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मातृशक्ति की प्रेरणा का स्रोत रही महारानी अहिल्याबाई होल्कर

मातृशक्ति की प्रेरणा का स्रोत रही महारानी अहिल्याबाई होल्कर


गाजीपुर। राष्ट्र सेविका समिति का सात दिवसीय प्रारम्भिक वर्ग का शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह विभाग प्रचारक दीपक ने अपने समापन सत्र में बताया कि मातृ शक्ति की समाज में अहम भुमिका होती है जिसके निमार्ण के राष्ट्र सेविका समिति का गठन किया गया है। भारत की समाजिक व सास्कृतिक उददेश्य व परम्पराओ को निरन्तर चलायेमान रखने के लिए प्रारम्भिक वर्ग का आयोजन किया गया। मातृशक्ति जागरण के उददेश्य से चलाया जाना वाला अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। महारानी अहिल्याबाई होल्कर हमारे भारतीय जीवन मुल्यो का जिता जागता उदाहरण है, अहिल्या बाई होल्कर अपने परिवारिक, राजनैतिक, सामाजिक व धार्मिक कार्यो में जो सामनजस्य बैठाकर पर चलती उसका वो अदभूत उदाहरण है। उनकी न्यायप्रियता पूरे भारत मे प्रसिद्ध थी।

अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 में हुआ था, इनका विवाह बाजीराव पेशवा के सेनापति मल्हार राव होल्कर के पुत्र खोड़ेराव होल्कर के साथ हुआ। उन्होने शस्त्र विद्या व शास्त्र विद्या, राजनीतिक कौशल अपने ससुराल में सिखा। न्याय के लिए उन्होने अपने पति, अपने सांस व अपने पुत्र को भी आड़े नही आने दिया और उनकी न्यायप्रियता पूरे भारत में विख्यात हो गया। अन्त में धार्मिक उत्थान के लिए बारह ज्योर्तिलिग मे सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, उज्जेैन मंदिर के जिर्णोद्वार का कार्य किया जो आजतक अपना वजुद कायम रखे हुए है। उन्होने विधवा प्रथा व सती प्रथा का पूरजोर विरोध किया। इनकी मृत्यु 1775 में हो गयी। भारत में मातृशक्ति हमेशा पूजी जाती रही है। जो हमारी माताओ बहनो के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है। इस सात दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला कार्यवाहिका नीलम ने बताया कि
4 जनवरी को दोपहर 1 बजे से 10 जनवरी 2025 दोपहर 1 बजे तक राष्ट्र सेविका समिति का प्रारम्भिक वर्ग सत्यदेव डिग्री कॉलेज बोरसीया में किया गया। राष्ट्र सेविका समिति राष्ट्रीय चिंतन को दृष्टिगत रखते हुए शारीरिक ,बौद्धिक, मानसिक विकास के लिए 1936 से सतत कार्यरत है।

समिति शिक्षा वर्गाे से बहने अपने पारिवारिक ,सामाजिक राष्ट्रीय दायित्व के प्रति और अधिक सजग व सक्रिय होकर कार्य करती रहें। इसी अभिप्राय से यह प्रारंभिक शिक्षा वर्ग आयोजित कर के सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से दण्ड, एसटी, नियुद्ध, योग और स्वदेशी खेल सिखाया जाता है और गीतों और कहानी, बौद्धिक के माध्य्म से राष्ट्र भक्ति की भावना बहनो को सिखाया जाता है। इसमे दिनचर्या की समय सारिणी पहले ही तय कर लिया जाता है जिससे बहनो को बहुत आसानी से हर विषय की जानकारी दी जाती है। इस वर्ग में शिक्षार्थीयो की संख्या 60 है और शिक्षिकाओ की सँख्या 15 है। इस वर्ग को संगठन के दृष्टिकोण से संचालित करने में जौनपुर विभाग के मछली शहर जिला, जौनपुर जिला ,गाजीपुर जिला व सैदपुर जिला व नगर ,खंड की सभी दायित्ववान बहनो की सराहनीय भूमिका रही है।

गाजीपुर-चंदौली पुल पर आवागमन रहेगा बंद

गाजीपुर। अधिशासी अभियन्ता राजेश कुमार ने सर्वसाधरण को सूचित किया है कि जनपद चन्दौली एवं गाजीपुर के मध्य तहसील सकलडीहा के अन्तर्गत नगवां चोचकपुर घाट पर निर्मित पान्टूनपुल में वर्तमान में प्रयोग की जा रही चेकर्ड प्लेट को महाकुम्भ मेला-2025 में आवश्यकता के दृष्टिगत प्रयागराज भेजने हेतु लोक निर्माण विभाग उ०प्र० शासन से निर्देश प्राप्त हुए है। उक्त पान्टून पर 7.1.2025 से महाकुम्भ 2025 की समाप्ति तक आवागमन बन्द रहेगा। उक्त अवधि में पैदल यात्रियों हेतु नौका संचालन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

गाजीपुर और जौनपुर जिले के कार्यों की हुई समीक्षा, सभापति ने अफसरों दिया निर्देश

वित्तीय एवं प्रशासकीय विलम्ब समिति के सभापति की अध्यक्षता में सेवानिवृत्ति हुए कार्मिकों के पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य देयकों के लंबित प्रकरणों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आहूत

छात्रों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली छात्रवृत्ति के संबंध में आपसी समन्वय बनाते हुए एकीकृत प्रयास कर अधिकांश छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाने हेतु निर्देशित किया गया

समिति द्वारा पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य देयकों के लंबित प्रकरणों तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित भुगतान के मामलों को ससमय निस्तारण का निर्देश

