गाजीपुर।जिला सहकारी बैंक लि०, गाजीपुर के अध्यक्ष सरोजेश सिंह द्वारा जनपद के मीडिया बन्धुओं के साथ प्रेस वार्ता की गई जिसमें सहकारिता विभाग, उ०प्र०, की ओर से दिनांक 12.09.2025 से 12.10.2025 तक चलाये जा रहे सदस्यता महाअभियान 2025 के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की गयी। समितियों पर प्रत्येक किसान को सहकारिता से जोड़ने तथा सहकारिता के समस्त लाभ किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग द्वारा सदस्यता महाअभियान 2025 प्रारम्भ किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों को ‘‘सहकारी कृषक पंजिका‘‘ जारी करना है जो राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 का हिस्सा है। जिसमें किसान एवं उसकी भूमि के रकबे का विवरण होगा। सहकारी कृषक पंजिका 2025 के आधार पर सदस्यों को उर्वरक वितरण में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। कृषक पंजिका के आधार पर समिति में खाद की आपूर्ति की जायेगी ताकि किसान को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसलिए अध्यक्ष बैंक द्वारा अपने जनपद के किसानों से अनुरोध है कि आप किसान बन्धु 226.00 रू० मात्र जमा करके एम-पैक्स की सदस्यता ग्रहण करें ताकि खाद एवं योजानओं का लाभ प्राप्त कर सके। प्रेस कान्फ्रेस में विपिन कुमार सिंह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता जनपद-गाजीपुर एवं सुनील कुमार वर्मा, सचिव/मुख्यकार्यपालक अधिकारी, जिला सहकारी बैंक लि०, गाजीपुर आदि उपस्थित रहे।
गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील मुहम्मदाबाद में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता की उपस्थिति में तहसील सभागार सम्पन्न हुआ। जिसमे 63 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 06 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 239 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 28 शिकायत/प्रार्थना पत्रो का निस्तारण किया गया। इसी क्रम में तहसील सदर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता 31 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें 04 का मौके पर निस्तारण किया। तहसील सेवराई में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 21 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 03 का मौके पर निस्तारण किया गया। जखनियां तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 49 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मैके पर 03 का निस्तारण किया गया। तहसील कासिमाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 31 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 07 निस्तारण किया गया। तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 20 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 02 का निस्तारण किया गया।तहसील जमानियॉ में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 24 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें 03 का मौके पर निस्तारण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से संबंधित होते है इस लिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। तहसील के समस्त लेखपालों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता की छोटी-छोटी समस्याएँ जिनका तत्काल निस्तारण किया जा सकता है। उसके लिए किसी व्यक्ति को परेशान न किया जाए। उन्होने कहा कि जन शिकायतों का निस्तारण शासन की प्राथमिकता है अतः इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता अक्षम्य होगी। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद, तहसीलदर मुहम्मदाबाद, क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद एवं समस्त संबंधित अधिकारी एवं पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे।
वीर बहादुर सिंह प्राचार्य परिषद की कुलपति से की शिष्टाचार मुलाकात
गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से संबद्ध महाविद्यालयों की नवगठित प्राचार्य परिषद की कार्यकारिणी ने शनिवार को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वन्दना सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष प्रो. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, महामंत्री प्रो. सुरेश कुमार पाठक एवं कोषाध्यक्ष प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल ने कुलपति को परिषद के विधिवत गठन की जानकारी दी। प्राचार्य परिषद ने कुलपति को आश्वस्त किया कि परिषद विश्वविद्यालय के सतत विकास में सहयोगी की भूमिका निभाएगी और शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने में हर संभव योगदान देगी।
कुलपति ने परिषद के गठन का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालयों के प्राचार्य विश्वविद्यालय की रीढ़ होते हैं और उनके सक्रिय सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को और भी सुदृढ़ बनाया जा सकता है। इस अवसर पर परिषद की कार्यकारिणी ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह से भी मुलाकात की। कुलसचिव ने नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि परिषद प्रशासन और महाविद्यालयों के बीच एक मजबूत समन्वय सेतु का कार्य करेगी।
गाजीपुर।सेवा पर्व के अवसर पर सूचना विभाग गाजीपुर द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में 15 दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व, न्यू इंडिया @ 2047 की परिकल्पना तथा उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के तीसरे दिन जखनियां विधायक बेदी राम ने उपस्थित जनसामान्य के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। प्रर्दशनी मे लोगों ने विशेष रुचि लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। यह भी जाना कि इन योजनाओं से किस प्रकार वे सीधे लाभान्वित हो सकते हैं। प्रदर्शनी प्रतिदिन आमजन के लिए खुली रहेगी, जहां नागरिक अपनी सुविधा अनुसार विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार योजनाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी योजनाओं का आकर्षक और रोचक पोस्टरों के माध्यम से प्रदर्शन किया जा रहा है। इस अवसर जिला पर्यटन अधिकारी राम कुमार मौर्या, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, आमिर अंसारी, संदीप सरोज, संजोग सिंह, मीडिया बन्धु सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में शनिवार को हिन्दी विभाग के शोधार्थी नागेन्द्र ने अपने शोध प्रबंध का आज जमा पूर्व प्रस्तुतीकरण किया। नागेन्द्र ने ‘नासिरा शर्मा के कथा साहित्य में स्त्री अस्मिता की तलाश ” विषय पर अपना शोध प्रबंध पूर्ण किया है। ये डॉ. निरंजन कुमार यादव के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे थे । इन्होंने प्री. सबमिशन के अवसर पर अपने शोध प्रबंध के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शोध प्रबंध छ: अध्यायों में विभक्त है। जिसमें नासिरा शर्मा के कथा साहित्य और उस कथा साहित्य में उपस्थित स्त्री जीवन एवं अस्मिता की आलोचनात्मक पडताल है। जैसा कि हम जानते है कि भारत बहुलतावादी संस्कृति का देश है। इसे एक रेखीय रूप में नहीं जाना जा सकता। ठीक वैसे ही ‘स्त्री जीवन’ एक पद है लेकिन इस पद के साथ यह भी प्रश्न उठता है कि कौन सी स्त्री का जीवन ? हिन्दू स्त्री या मुस्लिम स्त्री का जीवन? या संवैधानिक भाषा में कहे तो सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित या अनुसूचित जनजाति की स्त्री का जीवन?
तब यह सवाल थोड़ा जटिल हो जाता है। इस मामले में नासिरा शर्मा का लेखन स्त्री जीवन को पूरेपन में देखने की कोशिश की करता हैं। जहाँ हिन्दू और मुस्लिम दोनों समाज की स्त्रियाँ अपने वजूद और संघर्ष के साथ उपस्थित हैं। यह नासिरा शर्मा का हिन्दी साहित्य को दिया गया वह अवदान है जिससे हिन्दी साहित्य कुछ हद तक भारतीय समाज में स्त्री जीवन को पूरेपन के साथ उपस्थित करने का एक सुन्दर प्रयास करता है. वह भी बिना किसी वैचारिक आग्रह और विभाजन के। प्राचार्य प्रो. अनीता कुमारी कहा कहा कि कि हिन्दू समाज को स्त्रियों के दुःख-दर्द तो सार्वजनिक है लेकिन मुस्लिम जीवन की स्त्रियों के दुःख और संघर्ष को चित्रित करना साहस का काम है। इस अवसर पर हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. संगीता, डॉ शशिकला जायसवाल, डॉ निरंजन कुमार यादव, पीयूष सिंह, नेहा कुमारी, अनुश्री एवं महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं। शोधार्थी ने अपने शोध की एक प्रति प्राचार्य को पुस्तकालय हेतु प्रदान किया ।इस आयोजन का धन्यवाद ज्ञापन मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार ने किया।
