गाजीपुर। सदर कोतवाली अंतर्गत बिलईचिया गांव जहां पर करीब 7 से 8 महीने पहले सेना की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से पिछले 30-40 सालों से रहने आने वाले लोगों को सेना के अधिकारियों ने अपनी भूमि को चिन्हित करने के बाद अतिक्रमण हटाने का काम किया था और इस अतिक्रमण में करीब 40 से 50 परिवार बेघर हो गए थे जो पास के ही गांव और बगीचों में इस कड़कड़ाती ठंड और बीते हुए बारिश के महीना में रहने को मजबूर हुए थे और इस अतिक्रमण को हटाए जाने को लेकर जमकर राजनीति भी हुई थी तब जिला प्रशासन के द्वारा इस बात को कहा गया था की जिनका भी अतिक्रमण में मकान गिराया गया है यदि उनके पास कोई अपनी जमीन नहीं होगी तो ऐसे लोगों का चिन्हकन कर उन्हें भूमि पट्टा करते हुए बसाने का काम किया जाएगा लेकिन कई महीना बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसको लेकर गुरुवार को दर्जनों की संख्या में महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला अधिकारी को एक पत्र सोपा और बताया कि पिछले कई महीनो से यह लोग बगीचे में प्लास्टिक डालकर रह रही है और प्रशासन के द्वारा उन्हें भूमि देने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक नहीं दिया गया है जिसको जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए तत्काल एसडीएम को इस बात का निर्देश दिया कि इन सभी लोगों का सर्वे कर लिया जाए और जो भी इसके पात्र व्यक्ति नजर आते हैं उन्हें भूमि का पट्टा कराया जाए साथ ही उन्होंने यह भी क्लियर किया कि जब तक इन्हें भूमि का पट्टा नहीं हो जाता है तब तक सेना के द्वारा जो नोटिस भेजी जा रही है लेकिन आगे अभी अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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अनुदेशकों ने मुंह मीठा कर मनाया जीत का जश्न
गाजीपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले करीब 20-22 सालों से अनुदेशक के पद पर शिक्षकों की नियुक्ति हुई तब उन्हें 8940 का मानदेय दिया गया लेकिन उसके करीब 18 महीने के बाद ही उनसे वेतन के 1840 रुपया रिकवरी करते हुए ₹7000 मानदेय निर्धारित किया गया और फिर बाद में ₹2000 बढ़ा दिया गया तब से लेकर अब तक अनुदेशक अपने न्यूनतम मानदेय पर लगातार शिक्षक के रूप में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में छात्रों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं लेकिन मात्र ₹7000 के मानदेय पर कार्य कर रहे हैं और इसी को देखते हुए अनुदेशक संगठन के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला देते हुए इन लोगों का मानदेय बढ़ाते हुए 17000 रुपए करने का निर्देश दिया है साथ ही साल 2017 -18 से इन्हें एरियर के रूप में बकाया का भी भुगतान करने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा अब इन सभी अनुदेशकों को परमानेंट करने की भी बात कही है जिसकी जानकारी होते ही अनुदेशकों में काफी खुशी की लहर देखने को मिल रही है और इसी को लेकर गुरुवार को सदर URC पर अनुदेशकों ने जीत का जश्न मनाया और बताया कि यह हमारी धैर्य और तपस्या का प्रतिफल है कि आज कोर्ट ने सुप्रीम राहत देते हुए हमारा मानदेय 17000 करते हुए हमें परमानेंट नियुक्ति की भी बात कही है और सबसे बड़ी खुशी इन लोगों की इस बात की थी कि जो अब तक यह लोग बंधुआ मजदूर की तरह कार्य करते थे और कोर्ट ने बधुआ मजदूर को लेकर भी टिप्पणी किया था अब यह सभी लोग उसे भी अब आजाद हो जाएंगे।


