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डीएम ने की बैठक,अनुपस्थित होने पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कर-करेत्तर, मासिक स्टाफ एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुआ। बैठक के दौरान कर-करेत्तर की समीक्षा में जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर, परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, चकबन्दी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, आईजीआरएस, के संबंध मे विस्तारपूर्वक समीक्षा की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का निर्देशित किया कि अपने-अपने लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कराना सुनिश्चित करे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं चारो खण्डों के अधीशासी अभियंता के अनुपस्थित होने पर स्पष्ट्रीकरण देने का निर्देश दिया।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरण एवं विवादित प्रकरण, दाखिल खारिज, विवादित वादो का निस्तारण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जनसामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर करते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों को 05 वर्ष से ऊपर के मुकदमो को प्रतिदिन सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा 24, धारा 116, धारा 80, धारा 34, धारा 33, धारा 67, के लंबित मामलों का समयान्तराल  निस्तारण किया जाए। धारा 34 की सुनवाई और निष्पादन में तहसीलदार और नायब तहसीलदार गंभीरता से कार्य करें और उपजिलाधिकारी इसकी नियमित समीक्षा भी करें। उन्होने सीमा स्तम्भ, कृषि भूमि पट्टा, आवास हेतु भूमि आवंटन, कुम्हारीकलां पट्टा आवंटन, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिया । बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया की कृषक दुर्घटना से संबंधित सभी भुगतान समय से किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एंव पटल सहायक उपस्थित रहे।                          

गाजीपुर में पेंशनर्स ने वित्त विधेयक अधिनियम 2025 में संशोधन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन

गाजीपुर में पेंशनर्स ने वित्त विधेयक अधिनियम 2025 में संशोधन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। यह संशोधन दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को आठवें वेतन आयोग की सुविधाओं से बाहर करता है, जिससे पेंशनर्स में भारी नाराजगी है।

सेवा निवृत कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनर्स समन्वय समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन आयोजित किया गया। जिले के कोने-कोने से आए पेंशनरों ने जिला मुख्यालय स्थित सरजू पाण्डेय पार्क में जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी सदर को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों की आलोचना की। चौधरी दिनेश चंद्र राय ने केंद्र सरकार से अपील की कि सेवानिवृत्त कर्मियों को पूर्व की भांति आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए।

कार्यकारी अध्यक्ष अम्बिका दूबे ने जनपद के सभी कार्यरत, सेवारत कर्मियों और पेंशनर्स संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। सीनियर बेसिक संघ के महामंत्री ज्ञानेंद्र सिंह ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना की।

धरना सभा को यशवंत सिंह यश, उग्रसेन सिंह, रत्नेश राय, नारायण उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव, ई. सुरेन्द्र प्रताप यादव, अमर नाथ तिवारी, सुरेश कुमार सिंह, डॉ. पी. एन. सिंह, वंशराज सिंह, डॉ. अम्बिका पाण्डेय, जनार्दन सिंह, बरमेश्वर उपाध्याय, अशोक कुमार और बाल कृष्ण यादव सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त बेसिक शिक्षक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रुद्र नारायण सिंह ने की और संचालन कार्यकारी अध्यक्ष अम्बिका प्रसाद दूबे ने किया। जिला मंत्री जनार्दन सिंह ने सभी सम्मानित पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

निर्विरोध निर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को डा.संगीता बलवंत ने दी बधाई

निर्विरोध निर्वाचित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने दी बधाई

गाजीपुर।भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष पंकज चौधरी के नाम की घोषणा केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल ने रविवार को की। 1980 में भाजपा उत्तर प्रदेश का गठन होने के बाद पंकज चौधरी 16वें प्रदेश अध्यक्ष बने हैं।
आज दिल्ली में राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत बिंद ने पंकज चौधरी के आवास पर मुलाक़ात कर उन्हें बधाई और सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर डा. संगीता बलवंत बिन्द ने कहा कि जितनी व्यवस्थित और लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा अपनी निर्वाचन प्रक्रिया पूरी करती है और सदस्य बनाती है, उसका आश्चर्य सभी को होता है। इसका श्रेय सभी कार्यकर्ताओं को जाता है। हमे पूर्ण विश्वास है की आगामी विधानसभा चुनाव में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा अपना परचम लहराएगी।

राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात

राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात सेना की भूमि से बेदखल परिवारों के लिए आवास की मांग

गाजीपुर। राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। राज्यसभा सांसद ने रक्षा मंत्री से चर्चा के दौरान कहा की गाजीपुर में रक्षा संपदा विभाग की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से कुछ ऐसे भी असहाय, निर्धन परिवार है जिनके पास कोई अन्य जमीन या मकान ना होने से बेघर हो गए हैं उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित करके आवास या भूमि पट्टा दिलाने हेतु आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किया जाए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा सांसद द्वारा प्रस्तुत विषय पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।

