सीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक,की गई चर्चा

गाजीपुर।वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकसित भारत युवा नेता संवाद (VBYLD  ) के अन्तर्गत जनपद स्तर पर युवा उत्सव कार्यक्रम के पर्यवेक्षण एवं आयोजन हेतु जनपद स्तरीय समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आहुत की गई। बैठक में समिति द्वारा कार्यक्रम के आयोजन हेतु विस्तार से चर्चा की गई। सांस्कृतिक एवं इनोवेशन ट्रैक यथा डिक्लेमेशन, कहानी लेखन, पेन्टिंग, लोकनृत्य समूह, लोकगीत समूह, कविता लेखन, इनोवेशन (सांइस मेला प्रदर्शनी) में प्रतिभाग करने हेतु प्रतिभागियों का पंजीकरण My Bharat Portal  पर 10 अक्टूबर, 2025 तक अनवार्य रुप से किया जाए। प्रतिभागी युवाओं की आयु 01 सितम्बर, 2025 को 15 से 29 वर्ष के मध्य होना अनिवार्य है। कार्यकम का प्रचार-प्रसार प्रिन्ट / इलेक्ट्रानिक मिडिया, माध्यमिक/उच्च शिक्षा एवं अन्य संस्थानो में कराने का सुझाव दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने हेतु विधावार अलग-अलग नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया गया। जिसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य राजकीय पालटेक्निक, आ०टी०आई०, जिला सूचना अधिकारी, जिला युवा अधिकारी नेहरु युवा केन्द्र आदि को नामित करने का सुझाव दिया गया। जिला युवा कल्याण अधिकारी सम्पूर्ण कार्यक्रम का नोडल अधिकारी होगें। युवा उत्सव 2025-26 का आयोजन 17 अक्टूबर, 2025 को कराए जाने का निर्णय समिति द्वारा लिया गया। डिक्लेमेशन, लोकनृत्य (समूह), लोकगीत (समूह) साइंस मेला प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण आडिटोरियम हाल में तथा कहानी लेखन, पेटिंग एवं कविता लेखन पी०जी० कालेज में कराए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में राकेश कुमार जिला सूचना अधिकारी, डा० मनीष कुमार तिवारी प्रवक्ता राजकीय पालटेक्निक,  सुभाष चन्द्र प्रसाद लेखाकार माई भारत, शिवानन्द चतुर्वेदी लेखाकार जिला विद्यालय निरीक्षक एवं दिलीप कुमार जिला युवा कल्याण अधिकारी एवं समस्त क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी उपस्थित रहे।

त्योहार को देखते हुए खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूने,जांच के बाद होगी कार्यवाही

गाजीपुर।आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उ0प्र0, लखनऊ एवं जिलाधिकारी अविनाश कुमार के आदेश पर  दिनेश कुमार अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) /आर0सी0 पाण्डेय सहायक आयुक्त (खाद्य)-II  गाजीपुर के निर्देशन में जनपद में आगामी नवरात्रि व दशहरा पर्व के दृष्टिगत आम जनमानस को गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही/विशेष अभियान चलाकर कुल-10 नमूना संग्रहित किया गया। जिसमें दिनांक 18.09.2025 को बाराचवर मुहम्मदाबाद स्थित संजय कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान शिवम जलपान गृह से बर्फी एवं खोया का 01-01 नमूना, पातालगंगा चट्टी, गाजीपुर स्थित अनिल कुमार राय के प्रतिष्ठान शिवम एण्ड शुभम किराना स्टोर से चाय एवं बादाम का 01-01 नमूना तथा दिनांक 19.09.2025 को मेसर्स-रिलायंस रिटेल लिमिटेड, मालगोदाम रोड, गाजीपुर से- सिंघाडा आटा (ग्रह लक्ष्मी ब्राण्ड) का 01 नमूना, कूट्टू आटा का 01 नमूना, केला पापड़ का 01 नमूना, साबूदाना का 01 नमूना, देशी घी (ज्ञान ब्राण्ड) का 01 नमूना व मूगफली का 01 नमूना लिया गया। संग्रहित नमूनें खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उ0प्र0 प्रेषित किये जा रहें है, जॉच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी। नमूना संग्रह की कार्यवाही  सुमन कुमार मिश्र मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी गाजीपुर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों गुलाबचन्द गुप्त, पंकज कुमार कन्नौजिया, अरविन्द प्रजापति, धनन्जय सिंह, विरेन्द्र यादव एवं बिपिन कुमार गिरि की टीम द्वारा की गयी।

