All posts by tiwarishivpratap

राजतिलक की तैयारी, मंथरा कैकेई संवाद, कोप भवन लीला का किया गया मंचन

राजतिलक की तैयारी, मंथरा कैकेई संवाद, कोप भवन लीला का मंचन किया गया।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के चौथे दिन 1 अक्टूबर मंगलवार शाम 7:00 बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर राजतिलक की तैयारी, मंथरा कैकेई संवाद एवं कोप भवन के लीला का मंचन हुआ। मन्चन से पूर्व कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ0गोपाल जी पांण्डेय, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री पं0 लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा प्रभु श्रीराम सीता लक्ष्मण का आरती पूजन किया गया। पूजन आरती बाद लीला की शुरुआत बन्दे बाणी विनायकौ आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा शुभारंभ हुआ।

मन्चन में दर्शाया गया की एक बार चक्रवर्ती महाराज दशरथ अपने मंत्रियों के साथ अपनी राज दरबार में बैठकर विचार विमर्श कर रहे थे। धीरे-धीरे बुढ़ापा का असर शुरू हो गया है। विचार किया कि अयोध्या का राजतिलक राम को सौप कर इस नश्वर शरीर को भगवत भजन में लगाना चाहिए। इस बात को सोचकर महाराज दशरथ अपने मंत्री व दरबारियों के साथ कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ के आश्रम पर पहुंच कर वे गुरुदेव की चरण वंदना करके बोले कि मुझे धीरे-धीरे बुढ़ापा महसूस हो रहा है। मैंने सोचा है कि अयोध्या का राजपाठ अपने बड़े पुत्र राम को देकर मैं भगवत भजन में समय बिताऊ। महाराज दशरथ की बात को सुनकर गुरुदेव महर्षि वशिष्ठ ने महाराज दशरथ से कहा कि हे राजन आपका विचार बहुत ही उत्तम है। अयोध्या का राज आपके बड़े पुत्र राम ही संभाल सकते हैं। आप जल्द से जल्द अयोध्या का राजपाठ राजतिलक कर अपने बड़े पुत्र राम को सौंप दें। गुरुदेव की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ अपने दरबार में आकर राजतिलक की तैयारियां शुरू करवाते हैं।

उधर दासी मंथरा किन्हीं कारणवश नगर में घूमते हुए पहुंच गई। उसने देखा कि अयोध्या नगर ध्वजा पताकाओं से सजा हुआ है। उसने नगर वासियों से पूछा कि नगर क्यों सजाया गया है तो पुरवासियों ने बताया कि राम के राजतिलक की तैयारी की जा रही है। कल सुबह महाराज द्वारा अयोध्या का राज अपने बड़े पुत्र राम को देंगे। इतना सुनते ही दासी मंथरा उदास होकर महारानी कैकेई के पास जाकर बोली कि महाराज दशरथ अयोध्या का राजतिलक अपने बड़े पुत्र राम को देगें। जब महाराज अयोध्या का राज अपने बड़े पुत्र राम को सौंप देंगे तो आपके पुत्र भरत का क्या होगा। महारानी जी आप मेरी बात माने तो अपने राजसी वस्त्र आभूषण को उतार कर फटे पुराने कपड़े धारण करके कोप भवन में जाकर जमीन पर लेट जाएं। महारानी कैकई अपने दासी के बात को सुनकर कोप भवन में चली जाती है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष गोपाल जी पाण्डेय, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण,उपमंत्रीपं0 लवकुमार त्रिवेदी,मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, अनुज अग्रवाल मीडिया प्रभारी पं0कृष्ण बिहारी त्रिवेदी कृष्णांश,राम सिंह यादव रहें।

गांधी जी का स्वतंत्रता आन्दोलन में अहम योगदान: प्रो. डॉ. राघवेन्द्र

गांधी जी का स्वतंत्रता आन्दोलन में अहम योगदान: प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

