धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं श्री राम विवाह का किया गया मंचन

धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं श्री राम विवाह का मंचन किया गया।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के तीसरे दिन 30 सितंबर सोमवार शाम 7:00 बजे से हरिशंकरी स्थित श्री राम चबूतरा पर धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, एवं सीताराम विवाह लीला का मंचन किया हुआ। लीला शुरू होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा प्रभु श्री राम का पूजन आरती किया। इसके बाद बंदे बाणी विनायको आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा धनुष यज्ञ परशुराम लक्ष्मण संवाद व सीताराम विवाह का मंचन हुआ।

मन्चन में दर्शाया गया कि महाराज जनक अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर रचाया। स्वयंवर में सभी राजाओं को निमंत्रण भेजा गया। निमंत्रण पाकर सभी राजा स्वयंवर में पहुंचे।उधर ब्रह्मर्षि विश्वामित्र भी अपने शिष्य राम लक्ष्मण के साथ स्वयंवर में पहुंचे। ब्रह्मर्षि विश्वामित्र को देखकर राजा जनक अपने सिंहासन से उठकर विश्वामित्र को दंडवत करके उन्हें आदर के साथ सिंहासन पर बैठाया। राजा जनक के आग्रह पर विश्वामित्र अपने शिष्य श्रीराम लक्ष्मण के साथ आसन ग्रहण किया। इसके बाद धनुष यज्ञ का कार्य शुरू होता है। राजा जनक के मंत्री चाणूर राजा जनक के आदेश पर सभा को संबोधित किया कि जो भी शिव जी के पुराने धनुष को तोड़ देगा उसी राजा से सीता का विवाह होगा।

राजा जनक के संदेश को सुनकर सभी राजा शिव जी के पुराने धनुष पर अपना अपना बल आजमाने लगे। मगर शिव जी के धनुष तोड़ना तो दूर उसे हिला तक न सके। राजा जनक ने देखा कि सभी राजा हार कर अपना सिर झुकाए सिंहासन पर जाकर बैठ गए। उनके लज्जित हुए सर को झुका देख कर राजा जनक ने कहा कि तजहूंआस निज निज गृह जाहू, लिखा न विधि वैदेहि बिवाहू। राजा जनक के इस इस प्रकार के वचन को सुनकर लक्ष्मण जी क्रोधित होकर श्री राम के बल के बारे में राजा जनक को बताया। लक्ष्मण के क्रोध को देखकर गुरु विश्वामित्र ने लक्ष्मण को आसन पर बैठने की आज्ञा देते हैं। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर लक्ष्मण अपने आसन पर बैठ जाते हैं। उसके बाद ब्रह्मर्षि विश्वामित्र राजा जनक को उदास देखकर श्री राम को आज्ञा देते हैं कि हे राम शिवजी के धनुष को तोड़कर महाराज जनक के संदेह को दूर करो।

गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्री राम शिवजी, गुरु विश्वामित्र तथा उपस्थित सभी राजाओं को प्रणाम करने बाद भगवान शिव के धनुष के पास जाकर सहज में धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाया देखते-ही-देखते धनुष टूट गया। शिव‌ धनुष टूटने की आवाज परशुरामा कुंड में तपस्या में लीन परशुरामजी के कान में सुनाई दी तो वे क्रोधित होकर स्वयंवर में आते हैं और सभी उपस्थित राजाओं से पूछते हैं कि हमारे आराध्य देव शिव के धनुष को तोड़ने की साहस किसने किया। इतने में लक्ष्मण जी भी क्रोधित जाते हैं। दोनों में काफी देर तक परशुराम लक्ष्मण संवाद हुआ। अंत में परशुराम जी अपने क्रोध को शांत किये और तप के बल पर श्री राम का विराट रूप में नारायण का दर्शन करके श्रीराम को धनुष बाण देकर के परशुराम जी स्वयंवर से अपने धाम के लिए चले जाते हैं।