राज्यसभा सांसद ने बताया की जब मैंने गाजीपुर की देवतुल्य जनता की अपेक्षाओं और जनहित के मुद्दों को उनके समक्ष रखा तो उन्होंने जिस गंभीरता आत्मीयता से प्रत्येक विषय को सुना उससे मुझे जनसमस्याओं के समाधान हेतु और अधिक आत्मबल व संकल्प की भावना प्राप्त हुई।साथ ही राज्यसभा सांसद ने बताया कि मैंने पूर्व में भी जिलाधिकारी गाजीपुर को इस विषय को पत्र के माध्यम से अवगत करा चुकी हूँ। सांसद डॉ संगीता बलवंत ने मांग किया कि जितने लोग अतिक्रमण हटाने के क्रम में बेघर हुए हैं जिन्हे रहने हेतु कोई अन्य आवास नहीं है उन्हें जल्द ही आवास या भूमि पट्टा किया जाए।

बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता का पहला चरण सम्पन्न,3610 ने दी परीक्षा

बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता का पहला चरण सम्पन्न 3610 ने दी परीक्षा

गाजीपुर के नौ परीक्षा केंद्रों पर सामान्य ज्ञान, गणित, तार्किक, चित्रकला व निबंध की परीक्षा सम्पन्न

गाजीपुर। वेलफेयर क्लब गाजीपुर के तत्वावधान में आयोजित जनपद स्तरीय बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता के प्रथम चरण के अंतर्गत सामान्य ज्ञान, गणित एवं तार्किक, चित्रकला तथा निबंध विषयों की परीक्षा जनपद के कुल नौ परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
गाजीपुर सदर क्षेत्र में रामदूत इंटरनेशनल स्कूल को मुख्य परीक्षा केंद्र बनाया गया, जहां केंद्र व्यवस्थापक सत्य प्रकाश तिवारी के अनुसार कुल 1430 पंजीकृत प्रतियोगियों में से 80 अनुपस्थित रहे। नंदगंज क्षेत्र स्थित रेनबो मॉडर्न स्कूल में केंद्र व्यवस्थापक नौशाद अहमद ने बताया कि 360 में से 26 प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके।
सैदपुर क्षेत्र के एडूरेन ग्लोबल स्कूल देवचंदपुर में आयोजित परीक्षा के संबंध में केंद्र प्रभारी डॉ. जितेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि 580 पंजीकृत प्रतियोगियों में मात्र 04 अनुपस्थित रहे। वहीं मार्टिन्स चिल्ड्रेन एकेडमी भांवरकोल में केंद्र व्यवस्थापक सैफ अंसारी के अनुसार सभी 130 प्रतियोगी परीक्षा में उपस्थित रहे।
चंदनी पब्लिक स्कूल में केंद्र व्यवस्थापक नूर अफसा ने बताया कि 240 पंजीकृत प्रतियोगियों में से केवल 04 अनुपस्थित रहे। राहुल सांकृत्यायन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौसपुर में व्यवस्थापक मो. शाहिद के अनुसार 150 में 15 प्रतियोगी अनुपस्थित रहे। ओम साईं पब्लिक स्कूल में केंद्र प्रभारी सत्यदेव दूबे ने जानकारी दी कि 450 प्रतियोगियों में से 22 अनुपस्थित रहे।
एस.एस. पब्लिक स्कूल, लावा नेवादा में केंद्र व्यवस्थापक अजय यादव के अनुसार सभी 195 प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित हुए। वहीं कुश बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दिलदारनगर में केंद्र व्यवस्थापक रामनाथ कुशवाहा ने बताया कि 373 पंजीकृत प्रतियोगियों में से 12 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के सुचारु संचालन हेतु पीजी कॉलेज टेरी के चयनित एवं प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं को कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात किया गया था। इनके संचालन में ग्रुप लीडर रुक्मिणी सिंह एवं राकेश कुमार मौर्य का विशेष सहयोग सराहनीय रहा।
क्लब संरक्षक धीरेन्द्र त्रिपाठी एवं क्लब अध्यक्ष डॉ. शरद कुमार वर्मा के निर्देशन में प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त पवन पांडे, प्रतीक यादव तथा सोनी यादव को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया था, जिन्होंने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1 लाख 24 हजार 75 मामले निस्तारित