गाजीपुर। महात्मा गांधीजी का भारत की स्वतंत्रता के आन्दोलन में अहम योगदान था। गांधीजी हमेशा अहिंसा के रास्ते पर चलते थे, वे लोगों से आशा करते थे कि वे भी अहिंसा का रास्ता अपनाएं। उक्त उद्गार स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने महात्मा गांधी के जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया। उन्होंने ने कहा कि आज पूरा विश्व महात्मा गांधी जी की 155 वीं जन्म जयंती अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में आन, बान व शान के साथ मना रहा है।
प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि आज ही पूरा देश भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की 120 वीं जन्म जयंती मना रहा है। लाल बहादुर शास्त्री जी आजीवन सादगी, सच्चाई, राष्ट्र भक्ति, जनसेवा व न्याय के मार्ग पर चलने वाले थे। आज के अवसर पर हमें दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का प्रण लेना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन के द्वारा किया गया। इस अवसर सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त किया। कार्यक्रम के अन्त में स्वच्छता पखवाड़ा का समापन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर परिसर में स्वच्छता अभियान चला कर किया गया। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रोफे० एस डी सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ० बद्रीनाथ सिंह, प्रोफे० एस एन सिंह, प्रोफे० जी सिंह, प्रोफे० अरूण कुमार यादव, प्रोफे० रविशंकर सिंह, डॉ० संजय चतुर्वेदी, डॉ० रामदुलारे, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० गोपाल यादव, डॉ० त्रिनाथ मिश्रा, डॉ० धर्मेन्द्र, डॉ० रागिनी अहिरवार, डॉ० स्मृति, डॉ० अन्जनी कुमार गौतम, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० संजय कुमार सुमन, डॉ० नितीश कुमार भारद्वाज, सर्वश्री लव जी सिंह, अमरजीत सिंह, संजय कुमार श्रीवास्तव, विजय कुमार सिंह, अरूण कुमार सिंह, अमितेश सिंह, कृष्ण मुरारी, सुभाष चन्द्र यादव सहित भारी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविका आदि उपस्थित होकर कर श्रमदान किया।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर वृद्धों को किया गया सम्मानित

गाजीपुर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर बबेडी सोहिलापुर में गीता ग्रामोद्योग विकास संस्थान के द्वारा अंतरराष्ट्रीय वृद्धि दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष कृष्ण शंकर चौबे की अध्यक्षता में हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि वृद्धो की सेवा करना परमात्मा के सेवा करने के बराबर है।

इस संस्था के सभी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतना नेक कार्य जो संस्था द्वारा किया जा रहा है वह सराहनीय है। कार्यक्रम मे आए विशिष्ट अतिथि राकेश सिंह प्रदेश मंत्री कर्मचारी सिंचाई विभाग ने कहा कि मुझे अपने बच्चों के किसी भी शुभ दिवस को वृद्धि जनों के साथ आश्रम पर मनाने में आनंद एवं खुशी मिलती है।

इस दौरान रंगनाथ प्रसाद, विनोद राय, रवि चंद्र श्रीवास्तव, श्री प्रकाश श्रीवास्तव, आकाश चतुर्वेदी, सहित अन्य लोगों ने वृद्ध जनों का उत्साह वर्धन कर अपने विचारों को प्रकट किया। कार्यक्रम के अंत में सभी वृद्ध जनों को कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया एवं गीता ग्रामोद्योग विकास संस्थान द्वारा सभी वृद्ध जनों को वस्त्र मिष्ठान का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन संस्था के उपाध्यक्ष सोमेश मोहन राय द्वारा किया गया।

बैठक कर डीएम ने दिए अधिकारियों के निर्देश, कहा…..