इसके बाद राजा जनक गुरुजनों के‌ आदेश का पालन करते हुए अपने दूतों‌ को राम सीता के विवाह का निमंत्रण अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पास भेज कर बारात लाने का निवेदन करते हैं। महाराज दशरथ महाराज जनक का निमंत्रण पाकर अयोध्या से बारात सजाकर जनकपुर के लिए प्रस्थान करते हैं। जनकपुर में राजा जनक ने बारातियों का स्वागत किया और धूमधाम के साथ सीता और राम का विवाह संपन्न हुआ। जनकपुर वासियो द्वारा सीताराम विवाह से संबंधित मांगलिक गीत प्रस्तुत किया गया।
इस मौके पर कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपमेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, कुश कुमार त्रिवेदी, राजकुमार शर्मा, राम सिंह यादव, पं0कृष्ण बिहारी त्रिवेदी उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर चलाया गया स्वच्छता अभियान

गाजीपुर।नेहरू युवा केंद्र गाज़ीपुर माय भारत के अंतर्गत पूर्वांचल सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता ही सेवा एवं सेवा से सीखे कार्यक्रम अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर लंगरपुर में वृद्ध आश्रम केंद्र पर स्वच्छता अभियान चलाया गया ।

स्वच्छता अभियान में भाग लेते हुए ए डी जे विजय कुमार ने कहा कि स्वच्छता न केवल एक आवश्यकता है बल्कि यह एक आदत भी बननी चाहिए। अपने घर और आसपास की सफाई करके हम एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। प्लास्टिक के कम उपयोग के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए । राजन श्रीवास्तव सी डी सी ने कहा कि पृथ्वी हमारा घर है जो हमें जीने के लिए भोजन, पानी, एवं हवा आदि के रूप में अनेक चीजे प्रदान करती हैं । हमें इसकी सफाई की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। नेहरू युवा केंद्र के उपनिदेशक कपिल देव ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से प्रारंभ होकर तथा महात्मा गांधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर तक चलेगा। युवा मंडलों में जागरूकता कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। इस अवसर पर केशव चंद्र राय, राम नगीना यादव जिला समाज कल्याण अधिकारी, गौरव कुमार जिला अस्पताल एवं उनकी टीम, संगीता कुमारी, सरिता देवी, डॉ अभिनव सिंह, अच्छेलाल कुशवाहा रेड क्रॉस सोसाइटी  अंगद ,रामाधार, पारस,अभिमन्यु सहित युवा मंडल के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे । सभी के प्रति नेहरू युवा  केंद्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सुभाष चंद्र प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