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलम्ब समिति के सभापति पवन कुमार सिंह की अध्यक्षता व समिति के सदस्य विधान परिषद  कुँवर महाराज सिंह, विक्रांत सिंह ‘रिशु‘, विशाल सिंह चंचल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार गाजीपुर में बैठक में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ,पुलिस अधीक्षक डा.ईरज राजा तथा मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य द्वारा सभापति व सदस्यों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलम्ब समिति के अन्तर्गत जनवरी, 2019 से दिसम्बर, 2022 के मध्य विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्ति हुए कार्मिकों के पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य देयकों के लंबित प्रकरणों तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित भुगतान के मामलों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।


उक्त समीक्षा बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों के संबंध में बिंदुवार समिति को अवगत कराया गया। इस दौरान समिति के सभापति द्वारा अधिकांश विभागों के लंबित प्रकरण अवशेष न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की गयी। अधिकांश विभागों के जो भी प्रकरण लंबित थे, वे सभी शासन स्तर से लंबित हैं। सभापति द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक व समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा छात्रों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली छात्रवृत्ति के संबंध में सभी को निर्देशित करते हुए कहा कि आपसी समन्वय बनाते हुए एकीकृत प्रयास कर अधिकांश छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचायें।

उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि छात्रवृत्ति से संबंधित सभी विभागों की एक बैठक अवश्य करें। इसी प्रकार सभापति द्वारा कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पी0डब्ल्यू0डी0 विभाग सहित अन्य विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने विभाग की संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम जनमानस को लाभ पहुंचायें। उन्होंने कृषि विभाग के अन्तर्गत संचालित मिलेट्स कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्पादन कर रहे अधिक से अधिक कृषकों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने वन विभाग द्वारा कराए गए वृक्षरोपण के संबंध में निर्देशित किया कि रोपित किए गए पौधों का रख-रखाव हेतु विशेष उपाय किए जाए। उन्होने नगर पालिका परिषद से शहर क्षेत्रो मे साफ-सफाई की जानकारी लेते हुए कुड़ा निस्तारण का निर्देश दिया।

उन्होने कहा कि कुड़ा उठाने के बाद यदि किसी के द्वारा भी गंदगी या कुडा फेका जाता है तो चिन्हित करते हुए उस पर पेनाल्टी लगाई जाए।  इसी प्रकार उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, राजस्व सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरण जो न्यायालय के अधीन विचाराधीन हैं, उनके कारणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने हेतु संबंधित को निर्देशित किया। सभापति द्वारा विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि आगामी बोर्ड परीक्षा के दौरान सुबह-शाम बिजली उपलब्धता होना सुनिश्चित करें। गर्मी के दिनों में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु अभी से ग्रामीण ट्रांसफॉर्मर का अपग्रेडेशन करना सुनिश्चित करें। निजी ट्यूबवेल के आवेदन लंबित न हों, स्टोर पर सामान की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए ट्यूबवेल लगाए।


जौनपुर जिले की समीक्षा के दौरान सभापति ने कहा कि जौनपुर की भूमि फल एवं सब्जी के लिए बहुत ही उपजाऊ भूमि है अतः वहॉ अधिक से अधिक पैदावार किया जा सकता है। इस पर अधिकारी रूचि लेते हुए किसानो को जागरूक कर पैदावार बढवाने को कहा। बैठक की शुरुआत में सर्वप्रथम जौनपुर जिले की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें जिलाधिकारी दिनेश चन्द्र, पुलिस अधीक्षक डॉ कौशतुभ, मुख्य विकास अधिकारी साई तेजा शीलम द्वारा सभापति तथा सदस्यों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। समीक्षा बैठक में जनपद गाजीपुर  तथा जौनपुर  के जिलाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

एसपी और एडीएम ने हरी झंडी दिखाकर वहनों को किया रवाना

ग़ाज़ीपुर। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा एवं अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार द्वारा बुधवार को सड़क सुरक्षा अभियान को हरि झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया गया। इस अवसर पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी व यात्री/मालकर अधिकारी, तेज सिंह मोटर ट्रेनिंग स्कूल के अधिस्ठाता सहित अन्य लोग उपस्थित रहें। इस अवसर पर शहर के भिन्न-भिन्न चौराहों पर दो पहिया, चार पहिया वाहन चलाने वाले लोगो को विशेषकर जो बिना हेल्मेट, बिना सीट बेल्ट लगाये वाहन का संचालन करते है, उनको समझाया गया। बिना हेल्मेट वाले व्यक्तियों को रोककर पुष्प देकर सड़क सुरक्षा से बचने एवं घर से हेल्मेट पहनकर निकलने की सलाह दी गई। सड़क सुरक्षा अभियान 01 जनवरी 2025 से 31 जनवरी, 2025 तक चलाया जायेगा।

सड़क दुर्घटना से होने वाली मृत्यु को कम करने को लेकर सरकार के सर्वाेच प्राथमिकता को ध्यान में रखकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने पर जनपद के सभी अभिभावक, युवाओं स्कूल के प्रबन्धक/प्राचार्य से भी यह अपील किया गया कि अभिभावक अपने बच्चों को 18 वर्ष से पहले किसी भी दशा में किसी प्रकार के वाहन चलाने से मना करें। वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का प्रयोग न करें। हाईवे पर अपने-अपने लेन में ही वाहन चलायें। ओवर स्पीड से बचे, यातायात संकेतो का प्रत्येक दशा में पालन करें, नशे की दशा में कोई भी वाहन न चलाये। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा के कार्यक्रम तिथि वार जनपद के सभी तहसील, स्कूल पर भी आयोजित किये जाएगें। अन्त में सड़क  सुरक्षा को जन अभियान बनाने की अपिल किया गया।