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय समिति, जिला प्रबन्ध समिति, लोकल लेबल कमेटी, दिव्यांग बन्धु समिति और जिला अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत कि गयी। बैठक में देश दीपक पाल मुख्य चिकित्साधिकारी, पारस नाथ यादव जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी,  राम नगीना यादव जिला समाज कल्याण अधिकारी, दिलीप पाण्डेय जिला कार्यकम अधिकारी, दिव्यांगों की अध्यक्ष सविता सिंह सहित अन्य जिलास्तरीय, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय समिति, जिला प्रबन्ध समिति, लोकल लेबल कमेटी, दिव्यांग बन्धु समिति, जिला अनुश्रवण समिति और अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा कि गयी। दिव्यांगजन से संबंधित विभिन्न विभागों को दिव्यांगजन सम्बन्धित आ रही समस्याओं जैसे दिव्याग प्रमाण पत्र (यू०डी०आई०डी०) जनरेट, दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग शौचालय, आवास, लीगल गार्जियन शिप और जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के संचालन के लिए निर्देशित किया। साथ ही जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निर्देश दिये गये कि संबंधित विभागो से समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

एम्बुलेंस ने मरीज को निशुल्क पहुंचाया बीएचयू

108 एम्बुलेंस ने मरीज को निशुल्क पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

ग़ाज़ीपुर। 108 एम्बुलेंस उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा गरीब और असहाय लोगों को दी गई एक नया तोहफा है जिसकी मदद से आमजन निशुल्क हायर सेंटर तक पहुंच कर अपने मरीज की इलाज करा रहे हैं। ऐसा ही एक दिन पूर्व हुआ जब जिला अस्पताल में एडमिट मरीज जिसे साइटिका की प्रॉब्लम थी और वह पैरों से चल पाने में अक्षम था जिसे डॉक्टर के द्वारा बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था जिसकी जानकारी पर 108 एंबुलेंस ने मरीज को वाराणसी तक पहुंचाया।

108 एंबुलेंस के प्रभारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि गाजीपुर के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज अरुण कुमार पुत्र गोवर्धन राम निवासी मिश्रावलिया रौज़ा जिसे पैरों में साइटिका की प्रॉब्लम थी। और वह पैरों से चल पाने में अक्षम था। जिसका कई दिनों से जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर के द्वारा उसे बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस पर कॉल किया और अपनी समस्या बताएं। जिसके बाद 108 एंबुलेंस के पायलट दीनानाथ और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन लाल बहादुर शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे। और मरीज को लेकर बीएचयू वाराणसी के लिए रवाना हुए। वाराणसी में उसे इमरजेंसी में एडमिट कराया जहां पर उसका इलाज शुरू हो पाया।

धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं श्री राम विवाह का किया गया मंचन

धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं श्री राम विवाह का मंचन किया गया।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के तीसरे दिन 30 सितंबर सोमवार शाम 7:00 बजे से हरिशंकरी स्थित श्री राम चबूतरा पर धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, एवं सीताराम विवाह लीला का मंचन किया हुआ। लीला शुरू होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा प्रभु श्री राम का पूजन आरती किया। इसके बाद बंदे बाणी विनायको आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा धनुष यज्ञ परशुराम लक्ष्मण संवाद व सीताराम विवाह का मंचन हुआ।

मन्चन में दर्शाया गया कि महाराज जनक अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर रचाया। स्वयंवर में सभी राजाओं को निमंत्रण भेजा गया। निमंत्रण पाकर सभी राजा स्वयंवर में पहुंचे।उधर ब्रह्मर्षि विश्वामित्र भी अपने शिष्य राम लक्ष्मण के साथ स्वयंवर में पहुंचे। ब्रह्मर्षि विश्वामित्र को देखकर राजा जनक अपने सिंहासन से उठकर विश्वामित्र को दंडवत करके उन्हें आदर के साथ सिंहासन पर बैठाया। राजा जनक के आग्रह पर विश्वामित्र अपने शिष्य श्रीराम लक्ष्मण के साथ आसन ग्रहण किया। इसके बाद धनुष यज्ञ का कार्य शुरू होता है। राजा जनक के मंत्री चाणूर राजा जनक के आदेश पर सभा को संबोधित किया कि जो भी शिव जी के पुराने धनुष को तोड़ देगा उसी राजा से सीता का विवाह होगा।