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उच्च शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
उच्च शिक्षा के शिक्षकों में रोष: कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखे जाने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा
लखनऊ/गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के कैबिनेट फैसले के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग (महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय) के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्ववित्तपोषित शिक्षकों तथा अवकाश प्राप्त कर्मियों को इस लाभ से बाहर रखे जाने पर शिक्षक संगठनों में गहरा असंतोष फैल गया है।जिसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रभारी प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया है। पत्र में उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस 5 सितंबर 2025 को उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों सहित स्ववित्तपोषित शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। हालांकि, 29 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कर्मचारियों को यह सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया गया, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग का प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया। प्रेस विज्ञप्ति और शासनादेशों में भी उच्च शिक्षा के शिक्षकों को इस लाभ से वंचित रखा गया है। पत्र में प्रोफेसर पाण्डेय ने इसे “निराशाजनक” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं भेजा जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में असाधारण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम उच्च शिक्षा के शिक्षकों को आंदोलन के लिए बाध्य कर रहा है। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग कर कैबिनेट निर्णय में संशोधन किया जाए। तत्काल विशेष कैबिनेट बैठक बुलाकर उच्च शिक्षा के कार्यरत सभी शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, स्ववित्तपोषित शिक्षकों तथा पेंशनभोगी शिक्षकों-कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने का प्रस्ताव पारित कराया जाए। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकार से अपील की है कि घोषणा और क्रियान्वयन में भेदभाव न हो, अन्यथा शिक्षक समुदाय में बढ़ते असंतोष को रोकना मुश्किल होगा। यह मुद्दा अब उच्च शिक्षा के शिक्षक संगठनों के बीच गरमागरम चर्चा का विषय बन गया है, और जल्द ही बड़े आंदोलन की आशंका जताई जा रही है।

परीक्षा में पकड़े गए 9 नकलचियों को किया गया रिस्टीकेट
बी० एड० विषम सेमेस्टर की परीक्षा सम्पन्न, अंतिम दिन भी 09 नकलची पकड़े गए
बी० एड० विषम सेमेस्टर की परीक्षा में शुरू से आज तक कुल – 64 नकलची पकड़े गए हैं।
गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर द्वारा आयोजित बी० एड० विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 27 जनवरी से गोराबाजार स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुरू हुई थी जो 04 फरवरी दिन बुधवार को सकुशल सम्पन्न हो गई। परीक्षा के अंतिम दिन बुधवार को बी० एड० बिषम सेमेस्टर की परीक्षा में 09 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए, जिन्हें तत्काल रिस्टीकेट कर दिया गया। गाजीपुर के स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 23 बी० एड० महाविद्यालयों का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा दोपहर एक बजे से सायं 05 बजे तक संचालित हो रही थी। पी० जी० कालेज परीक्षा केंद्र पर बुधवार को कुल पंजीकृत 2182 परीक्षार्थियों में से 2120 उपस्थित हुए, जबकि 62 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहें।

परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखने के लिए स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा गया था। परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर में प्रवेश के समय पुलिस बल और पीएससी के साथ आंतरिक उड़ाका दल की टीम ने सघन तलाशी ली। छात्रों को मोबाइल, स्मार्टवॉच, पर्स, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकल के किसी भी साधन का उपयोग करने की मनाही थी। नकल करते हुए पकड़े गए परीक्षार्थी के खिलाफ विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने यह भी बताया कि परीक्षा कक्षों की गहन जांच के दौरान बुधवार को 09 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गये। बी० एड० विषम सेमेस्टर की परीक्षा में 27 जनवरी से आज तक कुल 64 नकलची पकड़े गए हैं, जिन्हें रिस्टीकेट कर दिया गया।

आंतरिक उड़ाका दल की टीम में प्रोफ० (डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० श्रवण कुमार शुक्ल, डॉ० प्रतिमा सिंह, डॉ० गोपाल सिंह यादव, डॉ० अर्मिता सिंह आदि सदस्य शामिल थे।
साबिर अली आईटीआई कॉलेज में मारुति सुजुकी का कैम्पस सेलेक्शन आयोजित
साबिर अली आईटीआई में मारुति सुजुकी का कैम्पस सेलेक्शन आयोजित
जखनिया (गाज़ीपुर)। साबिर अली आईटीआई में आज दिनांक बुधवार को मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा कैम्पस सेलेक्शन का आयोजन किया गया। इस चयन प्रक्रिया में संस्थान के 90 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कैम्पस सेलेक्शन के अंतर्गत आयोजित रिटन परीक्षा में कुल 50 प्रतिभागियों ने सफलता प्राप्त की। सफल अभ्यर्थियों के लिए अगला चरण वायवा (साक्षात्कार) रखा गया है, जो 06 फ़रवरी 2026 को आयोजित होगा।