अपराध निरोधक कमेटी ने फूल माला पहनाकर वाहन चालकों को किया जागरूक

गाजीपुर । उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति लखनऊ के चेयरमैन कमलेश श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला अपराध निरोधक कमेटी के जिला सचिव/जेल पर्यवेक्षक अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में बुधवार को जिला कमेटी द्वारा यातायात जागरूकता अभियान नगर के रौजा तिराहे पर चलाया गया, जिसमें एआरटीओ रमेश चंद्र श्रीवास्तव, यातायात सीओ बलराम ,यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी और जिला अपराध निरोधक कमेटी ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन नहीं करने पर चालकों को फूल माला पहनाकर और पंपलेट देकर जागरूक किया साथ ही कोहरे को देखते हुए गाड़ियों पर रिफ्लेक्टर भी लगाया। इस कार्यक्रम के अंत में अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारी द्वारा स्मृति चिन्ह और बुके देखकर अधिकारियों को प्रति आभार व्यक्त किया गया।

एआरटीओ रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि अपराध निरोधक समिति बहुत ही अच्छा कार्य कर रही है। हम उनकी इस कार्य की सराहना करते हैं। आप सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें। जोनल सचिव वाराणसी जोन के सचिव संजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह संस्था शासन द्वारा संरक्षित जेल मैनुअल के अनुसार कार्य करती है। जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास एवं देख रेख के साथ साथ शासन प्रशासन के हर कार्य में सहयोग कर जनता को सरकार की नितियों के प्रति जागरूक करती है। इस मौके पर सुनील गुप्ता, मदन मोहन सिंह ,विनीत चौहान, सुजीत कुमार सिंह, सुभाष कुमार, पवन मिश्रा, सुनील कुमार सिंह,अभिषेक सिंह,विनीत दुबे,मुकेश उपाध्याय,शेरशाह,पंकज पांडे , इंद्र बहादुर सिंह,प्रभाकर सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

विनय कुमार सिंह उर्फ शिवजी सिंह का निधन क्षेत्र में शोक की लहर

प्रमुख व्यवसाई विनय कुमार सिंह उर्फ शिवजी सिंह का निधन क्षेत्र में शोक की लहर


गाजीपुर। भाजपा नेता बिरनो ब्लाक प्रमुख राजन सिंह के पिता विनय कुमार सिंह उम्र 82 वर्ष का मंगलवार रात्रि 2 बजे चिकित्सा के दौरान लखनऊ में निधन हो गया। पार्थिव शरीर लखनऊ से पूर्वाह्न 11-00 बजे उनके पैतृक निवास बिरनो थाना क्षेत्र के बद्धुपुर तथा वहां से अपराह्न में गाजीपुर नगर के सकलेनाबाद स्थित आवास पर दर्शनार्थ लाया गया। विनय कुमार सिंह अपने पिछे पत्नी विमला सिंह दो पुत्र व तीन पुत्रियों को छोड़ गए हैं। इस दुःखद घटना की सूचना तथा बद्धूपुर निवास पर पार्थिव शव के पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। मुखाग्नि ज्येष्ठ पुत्र ब्लाक प्रमुख राजन सिंह ने दिया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, एमएलसी विशाल सिंह चंचल, विनोद अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह, रामनरेश कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल, शशिकान्त शर्मा, कर्मवीर सिंह, अभिनव सिंह, अंशु सिंह, योगेश सिंह, प्रोफेसर हरिकेश सिंह, हिमांशु सिंह, ब्लॉक प्रमुख रेवतीपुर अजिताभ राय, चतुर्भुज चौबे, डा प्रदीप पाठक, ब्लॉक प्रमुख मुहम्मदाबाद अवधेश राय, राघवेंद्र सिंह, अभिमन्नु सिंह मन्नू, धर्मेंद्र शर्मा, सत्येंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, राजेश चौहान सहित भाजपा नेताओं ने श्मशानघाट पहुंच कर शोक व्यक्त किया।

जीआरपी पुलिस ने स्टेशन से किया गिरफ्तार

गाजीपुर। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग गोरखपुर और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया के कुशल निर्देशन में जीआरपी थानाध्यक्ष राज कुमार के नेतृत्व में महाकुम्भ 2025 के दृष्टिगत रेलवे स्टेशन के समस्त प्लेटफार्मो, सर्कुलेटिंग एरिया आदि स्थानो पर रात्रि चेकिंग किया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना के आधार पर अभियुक्त सोनू राम पुत्र स्व0 सुखारी राम निवासी टैक्सी स्टैण्ड ओवर ब्रिज के नीचे माल गोदाम रोड थाना कोतवाली उम्र 25 वर्ष को प्लेटफार्म संख्या 04/05 के फुट ओवरव्रिज के नीचे से गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से एक 315 बोर का देशी तमन्चा व 02 जिंदा कारतुस 315 बोर का बरामद हुआ। जिस पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 03/2025 धारा 3/25 आयुध अधिनियम पंजीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही किया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्त पर थाना कोतवाली सहित जीआरपी थाने पर मुकदमा दर्ज है। इस दौरान हे0का0 महेन्द्र यादव , हे0का0 राजकमल वर्मा व का0 मनीष कुमार यादव शामिल रहे।

