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शाह फैज स्कूल के विद्यार्थियों को बीएसए ने दिया प्रशस्ति पत्र और मेडल

गाजीपुर। सोमवार को बाल दिवस के अवसर पर शाह फैज़ पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी.एस.ए. हेमन्त राव तथा ए.बी.एस.ए अविनाश कुमार थे। कार्यक्रम का आरम्भ प्राइमरी की छात्राओं द्वारा प्रार्थना गीत से हुआ। इस दौरान विद्यालय के निदेशक डा० नदीम अदहमी ने अतिथियों का स्वागत किया। अतिथियों का स्वागत छात्राओं ने गान प्रस्तुतिकरण कर किया। उक्त अवसर पर विशेष अतिथि द्वारा नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। बाल दिवस के अवसर पर विद्यालय के सभी मेधावी छात्र छात्राओं को 2021-22 के सी.बी.एस.ई. बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, नकद एवं मेडल उपहार स्वरुप दिया गया। सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं में इथि सिंह, विशाल कुमार, लाइबा इकराम, इशान सिंह,
अंशुमान सिंह कक्षा X से तथा मान्या राय, विवेक कुमार यादव, आयुषी गुप्ता, संजना सिंह, शिखा कुमारी तथा जुरका
नूरैन कक्षा XII से रहे। विद्यालय की प्रबन्धिका अतिया अदहमी ने अतिथियों को उपहार स्वरुप स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस दौरान हेमन्त राव ने विद्यालय की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए बोर्ड रिजल्ट में अपना परचम लहराने हेतु शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान गाकर किया गया।

बाल दिवस पर कामायनी दूबे ने दिया बच्चों को उपहार


गाजीपुर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार सोमवार को बाल दिवस विषय पर सेमिनार/कैम्प का आयोजन प्राथमिक विद्यालय मीरनपुर सक्का में किया गया। शिविर में कामायनी दूबे, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खण्ड विकास अधिकारी अविनाश कुमार, प्रधानाचार्य, सहायक अध्यापक एवं अन्य अध्यापिकाए व छात्र-छात्राए उपस्थित हुए। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय मीरनपुर सक्का में भाषण, सुलेख एवं चित्रकलां प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बाल अपचारियों ने देश शक्ति गीत एवं कविताएं सुनाई। प्रतियोगिताओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया तथा प्रतिभाग करने वाले बच्चों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पूर्णकालिक सचिव द्वारा बताया गया कि बाल दिवस भारत में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस पर 14 नवम्बर को मनाया जाता है। इस दौरान सचिव ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया, उन्हे जीवन में अच्छी राह पर चलने के लिए प्रेरित किया तथा समय की उपयोगिता बताई।

लम्बित पत्रावलियों के निष्पादन के लिए अपर जिलाधिकारी ने की बैठक


गाजीपुर। सोमवार को जनपद में वन स्टाप सेन्टर के कैन्टीन संचालन तथा रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष के अर्न्तगत लम्बित पत्रावलियों के निष्पादन हेतु अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में महिला सम्मान कोष अर्न्तगत कुल पॉच पत्रावली समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा एक-एक पत्रावलियों का गहन अवलोकन किया गया। जिसमें से दो पत्रावलियां नियमानुसार पात्रता के श्रेणी में पायी गयी। प्रत्येक को समिति द्वारा तीन- तीन लाख रूपये दिये जाने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार वन स्टॉप सेन्टर अर्न्तगत कैन्टीन संचालन हेतु सात आवेदन पत्र सापेक्ष एक आवेदन अनुभव के आधार पर कैन्टीन संचालन किये जाने हेतु विकास स्वयं सहायता समूह गोराबाजार का चयन किया गया। बैठक मे अशोक कुमार सिंह प्रभारी महिला प्रकोष्ठ, संजय कुमार सोनी जिला प्रोबेशन अधिकारी, शिव शंकर क्षेत्रीय प्रबन्धक अग्रणी बैंक यू0बी0आई0, डा0 एस0डी0 वर्मा डी0सी0एम0ओ0, डा0 तारकेश्वर वरिष्ठ परामर्शदाता महिला चिकित्सालय, भैया प्रेमचन्द्र अभियोजन अधिकारी, डॉ0 अनुपमा राय चिकित्साधिकारी होम्योपैथिक मेडिकल कालेज गाजीपुर, डॉ0 वी0डी0 मिश्रा से0नि0 एसोशिएट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग पी0जी0 कालेज, एवं रामविलास यादव जिला समाज कल्याण अधिकारी उपस्थित थे।