राजा जनक के संदेश को सुनकर सभी राजा शिव जी के पुराने धनुष पर अपना अपना बल आजमाने लगे। मगर शिव जी के धनुष तोड़ना तो दूर उसे हिला तक न सके। राजा जनक ने देखा कि सभी राजा हार कर अपना सिर झुकाए सिंहासन पर जाकर बैठ गए। उनके लज्जित हुए सर को झुका देख कर राजा जनक ने कहा कि तजहूंआस निज निज गृह जाहू, लिखा न विधि वैदेहि बिवाहू। राजा जनक के इस इस प्रकार के वचन को सुनकर लक्ष्मण जी क्रोधित होकर श्री राम के बल के बारे में राजा जनक को बताया। लक्ष्मण के क्रोध को देखकर गुरु विश्वामित्र ने लक्ष्मण को आसन पर बैठने की आज्ञा देते हैं। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर लक्ष्मण अपने आसन पर बैठ जाते हैं। उसके बाद ब्रह्मर्षि विश्वामित्र राजा जनक को उदास देखकर श्री राम को आज्ञा देते हैं कि हे राम शिवजी के धनुष को तोड़कर महाराज जनक के संदेह को दूर करो।

गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्री राम शिवजी, गुरु विश्वामित्र तथा उपस्थित सभी राजाओं को प्रणाम करने बाद भगवान शिव के धनुष के पास जाकर सहज में धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाया देखते-ही-देखते धनुष टूट गया। शिव‌ धनुष टूटने की आवाज परशुरामा कुंड में तपस्या में लीन परशुरामजी के कान में सुनाई दी तो वे क्रोधित होकर स्वयंवर में आते हैं और सभी उपस्थित राजाओं से पूछते हैं कि हमारे आराध्य देव शिव के धनुष को तोड़ने की साहस किसने किया। इतने में लक्ष्मण जी भी क्रोधित जाते हैं। दोनों में काफी देर तक परशुराम लक्ष्मण संवाद हुआ। अंत में परशुराम जी अपने क्रोध को शांत किये और तप के बल पर श्री राम का विराट रूप में नारायण का दर्शन करके श्रीराम को धनुष बाण देकर के परशुराम जी स्वयंवर से अपने धाम के लिए चले जाते हैं।

इसके बाद राजा जनक गुरुजनों के‌ आदेश का पालन करते हुए अपने दूतों‌ को राम सीता के विवाह का निमंत्रण अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पास भेज कर बारात लाने का निवेदन करते हैं। महाराज दशरथ महाराज जनक का निमंत्रण पाकर अयोध्या से बारात सजाकर जनकपुर के लिए प्रस्थान करते हैं। जनकपुर में राजा जनक ने बारातियों का स्वागत किया और धूमधाम के साथ सीता और राम का विवाह संपन्न हुआ। जनकपुर वासियो द्वारा सीताराम विवाह से संबंधित मांगलिक गीत प्रस्तुत किया गया।
इस मौके पर कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपमेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, कुश कुमार त्रिवेदी, राजकुमार शर्मा, राम सिंह यादव, पं0कृष्ण बिहारी त्रिवेदी उपस्थित रहे।

पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने दिया संदेश

गाजीपुर। सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवी छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । छात्राओं ने पोस्टर के माध्यम से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया । महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका प्रो. डॉ. अनिता कुमारी ने छात्राओं द्वारा बनाई गए पोस्टर व उसके माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की । प्रतियोगिता में प्रतीक्षा राय प्रथम, श्रेया मौर्य द्वितीय, एवं शालू व सौम्या ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया ।

