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महिला पीजी कॉलेज में एनसीसी प्रथम वर्ष प्रवेश चयन परीक्षा संपन्न

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एनसीसी प्रथम वर्ष प्रवेश चयन परीक्षा संपन्न…

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में एनसीसी आर्मी विंग प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु 6 अगस्त को चयन परीक्षा आयोजित की गई। इस वर्ष प्रथम वर्ष के लिए कुल 41 सीटें निर्धारित हैं, जिनके सापेक्ष 120 छात्राओं ने चयन प्रक्रिया में भाग लिया। चयन प्रक्रिया 28 यू.पी. गर्ल्स बटालियन के सूबेदार मेजर संजय कुमार एवं पी.आई. स्टाफ की उपस्थिति में संपन्न हुई। छात्राओं का चयन उनकी शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता तथा हिंदी एवं अंग्रेजी पठन क्षमता के आधार पर किया गया।

एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट शशिकला जायसवाल ने बताया कि चयनित छात्राओं का ऑनलाइन प्रवेश एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। चयनित कैडेट्स को केंद्र सरकार द्वारा यूनिफॉर्म भत्ते के रूप में ₹4,400 की धनराशि प्रदान की जाएगी, जिसका भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से उनके बचत बैंक खातों में किया जाएगा।

इस अवसर पर 28 यू.पी. गर्ल्स बटालियन की नवनियुक्त कमांडिंग ऑफिसर कर्नल कल्याणी देशपांडे ने महाविद्यालय के एनसीसी विंग का निरीक्षण किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद ने कर्नल देशपांडे तथा एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर मेजर संगीता का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

कर्नल देशपांडे ने बी एवं सी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में अध्ययनरत कैडेट्स से संवाद किया तथा उनकी सक्रियता, अनुशासन एवं प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने एनसीसी को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम बताया।
समस्त कार्यक्रम एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट शशिकला जायसवाल के निर्देशन एवं नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

समस्याओं को लेकर एसडीओ से मिले सभासद, किया मांग

जमानियां,गाजीपुर। स्थानीय स्टेशन बाजार में अघोषित विद्युत कटौती ने उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। लोकल फाल्ट के चलते बिजली के आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं रह गया है। राधाकृष्ण मंदिर से लेकर गांधी चौक तक का हो गये जर्जर तारों ने उपभोक्ताओं के नाक में दम कर रखा है। नगरवासियों की समस्याओं के दृष्टिगत सभासद प्रमोद यादव ने गुरुवार को एसडीओ विद्युत को पत्रक देकर राधाकृष्ण मंदिर से गांधी चौक व उसके आस पास तक के जर्जर तारों को बदलने तथा कवर्ड केविल लगाने, बस स्टैण्ड के पास खुले में लगे ट्रान्सफार्मर पर सुरक्षा जाली लगवाने सहित स्टेशन बाजार के लिए बनाया गया स्वतंत्र फीडर को यथाशीघ्र चालू करवाने की मांग किया है।

सभासद ने बताया कि स्टेशन बाजार की विद्युत व्यवस्था चरमरा गया है, जर्जर तार फाल्ट के कारण बन रहे है वही खुले में लगा ट्रान्सफार्मर हादसे को आमंत्रित कर रह है। स्टेशन बाजार के लिए वर्षो से बना स्वतंत्र फीडर कुछ पोल व तार के न लगने के कारण चालू नहीं हो पाया है, जिससे स्टेशन बाजार निवार्ध विद्युत आपूर्ति से बंचित हो गया है। इन सभी समस्याओं के निदान हेतु मांग पत्र सौपा गया है। एसडीओं विद्युत लोकेश कुमार ने आश्वासन दिया है कि यथाशीघ्र विद्युत समस्याओं का समाधान किया जायेगा।

डीएम की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक संपन्न

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक संपन्न।

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार की देर सायं कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत योजनाओं की प्रगति, सहित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति एवं पेंशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा सभी महाविद्यालयों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

साथ ही तहसील स्तर पर भी बैठकें आयोजित कर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं से संबंधित प्रगति का समयबद्ध रूप से पोर्टल पर फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए जिन विभागों को असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ, उन पर नाराजगी व्यक्त की तथा अधिकारी को असंतुष्ट फीडबैक की समीक्षा की निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन की शिकायतों का प्रभावी समाधान हो सके।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को शीघ्र शुरू कराने के लिए सांसद डा.संगीता बलवंत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से किया आग्रह

