयासों का परिणाम जल्द ही देखने को मिला। 3 सितंबर को, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने प्राचार्य को एक पत्र लिखकर छात्रों की समस्याओं की एक सूची तैयार करने और परीक्षा विभाग के प्रभारी को 8 सितंबर को जौनपुर विश्वविद्यालय में बुलाने का निर्देश दिया। 8 सितंबर को परीक्षा प्रभारी को जौनपुर विश्वविद्यालय में बुलाया गया था, जहाँ छात्रों की समस्याओं का समाधान किया गया।
और यदि किसी कारणवश अभी भी किसी छात्र की परीक्षा या रिजल्ट संबंधित समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, तो उसके लिए परीक्षा नियंत्रक ने 11 सितंबर को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में बताया गया है कि 16 सितंबर को जौनपुर विश्वविद्यालय की टीम महाविद्यालय में कैंप लगाकर छात्रों की समस्याओं का समाधान करेगी। इस खबर से छात्रों में खुशी का माहौल है। छात्र नेता दीपक उपाध्याय व सुधांशु तिवारी ने छात्रों से अपील की है कि वे अपनी सभी परीक्षा और रिजल्ट संबंधी समस्याओं को लेकर इस कैंप में पहुंचें और मौके पर ही अपनी परेशानियों का समाधान कराएं। उन्होंने कुलपति महोदय और परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जिनके सहयोग से यह संभव हो पाया।

छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के बारे में किया गया जागरूक

गाजीपुर। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा संचालित ‘‘संकल्प‘‘ हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन के अंतर्गत सितंबर माह में 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को ’ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सादात एवं प्राइमरी विद्यालय नवापुरा में छात्र-छात्राओं को पोक्सो अधिनियम पर कार्यक्रम कर जानकारी प्रदान की गई । पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत- बाल सभा, बाल विवाह, बाल यौन शोषण की रोकथाम, एवं बच्चों के अधिकार पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम के बारे में बताया गया जिसमें संक्षेप में, बाल सभाएँ न केवल बच्चों को ज्ञान और कौशल प्रदान करती हैं, बल्कि समुदायों में बाल संरक्षण के प्रति एक मजबूत और सहभागी दृष्टिकोण को बढ़ावा देती हैं, जो बाल विवाह और बाल शोषण जैसी हानिकारक प्रथाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है के बारे में जानकारी दी गई। महिला हेल्पलाइन नंबर 181 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बाल कल्याण समिति एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक हिंसा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना के बारे में छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापिकाए जिला मिशन कोऑर्डिनेटर नेहा राय एवं जेंडर स्पेशलिस्ट लक्ष्मी मौर्य मौजूद रहे।

नीट यूजी में फर्जीवाड़ा: 9 के खिलाफ कार्यवाही

गाजीपुर। यूपी नीट यू0जी0 काउंसलिंग 2025 के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के आश्रित उप श्रेणी के अन्तर्गत प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत फर्जी प्रमाण पत्र पर विधिक कार्यवाही किया गया। तहसीलदार सदर के तहरीर पर सदर कोतवाली मे जनपद के कुल 09 अभ्यर्थियो के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही हेतु पत्राचार किया गया। जिसमे पंकज कुमार पुत्र कमलेश कुमार, सुमन संगम पुत्री विद्यानन्द यादव, मधुमिता कुमार पुत्री मिथलेश पाण्डेय, चंदन कुमार पुत्र लालबाबु सिंह,तान्या पुत्री सदन मोहन,अमित राज पुत्र संजय कुमार,अंकित आनन्द पुत्र संजय कुमार सभी निवासी गोराबाजार पोस्ट पीरनगर एंव आराधना सक्सेना पुत्री दिनेश सक्सेना एंव मयंक कुमार पुत्र रविशंकर  मालगोदाम रोड पो0 मुख्य डाकघर  निवासी है। यूपी नीट यू0जी0 काउंसलिंग  2025  मे शामिल हुए अभ्यर्थियों जिनके द्वारा लगाए गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र की जॉच हेतु महानिदेशक चिकित्सा एवं प्रशिक्षण लखनऊ द्वारा जॉच की अपेक्षा की गयी थी। इस क्रम मे प्रमाण पत्रो की प्रारम्भिक जॉच अपर जिलाधिकारी वि0रा0/प्रभारी अधिकारी प्रमाण पत्र कलेक्ट्रेट गाजीपुर से कराई गई। जॉच के दौरान अभ्यर्थियो का प्रमाण पत्र कार्यालय अभिलेख से मिलान करने पर उक्त प्रमाण पत्र इस कार्यालय से जारी नही होना पाया गया। अभ्यर्थियों द्वारा प्रयोग मे लाए गए प्रमाण पत्र मे काफी भिन्नता पाई गई। न्याय सहायक अधिकारी गाजीपुर ने जॉच कर बताया कि उक्त प्रमाण पत्र यहां से निर्गत नही हुए है।राजस्व सहायक कलेक्ट्रेट गाजीपुर की रिपोर्ट के अनुसार उक्त प्रमाण पत्रों का नम्बर उनके डाकबही से जारी नही होना पाया गया।  