15 दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन

गाजीपुर।सेवा पर्व के अवसर पर सूचना विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में 15 दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व, न्यू इंडिया @2047 की परिकल्पना तथा उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के दूसरे दिन शशिकांत शर्मा जिला मीडिया प्रभारी भाजपा, ने भारी संख्या में उपस्थित जनसामान्य के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार योजनाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी योजनाओं का आकर्षक और रोचक पोस्टरों के माध्यम से प्रदर्शन किया जा रहा है। लोगों ने विशेष रुचि लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। यह भी जाना कि इन योजनाओं से किस प्रकार वे सीधे लाभान्वित हो सकते हैं। प्रदर्शनी प्रतिदिन आमजन के लिए खुली रहेगी, जहां नागरिक अपनी सुविधा अनुसार विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इस अवसर पर सोमारू चौहान, गोपाल राय, मुरली कुशवाहा, अरविंद सिंह, तेज बहादुर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

श्री मुनि आगमन, ताड़का वध, लीला सीताराम मिलन का हुआ लीला मंचन


श्री मुनि आगमन, ताड़का वध, लीला सीताराम मिलन

गाजीपुर। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से लीला के दूसरे दिन 18 सितम्बर दिन गुरूवार के शाम 7:00 बजे से वन्दे वाणी विनायकौ आदर्श श्रीरामलीला मण्डल के कलाकारो द्वारा हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर मुनि आगमन, ताड़का वध अहिल्या उद्धार तथा सीताराम मिलन लीला का मंचन किया गया। लीला के क्रम में दर्शाया गया कि महामुनि विश्वामित्र अपने आश्रम पर शिष्यों सहित धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे कि अचानक राक्षसो का समूह उनके अनुष्ठान (यज्ञ) को विध्वंस करना शुरू कर दिया।

इससे महामुनि विश्वामित्र चिन्तित हो गये थोड़ी देर बार उन्होंने विचारा कि धरती पर असुरों के समूह का नाश करने के लिए नारायन ने संकल्प लिया था कि अयोध्या के चक्रवर्ती महाराज दशरथ के घर असन्ह सहित अवतार लिया था। यही सोचकर महामुनि विश्वामित्र अपनी यज्ञ की रक्षा हेतु अयोध्या केे लिए चल देते है, वहाँ द्वार पर पहुँचे। दूतों ने महामुनि विश्वामित्र के आगमन की सूचना महाराज दशरथ को देते है, महाराज दशरथ महामुनि के आने पर दरवाजे पर आकर उनका स्वागत करते है और आदर पूर्वक उन्हें अपने राज दरबार में ले जाते है और उन्हें सिंहासन पर विराजमन करके निवेदन करते है कि हे मुनि आपका आगमन का कारण बतावे।

इतना बात सुनकर महामुनि विश्वामित्र ने कि महाराज असुरों द्वारा हमारे यज्ञ में विघ्न पहुँचा रहे है, यज्ञ सफल नही होने दे रहे है। अतः मै आपके पास आपकेे पुत्र श्रीराम लक्ष्मण को लेने आया हूँ, इतना सुनकर महाराज दशरथ ने दोनो पुत्रों को देने से इंकार कर देते है इतने में विश्वामित्र ने क्रोधित में होते है। उनके क्रोध को देखकर महाराज दशरथ के कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ महाराज दशरथ महाराज दशरथ को समझाते है कि महाराज दशरथ अपने पुत्रों को महामुनि विश्वामित्र के साथ भेज दे। इसी में सबका कल्याण है इतना सुनने के बाद महाराज दशरथ अपने दोनों पुत्रों रामलक्ष्मण को बुलाकर महामुनि विश्वामित्र को सौंप देते है।

महामुनि विश्वामित्र श्रीराम लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए प्रस्थान कर देते है, थोड़ी देर बाद घने जंगल में पहुँचकर श्रीराम लक्ष्मण ने एक पद चिन्ह देखा उसके बारे में महामुनि विश्वामित्र से जानकारी लेते है कि हे महामुनि यह पद चिन्ह किसका है। श्रीराम के प्रश्न का उत्तर देते हुए महामुनि विश्वामित्र ने कहा कि हे राम यह पद चिन्ह राक्षसी ताड़का का है वह इसी जंगल में कही छिपी हुई है। इतना सुनने के बाद श्रीराम ने अपने धनुष की टंकार से ताड़का को क्रोधित कर देते है वह क्रोधित होकर महामुनि विश्वामित्र के ऊपर झपटना चाही।