गाजीपुर। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शनिवार को महिला सशक्तिकरण से संबंधित लोकभवन सभागार, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए समर्पित ‘‘मिशन शक्ति 5.0’’ का दीप प्रज्वलित कर भव्य शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 1663 थानों में नव स्थापित मिशन शक्ति केन्द्रों का उद्घाटन व मिशन शक्ति केन्द्रों से संबंधित एस0ओ0पी0 की पुस्तिकाओं का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा मिशन शक्ति-5.0 के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित विधायक जखनियां बेदी राम, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल, जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी सहित उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों व महिलाओं द्वारा देखा और सुना गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर मिशन शक्ति फेज 5.0 का शुभारम्भ करते हुए प्रदेश की समस्त माताओं, बहनों व बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि जब हमारे प्रदेश की महिलाओं व बेटियों को भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलेगा और उनके अन्दर सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के साथ-साथ नारी होने पर गरिमा की अनुभूति होगी तो निश्चित रूप से हमारा प्रदेश एवं देश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढेगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिला सुरक्षा, सम्मान एवं महिलाओं तथा बेटियों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से सम्बंधित योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मातृ बन्दना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं, उज्जवला योजना सहित अनेकों कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं उन्हें आर्थिक आजादी देने की दिशा में जीरो टॉलरेन्स की नीति से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर इस मिशन में बाधा उत्पन्न करने वालों अथवा मिशन नारी सशक्तिकरण की मंशा को धूमिल करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार की मंशा के अनुसार मिशन शक्ति फेज-5.0 अभियान में विगत संचालित फेज-4.0 में किए गए कार्यों के साथ महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलम्बन, विकास, कल्याण इत्यादि से संबंधित कई अन्य कार्यक्रमों का समावेश किया गया है। विधायक जखनियां बेदी राम ने अपने संबोधन मे प्रधानमंत्री एंव मुख्यमंत्री को महिला सशक्तिकरण अभियान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि आज मिशन शक्ति कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिससे महिलाए सशक्त एवं आत्मनिर्भर हो रही है। संविधान मे बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने लिखा है कि जितना अधिकार पुरूषो को है उतना ही अधिकार महिलाओ को भी प्राप्त है। जिसका पालन करते हुए सकरार द्वारा महिलाओ जागरूकता हेतु विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे है। आज प्रदेश द्वारा जीरो टालरेंस निति पर कार्य करते हुए अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही कर रही। आज प्रदेश अपराध मुक्त हो गया है तथा समाज भयमुक्त होकर जीवनयापन कर रही है। नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम हेतु प्रदेश सरकार को धन्यवाद देते हुए महिला कल्याण की विभिन्न योजनाओ की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने मिशन शक्ति फेज-5.0 के शुभारंभ अवसर पर महिला कल्याण विभाग सहित समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन की मंशा के अनुसार जनपद में महिलाओं, बेटियों के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से सरकार द्वारा चलाई जा रही समस्त योजनाओं का जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होने कहा कि विभिन्न क्षेत्रो कार्यरत अग्रणी महिलाओ को चिन्हित करते हुए जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है ‘‘महिला सशक्तिकरण ‘‘ इस पूरे अभियान को जन-जन तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के पूर्व संध्या पर 21.09.2025 को महिलाओ के द्वारा स्कूटी रैली निकाली जाएगी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील पाण्डेय, उपायुक्त उद्योग प्रवीण मौर्या, जिला प्रोबेशन संजय सोनी, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
पिता की याद में पुत्र ने सिविल बार में किया आर्थिक योगदान
गाजीपुर। शनिवार को “सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिवि प्रताप सिंह ने अपने पिता स्वर्गीय बृजेंद्र प्रताप सिंह के जन्मदिन 20 सितंबर 1952 की याद में, सिविल बार की लाइब्रेरी में वकीलों के लिए पुस्तकों की खरीद करने के लिए 25 हजार का चेक सिविल बार के अध्यक्ष रामजस यादव और मंत्री ज्योत्सना श्रीवास्तव को मुख्य हाल में सौंपा एवं मिष्ठान वितरण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता बंधु उपस्थित रहे। चेक देने वाले इंजीनियर शिवि प्रताप सिंह, मूल रूप से पीलीकोटी आमघाट गाज़ीपुर के निवासी हैं। नईदिल्ली में रहते हैं, उन्होंने बताया कि मेरे पिता जी स्व. बृजेंद्र प्रताप सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट थे और फिर उनका IAS में चयन हो गया था, और वे “ज्वाइंट डायरेक्टर” पीपी & आर एयर कमांड, नई दिल्ली, में पोस्टेड थे, आज उनके जन्मदिन के अवसर पर मेरी माता जी की इच्छानुरूप सिविल बार की लाइब्रेरी में कानून की किताबों के लिए 25 हजार रुपए की एक छोटी सी भेंट अर्पित कर रहा हूं। इस अवसर पर उनके परिजन विनय कुमार सिंह, एडवोकेट राजेंद्र विक्रम सिंह, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, लल्लन सिंह, सिविल बार की मंत्री सुश्री ज्योत्सना श्रीवास्तव, सिविल बार के अध्यक्ष रामजस यादव के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में इंजीनियर शिविप्रताप सिंह को साधुवाद दिया और इस कार्य को सराहनीय बताया, अधिवक्ताओं ने कहा कि शिवि प्रताप सिंह का यह कार्य पुत्र के अपने पिता के प्रति प्रेम और सम्मान को दर्शाता है। यह योगदान न केवल पिता की याद में श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज के लिए भी एक अच्छा संदेश देता है। इस अवसर पर सिविल बार के अध्यक्ष रामजस यादव ने शिवप्रताप को अंगवस्त्रम पुष्प अर्पित कर स्वागत किया। उनके पिता स्वर्गीय बृजेंद्र प्रताप सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उसे सिविल बार में टांगने की भी घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन मंत्री एवं अधिवक्ता सुश्री ज्योत्सना श्रीवास्तव ने किया।
गाजीपुर में कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन “वोट चोर, गद्दी छोड़” नारे को किया बुलंद
गाजीपुर। शनिवार को जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ “वोट चोर, गद्दी छोड़” नारा बुलंद करते हुए कचहरी स्थित कामरेड सरजू पांडे पार्क में एक धरना – प्रदर्शन आयोजित किया। इसकी अगुवाई प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू ने किया और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुनील राम ने किया। साथ ही इस अवसर पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव और गाजीपुर के प्रभारी फसाहत हुसैन “बाबू” ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि ये संस्थाएं स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को कमजोर कर रही है। उन्होंने बताया कि हमारे नेता और सांसद राहुल गांधी के साथ कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को संसद के अंदर और बाहर लगातार उठाया है और “वोट चोरी” का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने वोट चोरी के खिलाफ 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करने के लिए एक समन्वित अभियान चलाया है, जिसके तहत हर बूथ स्तर पर ये अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें गाजीपुर में ये अभियान जोर शोर से चल रहा है। जिलाध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि भाजपा सरकार बड़े पैमाने पर वोट चोरी कर रही है और हमारे नेता राहुल गांधी इस मुद्दे को जोर शोर से उठा रहे है, और उनके समर्थन में हमने इन कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि शहर कांग्रेस कमेटी के नेता और कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते हुए नगर के पच्चीसों वार्ड में वोट चोरी के खिलाफ आम जनता के बीच हस्ताक्षर अभियान चला रहे है। पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने संयुक्त रूप से कहा कि यह अभियान संविधान की रक्षा और भारतीय लोकतंत्र को सुरक्षित रखने की निर्णायक पहल है। हम लोग इस कार्य को एकजुटता और दृढ़ निश्चय के साथ इस कार्य को कर रहे हैं, ताकि इसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे। कार्यक्रम का संचालन शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने किया, इस दौरान सैकड़ों की भीड़ उपस्थित रही।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रमुख रूप से वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह, अरविंद मिश्रा, पीसीसी सदस्य अजय श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश सिंह, चंद्रिका सिंह, राजीव सिंह, विद्याधर पांडे, मंसूर जैदी, राजेश गुप्ता, सदानंद गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, महबूब निशा, राम नगीना पांडे, सतीश उपाध्याय, लाल मोहम्मद, अखिलेश यादव, आशुतोष गुप्ता, राम करुणानिधि राय, ओम प्रकाश यादव, रईस अहमद, मुनीर जाफरी, सुमन चौबे, किरण गौतम, राजेश उपाध्याय, अयूब अयूब राघवेंद्र, राजेश अवधेश भारती, संजय सिंह, देवेंद्र सिंह, आशुतोष सिन्हा, विनोद सिंह, इरफान खान, गुलबास यादव, आलोक यादव, सतीश यादव, शंभू कुशवाहा, प्रमिला देवी, श्याम नारायण कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे ।
महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर साप्ताहिक श्रद्धांजलि सभा हुआ आयोजन
— एक संत, योद्धा और समाज सुधारक थे महंत अवैद्यनाथ: डॉ इंद्रदेव सिंह
गाजीपुर। नगर के शाहिपुरा मोहल्ला स्थित निजी मैरिज हॉल में विश्व हिंदू महासंघ (गांधीपुरी) के तत्वाधान में राष्ट्र संघ ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि पर साप्ताहिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। अतिथि गढ़ सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर मंहत अवैद्यनाथ जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व विधायक डॉक्टर इंद्रदेव सिंह ने कहा कि महंत अवैद्यनाथ: एक संत, एक योद्धा और एक समाज सुधारक थे। जिन्होंने राम मंदिर के लिए बिगुल फूँका और योगी आदित्यनाथ जैसे व्यक्तित्व को निखारा था। सन 1919 में एक साधारण परिवार में जन्मे महंत अवैद्यनाथ को पहले ‘कृपाल सिंह बिष्ट’ के नाम से जाना जाता था। समय के साथ वह गोरखनाथ मठ के महंत बने।अपने गुरु महंत दिग्विजयनाथ से विरासत में मिले बड़े कर्तव्यों को सफलतापूर्वक निभाया। महंत अवैद्यनाथ का जीवन केवल आध्यात्मिकता और समाज सेवा तक ही सीमित नहीं रहा।राजनीति में भी कदम रखा। अपने धार्मिक आदर्शों को बेहद मजबूती के साथ लागू किया, जिसे आज एक आदर्श के रूप में माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। गोरखपुर से सांसद भी सदस्य बने। सन 1962 में उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के मनीराम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से हिन्दू महासभा की ओर से चुनाव में भाग लिया था। सन 1969 में जब वे मठ का महंत बनकर उसका कार्यभार सँभाला था। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय महामंत्री श्री दिनेश चंद्र पांडे ने कहा कि महंत अवैद्यनाथ के नेतृत्व में 21 जुलाई 1984 को अयोध्या के वाल्मीकि भवन में श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ समिति का गठन किया गया। 1 नवंबर 1985 को द्वितीय धर्म संसद में समिति ने सरकार को अल्टीमेटम दिया गया। 8 मार्च 1986 तक राम मंदिर के ताले खुलवा दे नहीं तो सरकार लाखों संतों के क्रोध का सामना करने को तैयार रहे।