प्रतियोगिता के परिणाम की घोषण प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी ने की । निर्णायक मंडल में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. उमाशंकर प्रसाद, डॉ. हरेंद्र यादव व डॉ. पीयूष सिंह रहे। तत्पश्चात इसी क्रम में शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना “आत्मनिर्भर भारत” विषय पर संवाद/ संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राओं ने संबंधित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये । इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ अमित यादव, कार्यक्रम अधिकारी डा.गजनफर सईद, डॉ. रामनाथ, एवं डॉ ओम शिवानी, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. निरंजन कुमार, डॉ.शिव कुमार सहित राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राएं उपस्थित रहीं ।

स्कूल बस पर गिरा बिजली का जर्जर पोल, बाल-बाल बचे मासूम

गाजीपुर। शहर के कोयला घाट-मियापुरा मुहल्ला स्थित शाह फैज स्कूल के बस पर स्कूल के पास ही गड़े जर्जर बिजली का पोल गिर गया। संयोग अच्छा रहा की कोई हादसा नहीं हुआ। स्कूल बस में चालक और परिचालक के साथ 18 बच्चे बैठें थे। पोल गिरते ही चालक ने तत्परता दिखाई और बस यथा स्थिति में रोक सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इधर घंटों तक बिजली कर्मियों का कोई अतापता नहीं था। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को जानकारी होने पर तत्काल अवर अभियंता और अधिशासी अभियंता भेज दिया। जिसके बाद बस आगे के लिए रवाना हुई।

शहर के कोयला घाट-मियापुरा मुहल्ला स्थित एक स्कूल बस पर स्कूल की छुट्टी होने पर l बच्चों को लेकर स्कूल से निकली। स्कूल के गेट के पास ही जर्जर एलटी बिजली पोल बस की छत पर गिर पड़ा। बस के चालक 11 बजे बस में 18 बच्चों को लेकर स्कूल के गेट से जैसे ही आगे वैसे ही भरभरा कर बिजली का पोल बस की छत पर गिर पड़ा। संयोग अच्छा रहा की कोई हादसा नहीं हुआ। तत्काल सभी बच्चों को बस से निकाल दिया गया। इस घटना को लेकर तत्काल बिजली विभाग को सूचना दिया गया। इसके बाद भी करीब एक घंटे तक कोई बिजली कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इस संबंध में एसडीओ ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही तत्काल जेई को मौके पर भेज दिया गया।

बता दे की कुछ हफ्ते पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा अधिशासी अभियंता के नाम पर पत्र भी लिखा था जिसमें जर्जर पोल सहित विद्यालय के आसपास स्थित जर्जर तारों को बदलने के बारे में भी लिखा गया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और ना ही जर्जर तार और पोल को बदला गया। कुछ हफ्ते पूर्व भी इस जर्जर पोल सहित जर्जर तारों के बदलने का खबर भी प्रकाशित किया गया था, फिर भी विद्युत विभाग अभी तक मौन था। कुछ हफ्ते पूर्व खबर प्रकाशित करने के दौरान एसडीओ से इस जर्जर पोल के बारे में बात की गई थी तो उन्होंने कहा था कि कुछ दिनों में इस जर्जर पोल को बदल दिया जाएगा। लेकिन आज तक इस जर्जर पोल को नहीं बदला गया। आखिरकार पोल टूटकर मासूम बच्चों के बस पर गिर पड़ा।

आज विद्युत विभाग के मनमानी के चलते हादसा होते-होते रह गया। अगर इस हादसे में किसी बच्चे की जान चली जाती तो क्या विद्युत विभाग इसकी जिम्मेदारी लेता।