विश्व आत्महत्या निवारण दिवस पर छात्राओं के बीच हुआ संगोष्ठी का आयोजन

गाजीपुर। बुधवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग के मनोविज्ञान विभाग में ‘विश्व आत्महत्या निवारण दिवस’ के अवसर पर एक लघु संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसके माध्यम से दुनिया भर में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके निवारण के विविध पक्षों पर छात्राओं के मध्य चर्चा की गई। इस दौरान मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ शिव कुमार ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या निवारण संघ द्वारा 10 सितंबर 2003 से यह दिवस मनाया जा रहा है ताकि लोगों में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या निवारण से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाई जा सके।

विश्व में प्रतिवर्ष 8 लाख से अधिक लोग आत्महत्या के कारण मृत्यु को प्राप्त होते हैं। जबकि दक्षिण एशिया में प्रतिवर्ष 2 लाख से अधिक लोग आत्महत्या का शिकार होते हैं। आत्महत्या एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती है जो किसी भी बीमारी, युद्ध या आपदा से अधिक जनहानि का कारण है। वर्ष 2024 से 2026 तक के लिए इस दिवस की थीम है कि ‘आत्महत्या से जुड़े मिथक या आख्यानों को बदला जाए'(Change the Narrative on Suicide) ताकि लोग खुलकर बातें करें। अर्थात आत्महत्या के बारे में ‘चुप्पी तोडे, खुलकर बोले’ और हम ऐसा परिवेश तैयार करें जिससे कि आत्महत्या या इससे जुड़े विचारों को समाज में या परिवार में छिपाने तथा इसे कलंक मानने के स्थान पर ऐसी संस्कृति विकसित हों कि लोग खुलकर इस पर चर्चा करें।


इस अवसर पर उपस्थित प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्महत्या से जुड़ी घटनाओं और प्रवृत्तियों पर चुप्पी के कारण यह समस्या गंभीर होती जा रही है। लोग इस प्रवृत्ति से छुटकारा पाने के लिए मनोवैज्ञानिक या चिकित्सकीय सहायता नहीं प्राप्त करते हैं। यह इसलिए भी आवश्यक है कि आत्महत्या की प्रवृत्ति सभी उम्र, लिंग, क्षेत्र एवं पृष्ठभूमि के लोगों में पायी जाती है। इस अवसर पर पर मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं ने आत्महत्या से जुड़े विविध पक्षों पर अपने विचार प्रस्तुत किया। संजना पांडे ने युवाओं और छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति पर चर्चा करते हुए बताया कि 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में मृत्यु का तीसरा सबसे बड़ा कारण आत्महत्या है। युवा प्रायः निराशा, अवसाद या असफलता के चलते आत्मघाती कदम उठाते हैं।

श्रद्धा गुप्ता ने महिलाओं द्वारा की जाने वाली आत्महत्याओं के संदर्भ में कहा कि पुरुषों से अधिक महिलाएं आत्महत्या का प्रयास करती हैं। आत्महत्या के कर्म को कई बार छुपाया जाता है इस कारण आत्महत्या संबंधी सही आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। श्रेया वर्मा ने छात्राओं और विद्यार्थी समूह द्वारा छोटी-छोटी बातों पर आवेश में आकर या अत्यधिक ऊंचा लक्ष्य रखने को आत्महत्या का कारण बताया। हुमैरा फातमा ने मित्र बनाने, प्यार बांटने और घर परिवार एवं मित्रों के साथ सुख-दुख शेयर करने की बातें की। समाजशास्त्री डॉ एखलाक खान ने आत्महत्या से जुड़े विभिन्न सामाजिक कारकों की ओर संकेत करते हुए सामाजिक संबंधों में गिरावट, सामाजिक अलगाव, अकेलापन को आत्महत्या का कारण बताया।

कार्यक्रम की आमंत्रित वक्ता डॉ पूजा साहू ने आत्महत्या निवारण के विभिन्न पक्षों पर खुलकर चर्चा किया तथा इन्होंने अपनी कविता के माध्यम से सकारात्मक सोच एवं सामाजिक संपर्क विकसित करने, आसपास के लोगों की सहायता करने, सामाजिक संबंध विकसित करने, अपनो से खुशी के साथ-साथ दुखों को भी साझा करने तथा अपने चेहरे के साथ-साथ अपनो ओचेहरों पर मुस्कान लाने के लिए सदैव प्रयास करने की बात कही।