इतने में महामुनि विश्वामित्र के आदेशानुसार श्रीराम ने ताड़का का वध कर दिया लीला के क्रम में महामुनि विश्वामित्र के साथ रामलक्ष्मण आगे चले तो उन्होंने आगे जाने पर एक शिला देखी उसके बारे में महामुनि विश्वामित्र से राम ने पूछा कि हे मुनि यह शिला किसका है, महामुनि विश्वामित्र ने कहा कि हे राम ये गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है जो गौतम ऋषि ने श्राप दे करके पत्थर बना दिया है। वह आपके चरण रज को चाहती है इतना सुनने के बाद श्रीराम अपने चरण स्पर्श से उस पत्थर को छू दिया जिससे वह पुनः नारी केे रूप में परिवर्तित हो गयी।

श्रीराम लक्ष्मण महामुनि विश्वामित्र के आश्रम में पहुंचकर उनके यज्ञ की रक्षा किया और दूसरे दिन महामुनि विश्वामित्र से नगर भ्रमण के लिए निवेदन किया महामुनि विश्वामित्र ने कहा कि हे राम जनकपुर नगर भ्रमण करने के साथ ही आप मेरे पूजा के लिए थोड़ा फूल लेते आना, मुनि के आज्ञा अनुसार वे नगर भ्रमण करने चल देते है, उसी दौरान वे एक फुलवारी में जा करके माली से आदेश ले कर फूल तोड़ते है, इसी बीच गौरी पूजा के लिए सीता जी भी उसी बगीचे में जाती है। दोनों एक दूसरे को देखते है वही सीता और राम का मिलन होता है।


इस अवसर पर कमेटी के उपाध्यक्ष डा0 गोपाल जी पाण्डेय पूर्व प्रवक्ता, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, उपमंत्री पण्डित लवकुमार त्रिवेदी उर्फ बड़े महाराज, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, पण्डित कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, रामसिंह यादव, प्रमोद कुमार गुप्ता, आदि रहे।