त्यौहार को लेकर डीएम-एसपी ने की बैठक,की अपील

गाजीपुर। आगामी त्यौहार नवरात्रि, दशहरा दिपावली एवं छठ पूजा के मद्दे नजर रखते हुए जनपद में साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने हेतु सेन्ट्रल पीस कमेटी की बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी  एवं पुलिस अधीक्षक ईरज राजा की अध्यक्षता में पुलिस लाईन सभागार में सभी धर्मगुरुओं एवं संभ्रान्त नागरिको के साथ बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बैठक में आए सभी धर्मों के सम्मानित नागरिकों को साधुवाद देते हुए कहा कि आप सभी लोग अपने-अपने समाजिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए इस बैठक में उपस्थित हुए इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होने सभी उपस्थित सम्भ्रान्त नागरिकों का आह्वाहन करते हुए अपील की है कि जिस प्रकार विगत वर्षों में सभी धर्मों के लोग आपसी भाई चारे से सभी त्यौहार मे मिल जुल कर मनाते रहे है, आगे भी उसी तरह से गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए इसका अक्षरशः पालन करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी धर्मों के त्यौहारों का एक ही मकसद होता है कि दूसरों की भावनाओं को आहत किए बिना हर्षोंल्लास के साथ त्यौहार मनाए। उन्होने जनपद वासियों का आह्वाहन करते हुए अपील की कि किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों को प्रसारित करने से बचे और कोई भी इस प्रकार भ्रामक सूचना यदि उन्हे प्राप्त होती है तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दे, ताकि उस सूचना की जॉच करते हुए उसका निस्तारण समयान्तर्गत कराया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में दुर्गा पूजा पंडाल निर्धारित स्थलो पर ही स्थापित किए जाए। इस हेतु पण्डाल समिति अपने-अपने आंतरिक व्यवस्थाए पूर्व मे सुनिश्चित कर ले तथा जिन्होने परमीशन न लिया हो वे लिखित रूप से संबंधित अधिकारी से परमीशन लेकर दिए गए शर्ताे का पालन अवश्य करेगे।पंडाल के सजावट के दौरान अत्यन्त ज्वलनशील वस्तुओ का प्रयोग न किया जाए न ही पंडाल किसी हाईटेशन तार के निचे बनाया जाए।पंडाल मे प्रवेश व निकास द्वारा उचित स्थान रहे। सड़क पर पंडाल न लगाया  जाए,जिससे आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी हो।पंडाल में रेत, पानी, सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था अवश्य रहे। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारी को पूर्व में निरीक्षण कर आश्वस्त होने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल के नाम पर कोई भी अन्य नया कार्य न हो,पंडाल मे अश्लील गाने कदापि न बजे न ही आर्केस्ट्रा का आयोजन हो।पंडाल स्थल पर महिला एव पुरूषो के लिए अलग-अलग लाइन लगाई जाए। उन्होने बताया कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि त्यौहारों को पारम्परिक ढंग से मनाया जाए और किसी भी प्रकार की नई परम्परा का आरम्भ न की जाए। उन्होने सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि त्यौहार के समय अपने-अपने क्षेत्रों में पानी, बिजली और साफ सफाई की व्यवस्था मुकम्मल रखें। विद्युत विभाग के अधिकारी को जर्जर तार, खम्भे, विद्युत आपूर्ति को सही कराने तथा विसर्जन के दौरान रास्तो पर विशेष रूप से मौके का निरीक्षण कर ढीले एव लटके हुए जर्जर तारो को प्राथमिकता के तौर पर सही कराने का निर्देश दिया। त्यौहारो के समय अनावश्यक विद्युत बाधित न हो।

पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि जनपद में सभी स्थानों पर पुलिस की व्यवस्था चाक चौबन्द रहेगी।सभी चौराहों पर पिकेट के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की टीम जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने अपील करते हुए कहा किसी भी भ्रामक खबरो पर ध्यान न दे, नही किसी भी सोशल साईट पर आने वाले भ्रामक खबरो व फोटो को पोस्ट  करे, अन्यथा संबंधित के खिलाफ ही कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जनपद में महिला के सम्मान एव सुरक्षा हेतु एण्टी रोमियो स्क्वायर्ड टीम सक्रिय रहेगी।विभिन्न पंडालों पर महिला सुरक्षा कर्मियो की भी तैनाती की जाएगी।पंडालो एवं अन्य स्थानो पर शस्त्रो का प्रदर्शन पूर्णतया वर्जित रहेगा।  उन्होने कहा कि पुलिस की अराजक तत्वो पर पैनी नजर रहेगी तथा इस तरह के शोहदो पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने समस्त संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों एवं पीस कमेटी के सदस्यों से समन्वय स्थापित करते हुए जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार , अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण/शहरी, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, समस्त थानाप्रभारी, समस्त संबंधित अधिकारीगण, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत सहित गणमान्य नगारिक एवं धर्म गुरू, दुर्गा पूजा समिति के आयोजक उपस्थित थे।

पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने दिया संदेश

गाजीपुर। सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवी छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । छात्राओं ने पोस्टर के माध्यम से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया । महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका प्रो. डॉ. अनिता कुमारी ने छात्राओं द्वारा बनाई गए पोस्टर व उसके माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की । प्रतियोगिता में प्रतीक्षा राय प्रथम, श्रेया मौर्य द्वितीय, एवं शालू व सौम्या ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया ।

प्रतियोगिता के परिणाम की घोषण प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी ने की । निर्णायक मंडल में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. उमाशंकर प्रसाद, डॉ. हरेंद्र यादव व डॉ. पीयूष सिंह रहे। तत्पश्चात इसी क्रम में शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना “आत्मनिर्भर भारत” विषय पर संवाद/ संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राओं ने संबंधित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये । इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ अमित यादव, कार्यक्रम अधिकारी डा.गजनफर सईद, डॉ. रामनाथ, एवं डॉ ओम शिवानी, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. निरंजन कुमार, डॉ.शिव कुमार सहित राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राएं उपस्थित रहीं ।