एकमुश्त समाधान योजना को देखते हुए रविवार और सोमवार को भी खुला रहेगा ऑफिस

एकमुश्त समाधान योजना को देखते हुए रविवार और सोमवार को खुला रहेगा ऑफिस

गाजीपुर। विद्युत वितरण मंडल गाजीपुर के अधीन सम्मत खंड कार्यालय,उपखंड कार्यालय सहित सभी कैश काउंटर प्रतिदिन की भांति रविवार एवं सोमवार को भी एकमुश्त समाधान योजना को देखते हुवे खुला रहेगा जिसमें समस्त विभागीय कार्य संपादित होंगे। वहीं सभी कैश काउंटर पर उपभोक्ताओं के बिल भी जमा होंगे। अधिशाषी अभियंता द्वितीय आशीष शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा एकमुश्त समाधान योजना लागू है जिसमें रविवार एवं सोमवार को सभी खंडों,उपखंडों तथा कैश काउंटर हर दिन के भांति इस दिन भी खुला रहेगा जिसमें समस्त विभागीय कार्य सुचारू रूप से संपादित होंगे वहीं सभी जगह कैश काउंटर भी खुला रहेगा जिसमें समस्त बकायेदार उपभोक्ता अपना बिल जमा करके एकमुश्त समाधान योजना का लाभ ले सकते है।
वही विद्युत चेकिंग अभियान भी विद्युत बकायेदारों के खिलाफ चलाई जाएगी एवं बिल बकाए पर धारा 138B के तहत मुकदमा भी पंजीकृत होगा। वही बकायेदार उपभोक्ताओं से अपील किया कि जिसका भी बिल बाकी है वे लोग नजदीकी उपकेंद्र या कैश काउंटर पर जाकर अपना बिल जमा कर दे वही ऑनलाइन,सहज जनसेवा केंद्र पर भी ओटीएस का लाभ मिल रहा है वहा पर भी अपना अपना बिल जमा कर सकते है।

प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों संग की बैठक

गाजीपुर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प व न्यायालय शुल्क पंजीयन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार /जनपद  के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने शनिवार को जिला योजना समिति की बैठक में शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक मे राज्य सभा सांसद डा0 संगीता बलवंत, बलिया सांसद सनातन पाण्डेय, एम एल सी विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, विधायक जमानियां ओम प्रकाश सिंह, विधायक सदर जैकिशुन साहू, विधायक जंगीपुर डा0 वीरेन्द्र यादव, विधायक जखनियां बेदीराम, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल,  नामित जिला पंचायत सदस्य एंव पुलिस अधीक्षक डा0ईरज राजा, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी वि0रा0 दिनेश कुमार, अर्थ एवं संख्या अधिकारी चन्द्रशेखर प्रसाद एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा मे प्रभारी मंत्री ने कृषि, उद्यान, गन्ना, पशुपालन, दुग्ध,वन सहाकारिता, मत्स्य, ग्राम्य विकास विभाग, मनरेगा, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायती राज विभाग, निजी लघु सिंचाइ, राजकीय नलकूप, अतिरिक्त उर्जा स्रोत नेडा एवं पीएम सूर्यघर, लो0नि0वि0, खादी एव ग्रामोद्योग विभाग, रेशम उद्योग, पर्यटन, बेसिक, माध्यमिक शिक्षा, खेलकूद, युवा कल्याण, जिला उद्योग, सेवायोजन, चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य,होम्योपैथिक,आयुर्वेदिक, नगर विकास, समाज कल्याण, पिछड़ावर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन, महिला कल्याण एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की द्वारा संचालित विभागीय योजनाओ की प्रगति जानी एवं सम्बन्धित अधिकारियों कोे विभागीय योजनाओं के त्वरित गति से क्रियान्वित कराये जाने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सभी अधिकारी कर्मचारी सकारात्मक पहल करते हुए समाज के अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करतें हुए सभी अपने दायित्वों का निर्वहन करें। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा लोगों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलायें। उन्होने निर्देश दिया कि जो भी शासन की योजना प्रस्तावित होती है तो उसकी सूची से जनप्रतिनिधियो को अवश्य अवगत कराये। उन्होने निर्देश दिया कि ग्रामीण अंचलो मे जैविक खेती को बढावा देने एवं पॉली हाउस के लिए चौपाल लगाकर किसानो का जागरूक किया जाये तथा चौपाल मे जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाये। किसानो के गन्ना के भुगतान मे किसी प्रकार की ढिलाई न हो समय से भुगतान किया जाये। उन्होने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए  निर्देश दिया पशुपालको को गंगातीरी गाय की दूध की उपयोेगिता के बारे मे लोगो को जागरूक किया जाये, उन्होने कहा कि बी एच यू के वैज्ञानिको द्वारा शोध कर बताया गया कि गंगातीरी पशुओ के दूध मे कैसर से लड़ने मे क्षमता होती है। उन्होने झांसी मे 54 किस्म घास के बारे मे जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग एवं उद्यान विभाग की खाली पड़ी भूमि पर उक्त घास लगाने का निर्देश दिया । उन्होने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया गॉव के बाजारो को चिन्हित करते हुए महिलाओ के लिए शौचालय का निर्माण कराया जाये जिससे बाजार आने जाने वाले महिलो को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होने नगर विकास की समीक्षा के दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद गाजीपुर को चेयरमेन के साथ नगर के विकास हेतु समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि विकास भवन मे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन दिव्यांग पेंशन हेतु विकास भवन मे एक कम्प्यूटर आपरेटर तैनात कर लाभार्थियो का पोर्टल के माध्यम से फार्म फीड किया जाये जिससे आने वाले गरीब लाभार्थियो को अन्यत्र खर्च न करना पड़ेइसके साथ ही कहा कि ग्राम सचिवालय पर सरकार की लाभपरक योजनाओ की वाल पेंटिग करायी जो जिससे ग्रामीण अंचलो के लोगो सरकार की योजनाओ की जानकारी लेने मे सुविधा हो सके। बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त प्रस्ताव से शासन को अवगत करते हुए कार्य कराने का निर्देश दिया। बैठक मे जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने पी पी टी के माध्यमे से जनपद मे संचालित विभागीय योजनाओ के क्रियान्वयन एवं प्रगति के सम्बन्ध मे मंत्री को अवगत कराया ।

कृषि विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत जनपद के 426533 कृषकों को भारत सरकार द्वारा 18वी किस्त के माध्यम से रू० 1501.20 करोड़ का भुगतान किया गया है। जनपद में पी० एम० कुसुम के अन्तर्गत योजना प्रारम्भ से अब तक 733 कृषकों को लाभान्वित किया जा चुका है। वर्तमान में सोलर पम्प की बुकिंग प्रक्रियाधीन है अब तक 194 सोलर पम्प की बुकिंग की जा चुकी है। आत्मा योजनान्तर्गत खण्ड प्रर्दशन, किसान गोष्ठियां एवं कृषक संवाद आदि कराकर रबी के सीजन में 8972 कृषकों को लाभान्वित किया गया है। जैविक खेती योजनान्तर्गत 20 क्लस्टर (20 हे0 प्रति क्लस्टर) में जैविक खेती करायी गयी है।