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को शीघ्र शुरू कराने के लिए सांसद डा.संगीता बलवंत ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से किया आग्रह

गाजीपुर। राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने गाजीपुर, चंदौली सहित पूर्वांचल के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-24 (पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-97) के अंतर्गत प्रस्तावित महाराजगंज (गाजीपुर)–जमानिया–सैयदराजा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण एवं बजट आवंटन को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र देकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

सांसद डा.संगीता बलवंत ने अपने पत्र में अवगत कराया कि वर्ष 2019-20 में इस लगभग 41.6 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। यह महत्वाकांक्षी परियोजना चंदौली जनपद के 39 गांवों तथा गाजीपुर जनपद के 21 गांवों से होकर गुजरेगी। परियोजना के पूर्ण होने से गाजीपुर,चंदौली, गोरखपुर क्षेत्र सहित बिहार के लाखों लोगों को बेहतर एवं सुगम सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे यात्रा का समय और दूरी दोनों में कमी आएगी तथा क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

डा.संगीता बलवंत ने कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके निर्माण से क्षेत्र में व्यापार, निवेश, रोजगार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को आधुनिक सड़क सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए शीघ्र बजट उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का आग्रह किया।

गौरतलब है कि सांसद डा.संगीता बलवंत लगातार संसद से लेकर मंत्रालयों तक गाजीपुर एवं पूर्वांचल के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाती रही हैं। क्षेत्र के विकास, बेहतर आधारभूत संरचना तथा जनसुविधाओं के विस्तार के लिए उनका निरंतर प्रयास जारी है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद डा. संगीता बलवंत को इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया है।

भोजपुरी फिल्म ‘कवन कसूर’ का भव्य प्रीमियर, लेखक-निर्देशक राधेश्याम राय के काम की सराहना

गाजीपुर में भोजपुरी फिल्म ‘कवन कसूर’ का भव्य प्रीमियर, लेखक-निर्देशक राधेश्याम राय के काम की सराहना

गाजीपुर में भोजपुरी फिल्म ‘कवन कसूर’ का भव्य प्रीमियर एक निजी होटल में आयोजित किया गया, जहां फिल्म को सैकड़ों दर्शकों का शानदार प्रतिसाद मिला। फिल्म के प्रदर्शन के बाद दर्शकों ने इसकी कहानी, प्रस्तुति और संगीत की जमकर सराहना करते हुए इसे लंबे समय बाद आई एक सार्थक भोजपुरी फिल्म बताया। इस दौरान भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय मौजूद रहे।

फिल्म के लेखक-निर्देशक राधेश्याम राय ने अपनी सशक्त कहानी और निर्देशन के जरिए भोजपुरी सिनेमा को नई सोच देने का प्रयास किया है। उनकी इस पहल को दर्शकों ने खूब सराहा और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वे इसी तरह की गुणवत्तापूर्ण फिल्में लेकर आएंगे।

फिल्म के निर्माता रुद्र तिवारी, रजत तिवारी और वंदना राय हैं। मुख्य भूमिकाओं में राज सिंह, गुंजन पंत, सोनालिका, सुशील सिंह और ललितेश झा नजर आए हैं। फिल्म के गीत पी. केशरी ने लिखे हैं, जबकि संगीत हर्ष राज हर्ष ने दिया है। इस दौरान विनोद राय, आशीष सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

एनसीसी प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु 6 अगस्त को आयोजित होगी चयन परीक्षा

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में एनसीसी प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु 6 अगस्त को, चयन परीक्षा आयोजित की गई है।
28 यूपी गर्ल्स बटालियन की कमांडिंग आफिसर कर्नल कल्याणी देशपांडे एवं एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर मेजर संगीता के द्वारा कल महाविद्यालय की एनसीसी यूनिट का विजिट भीकिया जाएगा।
इस वर्ष एनसीसी के प्रथम वर्ष हेतु कुल सीटों की रिक्तियां 41 है। जिसके सापेक्ष 120 पंजीकरण हुए हैं। 6 अगस्त को प्रातः 10:00 बजे से चयन परीक्षा महाविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई प्रांगण में शुरू होगी।