“बाल मन के स्पष्ट झांकी बाल कहानियों में होती है”

“बाल मन के स्पष्ट झांकी बाल कहानियों में होती है”


गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को सुप्रसिद्ध बाल कथाकार पवन कुमार वर्मा ने बाल कहानियों पर एक संक्षिप्त व्याख्यान दिया। बाल दिवस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बालमन की स्पष्ट झांकी बाल साहित्य में देखने को मिलती है। बाल मन को पढ़ना बहुत कठिन कार्य है। लेकिन यदि उनके मन को पढ़ लिया जाए और उनकी बात को ठीक से समझ लिया जाए और उनके साथ उन्हीं के मन की करते हुए उन्हें सीखने और समझने का अवसर दिया जाए तो निश्चित रूप से नई पीढ़ी का सर्वोत्तम विकास होगा, जिससे उन्नत राष्ट्र बनेगा। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज को अपनी कहानी एक बाल कहानी संकलन "श्रेष्ठ बाल कहानियां" नामक पुस्तक भी भेंट की। विदित है कि इस पुस्तक को कर्नाटक सरकार ने कन्नड़ में अनुवाद करा कर अपने शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम में रखा है। इन्हे अब तक आधा दर्जन से अधिक बाल कहानियों का संकलन पुस्तक रूप मे आ चुकी है। इस अवसर पर हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ संगीता मौर्य, डॉ निरंजन कुमार यादव, डॉ शशि कला जायसवाल महाविद्यालय के प्राध्यापक गण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

एक बार फिर नगर पालिका ने दिया नगर वासियों को लाखों रुपए का तोहफा

उर्दूबाजार वार्ड में नवनिर्मित सामुदायिक भवन एवं दो सड़को कुल 32 लाख की लागत का लोकार्पण एवं एक मिनी ट्यूबवेल का शिलान्यास


गाजीपुर। सोमवार को नगर पालिका द्वारा वार्ड नं0 18 उर्दूबाजार में सामुदायिक भवन एवं नवनिर्मित दो सड़कों का लोकार्पण करने के साथ ही 10 एच0पी0 मिनी नलकूप अधिष्ठापन का शिलान्यास कृष्ण बिहारी राय एवं नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर कृष्ण बिहारी राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज तीन कार्यों का लोकार्पण एवं मिनी ट्यूबवेल का शिलान्यास कार्यक्रम से हमसब क्षेत्रवासी बेहद सुख का अनुभव कर रहे हैं और यहाँ की जनता के चेहरे पर आयी मुस्कुराहट से हम यह महसूस करते हैं कि न0पा0 अध्यक्ष व सभासद के कार्यों से लोग प्रसन्न हैं। जो सामुदायिक भवन का निर्माण हुआ है इससे क्षेत्र की जनता को छोटे-छोटे कार्यक्रम करने में सहुलियत होगी। यह भवन बहुपयोगी ही नहीं गरीबों के लिए वरदान है। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि आप सभी के सहयोग एवं आशीर्वाद से नगर के विकास हेतु हम सब कृत संकल्पित हैं। हमने बहुत सारे विकास कार्य किए और लगातार विकास का क्रम जारी है। पालिथीन का उपयोग न करने की सलाह देते हुए उससे होने वाले नुकसान के बारे में अवगत कराया।

पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने बताया कि उर्दूबाजार वार्ड में नगर पालिका की जमीन पर सामुदायिक भवन लगभग 20 लाख की लागत से, उर्दूबाजार में भोला विश्वकर्मा के मकान से गुन्नी पाण्डेय के मकान तक ढक्कनयुक्त नाली व इण्टरलाकिंग सड़क लगभग 7 लाख की लागत से एवं रूईमण्डी (कागदी महाल) में कन्हैया कुशवाहा के मकान से संदीप गुप्ता के मकान होते हुए शिवजी के मन्दिर तक सी0सी0 सड़क लगभग 5 लाख की लागत से कुल लगभग 32 लाख की लागत से निर्मित कार्य का लोकार्पण कर जनता को सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही उर्दूबाजार के कागदी महाल में 10 एच0पी0 मिनी नलकूप का अधिष्ठापन कार्य का शिलान्यास भी किया गया। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने नगर में तीव्र गति से हो रहे विकास कार्य को भी गिनाया जैसे नगर में आर0ओ0 वाटर प्लान्ट, कुओं का सुन्दरीकरण, घाटो पर चेंजिंग रूम, दिशा निर्देशन बोर्ड, ओवर हैण्ड टेंको की मरम्मत, रंगाई-पोताई, पम्प हाउस का मरम्मत, हैण्डपम्पो का रिबोर व नया अधिष्ठापन आदि कार्य हैं। इस मौके पर अल्प संख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष गुलाम कादिर राईनी, रासबिहारी राय, निर्गुणदास केशरी, सन्तोष जायसवाल, अर्जुन सेठ, गिरधारी जायसवाल, सुरेश प्रसाद गुप्ता, राजेन्द्र वर्मा, घनश्याम प्रसाद गुप्ता (वकील) सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामचन्दर पाण्डेय एवं संचालन अजय गुप्ता ‘सोनू’ एवं आभार प्रकाश क्षेत्रीय सभासद हरिलाल गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जेई जल पूजा सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, महामंत्री अजय कुशवाहा, हेमन्त त्रिपाठी, जावेद अहमद, बंगाली वर्मा, सीमा जायसवाल, डिम्पल वर्मा, संदीप शाह, सुनील वर्मा, रिंकू जायसवाल के अलावा सभासद/प्रतिनिधि अनिल वर्मा, सुशील वर्मा, संजय राम, ओमप्रकाश वर्मा, रूपक तिवारी, समरेन्द्र सिंह, अमरनाथ दुबे, विनोद कुशवाहा, नेहाल अहमद के अतिरिक्त कतवारू कश्यप, संजय गुप्ता उर्फ गोली, विनय गुप्ता, फिरोज खान, योगेश गुप्ता, रामसेवक चैहान सहित आदि क्षेत्रवासी मौजूद थे।

ग्रामीण अंचल में शिक्षा की अलख जगाने के लिए पूर्व शिक्षामंत्री का योगदान अद्वितीय

गाजीपुर। (सादात) पूर्व शिक्षामंत्री एवं समता कालेज के संस्थापक स्व. कालीचरण यादव को उनकी पांचवी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। विद्यालय में रविवार को आयोजित सादे समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य रामधनी शर्मा, प्रबंधक इंजी. सभाजीत यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ. रणजीत यादव, अभिषेक यदुवंशी, डॉ. रणवीर यादव, सर्वेश कुमार यादव, डा. विंध्याचल यादव, जितेन्द्रनाथ पाण्डेय, सुदामा विश्वकर्मा, जगदीश, वंशनरायन यादव, संतोष यादव आदि ने पूर्व शिक्षामंत्री की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि सर्वोदय इंटर कॉलेज हुरमुजपुर के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामधनी शर्मा ने स्व. कालीचरण यादव के सामाजिक व राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में शिक्षा की अलख जगाने के लिए पूर्व शिक्षामंत्री का योगदान अद्वितीय है। उन्होंने न सिर्फ जनपद अपितु पूरे प्रदेश को शिक्षा जगत में एक अलग पहचान देने का काम किया। उन्होंने राजनीतिक लाभ के चलते कभी भी सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया। कहा कि उनकी पहचान निष्पक्षता, निर्भीकता, कर्मठता तथा समाजसेवी के रूप में रही है, जबकि आज के राजनीतिज्ञों में इन चीजों का अभाव है। समता पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर रणजीत सिंह ने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलना और उनके विचारों को आत्मसात करना ही सही मायने में उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। समता कालेज के प्रबंधक एवं उनके सुपुत्र इंजी. सभाजीत यादव ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गरीब परिवार के होने के बावजूद उन्होंने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और जीवन पर्यंत संघर्ष करते रहे। इसी का नतीजा रहा कि शिक्षक होने के साथ ही डा. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर राजनीति में भी उतरे और प्रदेश को शिक्षामंत्री के रूप अलग पहचान दिलाने का काम किये।

अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में लोक भाषा और लोक संस्कृति पर हुई चर्चा

गाजीपुर। लोक साहित्य तथा संस्कृति के आयाम भारतीय परिप्रेक्ष्य विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी महिला पीजी कॉलेज में दूसरे दिन रविवार को भी जारी रही। प्रथम सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में प्रोफेसर आनंद सिंह ने कहा कि लोक को समझने के लिए सामंती प्रवृत्ति से छुटकारा पाना होगा ताकि नए सिरे से जनतांत्रिक और समावेशी प्रक्रियाओं का निर्माण कर संस्थाएं गढी जा सके। नेपाल से आए शिवनंदन जयसवाल ने भोजपुरी के विस्तार हेतु सार्थक प्रयास किए जाने पर बल दिया। गुजरात से चौधरी विमल कुमार बाबू सिंह ने दक्षिण गुजरात की बासवा जनजाति के लोकगीतों पर अपने शोध पत्र का वाचन किया। केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची के शोध छात्र राकेश कुमार ने जनजातियों परंपराओं के विश्लेषण से संबंधित शोध पत्र प्रस्तुत किया। नई दिल्ली से आई शोध छात्रा विजयलक्ष्मी ने एड्स जागरूकता हेतु संचार माध्यमों की उपादेयता पर अपना शोध पत्र पढ़ा। जनसत्ता के संपादक सूर्यनाथ सिंह ने लोक को बाजार द्वारा हडपे जाने की प्रक्रिया की विवेचना की। सत्र की अध्यक्षता कर रहे ज्योतिष जोशी ने संस्कृति के विचार और लोक पक्ष पर बात की। इस सत्र में वंशिका सिंह, सुजीत कुमार सिंह, अंजली सिंह इत्यादि ने भी शोध पत्र का वाचन किया। इस तकनीकी सत्र का संचालन डॉ संतन कुमार राम ने किया। दूसरे सत्र के मुख्य वक्ता लीबिया के प्रोफेसर अनिल प्रसाद रहे। इन्होंने अपने कांतापुरा उपन्यास के माध्यम से कहानी कहने की लोक परंपरा की नई शैली को उद्घाटित किया। इनके अनुसार बच्चों को लोक कथाओं को बताने से उनकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है तथा अपने प्रकृति एवं आसपास के प्रति जिज्ञासा एवं सूझ का विकास होता है।