उद्यान विभाग ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अन्तर्गत 78 हे0 में फलदार पौधरोपण यथा-केला, पपीता, करौंदा, कटहल, ड्रैगन फूट एवं इमली की खेती करायी गयी है। 125.00 हे0 में शाकभाजी क्षेत्र विस्तार एवं 1230.00 हे0 में मसाला क्षेत्र विस्तार (प्याज एवं मसाला मिर्च) कराया गया है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत 37 हे0 में पुष्प क्षेत्र विस्तार की खेती करायी गयी है।. 1500 वर्गमी० में पॉलीहाउस (संरक्षित खेती) का निर्माण कराया गया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत 13.14 हे0 में 12 कृषकों को ड्रिप सिस्टम, 98.31 हे0 में 73 कृषकों को मिनी स्प्रिंकलर एवं 532.30 हे0 में 479 कृषकों को पोर्टेबल स्प्रिंकलर की स्थापना करायी गयी है।
 
गन्ना विभाग ने बताया कि उन्नतशील गन्ना बीज के अन्तर्गत आधार एव प्राथमिक पौधशाला धारक कृषकों द्वारा प्रमाणित बीज वितरण पर क्रमशः रू. 50 प्रति कुन्तल एवं रू. 25 प्रति कुन्तल अनुदान दिया जाता है। बीज एवं भूमि उपचार तथा पेड़ी प्रबन्धन हेतु गन्ना को रोग व कीट प्रकोप से बचाने हेतु सम्बन्धित कीटनाशक एव दवा अनुदान पर गन्ना कृषको को प्राप्त कराया जाता है। जैव उर्वरक एवं वर्मी कम्पोष्ट को गन्ना के खेतों में प्रयोग हेतु अनुदान दिया जाता है, जो मूल्य का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम् रू. 600/प्रति हे. जो कम हो देय होगा। शासनादेश के अनुसार वानिकी मद का पैसा चालान द्वारा सीधे वन विभाग को उपलब्ध करा दिया जाता है। जनपद गाजीपुर में गन्ना विकास विभाग की दो योजनाएं संचालित होती है, क्रमशः 1- जिला योजना 2- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला योजनान्तर्गत गन्ना कृषकों की आमदनी बढ़ाने हेतु एवं कृषकों को प्रोत्साहित किये जाने हेतु अनुदान के रूप में कुल लक्ष्य धनराशि रू0 4.63 लाख के सापेक्ष रू0 2.98 लाख सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से 152 कृषकों के खाते में प्रेषित किया गया है, जिससे कृषकों की आय में वृद्धि होगी परिणाम स्वरूप कृषक खुशहाल एवं समृद्ध होंगे।

पशु पालन विभाग ने बताया कि जनपद में कुल 104 पशु चिकित्सालय इकाई है (52 चिकित्सालय, 48 पशु सेवा केन्द्र एवं 04 द श्रेणी के पशु चिकित्सालय) संचालित है, जिन पर 28 पशु चिकित्साधिकारी एवं 28 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात है। जनपद में 60 गौशालाओ (06 स्थायी एवं 54 अस्थायी) में 6875 निराश्रित गोवंश संरक्षित है। जनपद में एक स्थायी गोशाला (कुसेहरा मरदह) निर्माणाधीन है। जनपद में वर्ष 2021 सें माह अक्टूबर, 2024 तक 16242 किसान क्रेडिट कार्ड निर्गत किया जा चुके है। 16 विकास खण्ड में बहुउद्देशीय सचल वाहन उपलब्ध है जिनके द्वारा ग्रामों में कैम्प लगा कर पशुओं का चिकित्सा एवं टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। मोबाइल वेटेनरी यूनिट (एम्बुलेन्स) जिले के 4 तहसील (जखनियाँ, जमानियाँ, सैदपुर, एवं सदर) एवं 5 विकास खण्ड (भॉवरकोल, मरदह, बाराचवर, मनिहारी एवं रेवतीपुर) में उपलब्ध है, जिसके टोल फ्री नम्बर 1962 पर ग्रामीणों द्वारा काल कर चिकित्सा का लाभ लिया जा रहा है।

दुग्ध विभाग ने बताया कि जनपद में वर्ष 2022-23 में कुल दुग्ध उपार्जन 3751 ली० प्रतिदिन एवं वर्ष 2023-24 में 20533 ली० प्रतिदिन था, जो वर्तमान वर्ष में बढ़कर 20585 ली० प्रतिदिन हो गया है। जनपद में 148 सक्रिय दुग्ध समितियां हैं। दुग्ध संघों / समितियों का सुदृढ़ीकरण, पुनर्गठन एवं विस्तार योजनान्तर्गत लक्ष्य के सापेक्ष 04 समितियों का गठन एवं 07 का पुर्नगठन किया गया है। योजनान्तर्गत यातायात (दुग्ध परिवहन व्यय), कार्यशील पूंजी एंव प्रबन्धकीय अनुदान पर पूर्व से संचालित 148 समितियों पर रू0 177.41 की धनराशि व्यय की गयी है। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उत्पादकों/समितियों को तकनीकी निवेश के अन्तर्गत 2052 दुग्ध उत्पादक सदस्यों को पशु आहार, थनैला नियन्त्रण, टिक कन्ट्रोल एवं डिवार्मिंग हेतु दवा वितरण का कार्य किया जाना है। रू0 8.70 लाख की धनराशि का क्रयादेश निर्गत कर दिया गया है। कृषक को प्रशिक्षण हेतु रू0 3.53 लाख की धनराशि व्यय की गयी है।