गाजीपुर। न्यायालय गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह बताया गया कि लोक अदालत से जहाँ एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लम्बे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि जब लोक अदालत के माध्यम से किसी मामले का निस्तारण होता है तब उसके विरूद्ध कोई अपील नहीं होती है और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के सफलता हेतु सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा सुलह समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य को समाप्त करने का आवाहन किया गया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि आज की लोक अदालत किसानों, मजदूरों व सीमा पर डटे हुए जवानों को समर्पित है। कतार में खड़े हुए अंतिम व्यक्ति तक राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि ऐसे छोटे प्रकरण जिसमें अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता विद्यमान रहती है, को समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा अपनी सक्रिय भूमिका निभायी जा रही है। विजय कुमार-IV, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 लाख 39 हजार 292 मामले निस्तारण हेतु नियत किए गए थे, जिसमें से सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 1 लाख 24 हजार 75 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13 हजार 462 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 1 लाख 10 हजार 613 मामले निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय द्वारा कुल 03 विवाहित जोड़ो की सुलह कराकर विदाई कराई गई। बैंको द्वारा लगभग 10 करोड़ 95 लाख धनराषि के मामलें इस लोक अदालत में निस्तारित किए गए। आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु एक शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बिजली बिल, गृहकर एवं जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित पाण्डाल भी लगाए गए हैं। जनपद न्यायाधीश द्वारा कुछ दिव्यांगजनों को व्हील चेयर / बैसाखी आदि का वितरण भी किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद का सबसे पुराना आरबिट्रेशन वाद संख्या- 13/2014 महेन्द्रा एंड महेन्द्रा बनाम माता अमरावती विद्यालय, जो लगभग 11 वर्षों से लम्बित था, को पक्षों के मध्य सुलह समझाते के आधार पर निस्तारित किया गया है। उक्त प्रकरण अपर जिला जज प्रथम शक्ति सिंह के यहाँ लम्बित था। सुलह समझौते के उपरान्त प्रकरण के अधिवक्ताओं को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पी.ओ. (एम.ए.सी.टी.) संजय हरिशुक्का, अपर जिला जज श्री अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, अलख कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, सिविल जज (सी.डि.) अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिपेन्द्र कुमार गुप्ता, सिविल जज (सी.डि.) / एफ.टी.सी. अर्चना, सिविल जज (जूडि.) श्री बेतांक चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) अनन्त कुमार, दीक्षा त्रिपाठी, मेहनाज खान, मनी वर्मा, श्वेता नैन, शिवानी, संदेश कुमार पासवान, सोनाली प्रिया गौर व रंजना देवी, बार के पदाधिकारीगण, न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे।

13 दिसंबर को होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन

गाजीपुर।वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन 13 दिसम्बर, 2025 को जनपद न्यायालय, गाजीपुर, वाह्य न्यायालय सैदपुर एवं मुहम्मदाबाद तथा ग्राम न्यायालय जखनियाँ व जमानियाँ के साथ-साथ अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में किया जाएगा। इसी क्रम में धमेन्द्र कुमार पाण्डेय, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर द्वारा न्यायालय दस कक्षीय सभागार में सम्पन्न किया जाएगा। इस वृहद लोक अदालत में निम्नवत जिसमें प्रमाण पत्र संबंधी, छोटे व लघु दाण्डिक वाद, पारिवारिक वाद, धारा-138 एन.आई.एक्ट, स्टाम्प वाद/पंजीयन वाद, मोटर अधिनियम वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, वाट-माप प्रचलन अधिनियम वाद, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी के वाद, सुलह समझौता एवं मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवाद को परिपक्व कराकर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण मौके पर किया जाएगा।  
इसी क्रम में जिला सूचना अधिकारी गाजीपुर ने जनपद के जनपदवासियों से अपील किया है कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में समसय उपस्थित होने का कष्ट करें ताकि अपने आवेदनो का निस्तारण किया जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने की मुलाकात

गाजीपुर।राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत बिन्द ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर बिहार विधानसभा चुनाव में मिली शानदार और ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात अत्यंत आत्मीय, प्रेरणादायी तथा हृदय को स्पर्श करने वाली रही। प्रधानमंत्री के स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से नई ऊर्जा एवं उत्साह प्राप्त हुआ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन की कहानी संघर्ष और समर्पण की एक प्रेरणादायक गाथा है। वह एक ऐसे लोकप्रिय नेता हैं, जिन्होंने अपने असाधारण नेतृत्व और विराट व्यक्तित्व से भारत को एक नई दिशा प्रदान की है। उनकी नेतृत्व क्षमता दूरदर्शिता और जनसमर्थन ने उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनाया है। देश के प्रधानमंत्री जी ने जनपद की विकास गतिविधियों के साथ ही उनके साहित्य से जुड़ी बिंदुओं पर चर्चा किए।


राज्यसभा सांसद ने वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने की सफल चर्चा पर आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तक मेरा प्यारा हिंदुस्तान भेंट की साथ में दोनों पुत्र कुशाग्र और परख उपस्थित रहे। बच्चों ने बताया की प्रधानमंत्री जी इतने आत्मीयता के साथ मिले की लगा ही नहीं कि प्रधानमंत्री जी से पहली बार मिल रहे है प्रधानमंत्री जी ने आशीर्वाद और निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दिए।