फ्लैक्स प्रिंटिंग एसोसिएशन के मनोनीत हुए पदाधिकारी, यशवंत बने अध्यक्ष

गाजीपुर। लंका क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में गाजीपुर ‘फ्लैक्स प्रिंटिंग एसोसिएशन का सद्भाव मिलन एवं सम्मान समारोह 2024 आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए फ्लैक्स प्रिंटिंग संचालक शामिल हुए। इस दौरान संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया और सर्वसम्मति से पदाधिकारी मनोनीत किए गए। जिसके क्रम में यशवंत राय (मां शारदा फ्लैक्स, स्टेशन रोड) को अध्यक्ष एवं विनीत चौहान (राम फ्लैक्स) को सचिव मनोनीत किया गया। जबकि इरफान (अल इफरा फ्लैक्स) को संरक्षक पद का दायित्व सौंपा गया।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नव मनोनीत अध्यक्ष यशवंत राय ने संगठन के सभी सदस्यों और जिले के सभी फ्लैक्स प्रिंटरों की समस्याओं के लिए हर संभव संघर्ष का दावा किया गया। वही सचिव विनीत चौहान ने जनपद के सभी फ्लैक्स प्रिंटरों को एक मंच पर आकर संगठन को मजबूत करने की अपील भी की गई।

कार्यक्रम के अंत में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए फ्लैक्स प्रिंटरों को अंग वस्त्रम, सम्मान पत्र एवं उपहार से सम्मानित किया गया। इस समारोह में जय माँ भवानी फ्लैक्स से दीपक राय, ओम प्रिंटिंग प्रकाश नगर से कृष्णा तिवारी, राष्ट्रीय प्रेस लालदरवाज़ा से निखिल कुमार, वंदना ऑफसेट एंड फ्लेक्स पीरनगर से रवि चौरसिया, विद्या फ्लेक्स सियारामपुर से हरिकेश यादव, भास्कर प्रेस जंगीपुर से रामाशंकर प्रसाद, न्यू भारत प्रेस जंगीपुर से विशाल गुप्ता, सर्वेश प्रेस कसिमाबाद से दुर्गेश यादव, स्टार फ्लेक्स विशेश्ववरगंज से मोहम्मद रेहान, भरोसे आर्ट्स मिश्रबाजार से
रामजी, ए के फ्लेक्स कठवामोड़ से महेंद्र कुमार, पी एन प्रेस हंसराजपुर से सर्वेश यादव आदि मौजूद रहे।

शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

ग़ाज़ीपुर। समग्र शिक्षा (माध्यमिक), जिला परियोजना कार्यालय के तत्वाधान में राजकीय सिटी इण्टर कालेज में आयोजित राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षको का उपचारात्मक शिक्षण माड्यूल तथा अन्य बिन्दुओं पर समेकित प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त से 27 सितम्बर तक पांच चरणों में सम्पन्न हुआ। जिसमे 366 शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा एवं डायट द्वारा नामित 24 मास्टर ट्रेनरो द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान के सहायक अध्यापकों एवं प्रवक्ताओं को विषयवार 05 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषयों से सम्बन्धित छात्रों की अधिगम सम्बन्धी समस्याओं को दूर करना, शिक्षकों को कक्षा प्रबन्धन में दक्षता विकसित करना तथा शिक्षण से सम्बन्धित नयी विधाओं, कौशल, मनोवैज्ञानिक तकनीक व दक्षता विकसित करने हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समय पर जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्र ने कहा कि शिक्षण अधिगम तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण के उपरान्त शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत् विषयों में कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करनें का निर्देश दिया। इय अवसर पर वित्त एवं लेखाधिकारी (मा०शि०) सी० चन्द्रशेखरन् ने कहा कि उपचारात्मक शिक्षण का उ‌द्देश्य उन विद्यार्थीयों की मद्द करना है जो खराब आदतों तथा अप्रभावी शिक्षण आदि के कारण पिछड़ जाते है।

शिक्षकों द्वारा उन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशिक्षण में प्रदान किये गए विभिन्न उपचारात्मक शिक्षण तकनीकों का उपयोग कर सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम में सह जिला विद्यालय निरीक्षक अरविन्द कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय सिटी इण्टर कालेज, दिनेश कुमार यादव द्वारा वक्तत्य दिया गया। कार्यक्रम का संचालन, जिला समन्वयक कुश कुमार राय द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम में जिला परियोजना कार्यलय के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।