रिटन परीक्षा में सफल होने वाले सभी प्रतिभागियों को संस्थान परिवार की ओर से ढेरों शुभकामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक आमिर अली ने रिटन परीक्षा में उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए 6 फ़रवरी को होने वाले वायवा के लिए शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कैम्पस सेलेक्शन के आयोजन से प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह का माहौल देखा गया।
विविध खेल और वार्षिक खेल स्पर्धा 2026 का होगा आयोजन
गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के आज 4 फरवरी को समापन के पश्चात 5 फरवरी से राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में बालिकाओं के खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो जाएगी। प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी की अध्यक्षता में क्रीड़ा समिति की आयोजित बैठक के अनुसार आगामी 5 फरवरी से 10 फरवरी तक विविध खेल प्रतियोगिताओं का प्रतिदिन आयोजन होगा। जबकि वार्षिक खेल ‘स्पर्धा- 2026’ का आयोजन 12 एवं 13 फरवरी 2026 को होगा। 5 फरवरी को प्रातः 10:00 बजे से योग, कैरम एवं शतरंज प्रतियोगिताओ का आयोजन होगा। जबकि 6 फरवरी को प्रातः 10:00 बजे से बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसी प्रकार 9 फरवरी को प्रातः 9:00 बजे कबड्डी एवं 1:00 बजे से खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन होगा। 10 फरवरी को प्रातः 9:00 बजे से महिला क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित होगी। इन प्रतियोगिताओं में शामिल होने की इच्छुक छात्राओं को गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना पंजीकरण करना होगा तथा प्रत्येक दिन खेल प्रतियोगिताएं प्रारंभ होने के पूर्व खेल विभाग के सम्मुख उपस्थित होना होगा। अब तक 200 अधिक छात्राओं ने इन प्रतियोगिताओं में अपना पंजीकरण करा लिया है तथा पंजीकरण अभी भी जारी है खो खो एवं कबड्डी में 100 से अधिक पंजीकरण हुए हैं। महाविद्यालय की क्रीडा समिति के संयोजक डॉ शंभू शरण प्रसाद के अनुसार महाविद्यालय के 48 वे वार्षिक कीड़ा समारोह ‘स्पर्धा- 2026’ के दौरान दिनांक 12 एवं 13 फरवरी को 100, 200, 400,800,1500,5000, 10,000 मीटर की विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं के साथ-साथ 100 मीटर बाधा दौड़, 100 गुणें 4 मीटर रिले दौड़, ऊंची कूद, गोला फेक, भाला प्रक्षेपण, लंबी कूद, चक्र प्रक्षेपण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने हेतु भी छात्राओं को अपना गूगल फॉर्म पर ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य है। यह पंजीकरण 12 फरवरी के सुबह 10:00 बजे तक जारी रहेगा। इस बृहद खेल आयोजन को सफल बनाने हेतु स्वागत समिति, मार्च पास्ट समिति, प्राथमिक उपचार समिति, अनुशासन समिति, ट्रेक निर्माण समिति, साज सज्जा समिति, पुरस्कार समिति, निर्णायक, अभिलेख एवं मुद्रण आदि समितियो का निर्धारण हो गया है। सभी समितियां अपने दायित्वों के सम्यक निर्वहन हेतु क्रियाशील हो गई है। दिनांक 11 फरवरी को डॉ सर्वेश सिंह एवं डॉ मनीष सोनकर के नेतृत्व में स्पर्धा प्रतियोगिता के ट्रेक निर्माण का कार्य संपन्न किया जाएगा। इस अवसर पर क्रीड़ा समिति के सदस्य डॉ शिव कुमार, डॉ सारिका सिंह, डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ पीयूष सिंह आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे।
NHAI के कनेक्टिविटी को लेकर पीयूष अग्रवाल ने कहा……
गाजीपुर। आमजन को सुगम यात्रा के साथ ही कम समय में उन्हें महानगरों से जोड़ने के लिए भारत सरकार के द्वारा लगातार हाईवे निर्माण के कार्यों पर जोर दिया जा रहा है और इसी की कड़ी में गाजीपुर में जहां पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और फॉर लेंथ का निर्माण कराया गया वहीं अब ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का भी निर्माण कराया जा रहा है जो गाजीपुर के हृदयपुर से शुरू होकर छपरा के सहावलपुर तक करीब 134 किलोमीटर का निर्माण हो रहा है जिसमें पचासी परसेंट का निर्माण पूर्ण हो चुका है शेष 15% कम आगामी जून महीना तक पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है।

गाजीपुर जनपद को बिहार के छपरा मांझी घाट तक जोड़ने के लिए NHI के द्वारा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया जा रहा है जिसकी लंबाई करीब 134 किलोमीटर की बताई जा रही है जो कुल 4 फेज में बनाई जा रही है और इसके बनाने में लागत 5311 करोड रुपए की आ रही है और इसका निर्माण कार्य काफी प्रगति पर चल रहा है और इसी को लेकर NHI के द्वारा इस प्रोजेक्ट का मीडिया ब्रीफिंग का कार्य कराया गया जिसको लेकर प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष अग्रवाल ने बताया कि यह हाइवे नेशनल हाईवे 31 का बाईपास मार्ग है।