मनाया गया 77 वां पी आर डी स्थापना दिवस समारोह,हुए सम्मानित

गाजीपुर।युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग गाजीपुर के तत्वावधान में 77 वां पी आर डी स्थापना दिवस समारोह सफलता पूर्वक पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में मनाया गया। जनपद के कुल 88 पी आर डी जवानों जिसमें 22 महिला पी आर डी सम्मिलित रहीं । परेड की सलामी सरिता अग्रवाल अध्यक्ष नगर पालिका परिषद एवं दीनदयाल वर्मा परियोजना निदेशक गाजीपुर द्वारा स्वीकार किया गया। सलामी से पूर्व अतिथि द्वय द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया। 5 दिसम्बर 2025 से अभ्यास परेड क़ा संचालन सर्व अखिलेश यादव, चंद्रकांत यादव, किशन चंद, रविशंकर प्रसाद, वकार खान, आंचल सिंह एवं सिंधुजा यादव क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी द्वारा किया गया। कुल 4 टोली अभ्यास हेतु बनाई गयी थी, परेड सकुशल संपन्न होने के उपरांत टोली संख्या 1 प्रथम, टोली संख्या 2 द्वितीय, टोली संख्या 4 तृतीय स्थान प्राप्त किया। द्य परेड संपन्न होने के उपरांत रस्साकशी की प्रतियोगिता भी कराई गई। जिसमें अनिल कुमार भारती की टीम विजेता एवं रामदयाल राम की टीम उप विजेता रही। परेड में सम्मिलित सभी 88 पी आर डी जवान को अंग वस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं अनुशासन हेतु पी आर डी जवान अनिल कुमार भारती, रामदयाल राम, अक्षय कुमार, बर्फ भारती एवं रेनू विश्वकर्मा को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।  मुख्य अतिथि द्वारा अपने संबोधन में पी आर डी जवानों को उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं अनुशासन की सराहना करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम के आयोजक जिला युवा कल्याण अधिकारी द्वारा दोनों अतिथियों का बुके एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस परेड में पूर्व व्यायाम प्रशिक्षक चंद्रभान सिंह, प्रति सार निरीक्षक, अमरनाथ कुशवाहा, पुलिस विभाग के 2 परेड प्रशिक्षक, राम अवध, सोनू, राजेश एवं अन्य लोग उपस्थित रहे । अंत में जिला युवा कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।

नागरिक सेवा के लिए राज्य प्रशासन का हो रूपांतरण:सांसद डा.संगीता बलवंत

नागरिक सेवा के लिए राज्य प्रशासन का हो रूपांतरण:सांसद डा. संगीता बलवंत

गाजीपुर।संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर से सुचारू रूप से चल रहा है। इस दौरान राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने राज्य स्तरीय कार्यालयों का नाम बदलने की मांग की।

डा.संगीता बलवंत ने सदन में माँग रखते हुए कहा कि भारत अभी भी अपने प्रशासनिक ढांचे में शाही या सामंतवादी मानसिकता के अवशेषों से जूझ रहा है, जहाँ कुछ कार्यालय अक्सर शक्ति के धनी के रूप में देखे जाते हैं, न कि सेवा के साधन के रूप में। यह धारणा सरकारी अधिकारियों और उन नागरिकों के बीच दूरी पैदा करती है, जिन्हें वे सेवा देने के लिए बनाए गए हैं।

जिला अधिकारी का कार्यालय, साथ ही अन्य महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय अधिकारी जैसे उप-जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और विभागीय प्रमुख, औपनिवेशिक काल में राजस्व, कानून और प्रशासन को केंद्रीकृत करने के लिए स्थापित किए गए थे। इस अधिकार केंद्रित ढांचे ने एक स्थायी विरासत छोड़ी है, जो आज भी अधिकारियों के नागरिकों के साथ व्यवहार को प्रभावित करती है।
यह अक्सर जनभागीदारी को रोकता है, पारदर्शिता को कम करता है, नौकरशाही में बाधाएँ पैदा करता है और आवश्यक सेवाओं के समय पर वितरण में रुकावट डालता है।

राज्यसभा सांसद ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में , प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखा गया है साथ ही राजपथ को कर्तव्यपथ , राजभवन को लोकभवन , केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन नाम दिया गया है जो नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है और यह स्पष्ट करता है कि शासन जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता के साथ है।
ठीक इसी प्रकार सभी राज्य स्तरीय कार्यालयों का नाम बदला जाए जैसे जिलाधिकारी पदनाम को जिला सेवक या उन्हें कुछ इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि उनका वास्तविक उद्देश्य सार्वजनिक सेवा को दर्शाए। उनके पदनाम और कार्यप्रणाली में विनम्रता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति सेवा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अधिकारी जनता के लिए मार्गदर्शक और सहायक के रूप में देखे जाएँ।