कार्यक्रम के समापन के अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए मानसी अग्रवाल ने कहा कि आत्महत्या का दुष्प्रभाव मित्रों और पारिवारिक जनों पर सर्वाधिक पड़ता है। कार्यक्रम का संचालन आनंदी गुप्ता एवं संयोजन मनोविज्ञान परिषद द्वारा किया जिसमें माही प्रजापति, एल्मा, महक खान, अभिलाषा राय आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीडीओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी सन्तोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में बुधवार को गोआश्रय स्थलों के सम्बन्ध में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण के लिए चारागाह की भूमि पर हरे चारे की बुवाई की गहन समीक्षा की गयी, जिसमे जनपद की प्रगति अत्यंत कम पाये जाने पर रोष व्यक्त करते हुए जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को अभियान चलाकर आगामी एक सप्ताह में चारागाह की भूमि पर नेपियर घास लगाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी  द्वारा समस्त उप जिलाधिकारी को तहसील स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित कर गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा एवं चोकर आदि की व्यवस्था मानक के अनुरूप कराने के निर्देश दिए गए तथा जिन गोआश्रय स्थलों पर हरा चारा उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल साईलेज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। गोआश्रय स्थलों पर मानक के अनुरूप अद्यतन अभिलेख नहीं पाये जाने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जनपद के सभी खण्ड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी  द्वारा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को कन्ट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन गोआश्रय स्थलों में गोवंशों को दिए जा रहे भूसा, हरा चारा एवं चोकर का फोटो/वीडियो मंगाकर अनुश्रवण करने के निर्देश दिये।


बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा० अरविन्द कुमार शाही, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, नोडल अधिकारी गोशाला राकेश कुमार गौतम, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी एवं गोआश्रय स्थलों के समस्त जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थिति रहे।

पुलिस लाइन में मेडिकल कैंप का हुआ आयोजन बीमारियों से बचाव के लिए किया गया जागरूक

गाजीपुर। पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के वामा सारथी कैलेण्डर के अनुसार मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार कक्ष में अध्यक्षा वामा सारथी कल्यानी वर्मा के निर्देशन व उपस्थिति में मेडिकल कैम्प का आयोजन कराया गया । जिसमें पुलिस परिवार के सदस्यों एवं वर्तमान में चल रही आर0टी0सी0 के प्रशिक्षुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया व सभी को बीमारियों से बचाव हेतु जागरुक किया गया ।

पोषण के महत्व और जल जनित बीमारियों से बचाव के बारे में जागरुक किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा, अध्यक्ष वामा सारथी कल्यानी वर्मा, प्रतिभा पत्नी ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद (अपर पुलिस अधीक्षक नगर) व अंकिता पत्नी शेखर सेंगर (क्षेत्राधिकारी नगर), प्रतिसार निरीक्षक उमाकान्त त्रिपाठी, वामा सारथी में कार्यरत महिला आरक्षी, पुलिस लाइन चिकित्सालय स्टाफ आदि मौजूद रहे ।

राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ डीएम ने की बैठक

गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता मे मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रट सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक में सभी राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति करने तथा मतदाता सूची में सेक्शन व पार्ट को यथाआवश्यक सही करने में सहयोग करने हेतु अनुरोध किया गया। इसमे किसी भी स्तर पर लापरवाही न की जाए, त्रुटि रहित मतदाता सूची बनाने हेतु विशेष प्रयास किया जाए। उन्होने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा भी की । बैठक मे उन्होने बताया  कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही की जानी है। सम्भाजन से पूर्व निर्वाचक नामावली में नये अनुभागों को जोड़े जाने के निर्देश है। इस सम्बन्ध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश दिये है कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही के दौरान मतदेय स्थलों में अनुभागों की संख्या कम होने के कारण मतदाता सूची प्रायः मतदाताओं की संख्या के आधार पर विभाजित कर दी जाती है, जिसका परिणामस्वरूप एक ही परिवार के मतदाता अलग-अलग भागों में चले जाते है।