एक टूल की तरह करें AI का प्रयोग:योगेंद्र प्रताप सिंह

गाजीपुर। राजकीय महिला महाविद्यालय महुआबाग में बुधवार को विद्यार्थियों व शोधार्थियों हेतु कृत्रिम मेधा संबंधित व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय था: कृत्रिम मेधा-शोध की संभावनाएँ एवं चुनौतियाँ व मुख्य वक्ता के रूप में गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान, झूसी, प्रयागराज के निदेशक प्रो योगेंद्र प्रताप सिंह ने इस विषय पर अपना वक्तव्य रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शोध को गहन होना चाहिए। कृत्रिम मेधा की महत्ता को स्वीकार करते हुए उन्होंने बुद्धिमत्ता से इसका उपयोग करने का सुझाव दिया।

मुख्य वक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने इसके उपयोग के सही तरीके से विद्यार्थियों व शोधार्थियों को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी नवाचार के साथ अच्छाई व बुराई दोनों आते हैं किन्तु उस नवाचार को स्वीकृति तभी मिलती है, जब उसका सदुपयोग अधिक हो। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा हमारी प्रतिच्छाया की तरह उपस्थित है, यही कारण है कि यह सृजन कर सकता है और यदि सृजन कर सकता है तो संहार भी कर सकता है। उन्होंने नवीन पीढ़ी को सतर्क होने का सुझाव देते हुए कहा कि पहला विश्वास अपने विद्यालय -महाविद्यालय व गुरु पर ही करें।

मुख्य वक्ता ने शोध के लिए परप्लेक्सिटी AI टूल के बारे में बताते हुए कहा कि AI का प्रयोग मात्र एक टूल की तरह ही करें, उससे मात्र सहायता लें। अपने व्याख्यान के अन्त में उन्होंने शोधार्थियों के कुछ प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनकी समस्याओं का निवारण किया। कार्यक्रम का संचालन कर रही डॉ शशिकला जायसवाल ने इसको अपना गुरु न बनाने की सलाह दी।


कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ शिव कुमार, डॉ संगीता मौर्य, डॉ सारिका सिंह, डॉ रामनाथ केसरवानी, डॉ शिखा सिंह आदि शोध पर्यवेक्षक एवं हिंदी, जंतु विज्ञान, अंग्रेजी, उर्दू, मनोविज्ञान, गृहविज्ञान, इतिहास आदि विषयों के विद्यार्थी व शोधार्थी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन शोध प्रभारी डॉ निरंजन यादव ने किया।

जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित कर समाजवादियों ने लिया संकल्प

गाजीपुर। बुधवार को समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में पार्टी कार्यालय समता भवन पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में समाजवादी पुरोधा जनेश्वर मिश्र की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम और विचार गोष्ठी हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जनेश्वर मिश्रा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया और देश की सत्ता पर हुकूमत कर रही तानाशाह सरकार को सत्ता से बेदखल करने का संकल्प लिया ।
गोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए बतौर मुख्य वक्ता पीजी कालेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर श्री कांत पांडे ने जनेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें खांटी समाजवादी नेता बताया। उन्हें जन सरोकार से जुड़ा और आंदोलन का नेता बताया। उनके व्यापक सोच की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज वर्तमान राजनीतिक दौर में वह पुनः प्रासंगिक हो उठे हैं। उन्होंने कहा देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है ऐसे दौर में आज मुल्क को जनेश्वर जैसे नेतृत्व की जरूरत है जो तमाम विभिन्न विचारधाराओं के लोगों को एक मंच पर संघर्ष का रास्ता अख्तियार कर मुल्क की इस साम्प्रदायिक और संकीर्ण सोच तथा तानाशाही हुकूमत से देश को मुक्ति दिला सके।