डॉ संतोष कुमार सिंह ने हिंदी सिनेमा के गीतों में लोक स्वर की बात करते हुए हिंदी सिनेमा के भोजपुरी गीतों का मधुर गायन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ अतुल यादव ने समाज में लोक साहित्य के स्थानांतरण की प्रक्रिया पर चर्चा की। जबकि डॉ विवेकानंद पांडे ने भोजपुरी सिनेमा में लोकगीतों एवं संगीत की परंपरा पर प्रकाश डाला जिससे हमारी लोक भाषा एवं लोक संस्कृति समृद्ध होती है। सत्र की अध्यक्षता काशी हिंदू विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर संजय कुमार ने किया । आपने मौखिक एवं लिखित साहित्य के अंतर को समझाते हुए बताया कि हर वाचिक साहित्य लोग नहीं है तथा हर लिखित शास्त्र नहीं है। भोजपुरी लोक कहानियां का उदाहरण देते हुए देशज ज्ञान की समृद्ध विरासत की चर्चा की। अंतिम सत्र का संचालन डॉ शिव कुमार एवं आभार ज्ञापन डॉ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने किया। इसी सत्र में डॉ विकास सिंह ने प्राचीन उपासना पद्धति के विकास, प्रो अनिता कुमारी ने लोक कथा साहित्य की प्राचीन परंपरा, डॉ संगीता मौर्य लोक एवं स्त्री, डॉ राजेश यादव ने लोक संस्कृति और व्यवहारवादी राजनीति पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार के समापन सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर वशिष्ठ अनूप काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी ने किया तथा मुख्य वक्ता पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर की पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ अवध बिहारी सिंह रहे। सेमिनार का समापन वक्तव्य भोजपुरी साहित्यकार एवं कजरी पर बहुत चर्चित पुस्तक के लेखक हीरालाल मिश्र ने दिया। इस सत्र का संचालन डॉ विकास सिंह ने एवं आभार ज्ञापन सेमिनार के संयोजक काजी फरीद आलम ने किया। सेमिनार के दूसरे दिन लोक साहित्य एवं संस्कृति पर अत्यंत सारगर्भित एवं गंभीर विमर्श हुआ। इसमें लगभग भारत के 20 प्रांतों से एवं कई देशों के विद्वानों ने अपना वक्तव्य दिया। सेमिनार के अंतिम सत्र के रूप में लोक कलाओं का प्रदर्शन हुआ। इसके अंतर्गत पवन बाबू, रोहित प्रधान, अविनाश पांडे एवं जनपद तथा आसपास के स्थानीय लोक कलाकारों ने अपने लोक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर लोक कलाओं के संरक्षण एवं सतत प्रदर्शन की महत्ता को रेखांकित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सविता भारद्वाज, डॉ जितेंद्र नाथ राय, प्रोफ़ेसर उमाशंकर प्रसाद, डॉ अमित यादव, डॉ शैलेंद्र कुमार यादव, डॉ बालेन्दु विक्रम, शेरखान, डॉ राकेश पांडे, डॉ सुशील कुमार तिवारी एवं दूर-दूर से आए शोधार्थी, प्राध्यापक गण एवं सुधि छात्राएं एवं लोक कलाकार एवं सम्मानित श्रोता गण उपस्थित रहे।

महिला पीजी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आगाज

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “लोक साहित्य एवं संस्कृत के आयाम” भारतीय परिप्रेक्ष्य, विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शनिवार को समारोह पूर्वक आगाज आकाशवाणी की वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रख्यात लोक साहित्यकार प्रोफेसर नीरजा माधव ने किया। उन्होंने कहा कि वेद से पहले लोक आता है। महर्षि वाल्मीकि ने लोक से प्रेरित होकर ही रामायण की रचना की। हमारे तीज त्यौहार हमारी लोक परंपरा को ही दिखाते हैं। भारतीय मन के बिना भारतीय लोक संस्कृति को समझना मुश्किल है। इसके पूर्व जीवनोदय शिक्षा समिति गाजीपुर के सदस्य एवं समारोह के संयोजक काजी फरीद आलम ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। अतिथियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष डॉ राम नारायण तिवारी ने किया। इस दौरान महाविद्यालय की छात्राओं ने महाविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत करते हुए अतिथियों का स्वागत गीत, पुष्प एवं बैज अलंकरण द्वारा किया। मारीशस से पधारी डॉ विनोद बाला एवं तुर्की से आई प्रोफेसर एस टी जस्सल ने अपने लोक आख्यान के माध्यम से इसके वैश्विक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए लोक की ताकत एवं महत्ता को रेखांकित किया। वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि जिस देश की विरासत सुरक्षित नहीं रह सकती वह देश सुरक्षित नहीं हो सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सविता भारद्वाज ने डॉ राम नारायण तिवारी को लोक पुरुष की संज्ञा दी। आपके अनुसार जो प्राकृतिक रूप से स्वत ढंग से विद्यमान है वही लोक है। भारतीय लोग ताकतवर है। क्योंकि वह भगवान राम को भी कठघरे में खड़ा करने का साहस रखता है। हमारे संस्कारों में हमारा लोक उभरकर सामने आता है। आज लोक कलाकारों को बाजार भी मिला है, लेकिन हमें बाजार से अपने लोक को बचाना होगा। इस अवसर पर उच्च शिक्षा के लिए डॉ पी सी अभिलाष, डॉ भुनेश्वर दुबे, प्राथमिक शिक्षा के लिए रणधीर यादव, नियोजित शिक्षक बिहार के आशीष दुबे तथा सरस्वती विद्या मंदिर के राम उग्रह पांडे का संस्था द्वारा सम्मान किया गया। सेमिनार के प्रथम सत्र का संचालन हिंदी के विद्वान प्राध्यापक डॉ निरंजन कुमार यादव एवं संयोजन में सहयोग डॉ शिव कुमार, डॉ जितेंद्र नाथ राय और डॉक्टर शेरखान द्वारा किया गया।