गाजीपुर में प्रबुद्ध सम्मेलन हुई आयोजित

गाजीपुर।इस देश मे जिस भी व्यक्ति ने अपने मिशन को आगे बढ़ाया है, जिसके मन मे राष्ट्र, समाज और सृष्टि के कल्याण का भाव विचार रहा है, उसको काशी को अपना मिशन बनाना पड़ता है।बुद्ध हो, शंकराचार्य हो, तुलसी हो, कबीर हो, नानक हो, सबको काशी आना पड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कोई बोझ नहीं था, बस उनके मन में एक मिशन था, विचार था, सिद्धांत था और आदर्श था जिसको क्रिया रूप देने के लिए उन्होंने काशी का चयन किया।आज सफलता से विकसित भारत लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।यह बात आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा नगर के रायल पैलेस में गुरुवार को नरेंद्र मोदी जन्मदिवस अवसर पर चल रहे सेवा पखवाड़ा के दूसरे दिन नगर के वंशी बाजार के रायल पैलेस में जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन को मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के पूर्व उप कूलपति गिरिश चंद्र त्रिपाठी ने संबोधित करते हुए कहा उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध जनों को समाज व राष्ट्र के लिए आगे आना चाहिए सिर्फ अपने लिए नहीं आने वाली पीढियां के लिए,उन्होंने कहा कि समाज में विघटनकारी शक्तियां बड़ी तेजी से क्रियाशील हो रही हैं इसलिए प्रबुद्ध जन से आग्रह है कि वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकार करे और समाज को दिशा दे।आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देशभक्तों ने कभी भी अपने जाति, अपने समाज का विचार नहीं किया उनके लिए राष्ट्र प्रथम रहा है और वही प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन आदर्शों मे निहित है। उन्होंने मनोज सिन्हा की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने सांसद बनने के बाद जिस तरह से गाजीपुर के विकास का विचार किया वह उनकी जागरूकता, सामाजिक समझ और बीएचयू की शिक्षा का प्रभाव है। आज भी वे अनेकों प्रकार से इस क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। समाज में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका होती है, लेकिन कोई राष्ट्र महान तब बनता है जब उस राष्ट्र का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता योग्यता के अनुसार उसमें योगदान देता है ।परंतु क्षमता योग्यता का अहसास प्रत्येक व्यक्ति को हो यह जिम्मेदारी प्रबुद्ध जनों की होती है जो प्रत्येक व्यक्ति को जोड़कर राष्ट्र की मुख्य धारा से संयोजित करें। समाज को दुष्टों की दूष्टता से उतनी क्षति नहीं हुई जितनी सज्जनों की निषक्रियता से हुई है उन्होंने कहा कि भारत एक दर्शन है, दृष्टि है, विचार है।
पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ केदारनाथ सिंह ने कहा कि कुचक्र के कारण इस देश की राष्ट्रवादी विचारधारा को पूर्व की सरकारों ने हताश किया। इस देश की जिस सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाई जानी चाहिए थी वह वहां नहीं पहुंचाई गई।
स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राघवेंद्र पांडेय ने कहा कि भारत तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का देश बन चुका है।उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का जो विजन रखा है उस लक्ष्य को भेदने का आधार समाज का प्रबुद्ध वर्ग ही है। विश्व में भारत को सामर्थ्यवान देश बनाते हुए विकसित भारत बनाना है और अपने आने वाली पीढियों को दिशा देना है। उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध वर्ग समाज को दिशा देने में स्थिर हो गया प्रतीत होता है।
विषय प्रवर्तन साहित्यिक विधा के साथ समाज कल्याण के लिए काम करने वाले डा. माधव कृष्ण ने रखा और कहा कि भारत की अगली क्रांति विकास व आत्मनिर्भरता की होगी हमे उस मुद्दे पर एक होना चाहिए चाहे सरकार किसी भी राजनैतिक दल की हो।
गोष्ठी को काशी के मेयर रहे राम गोपाल मोहले ,शशिधर सिंह ने भी संबोधित किया।
जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने स्वागत उदबोधन के साथ मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मान किया।
कार्यक्रम संयोजक मनोज सिंह ने सबके प्रति आभार धन्यवाद व्यक्त किया और मंचासीन अतिथियों का पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया ‌।
गोष्ठी का शुभारंभ महामनिषियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर, दीप प्रज्वलित कर वंदेमातरम् से तथा समापन राष्ट्र गान से हुआ। संचालन डा. संतोष मिश्रा ने किया।
गोष्ठी में हनुमान विश्वकर्मा अधिवक्ता,डा अरविन्द सिंह, प्रदीप कुमार, सरिता अग्रवाल नगर पालिका अध्यक्ष,अजय गौतम, पारसनाथ राय, भानु प्रताप सिंह, कृष्ण बिहारी राय, सुनील सिंह, बृजेन्द्र राय,कालीचरन राजभर,सानन्द सिंह,डा प्रदीप पाठक,पप्पू सिंह, प्रवीण सिंह, दयाशंकर पांडेय, अवधेश राजभर, नरेन्द्र सिंह, अच्छेलाल गुप्ता,शशिकांत शर्मा, कार्तिक गुप्ता, जितेन्द्र नाथ पांडेय, गर्वजीत सिंह, विनित शर्मा, व्यास मुनि राय,डा श्रीकान्त पांडेय सहित आदि अन्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

19 से 28 सितंबर तक मनाया जाएगा सर्पदंश पखवाड़ा

गाजीपुर।मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस 2025 के अवसर पर सर्पदंश पखवाड़ा 19 से 28 सितंबर 2025 तक मनाया जाना है। जिसे आम जनमानस के हितों को देखते हुए जनपदवासियों को साप के काटने से क्या करे, क्या न करें की जानकारी दी। सर्पदंश के समय क्या करें के बारे में बताया कि सर्पदंश होने पर व्यक्ति को आश्वस्त करें और शांत रहें, धीरे-धीरे साँप से दूर हो जाएं, घाव वाले अंग को स्थिर रखें (न हिलाएँ) यदि सर्पदंश वाली जगह पर किसी प्रकार का आभूषण, जूते, अंगूठी, घड़ी या तंग कपड़ा है तो निकाल दें। पीड़ित को स्ट्रेचर पर बाई करवट लिटाएं, दाहिना पैर मुड़ा हुआ हो और हाथ से चेहरे को सहारा दें। पीड़ित व्यक्ति को तुरंत नज़दीकी अस्पताल लेकर जाएं।
क्या न करें की जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित को अत्यधिक दबाव या घबराहट न होने दें। साँप पर हमला करने या उसे मारने की कोशिश ना करें। यदि आप ऐसा करेंगे तो साँप अपने बचाव में आपको काट सकता है। सर्पदंश वाले घाव को न काटें और न ही घाव पर सर्प विषरोधी इंजेक्शन या दवाई लगाएँ। घाव को बांध कर रक्त संचार रोकने का प्रयास न करें। रोगी को पीठ के बल न लिटाए इससे वायुमार्ग में रुकावट हो सकती हैं। पारंपरिक तरीको से उपचार करनें का प्रयास न करें।
उन्होने बताया कि सावधानी और सतर्कता अपनाएं स्वयं को सर्पदंश के खतरे से बचाने की जानकारी दी। अनजाने में सांप पर पैर रखने से बचें, अंधेरे में बिना टॉर्च बाहर न जाएं, कम रोशनी वाले घर, शौचालय, या पार्किंग में सतर्क रहें, खुले में शौच न करें, सुरक्षित शौचालय का उपयोग करें, बिना मच्छरदानी के जमीन पर न सोए, नंगे पांव खेतों या बागवानी में जाने से बचें, तालाबों और नदियों में नहाने या कपड़े धोते समय सावधानी बरतें तभी जाकर आप और आपका परिवार सुरक्षित रहेगा। इस जागरूकता अभियान को सुचारू रखने के लिए नियमानुसार गतिविधिया आयोजित किए जाने है जिसमें स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं का प्रशिक्षण, सामुदायिक जागरूकता और सहभागिता, सामुदायिक भागीदारी, हितधारक बैंठके, चर्चाओं, गोष्ठियों व्याख्यानों, वाद-विवाद हेतु आदि विषय के माध्यम से जागरूक किया जाना है।