सहकारिता विभाग ने बताया कि जनपद में कुल 155 सक्रिय सहकारी समितियां संचालित हैं। आर०के०वी०वाई योजनान्तर्गत जनपद में 02 गोदामों का निर्माण यूपीसीएलडीएफ द्वारा कराया जा रहा है। 1. बी-पैक्स भैरोपुर, विकास खण्ड-बिरनो 100 मै०टन० गोदाम का लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। 2. बी-पैक्स मनिया, विकास खण्ड- भांवरकोल 250 मै०टन० गोदाम का निर्माण कार्य अनारम्भ है। अवशेष धनराशि की मांग हेतु उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रेषित किये जा चुके हैं। जनपद से मरम्मत /सुदृढ़ीकरण हेतु 6 बी-पैक्स का रू0 60.00 लाख का आगणन स्वीकृति हेतु सहकारिता विभाग को प्रेषित किया गया है।


 
मस्त्य विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा एवं मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत इस वर्ष लक्ष्य आवंटित नहीं हुये हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के अवशेष लाभार्थियों की रू0 133.86 लाख की देयता के भुगतान हेतु धनराशि अप्राप्त है। मांगपत्र प्रेषित है।

ग्राम्य विकास विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकास खंड देवकली, विरनो, मनिहारी और सैदपुर के कुल 30 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत जूट वाल हैंगिंग का कार्य सफलता पूर्वक किया जा रहा है तथा इसके साथ ही अपने उत्पाद को विभिन्न सरस मेलों के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में बिक्री कर अपनी आजीविका में वृद्धि की जा रही है। उक्त के अतिरिक्त महिलाओ दवारा जूट बैग, जूट फोल्डर, जूट की चिडिया, जूट की दरी आदि का भी निर्माण कर उनका विपणन कर प्रति सदस्य 05 से 06 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी कर रही है।

ग्राम्य विकास विभाग वर्ष 2024-25 मे, 51 अमृत सरोवर, 465 चकबन्ध कार्य, 20 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण, 30 व्यक्तिगत तालाब, 301 सामुदायिक तालाब, 27 खेल मैदान, 31 बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण, 15 गौआश्रय स्थल का निर्माण, 171 आंतरिक गलियों का निर्माण, 790 नालियों का निर्माण, 02 समूह भवन का निर्माण तथा महिला सशक्तिकरण के अन्तर्गत 86393 महिलाओं को रोजगार दिया गया, जो कि कुल लक्ष्य का 46 प्रतिशत है।

लघु सिचाई ने बताया कि नलकूप खण्ड-प्रथम में कुल 7 अदद एवं नलकूप खण्ड-द्वितीय में कुल 06 अदद राजकीय नलकूपों के गुलों की मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।

 ग्रामोद्योग विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना अन्तर्गत कुल 11 इकाईयों के लक्ष्य के सापेक्ष 12 की पूर्ति हुयी है। 33 ऋण आवेदन पत्र बैंक के पास लम्बित है। योजनान्तर्गत अवमुक्त धनराशि से गत वर्षों की 11 इकाईयों को ब्याज उपादान की धनराशि निर्गत की गयी है। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना अन्तर्गत 04 के लक्ष्य के सापेक्ष 14 पत्रावलियाँ बैंक को प्रेषित की गयी है। जिसमें 08 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत / वितरित है।

रेशम विभाग ने बताया कि जनपद में 300 रेशम उत्पादक कृषक हैं। जनपद में रेशम विभाग के 04 फार्म (सकरा, सवना, धरवों एवं खादीमान कटघरा) स्थापित हैं जिनके माध्यम से वर्ष में 04 फसलों में रेशम कीट पालन का कार्य कराया जाता है। जनपद में इस वर्ष 03 फसलों के माध्यम से 23426 किग्रा कोया उत्पादन किया गया है।

बेसिक शिक्षा ने बताया कि जनपद के समस्त 2266 विद्यालयों में 19 पैरामीटर के तीन बिन्दु (फर्नीचर, चहारदीवारी व कक्षा-कक्ष में टाईलीकरण) को छोड़कर समस्त पैरामीटर पूर्ण है। इस वर्ष में दिनांक 27 व 28 नवम्बर 2024 को निपुण आंकलन परीक्षा संपन्न हुई है। 8 परिषदीय विद्यालयों में फर्नीचर हेतु धनराशि सितम्बर 2024 में प्राप्त हुयी है। निविदा की कार्यवाही गतिमान है। उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सदर, बाराचवर, भॉवरकोल व मोहम्मदाबाद के निर्माण हेतु सीएनडीएस को नामित किया गया है। उक्त चारो विद्यालयों का निर्माण कार्यदायी संस्था द्वारा आरम्भ कर दिया गया है।

जनपद में कुल 2266 (1462 प्राथमिक विद्यालय, 350 उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं 454 कम्पोजिट विद्यालय) संचालित है। जनपद के कुल 2266 विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत 19 पैरामीटर के तीन बिन्दु (फर्नीचर, चहारदीवारी एव कक्षा-कक्ष में टाइलीकरण) को छोड़कर समस्त पैरामीटर पूर्ण है। निपुण परीक्षा आकलन दिनांक 27 व 28 नवम्बर 2024 को संपन्न हुई है। जनपद के समस्त परिषदीय छात्र-छात्राओं को पुस्तक का वितरण शत-प्रतिशत किया जा चुका है साथ ही लगभग 85 प्रतिशत छात्रों के ड्रेस हेतु धनराशि उनके अभिभावक के खाते में प्रेषित की जा चुकी है।

 माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि मध्यमिक शिक्षा परिषद् द्वारा संचालित कुल 1013 माध्यमिक विद्यालय है, जिसमें से 28 राजकीय माध्यमिक विद्यालय 96 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और शेष 889 वित्त विहीन विद्यालय है। 28 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 7,933 विद्यार्थी नामांकित है, जिनको पढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों के कुल 163 अध्यापक कार्यरत है।. जनपद में कुल 96 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कुल 81656 छात्र/छात्राए नामांकित है, जिनको शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न विषयों के कुल 1412 अध्यापक कार्यरत है। जनपद में कुल 889 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित है, जिनमे कुल 189543 छात्र/छात्रा नामांकित है और शिक्षा ग्रहण कर रहे है । माध्यमिक विद्यालयों में सामान्य विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न ट्रेडों की भी पढ़ाई होती है।

खेल विभाग ने बताया कि खेल विभाग द्वारा बहुउद्देशीय क्रीड़ा हाल का निर्माण कार्य चल रहा है। स्व0मेघबरन सिंह हॉकी स्टेडियम करमपुर सैदपुर मे हॉकी मैदान की चेनलिंक फेनसिंग को बदलना है। हॉकी मैदान के चारों तरफ निर्मित नाली पर कवर लगाने का कार्य, हॉकी एस्ट्रोटर्फ के चारों तरफ इण्टरलॉकिंग बिछाने का कार्य, आन्तरिक एवं बाह्क विद्युतीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था का कार्य, सतही जल निकास हेतु नाली का निर्माण कार्य चल रहा है। जलापूर्ति हेतु बोरिंग एवं पम्प की व्यवस्था, मल्टिपरपज हाल तक पहुँच मार्ग हेतु सी०सी० रोड का निर्माण कार्य।

उद्योग विभाग ने बताया कि जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, गाजीपुर जनपद में रू0 3467.90 करोड़ की धनराशि के 326 एमओयू गठित हुये थे जिसके सापेक्ष रू0 572.40 करोड़ की धनराशि के 96 एमओयू जीबीसी हेतु तैयार है। रू0 256 करोड़ की धनराशि के 74 एमओयू क्रियान्वित हो चुके है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत शासनादेश दिनांक 04 अक्टूबर, 2024 को निर्गत हो चुका है। ऑनलाईन आवेदन प्राप्त करने हेतु मुख्यालय स्तर पर पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जनपद में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र में हेल्प डेस्क एवं उद्यमी मित्र की तैनाती है।

सेवायोजना विभाग ने बताया कि जिला सेवायोजन अधिकारी, गाजीपुर कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह निजी कम्पनी/नियोजकों को आमंत्रित कर रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है, जिसमें हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट, स्नातक, आई०टी०आई०, डिप्लोमा, कौशल प्रशिक्षण प्राप्त एवं अन्य शैक्षिक योग्यताधारी अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रोजगार मेला का वार्षिक लक्ष्य 26 एवं चयनित अभ्यर्थियों को वार्षिक लक्ष्य 2950 के सापेक्ष नवम्बर, 2024 तक 27 रोजगार मेला के माध्यम से विभिन्न कम्पनियों द्वारा कुल 2633 अभ्यर्थियों का चयन किया गया।

होम्योपैथी(आयुष) विभाग- कुल चिकित्सालयों की संख्या – 27, कुल चिकित्साधिकारियों की संख्या – 26, प्रतिदिन प्रति चिकित्सालय सेवित औसत रोगियों की संख्या- 65 (ओ०पी०डी०)।

जनपद में संचालित कुल आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की संख्या-45 (कुल शासकीय भवनों की संख्या-12 एवं निर्माणाधीन भवनों की संख्या-07) शेष चिकित्सालय पी०एच०सी०/ पंचायत भवन में संचालित हो रहे हैं। 25 शैय्या चिकित्सालयों की संख्या-01, 15 शैय्या चिकित्सालयों की संख्या-02, 04 शैय्या चिकित्सालयों की संख्या-37 एवं बहिरंग चिकित्सालयों की संख्या-05, कुल चिकित्सालयों की शैय्या-203 कुल स्वीकृत चिकित्साधिकारी का पद-48 कुल भरे पद-36 विकास खण्डवार आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा (संख्या) – जखनियां-02, मनिहारी-01, सादात-0, सैदपुर-06, देवकली-05, बिरनो-03, मरदह-01, गाजीपुर सदर-03,  करण्डा-03,. कासिमाबाद-02, बारचवर-02, मुहम्मदाबाद-06, भावरकोल-03, जमानिया-02, रेवतीपुर-03,  भदौरा-03 चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है। ग्रामीण चिकित्सालयों की संख्या-41 एवं नगरी चिकित्सालयों की संख्या-04 कुल समस्त चिकित्सालय-45 है।

समाज कल्याण विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजनान्तर्गत गत वर्ष 551 को लाभान्वित किया गया था। इस वर्ष माह दिसम्बर 2024 तक 333 व्याक्तियों को लाभान्वित किया जा चुका है। गत वर्ष 33702 नवीन पेंशन स्वीकृत की गयीं थी। इस वर्ष माह दिसम्बर 2024 तक 27072 पेंशन स्वीकृत की जा चुकी है। गत वर्ष 296 अत्याचार से उत्पीड़ित व्यकितयों को लाभान्वित किया गया था। इस वर्ष माह दिसम्बर 2024 तक 78 व्यक्तियों को लाभान्वित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत कुल 1235 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया था। इस वर्ष 1575 का विवाह सम्पन्न कराये जाने हेतु तैयारियों पूर्ण कर ली गई है। माह दिसम्बर तक कुल 242 जोडों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1003 लाभार्थियों को शादी अनुदान की धनराशि (रू0 20,000.00 की दर) निर्गत की गयी है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह तक 954 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। ओ,लेवल एवं सी०सी०सी० कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 651 को लाभान्वित किया गया था। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में माह तक 900 को लाभान्वित किया जा चुका है। पूर्वदशम योजनान्तर्गत कक्षा 9-10 के छात्रों का 12829 आवेदन पत्रों को अग्रसारित किया गया है तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत कक्षा 11-12 के 8718 आवेदन पत्र अग्रसारित किया जा चुका है। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पात्र छात्र/छात्राओं द्वारा आनलाइन आवेदन किया जा रहा है, जो 15 जनवरी, 2025 तक किये जायेंगे।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा  प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजनाअन्तर्गत राजकीय महिला महाविद्यालय गाजीपुर में 100 बेडेड छात्रावास एवं मल्टीपरपज क्रांफेस हाल योजना निर्माणाधीन है । वित्तीय वर्ष 2024-25 मे अल्पसंख्यक विभाग से संचालित पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छावृत्ति छात्र/छात्राओं द्वारा आवेदन की प्रक्रिया जारी है। छात्रवृत्ति पोर्टल पर फाईनल समिट किये गये आवेदनों को शिक्षण संस्थाओं द्वारा अपनी लॉगिन के क्रमशः ऑनलाईन रिसीव, वेरीफाई तथा अग्रसारित/निरस्त किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा गत वित्तीय वर्ष में 792 नवीन पेंशन स्वीकृत की गयी थी। इस वर्ष माह तक 23 दुकानों हेतु अनुदान दिया जा चुका है। इस वर्ष माह तक कृत्रिम अंग एवं उपकरण वितरण हेतु 420 व्यक्तियों का चिन्हांकन पूर्ण हो गया है, जिसके सापेक्ष क्रय की कार्यवाही प्रचलित है तथा समयान्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में वितरण सुनिश्चित कर लिया जायेगा।