समारोह के द्वितीय सत्र में डॉ विश्वनाथ मिश्र राजनीती शास्त्री आर्य महिला पीजी कॉलेज, वाराणसी डॉ मंजीत सिंह कुंवर पीजी कॉलेज, बलिया डॉ लाल बहादुर यादव जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा डॉ राम बहादुर मिश्र अवधी विद्वान ने लोक के संबंध में अपने उद्गार व्यक्त किए। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ शांति स्वरूप सिंह ने किया तथा सत्र का संचालन डॉक्टर राकेश पांडे एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफ़ेसर डॉ अनिता कुमारी ने किया। इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की एक प्रमुख विशेषता लोक कलाओं का प्रदर्शन एवं संगीतकारों का जमावड़ा रहा। संस्कृत संध्या के तहत तीसरे सत्र में लोक कलाओं का मनभावन प्रदर्शन रहा। जिसमें पवन बाबू ने देवी गीत, साल्टू राम एवं साथियों ने धोबी नृत्य, रामसेवक खरवार ने कहारवा नृत्य तथा मदन राय, के के पंडित रतन ओझा, जिया लाल ठाकुर एवं आशीष दुबे ने गायन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन दर डॉ श्रीकांत पांडे एवं अमरीश चौबे सेवानिवृत्त आईएफएस ने संयुक्त रूप से किया तथा तीसरे सत्र की अध्यक्षता सौदागर सिंह ने की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ सानंद सिंह, प्रोफेसर आनंद सिंह, उबेदुर रहमान, डॉ राघवेंद्र पांडे, प्रोफेसर एके मिश्रा, डॉ सुशील कुमार तिवारी, डॉ अविनाश शरण राय एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं आर्य महिला महाविद्यालय वाराणसी की छात्राएं एवं विभिन्न प्रदेशों से आए विद्वान प्राध्यापक गण एवं शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

डीएम ने रोका वेतन, दिया एफआईआर दर्ज करने का निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में 50 लाख से ऊपर की निर्माणधीन परियोजना की समीक्षा बैठक शनिवार को राइफल क्लब सभागार में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आवास विकास, सी एन डी एस जल निगम जौनपुर, लोक निर्माण विभाग, यू पी सिडको, प्रोजेक्ट कार्पोरेशन वाराणसी, आजमगढ़, सी0एल0डी0एफ गाजीपुर, उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी लि0 कार्यदायी संस्थाओ द्वारा कराये जा रहे कार्यो की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी लि0 गाजीपुर के परियोजना प्रबन्धक अनिल कुमार सिंह के बैठक में अनुपस्थित होने पर स्पष्टिकरण तथा जिला उद्यान अधिकारी एंव जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अनुपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक दिन वेतन काटने का निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा नरियांव उर्फ उमरगंज मे ग्रामीण पाईप पेयजल परियोजना जिसके कार्य पूर्ण होने की तिथि 2018 थी जिसकी भौतिक प्रगति 62 प्रतिशत होेने पर तथा उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लि0 निर्माण खण्ड ईकाई वाराणसी द्वारा जनपद गाजीपुर के पुलिस लाईन में 150 पुलिस कर्मियों हेतु बैरक जी-8 का निर्माण कार्य पूर्ण करने की तिथि फरवरी 2021 तक होनी थी, जिसमे पैसा पूरा प्राप्त होने पर भी भौतिक प्रगति 44 प्रतिशत है। जिसपर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित ठेकेदार के विरूद्ध एफ आई आर दर्ज कराते हुए रविवार शायं तक एफ आई आर की कॉपी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन-जिन निर्माण कार्याे की धनराशि उपलब्ध है तथा प्रगति कम है वहां मजदूरो की संख्या बढाते हुए कार्य में प्रगति लाया जाये तथा जिन परियोजनाओ में बजट का अभाव है उसे जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को पत्राचार कर बजट का आवंटन किया जाय। जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्र की सड़को को जिसका एक सप्ताह पूर्व निरीक्षण कर गढढामुक्त कराने का निर्देश दिया गया था उस पर अभी तक कोई भी कार्य प्रारम्भ न होने की स्थिति में नाराजगी व्यक्त करते हुए 20 नवम्बर 2022 की तारीख देकर सड़को को सही कराते हुए गढढामुक्त कराने का निर्देश दिया। कहा कि अन्यथा अगली एफ आई आर सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध की जायेगी। उन्होने लोक निर्माण के तीनो खण्ड के अधिकारियो को जनपद में गढढामुक्ती की प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य मानक के अनुरूप एवं गुणवत्तापुर्ण कार्य कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य मे धनावंटन के बाद भी कम प्रगति वाले कार्याे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्याे को गुणवत्ता पूर्ण  एवं मानक के अनुसार निर्धारित समय के अन्दर पूरा करने की कार्यवाही की जाये। उन्होने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्याे में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बहुत ही गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभाग के अधिकारी उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, संख्याधिकारी शैलेन्द्र मिश्रा, सम्बन्धित कार्यदायी संस्था एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एंव कर्मचारी उपस्थित थे।