1 फरवरी 1986 को श्रीराम जन्मभूमि के ताले खोले जाएँ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह थे। उनकी महंत अवैद्यनाथ में गहरी आस्था थी। प्रधानमंत्री राजीव गाँधी पर इतना दबाव बनाने में सफल रहे। इस फैसले में सहयोग करें। आगे चलकर राजीव गाँधी उनके आगे झुके। 22 सितंबर 1989 को दिल्ली के वोट क्लब में विशाल हिंदू सम्मेलन में महंत अवैद्यनाथ के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने की तिथि निश्चित कर दी गई। 9 और 10 नवंबर 1989 को वैदिक विधि विधान से आधारशिला का समारोह शुरू हुआ। महंत अवैद्यनाथ के कहने पर अनुसूचित जाति से आने वाले कामेश्वर चौपाल से आधारशिला रखवाई गई। इस तरह श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व गोरक्षपीठ के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ कर रहे थे। इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष अर्जुन सेठ,जिलाध्यक्ष विश्व हिंदू महासंघ गाजीपुर ओमकार सर्राफ, हिमांशु राय, मंडल प्रभारी श्री संतोष तिवारी, संभाग प्रभारी श्री सिद्धार्थ कुमार सिंह, वाराणसी जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, महानगर अध्यक्ष श्री भारत भूषण सिंह, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय, अखिल भारतीय स्वर्णकार अनुसंधान शोध के जिलाध्यक्ष मनीष वर्मा, जगदीश वर्मा, बजरंग दल जिला संयोजक रविराज, संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष बबलू जायसवाल, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मंत्री पवन वर्मा, वैश्य समाज जिला अध्यक्ष संजय केसरी पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा रासबिहारी राय, सक्षम विभाग शंकर पांडेय, नगर संघ चालक दीनदयाल आदि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा पूर्व नगर अध्यक्ष अर्जुन सेठ ने और सफल संचालन महेंद्र वर्मा ने किया।
धनुष यज्ञ सीता स्वयंवर श्री राम विवाह का मंचन हुआ संपन्न
गाजीपुर। अति प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के तीसरे दिन 19 सितंबर को बंदे वाणी विनायकौ आदर्श रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा बड़े ही सुंदर ढंग से धनुष यज्ञ सीता स्वयंवर परशुराम लक्ष्मण संवाद रावण बाणासुर संवाद तथा श्री राम विवाह प्रसंग का मंचन करके दर्शकों का मन मोह लिया। लीला के दौरान दर्शाया गया कि एक समय महाराज जनक के दरबार में शिव जी का पुराना धनुष रखा था जो किसी से उठाया नहीं जा सकता था। उस धनुष को सीता जी एक स्थान से दूसरे स्थान पर उठाकर के रख दीं। महाराज जनक को जब पता चला तो उन्होंने कुछ दिन बाद स्वयंवर रचाया जिसमें सभी राज्य के राजाओं को निमंत्रण भेजा गया था इसके साथ ही दूतों द्वारा महामुनि विश्वामित्र को भी निमंत्रण भेजा गया था। निमंत्रण पा करके सभी राजा एकत्रित हो गए साथ ही लंका नरेश रावण तथापाताल लोक के बाणासुर भी स्वयंवर में उपस्थित थे कुछ देर तक रावण और बाणासुर का संवाद चला। निमंत्रण पाकर महामुनि विश्वामित्र अपने दोनों शिष्य श्री राम लक्ष्मण के साथ स्वयंवर में पहुंचते हैं। जब महाराज जनक को दूतों पता चलता कि महर्षि विश्वामित्र स्वयंवर के बाहर खड़े हैं। तो वे अपने गुरु शतानंद जी के साथ अपने आसन से उठकर गेट पर आते है और महामुनि विश्वामित्र जी को आदर के साथ स्वयंवर में ले जाकर उच्चासन पर विराजमान होने का निवेदन करते हैं। महामुनि विश्वामित्र दोनों शिष्यों के साथ आसन पर विराजमान होते हैं। इधर राजा जनक अपने मंत्री चाणूर को स्वयंवर का कार्य शुरू होने का आदेश देते हैं। मंत्री चाणूर