महिला कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2024-25- गत वर्ष 4162 एवं वित्तीय वर्ष में माह तक निराश्रित महिला पेंशन के 2601 नये लाभार्थी जोड़े गये हैं।  कन्या सुमंगला योजना प्रारम्भ से अब तक 29413 लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है।

 बाल विकास पुष्टाहार विभाग
आंगनबाड़ी में बेहतर वातावरण तैयार करने एवं कुपोषण से लड़ाई में नवाचार- माननीय राज्यपाल महोदया द्वारा सी०एस०आर० फण्ड से कुल 95 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्री-स्कूल किट का वितरण, लर्निंग लैब के अन्तर्गत प्रथम फेज में कूल 16 विकास खण्डों के 16 केन्द्रों पर लर्निंग लैब हेतु कार्य पुर्ण कराया गया तथा द्वितीय फेज में कुल 80 केन्द्रों पर कायाकल्प का कार्य आरम्भ है। ड्राई राशन वितरण के अन्तर्गत 0-6 वर्ष के बच्चों तथा गर्भवती / धात्री महिलाओं को ड्राई राशन से लाभान्वित किया जाता है। बच्चों में एनीमिया एवं कुपोषण कम करने के लिए संभव अभियान के अन्तर्गत 06 दवाओं की किट का वितरण किया गया है।
बैठके उपरान्त आाभार जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने व्यक्त किया ।

कीटनाशकों का मछलियों की जीवन क्षमता और वृद्धि, पर पड़ता है हानिकारक प्रभाव

कीटनाशकों का मछलियों की जीवन क्षमता और वृद्धि, पर पड़ता है हानिकारक प्रभाव: विजय शंकर गिरी

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे विज्ञान संकाय के जन्तु विज्ञान विषय के शोधार्थी विजय शंकर गिरी ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक “गाज़ीपुर जिले में गंगा नदी में मछली कतला कतला की शारीरिक गतिविधियों पर कीटनाशकों का प्रभाव” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि गंगा नदी में औद्योfगक क्षेत्रों और कृfष क्षेत्रों में प्रयोग होने वाले कीटनाशक पदार्थ वर्षा एवं बाढ़ के द्वारा पहुंच रहे हैं जिनसे जलीय परतंत्र दुष्प्रभावित हो रहा है। प्रस्तुत शोध प्रबंध में गंगा के जल का विभिन्न मानकों पर परीक्षण करके कतला कतला मछली जिसे भांकुर भी कहा जाता है उसे गंगा नदी से एकत्रित करके कीटनाशक जैसे फेनिट्रोथियन, कार्बोफ्यूरॉन (फुरडॉन), बीएचसी (बेंजीन हेक्साक्लोराइड) जिसे लिंडेन कहते है को अलग-अलग मात्राओं में रखकर मछली के अंदर अनेक दुष्प्रभाव का अध्ययन किया और निष्कर्ष निकाला कि कीटनाशकों का मछलियों की शारीरिक क्रियाओं पर स्थायी और अस्थायी प्रभाव पड़ता है, जो उनकी जीवन क्षमता, वृद्धि, और आबादी को नुकसान पहुंचाता है। इससे पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो जाता है, घातक रसायनों के संपर्क में आने पर मछलियों के विभिन्न शारीरिक तंत्र प्रभावित होते हैं, ये मछलियों के तंत्रिका तंत्र को बाधित कर देते हैं, जिससे असामान्य व्यवहार, मांसपेशियों में झटके, और गति में कमी हो जाती है। कीटनाशक जल में घुले होने पर ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी हो जाती हैं। इससे मछलियों के गलफड़े (gills) प्रभावित होते हैं, और उन्हें श्वसन में कठिनाई होती है, ऑक्सीजन की कमी से ऊर्जा उत्पादन में कमी हो जाती है जिससे अंगों में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और शरीर के अंग ठीक से कार्य नहीं कर पाते। उनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हो जाता हैं, जिससे वे संक्रमण और बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी विजय शंकर गिरी ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति के चेयरमैन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक डॉ० इन्दीवर रत्न पाठक, जन्तु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० रागिनी अहिरवार प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० रविशेखर सिंह, डॉ० अमरजीत सिंह ,डॉ०कमलेश, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ०धर्मेंद्र, डॉ० प्रदीप रंजन, डॉ० उमा निवास मिश्र, प्रदीप सिंह, एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत मे जन्तु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ० रागिनी अहिरवार ने सभी का आभार व्यक्त किया और संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।