गोष्ठी में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की जनविरोधी , तानाशाही और पूंजीपरस्त नीतियों के चलते देश आज क्रांति के मुहाने पर खड़ा है। उन्होंने जनेश्वर मिश्र को महान नेता बताते हुए समाजवादी आंदोलन का प्रमुख स्तंभ बताया और कहा कि वह समाजवाद के पुरोधा थे। उन्होंने कहा कि आज देश भाजपा सरकार की तानाशाही नीतियों से आजिज है, संविधान की मूलभूत भावनाओं और लोकतंत्र की मर्यादा पर लगातार हमले हो रहे हैं, भाजपा सरकार के बुलडोजर तले आम आवाम के सपने लगातार रौंदे जा रहे हैं, ऐसे दौर में आज पूरा मूल्क जनेश्वर जी को बड़ी शिद्दत के साथ याद कर रहा है कि काश आज जनेश्वर जी होते तो देश की तानाशाही हुकूमत के खिलाफ मजबूत नेतृत्व प्रदान कर‌ इस जुल्मी सरकार से मुक्ति दिलाते। कार्यक्रम में पुर्व जिलाध्यक्ष डॉ नन्हकू यादव, प्रदेश सचिव सुशील जायसवाल, रविन्द्र प्रताप यादव,सदानंद यादव,अरूण कुमार श्रीवास्तव निजामुद्दीन खां, तहसीन अहमद, पुनीता यादव खुश्बू, सुनीता यादव,डॉ समीर सिंह,विजय शंकर यादव,राजेश यादव , राहुल निषाद,सुषमा बिंद,सुजीत यादव,चन्द्रेश्वर यादव,जुमाउद्दीन, अशोक कुमार यादव,रामाशीष यादव,सुग्गू यादव, दारा यादव,राधेश्याम यादव, द्वारिका यादव, हरवंश यादव,शारिक भाई,हरेन्द्र यादव लालू,आदि उपस्थित थे। इस गोष्ठी का संचालन जिला सचिव जयराम भारती ने किया।

राज्यसभा में डॉ. संगीता बलवंत ने उठाया विक्रम-1 की ऐतिहासिक सफलता का मुद्दा, कहा…..

नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने शून्यकाल के दौरान स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण का मुद्दा प्रभावी ढंग से सदन में उठाते हुए इसे भारत के अंतरिक्ष इतिहास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल एक रॉकेट के प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, वैज्ञानिक नवाचार और देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता का सशक्त प्रमाण है।

डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों, IN-SPACe की स्थापना और निजी क्षेत्र को मिले अवसरों का ही परिणाम है कि आज भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र भी वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता का सफल प्रदर्शन कर रहा है। इससे भारत विश्व की अग्रणी अंतरिक्ष शक्तियों में और अधिक मजबूती से अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।

उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इसरो, स्काईरूट एयरोस्पेस, IN-SPACe तथा मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, अभियंताओं और नवप्रवर्तकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

संसद में डॉ. संगीता बलवंत के तथ्यपूर्ण और प्रभावशाली वक्तव्य को सदन में गंभीरता से सुना गया। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, स्टार्ट-अप्स और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अंतरिक्ष अभियानों में भागीदारी करने वाला देश नहीं, बल्कि भविष्य की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का नेतृत्व करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान

विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सीएचसी मोहम्मदाबाद में चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान

गाजीपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह (1 अगस्त से 7 अगस्त) के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोहम्मदाबाद में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व, सही तरीके और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य माताओं को जागरूक कर नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।

सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि मां का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सबसे उत्तम और संपूर्ण आहार है। इसमें ऐसे सभी आवश्यक पोषक तत्व, एंटीबॉडी और प्रतिरक्षा शक्ति होती है, जो बच्चे को विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से बचाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि मां के दूध की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि यह शिशु के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अमूल्य है।

महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज कुमारी इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम “स्वस्थ शिशु, स्वस्थ मन, सशक्त परिवार और समृद्ध राष्ट्र” रखी गई है, जो स्वस्थ समाज के निर्माण में स्तनपान की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।

बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करा देना चाहिए। जीवन के पहले छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए और इस दौरान पानी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती। छह माह पूर्ण होने के बाद उपयुक्त पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्तनपान से न केवल शिशु को पोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता मिलती है, बल्कि मां को भी कई स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। उन्होंने समाज, परिवार और कार्यस्थलों से अपील की कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सहयोग और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रत्येक शिशु को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिल सके। विश्व स्थापना सप्ताह का आयोजन ग्राम स्तरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं प्राथमिक स्वास्थय केन्द से जन जागरुकता करते हुए हुऐ व्यवहारों को अपनाने में स्थानिय सीएचओ, एएनएम एवं आशा के सहयोग से किया जा रहा है।