जिसके कारण राजनैतिक दलों एवं जनसामान्य से शिकायते प्राप्त होती है। उन्होने कहा कि  नये अनुभाग इस प्रकार जोड़े जाये कि कोई भी परिवार विभाजित न हो। परिवार के सभी सदस्य एक ही अनुभाग तथा एक ही स्थान पर रखा जाये। एक ही इमारत में रहने वाले परिवारों को एक ही स्थान पर रखा जाये।. एक ही गली में रहने वाले मतदाताओं को एक ही भाग में रखा जाये। उन्होने कहा कि  मतदाताओं को मतदेय स्थल में इस प्रकार रखा जाये कि किसी मतदाता को 2 किमी से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े और किसी प्राकृतिक बाधा को पार करने की आवश्यता न पड़े।  इस हेतु सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बी०एल०ओ० के छोटे-छोटे समूहों के साथ टेबल टाप एक्सरसाइज एवं राजनैतिक दलों से विचार-विमर्श कर मतदेय स्थलों के अन्दर अधिक से अधिक अनुभागों का सृजन किया जाये ताकि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के दौरान मतदेय स्थलों के पुर्नगठन में मतदाता सूची को अनुभागवार विभाजित किया जा सकें। उन्होने कहा कि  यदि कोई मतदेय स्थल क्षतिग्रस्त, जर्जर, ध्वस्त, मतदाता की दूरी अथवा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के कारण यदि नया मतदेय स्थल बनाया जाना आवश्यक हो तो राजनैतिक दल इसकी लिखित सूचना अभी से ही सम्बन्धित उप जिलाधिकारी को दे दे ताकि समय पर स्थलीय सत्यापन कर परिवर्तन का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा सके।

उन्होने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश के क्रम  यह निर्देश दिया  कि 100 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं का शत-प्रतिशत सत्यापन कराकर नियमविहित प्रकियानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये । उन्हांेने मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के सम्बन्ध में यह भी निर्देश है। निर्वाचक नामावली में मकान संख्या शून्य न हो इसका सत्यापन करा लिया जाये। शहरी क्षेत्रों में प्रायः एक ही मकान में 50-50 अथवा अत्यधिक संख्या में मतदाता पंजीकृत है। इसका भी सत्यापन कराकर नियमविहित प्रकियानुसार निर्वाचक नामावली को दुरूस्त कर लिया जाये। उन्होने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाने हेतु राजनैतिक दलों द्वारा बी०एल०ए० की नियुक्ति किये जाने की अपेक्षा की गयी है। इस सम्बन्ध में बी०एल०ए० की नियुक्ति के लिए मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय/ राज्यीय राजनैतिक दल द्वारा अधिकृत प्रतिनिधियों के नामों की सूचना देने के लिए अधिकृत व्यक्तियों के सम्बन्ध में) व बी०एल०ए०-2 (बी०एल०ए० की नियुक्ति के लिए मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय / राज्यीय राजनैतिक दल द्वारा बूथ लेवल एजेण्ट की नियुक्ति के सम्बन्ध में) का संशोधित हिन्दी प्रारूप प्राप्त हुआ था, जिसे सभी राजनैतिक दलों को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होने सभी राजनैतिक दलों से अपेक्षा  किया की वे तत्काल नवीनतम प्रारूप 1 व 2 पर (फोटोयुक्त) बी०एल०ए० की नियुक्ति कर सूची उपलब्ध करा दे एवं निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होने सभी राजनैतिक दलों से अपेक्षा है कि उन्हें निर्वाचक नामावली हार्ड/साफ्ट प्रति में उपलब्ध करायी गयी है, उसका गहनता से सत्यापन कर यदि कोई त्रुटि परिलक्षित हो तो लिखित रूप से अवगत करा दे ताकि उसे शुद्ध कराया जा सके ।

उन्होने कहा कि आगामी वाराणसी खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचन 2026 में सम्भावित है, जिस हेतु  मतदेय स्थलों के सत्यापन कराये जाने के निर्देश प्राप्त है। सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को मतदेय स्थलों की सूची संलग्न कर प्रेषित की गयी है। इसका सत्यापन कराकर यह देख ले कि यदि कोई भवन जर्जर हो अथवा पूर्व मतदेय स्थल के परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई मन्तव्य हो तो शीघ्र उपलब्ध करा दे ताकि समयान्तर्गत इस पर कार्यवाही की जा सके। उन्होने सभी राजनैतिक दलों से भी यह अपेक्षा है कि वे वाराणसी खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अन्तर्गत बनाये गये मतदेय स्थलों की सूची के अनुसार सत्यापन करा लें यदि इसके परिवर्तन के सम्बन्ध में कोई सुझाव/मन्तव्य हो तो लिखित रूप से जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करा दें ताकि समय पर इसकी जाँच कराकर परिवर्तन का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा सके। बैठक मे मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, राजेश कुमार यादव सपा, रविकान्त राय कांग्रेस, सुभाष राम बसपा, कमलेश प्रसाद कांग्रेस, प्रवीण सिंह भाजपा एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।