इस मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण भारत सरकार के द्वारा इस तरह के हाईवे निर्माण की मंजूरी दी गई थी जिसमें इसकी लंबाई 134 किलोमीटर है जो गाजीपुर के हृदयपुर से स्टार्ट होकर छपरा के सहबलपुर में जाकर समाप्त होता है और इस प्रोजेक्ट में 185 गांव यूपी के और चार गांव बिहार के आते हैं और इसके बनने से बिहार बक्सर बलिया की कनेक्टिविटी सीधे लखनऊ से हो जाएगी और उसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली को भी कनेक्ट कर देगा।

उसके बनने से अब लोगों का समय भी बचत होगा क्योंकि पहले गाजीपुर से मांझी घाट तक जाने में करीब 4 घंटे लगते थे अब यह दूरी मात्र डेढ़ घंटे में पूरी हो जाएगी इसके निर्माण को लेकर बताया कि इसमें करीब 85 % कार्य पूरे हो चुके हैं शेष 15% कम जल्द ही पूरे हो जाएंगे इस पर स्पीड को लेकर बताया कि 100 किलोमीटर की स्पीड को लेकर इस हाईवे का निर्माण किया गया है।

पूरे हाईवे पर लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है और यह पूरा हाईवे फोर लेंथ की है और सेफ्टी के लिए एडवांस सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है जिससे कि कभी भी कोई दुर्घटना या हादसा होने पर तत्काल सूचना मिलते ही तत्काल राहत के लिए एंबुलेंस और अन्य संसाधन लोकेशन पर भेजा जा सके कार्य के प्रगति को लेकर बताया कि जून महीने तक कार्य को पूर्ण कर लिया जाएगा।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्राचार्य ने किया सम्मानित
राजकीय महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना का तृतीय एकदिवसीय शिविर संपन्न।
गाजीपुर। बुधवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में राष्ट्रीय सेवा योजना का तृतीय एकदिवसीय शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को मूर्त रूप देते हुए स्वयंसेवी छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर की साफ सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।

साथ ही वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डा. रामनाथ केसरवानी, कार्यक्रम अधिकारी डॉ ओम शिवानी व डॉ मनीष के निर्देशन में स्वयंसेवी छात्राओं ने पेड़ों की रंगाई करते हुए परिसर को सुंदर व मनोरम बनाने में उत्साह पूर्वक भाग लिया।

स्वयंसेवी छात्राओं की लगन व मेहनत को सराहते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका प्रोफेसर अनिता कुमारी ने स्वच्छता कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं मनीषा, पुनीता, शमाइला नाज, अंजली, आकांक्षा, रिया, कविता, खुशी आदि स्वयंसेवी छात्राओं को पुरस्कृत किया।

स्वच्छता कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी द्वारा प्राध्यापकों एवं स्वयंसेवी छात्राओं को स्वच्छता संबंधी शपथ दिलाई गई। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ शिवकुमार, डॉ शशिकला, डॉ शिखा, डॉ सारिका, डॉ पीयूष आदि ने छात्राओं की मेहनत व लगन को सराहा ।

संपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जबीउल्लाह, तेजबहादुर, हेना ने विशेष भूमिका निभाई । शिविर का समापन सभी स्वयंसेवी छात्राओं को सूक्ष्म जलपान कराकर किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने दी कई विषयों पर मनमोहक प्रस्तुति
गाजीपुर। ‘संत बूला सांस्कृतिक क्लब’ राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयोजन में महाविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम’ का आयोजन मंगलवार को किया गया। इस आयोजन में एकल नृत्य हेतु 22 छात्राओं ने, सामूहिक नृत्य में 20 समूहों ने, एकल गीत गायन में 18 छात्राओं ने, समूह गीत गायन में 05 समूहों ने, तथा अभिनय में कुल 05 छात्राओं ने अपनी प्रस्तुती दी। भारतीयता, मूल्य, सद्भाव, जिजीविषा, उत्साह, उल्लास, लोक, शिक्षा, नारी शक्ति, उत्सव, पर्व एवं विविधता में एकता जैसे विषयों को छात्राओं ने अपनी प्रस्तुती के माध्यम से प्रदर्शित किया।

निर्णायक मण्डल डॉ. शशिकला जायसवाल, डॉ. सारिका सिंह एवं डॉ. शिखा सिंह ने सभी छात्राओं की प्रस्तुतियों का सूक्ष्म एवं गहन निरीक्षण कर उनका मूल्यांकन करते हुए अपना निर्णय प्रस्तुत किया। एकल गीत गायन में इन्दा चौधरी को प्रथम स्थान, सामूहिक गायन में संध्या एवं उनकी साथियो को प्रथम स्थान, एकल नृत्य में श्वेता कुमारी रावत को प्रथम स्थान, सामूहिक नृत्य में बैष्णवी एवं उनकी साथियों को प्रथम स्थान तथा अभिनय के एकल वर्ग में स्नेहा वर्मा एवं समूह में शिवांगी राय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।