सरिता अग्रवाल ने किया भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन,आगंतुकों को खूब मिली योजनाओं की जानकारी

कलेक्ट्रेट परिसर में सूचना विभाग की सेवा पर्व प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र,चहुंओर योजनाओं की जानकारी से भरपूर

विकसित उत्तर प्रदेश /2047 अभियान के तहत आमजन ने दिए अपने सुझाव, आगंतुकों को खूब मिली योजनाओं की जानकारी

02 अक्तूबर तक आयोजित सेवा पर्व प्रदर्शनी में विकसित होते प्रदेश की झलक देख सकेंगे लोग


                                                     
गाजीपुर।सेवा पर्व के पावन अवसर पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट में आयोजित विशेष प्रदर्शनी ने जनपदवासियों का भरपूर ध्यान आकर्षित किया है। यह प्रदर्शनी 18 सितंबर से प्रारंभ होकर 02 अक्तूबर तक चलेगी, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करना है। इस भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय, जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के उपरान्त समस्त जनप्रतिनिधियो, आगन्तुको, गणमान्य नागरिको के साथ पार्टी के कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया । प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तीकरण, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार सहित शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र से जुड़ी तमाम योजनाओं की विस्तृत जानकारी रोचक पोस्टरों के माध्यम से दी जा रही है।
जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह प्रदर्शनी 18 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आयोजित होगी । इस विशेष प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में विद्यार्थी, युवा, किसान, महिलाएं सभी आकर योजनाओं की जानकारी ले सकते है एवं विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट हेतु अपने सुझाव भी दे सकते है। प्रदर्शनी में प्रत्येक कॉर्नर पर योजनाओं की भरपूर जानकारी दी गई है। यहां आकर लोग विकसित बनने की ओर अग्रसर भारत की जीवंत तस्वीर देख सकेंगे और निश्चित ही एक मजबूत प्रेरणा लेकर लौटेंगे। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, किसान और विद्यार्थी इस प्रदर्शनी मे अपनी तस्वीरें लेकर जागरूकता अभियान का संदेश सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। उद्घाटन के पश्चात् कलेक्ट्रेट परिसर में अतिथियों एवं आगतुको को सर्पगंधा का पौध भेट स्वरूप दिया गया।  
प्रर्दशनी मे हर दिन सैकड़ों आगंतुकों को सूचना विभाग की “संदेश” पत्रिका वितरित की जाएगी।  जिससे योजनाओं की व्यापक जानकारी जन-जन तक पहुंच रही है। यह प्रदर्शनी आने वाले दिनों में भी जनहितकारी रूप में युवाओं, किसानों, महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनी रहेगी। प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा भानुप्रताप सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, कृष्ण बिहारी राय, वृजेन्द्र राय, प्रो0 शोभनाथ यादव, प्रवीण सिंह, राजन प्रजापति, जिला पंचायत सदस्य करण्डा-2 शैलेन्द्र राम, दयाशंकर पांडेय,अवधेश राजभर, अच्छेलाल गुप्ता, मनोज सिंह, शशिकांत शर्मा, बीके त्रिवेदी, पंचदेव गौड, अविनाश सिंह, गर्वजीत सिंह सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

धनुष मुकुट पूजन नारद मोह रामजन्म लीला

धनुष मुकुट पूजन नारद मोह रामजन्म लीला

गाजीपुर।अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में हरिशंकरी राम सिंहासन पर 17 सितम्बर बुधवार की शाम 7:00 बजे सदर विधायक जैकिशन साहू द्वारा वेद मंत्रों च्चारण के साथ धनुष मुकुट का पूजन किया गया। इसके बाद कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष गोपाल जी पाण्डेय, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री, लक्ष्मी नारायन, उपमंत्री पंडित लवकुमार त्रिवेदी, मेला प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी, उपमेला प्रबन्धक मयंक तिवारी तथा वरूण अग्रवाल, कमलेश सिंह उर्फ लाला ने आरती किया। इसके बाद वंदे वाणी विनायकौ आदर्श रामलीला मण्डल के कलाकारो द्वारा मंच पर नारद मोह का लीला दर्शाया गया, एक बार देवर्षि नारद भ्रमण के दौरान एक सुन्दर स्थान पर बैठकर ध्यान मग्न हुए, इसी बीच देवराज इन्द्र को पता चला कि नारद जी समाधि लगाकर बैठे है वे कामदेव को भेजकर नारद जी के समाधि को भंग करने का आदेश देते है। काम देव नारद जी की समाधि भंग करने के लिए काफी कोशिश करते है, फिर भी नारद जी के ऊपर इसका कोई असर नही होता है। अंत में कामदेव हार करके नारद जी के चरणो में दण्डवत करते है। जब नारद जी समाधि से बाहर आये तो उन्होंने काम देव को समझा बुझाकर इन्द्र के पास वापस जाने के लिए आदेश दे देते है। इसी बात को लेकर नारद जी को अहंकार पैदा हो गया वे ब्रहृ्रमा तथा शिव के पास जा करके कामदेव पर विजय प्राप्त करने का संदेश सुनाते है, दोनो देवताओ ने कहा कि हे नारद इस बात को विष्णु जी से मत कहना। परन्तु नारद जी माने नही वे जा करके विष्णु जी से सारी बाते बतला दी विष्णु जी अपने लीला के माध्यम से श्रीनिवासपुर नगर बसाया, वहाँ के राजा शील निधि राजा ने अपने पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचाया था, घुमते हुए नारद जी श्रीनिवासपुर पहुँचते है वहाँ सजावट देख करके शील निधि के दूतों से पूछते है यह नगर क्यो सजा है, क्या बात है, दूतो ने नारद जी को बताया कि शील निधि की पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंबर है। नारद जी स्वयम्बर में पहुँच जाते है, शील निधि राजा ने देवर्षि नारद को सम्मानपूर्वक स्वयंवर में ले जा करके एक आसन पर बैठाया और अपनी पुत्री के भाग्य के बारे में पूछते है नारद जी ज्यों ही विश्व मोहिनी का हाथ देखते है इसके बाद वे तुरन्त खुश होकर विष्णु जी के पास जाकर कहते है कि हे नाथ आपन रूप देहूं प्रभु मोही आनि भांति नाहि पावो ओही। हे प्रभु आप कृपा करके अपना रूप मुझे देने की कृपा करें जिससे मैं विश्व मोहिनी से स्वयम्वर रचा सकूं। भगवान विष्णु नारद जी के मोह को भंग करने के लिए उन्होंने बंद का रूप दे डाला नारद जी बंदर का रूप लेकर स्वयम्बर में पहुँचते है, उधर विश्व मोहिनी वर माला लिये स्वयम्बर में विचरण करती है इसी बीच भगवान विष्णु वहाँ उपस्थित होते है और विश्व मोहिनी से जयमाल डलवाकर अपनी धाम के लिए प्रस्थान कर जाते है। इस दृश्य कोे देखकर नारद जी हताश हो गये और दूतों से पूछा कि विश्व मोहिनी किसकेे गले में वर माला डाली है दूतो ने कहा कि महाराज श्री हरि विष्णु के गले मे विश्व मोहिनी ने वर माला डाला है। अब नारद जी क्रोधित होकर विष्णु जी के पास जाकर श्राप देते है। जब नारद जी के ऊपर से मोह रूपी पर्दा उठा तोवे जा करके विष्णु जी से क्षमा याचना करते है। विष्णु जी ने देवर्षि नारद जी को समझाते हुए कहा कि हे नारद जी आप जा करके शिव के नाम का जाप करे वहां मेरी माया आपको नही सतायेंगी। इसी क्रम में लीला के दौरान अयोध्या के चक्रवर्ती महाराज दशरथ पुत्र की कामना को लेकर चिन्तित बैठे थे अचानक उनके मंत्री सुमन्त जी ने चिंता का कारण पूछा महाराज दशरथ ने कहा कि मेरे बाद वंश चलाने वाला कोई नही है। इसी कारण चिन्तित हूँ। मंत्री सुमेत ने कहा कि महाराज इस बात को ले करकेे गुरू वशिष्ठ के पास जा करके अपना दुःख-सुख सुनाइये मंत्री सुमन्त के कहने पर महाराज दशरथ गुरू वशिष्ठ के पास जा करके सारा दुःख बताते है महाराज दशरथ के बात को सुन कर गुरू वशिष्ठ ने कहा महाराज आप एक पुत्र के लिए तरस रहे है मैं तो समझता हूँ कि आपको चार पुत्रों की प्राप्ति होगी। अतः आप पुत्र कामेश की यज्ञ की व्यवस्था करे और श्रृंग ऋषि को बुलाकर यज्ञ करावे। महाराज ने गुरू के आदेशानुसार पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवातेे है यज्ञ कुण्ड से अग्नि देव प्रकट होकर कटोरे भरे खीर महाराज दशरथ को दिया और बताया कि इस खीर को रानियो में विभाजित कर दीजियेगा महाराज दशरथ ने वैसा ही किया जैसा अग्नि देव ने बताया था। महाराज दशरथ ने कटोरे भरे खीर को महारानी कौशल्या को दिया कौशल्या और कैकेयी ने अपने-अपने हिस्से का भाग सुमित्रा को दिया खीर खाने के बाद प्रभु श्रीराम का प्रभार होते है इसके बाद कैकेयी से भरत सुमित्रा से लक्ष्मण और शत्रु जन्म लेते है। उधर कौशल्या माँ ने प्रभु श्रीराम केे चतुर्भुज रूप को देख करके स्तुति करती है भय प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी। अन्त में उन्होंने कहा कि प्रभु इतना विशाल रूप में आप हमारे गर्भ से उत्पन्न हुए है। अतः आप बालक का रूप धारण मेरे गोद में खेले। माता के बात को सुन कर प्रभु श्रीराम बालक के रूप में हो करके माता के गोद में खेलने लगते है।
इस अवसर पर कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डा0 गोपाल जी पाण्डेय पूर्व प्रवक्ता, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, संयुक्त मंत्री लक्ष्मीनारायन, उपमंत्री पण्डित लवकुमार त्रिवेदी उर्फ बड़े महाराज, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, अजय कुमार पाठक, अनुज अग्रवाल, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, पण्डित कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, रामसिंह यादव, प्रमोद कुमार गुप्ता, जैकिशन साहू, आमिर अली आदि रहे।