जिले में अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनने से पूर्वांचल के किसानों को मिलेगा फायदा

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ0 संजय कुमार निषाद का एक दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत ’शहनाई पैलेस’ में उन्होंने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि गाजीपुर  में अल्ट्रा मॉडल मत्स्य मंडी बनने से पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर मत्स्य पालन करने वाले किसानों को फायदा मिलेगा। साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कहा कि इसकी कुल लागत 61.87 करोड़, 30 करोड़ केन्द्रांश, 20 करोड़ राज्यांश तथा 11.87 करोड़ मण्डी परिषद का अंश स्वीकृति किया जा चुका है। विभिन्न श्रेणी की अत्याधुनिक 113 नग दुकाने, प्रशासनिक भवन, अन्य बहुउद्देश्यीय अवसंरचनाओं का निर्माण होना है। उन्होने कहा कि मार्केट में आधुनिक तकनीकों से परिपूर्ण मत्स्य सम्बन्धित सभी घटक यथा थोक/फुटकर व्यापार, रंगीन मछलियों का व्यापार, मत्स्य बीज हेतु आउटलेट, प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना मत्स्य आहार, मत्स्य रोग निवारक मत्स्य उत्पादकों की उपलब्धता एक छत के नीचे संगठित रूप से किया जा सकेगा। मण्डी की स्थापना से वाराणसी मण्डल के साथ-साथ पूर्वाचल के समस्त जनपदों में मात्स्यिकी विकास से खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालको के मत्स्य उत्पादों का उचित मूल्य, रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे साथ ही अन्य राज्यों में मत्स्य निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होने कहा कि उ0प्र0 राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद द्वारा परियोजना निर्माण हेतु टेण्डर की कार्यवाही की जा रही है। इस दौरान मंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक किया और भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मत्स्य पालन और उनसे जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई में मछुआ समाज का कल्याण हुआ है। आगे भी निरंतर उत्थान हेतु सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के निर्देशन में मछुआ समाज कल्याण हेतु अलग से बजट तैयार हुआ और मछुआ समाज का हक और अधिकार उनके घर तक पहुंच सकें इसके लिए मत्स्य विभाग के माध्यम से उनको लाभान्वित किया जा रहा है। मंत्री डॉ संजय कुमार निषाद ने कहा कि मैं लगातार अपने समाज का मुद्दा विधानसभा और दिल्ली में जाकर उठाता रहा हूं, उन्ही प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि आज केंद्र और राज्य सरकार ने मछुआ समाज के उत्थान के लिए सकारात्मक कदम उठाना शुरू कर दिया है।