द्वारा सभी उपस्थित राजाओं को संबोधित करते हैं कि जो शिवजी के धनुष को प्रत्यंचा चढ़ा कर तोड़ेगा उसी से राजकुमारी सीता का विवाह होगा। सर्वप्रथम लंका नरेश रावण धनुष तोड़ने के लिए तैयार होते हैं तो उनके मन में विचार आता है कि भगवान शिव हमारे आराध्याय देव हैं अतः वे धनुष को प्रणाम किया और प्रतिज्ञा करते है कि मैं सीता जी को एक बार लंका में लाकर उनका दर्शन करूंगा। इतना कहने के बाद महाराज रावण वहां से चल देते हैं। इसके बाद सभी राजा गण धनुष पर अपने-अपने बल का प्रयोग करना शुरू कर देते हैं। परंतु कोई भी शिवजी के धनुष को तोड़ना तो दूर हिल तक न सका। राजा जनक निराश होकर कहते हैं कि **तजहूं आस निज निज गृह जाहू। लिखा न विधि वैदेहि विवाहु। कहा कि हे राजा गण अगर मैं सोचता कि धरती वीरो से खाली है तो मैं सीता स्वयंवर प्रण नहीं करता। इतना सुनने के बाद लक्ष्मण जी महाराज जनक पर क्रोधित हो जाते है। श्री राम ने लक्ष्मण को बैठने का इशारा कर देते हैं। उधर राजा जनक के निराश चेहरा को देखकर महामुनि विश्वामित्र ने श्री राम को धनुष तोड़ने का इशारा करते हैं गुरु का इशारा पाकर श्री राम अपने गुरु महामुनि विस्वामित्र को मन ही मन प्रणाम करते हैं और धनुष के तरफ आगे बढ़कर सभी देवी देवताओं को नमन करते हुए बड़े सरलता के साथ धनुष को उठा लेते हैं और प्रत्यंचा चढ़ा कर धनुष को तोड़ देते हैं। धनुष टूटने के बाद सीता जी श्री राम के गले में वरमाला डाल देती है सखियां मांगलिक गीत प्रस्तुत करती है। धनुष टूटते ही जय श्री राम हर हर महादेव के नारों से पूरा वातावरण राम में हो गया। जब परशुराम जी को धनुष टूटने का आवाज सुनाई देता है तो वे क्रोधित होकर स्वयंवर में पहुंचते हैं उनके आते ही सभी उपस्थित राजा उन्हें देखकर थरथर कांपते हैं। और डरते हुए उनके समीप जाकर के सिर झुकाते हुए प्रणाम करते हैं तो सभी राजाओं को परशुराम ने धक्का देकर भगा देते। इसी बीच महाराज जनक द्वारा उनको प्रणाम किया गया उन्होंने महाराज जनक को आशीर्वाद दिया। महाराज जनक ने अपनी पुत्री सीता को बुला करके परशुराम जी को प्रणाम कराया उन्होंने सीता जी को आशीर्वाद दिया। थोड़ी देर रुकने के बाद जनकजी से परशुराम जी ने स्वयबर का कारण पूछा । तो महाराज जनक ने सारी बातें बता दी इसके बाद परशुराम जी की दृष्टि टूटे हुए शिव जी के धनुष पर पड़ती है तो वह और क्रोधित होकर के पूछते हैं कि महाराज जनक शिव धनुष को किसने तोड़ा है परशुराम जी के प्रश्न का उत्तर श्री राम ने देते हुए कहा कि शिवजी के धनुष को तोड़ने का साहस हे महामुनी आपका दास ही कर सकता है कहिए दास के लिए क्या आ गया है। परशुराम जी ने कहा कि राम सेवक का काम है सेवा करना लड़ाई करना नहीं है। इसके बाद कुछ देर तक श्री राम से परशुराम का संवाद चला परशुराम के क्रोध को देखते हुए श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण परशुराम के पास आते हैं अतः परशुराम लक्ष्मण संवाद काफी देर तक चला। अंत में परशुराम जी को जब मालूम होता है कि साक्षात् नारायण सामने खड़े हैं फिर भी उन्होंने श्रीराम से कहा कि हे राम ,,, राम रमापति करधन लैहू खैचहु चाप मिटहि संदेहू। श्री राम ने परशुराम जी का आज्ञा पाकर धनुष का प्रत्यंचा चढ़ाते हुए पूछते हैं कि कि है महामुनी इस बाण को किस दिशा में छोडूं। परशुराम जी ने दक्षिण दिशा में बाण छोड़ने का निवेदन करते हैं। और महाराज जनक से परशुराम जी कहते हैं कि महाराज जनक पुत्री सीता का विवाह धूमधाम के साथ होना चाहिए। इतना कहने के बाद वहां से श्री राम को प्रणाम करके तपस्या के लिए चल देते हैं।परशु राम जी के जाने के बाद महाराज जनक अपने गुरु शदानंद के आदेशानुसार दशरथ जी को निमंत्रण भेज कर बारात मंगवाते हैं और विधि विधान के साथ सीताराम का विवाह संपन्न करते हैं। इस दृश्य को देखकर सभी दर्शन भाव विभोर हो गए। इस मौके पर उपाध्यक्ष गोपाल जी पाण्डेय, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप मेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, प्रमोद कुमार गुप्ता,पं0 कृष्ण विहारी त्रिवेदी पत्रकार, राम सिंह यादव, राजकुमार शर्मा आदि रहे।