सतपाल महाराज के जन्मोत्सव पर भव्य झाँकी का प्रदर्शन

सतपाल महाराज के जन्मोत्सव पर भव्य झाँकी का प्रदर्शन


गाजीपुर। सदगुरुदेव व सतपाल महाराज के जन्मोत्सव गुरुवार को मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वाधान मे विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर मे श्रध्दालुओं के माध्यम से भव्य झाँकी एवं शोभायात्रा का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक प्रभात, महात्मा सुखियानंद ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा का शुभारम्भ किया। शोभायात्रा मे महिलाओ व पुरुषो ने इस पावन जन्मोत्सव के अवसर पर नगर के रेलवे प्रशिक्षण केंद्र स्थित हंसयोग आश्रम से प्रारंभ होकर ओपियम फैक्ट्री, महुआबाग, मिश्रबाजार, लालदरवाजा, पावरहाउस, झुन्नूलाल चौराहा होते हुए कारगिल मार्केट होते हुए पुनः आश्रम पर आकर समापन हुआ।

इस शोभायात्रा मे सतपाल महाराज के साथ साथ देश की महान विभूतियो स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, अहिल्याबाई जैसे विदुषियो के बडे बडे कटआफ से सुसज्जित शोभायात्रा निकाला गया। शोभायात्रा के अवसर पर महात्मा सुखियानन्द ने बताया की यह शोभायात्रा 1 सितंबर से 21 सितंबर तक सद्भावना यात्रा, निःशुल्क चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान के साथ ही सनातन धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं समाज में राष्ट्रीय एकता सद्भावना भाईचारा की स्थापना के लिए सद्भावना सत्संग समारोह आयोजित किया जा रहा है।