इस बात को सभी ने महसूस किया कि स्नेहा एक उभरती हुई कलाकार हैं। स्नेहा के अभिनय एवं भाव- भंगिमा का कहना ही क्या था। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी ने कहा कि कोई भी देश अपनी संस्कृति से पहचाना जाता है। भारत की गौरवशाली संस्कृति सदियों से प्रवाहमान है। हम सब उसके संवाहक हैं। संस्कृत मंत्रालय उत्तर प्रदेश एवं भातखण्डे विश्वविद्यालय की यह पहल अपनी संस्कृति को सजोने -सवारने में एक मील पत्थर साबित होगी ।

निर्णायक मण्डल की सदस्य डॉ. शशिकला जायसवाल ने कहा कि सभी के प्रदर्शन बहुत अच्छे थे। इतना अच्छा था कि हमे चयन करते में बहुत मुश्किल हो रहा था। डॉ. सारिका सिंह ने कहा कि आप सभी बहुत परिश्रमी एवं ऊर्जावान हैं। सबका प्रदर्शन उत्कृष्ट है, पर चयन हमें किसी एक का करना था। डॉ. शिखा सिंह ने कहा कि कोई भी परिणाम अंतिम नहीं होता। अभी कई और कार्यक्रम होगे। जिनका इसमें स्थान नहीं लगा वह अगली बार स्थान पायेंगे।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. निरंजन कुमार यादव ने कहाँ इस कार्यक्रम की तरह ही हमारी संस्कृति अद्भूत, अतुलनीय और मनोहारी हैं। इसे संरक्षित करना है, इसमें श्री वृद्धि करना है, जडताओ और पूर्वाग्रह से मुक्त हो इसके सद्भाव एवं सौहार्द को चतुर्दिक प्रसार करना है । इस अवसर पर मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार सहित डॉ. रामनाथ केसरवानी ,डा राजेश कुमार यादव, डा मनीष सोनकर,डा आनंद चौधरी, पीयूष सिंह आदि शिक्षकगण और छात्राएं उपस्थित रही।


विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर राजनैतिक दलों के साथ डीएम ने की बैठक
गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा विस्तार से अनमैप्ड मतदाताओं को नोटिस से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गयी और राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण से फीडबैक लेते हुए इस कार्य में आ रही कठिनाईयों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में 06 जनवरी 2026 को निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन किया गया है तथा 06 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक दावा एवं आपत्तियाँ प्राप्त की जा रही है। दावा एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया नोटिस चरण, सुनवाई, सत्यापन 06 जनवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जाएगी तथा 06 मार्च 2026 को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने अवगत कराया कि आयोग द्वारा निर्धारित चार अर्हता तिथियों (01 जनवरी 2026 के अतिरिक्त, 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026) को जिस युवाओ की उम्र 18 हो रही है सभी अर्ह मतदाता निर्धारित प्रपत्रों (फार्म-6) एंव ऑन लाइन पक्रिया के माध्यम से आवेदन कर अपना नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित करा सकते है। उन्होंने अवगत कराया कि ऐसे युवा मतदाता जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं तथा जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे घोषणा पत्र सहित फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। आलेख्य प्रकाशित नामावली में सम्मिलित नाम को हटाने हेतु फार्म 7, व विद्यमान मतदाता सूची में किसी प्रविष्टि में संशोधन करने या मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रति स्थापन, दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन करने एवं निवास स्थान परिवर्तन हो जाने के संबन्ध में फार्म-8 घोषणा पत्र के साथ बीएलओ के पास जमा कर सकते है। उन्होंने समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपेक्षा की कि अधिक से अधिक संख्या में फार्म-6,7 एवं फार्म-8 भरवाने हेतु नियुक्त बीएलए को निर्देशित करने का कष्ट करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में अधिक से अधिक युवा मतदाताओं के नाम सम्मिलित करने हेतु ECINETmobile app और htttp//voters.eci.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नागरिकों को व्यापक रूप से जागरूक किया जाए।
बैठक मे उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार एवं राजेश कुमार सपा, रविकान्त राय कांग्रेस, सुभाष राम सिपाही बसपा, दशा शंकर पाण्डेय भाजपा, जावेद अहमद आप पार्टी, उपस्थित थे।