आश्रम में निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर तथा सामान्य स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर , दिव्यांग जनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वामी सारथानन्द, दयावती बाई, गोपालजी लाल श्रीवास्तव, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, ब्लाक प्रमुख संतोष यादव, जिला प्रधान उमेश, एडवोकेट रामयश यादव, एडवोकेट सुधाकर राय, सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आश्रम के प्रभारी सुखिया आनंद ने बताया कि जब जब धरा पर अत्याचारियों का बोल बाला होता है, मानव दिशाहीन होकर भटकने लगता है तब मानव का मार्गदर्शन करने के लिए सत्पुरुष सदगुरू रुप धारणकर आते हैं। मानव को अध्यात्मिक ज्ञान देकर उसकी सोई हुई चेतना को जगाते हैं। उन्होंने कहा कि जो सदगुरू के बताए मार्ग पर चलता है उसका उद्धार हो जाता है। सतपाल महाराज का सम्पूर्ण जीवन मानवता के सेवा के लिए समर्पित है।हमें उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेनी चाहिए। महात्मा दयावंती बाई जी ने बताया कि सत्संग ही वह माध्यम है जिससे परमात्मा से प्रीति होती है और बिना परमात्मा के प्रेम के यह जीवन शून्य है। परमात्मा का ज्ञान गुरु के ही माध्यम से होता है।

इस अवसर पर तरुणदीप सिंह, ब्लाक प्रमुख राजन सिंह, राजदेव यादव, किशोर यादव, संजीव गुप्ता, उमेश सिंह, संतोष कुमार गुप्ता,विपिन बिहारी, अमरनाथ तिवारी, छोटे लाल सिंह, अमरनाथ पाल,
डा.कुशुमलता, माधुरी सिंह सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75 किलो का लड्डू बांटकर मनाया जन्मदिन

गाजीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75 वा जन्मदिन भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय के नेतृत्व में धुम धाम से 75 मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर,75 किलो का लड्डू बांटकर मनाया गया।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी डा. राकेश त्रिवेदी ने कहा कि आज सृष्टि के रचनाकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती तथा भारत के नव निर्माता युग पुरुष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है यह जन्मदिन सिर्फ एक संयोग नही बल्कि कर्म प्रधान विशेषता की धारिता है । भगवान विश्वकर्मा ने अगर सृष्टि की संरचना मे भारत का निर्माण किया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस भारत भूमि को सजाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पूर्व के भारत और आज 2025 के भारत मे साफ अंतर दिखाई दे रहा है और उस विशेषता भरे अंतर को स्थापित करने मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। जहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व में देश के सम्मान और गौरव को बढ़ाया वही भारत के लोगों को आंतरिक रूप से मजबूत भी किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए लोगों से आवाहन किया कि विकसित भारत के निर्माण में हमारा एक-एक पल उपयोगी हो यह हमारा आज के दिन का संकल्प होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि 2014 से लगातार देश की तस्वीर और तकदीर दोनो को तेज गति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बदला जा रहा है।
पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कहा कि गरीबों के कल्याण की कार्य योजना के निमित्त हमारे प्रधानमंत्री ने अथक प्रयास किया है अगर यह प्रयास पूर्व की सरकारो द्वारा किया गया होता तो आज भारत विकासशील नहीं बल्कि विकसित भारत कहलाता।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि यह जन्मदिन एक प्रधानमंत्री का जन्म दिन नहीं बल्कि देश के लिए असाधारण काम करने वाले युग पुरुष का जन्मदिन है।बृजेन्द्र राय ने कहा कि स्वच्छता को जनांदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया।जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने सबके प्रति आभार धन्यवाद व्यक्त करते हुए कि देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को शक्ति सम्पन्न बनाया है।
इस अवसर पर भाजपा नेता सुभाष राम व विनीत शर्मा ने सोहर गीत से सबको आनंदित कर दिया। जिला प्रभारी डा. राकेश त्रिवेदी ने कार्यालय कर्मचारी हर्ष कुशवाहा के हाथो 75 किलो लड्डू को कटवाकर बटवाया‌ आज हर्ष कुशवाहा का भी जन्मदिन था ।75 मिट्टी के दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके दीर्घायु स्वस्थ समृद्ध जीवन की प्रार्थना करते हुए बधाई दी गई।
इस अवसर पर प्रो शोभनाथ यादव, सरिता अग्रवाल, पारसनाथ राय, रामनरेश कुशवाहा, विनोद अग्रवाल, अच्छेलाल गुप्ता, अखिलेश सिंह, दयाशंकर पांडेय,अवधेश राजभर, जिला मीडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा, पूनम मौर्या, साधना राय ,राजन प्रजापति, विश्व प्रकाश अकेला,सशांक राय, रासबिहारी राय, सुरेश बिन्द, लालसा राजभर, गर्वजीत सिंह, शनि चौरसिया, आलोक शर्मा सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे। संचालन महामंत्री प्रवीण सिंह ने किया।

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