मुनि आगमन,ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन


मुनि आगमन, ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से नगर के मुहल्ला हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर लीला के दूसरे दिन 29 सितम्बर रविवार की शाम 7 बजे वंदे वाणी विनायकौ आदर्श श्रीराम लीला मण्डल के कलाकारो द्वारा मुनि आगमन, ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन प्रसंग मंचित हुआ। कमेटी केे मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा आरती पूजन करने के बाद लीला का शुरूआत किया गया।

लीला में दर्शाया गया कि ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने आश्रम पर यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे कि यज्ञ में असुरो द्वारा विघ्न डाला जा रहा था। असुरो से परेशान होकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए महाराज दशरथ से मिलने अयोध्या पहुँचते है। वहाँ पहुँचे तो महाराज दशरथ को ब्रम्हर्षि विश्वामित्र केे आगमन की सूचना द्वारपालो द्वारा मिलती है। वे सूचना पाकर विप्र वृन्द के साथ ब्रम्हर्षि विश्वामित्र को सम्मान के साथ अपने राज दरबार में ले जा करके स्वागत किया तथा उनके आने का प्रयोजन पूछा। राजा दशरथ के वाणी को सुन करके ब्रम्हर्षि विश्वामित्र ने कहा कि असुर समूह सतावहि मोेहि मैं आयऊ नृप जांचन तोहि.. महाराज मेरे अनुष्ठान में असुरो द्वारा विघ्न डाला जा रहा है। मैं आपके पास श्रीराम लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगने आया हूँ। जिससे हमारे यज्ञ की रक्षा हो सकें। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र के बात को सुनकर महाराज दशरथ ने श्रीराम लक्ष्मण को देने से इंकार कर दिया। राजा के इंकार को सुनकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र क्रोधित हो उठे। उनके क्रोध को देखकर महाराज दशरथ केे कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ ने अनेको प्रकार सेे महाराज दशरथ को समझाया और कहा कि हे राजन आप राम लक्ष्मण को ब्रम्हर्षि के हवाले कर दीजिए, इसी में भलाई है।

गुरूदेव की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ ने अपने दोनो पुत्रों राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते है। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर अयोध्या से अपने आश्रम के लिए चल देते है। रास्ते में श्री राम ने शिला देखी। उन्होने शिला के बारे में गुरूदेव से पूछा।

गुरूदेव विश्वामित्र ने बताया कि हे राम यह शीला गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है जिसे किसी क़ारणवश गौतम ऋषि ने अपने पत्नी को श्राप देकर शिला बना दिया हे राम ऋषि पत्नी अहिल्या आपके चरण रज को चाहती है। जिसे सुनने के बाद श्रीराम ने उक्त शिला को अपने चरणों से स्पर्श किया। श्रीराम के चरण स्पर्श होते ही शिला नारी के रूप मेें परिवर्तित हो गयी। आगे थोड़ी दूर जंगल में पहुँचने पर श्रीराम ने पद चिन्ह को देखा। उन्होंने पुनः ब्रम्हर्षि विश्वामित्र से पदचिन्ह के बारे में जानना चाहा, श्रीराम के आग्रह पर विश्वामित्र ने बताया कि हे राम यह पद चिन्ह राक्षसी ताड़का का है, इतना कहने के बाद उन्होंने श्रीराम सेे ताडका का वध करने का इशारा किया। गुरूदेव के इशारा पर श्रीराम ने अपने बाण से ताडका का वध कर दिया। कुछ दिन बीतने के बाद श्रीराम लक्ष्मण ब्रम्हर्षि के आश्रम पर रहने लगे, उधर बाद महाराज जनक द्वारा जनकपुर में स्वयम्बर रचाया गया था जिसमेें ब्रम्हर्षि विश्वामित्र को निमंत्रित किया गया था। निमंत्रण पाकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने दोनो चेलो श्रीराम व लक्ष्मण के साथ जनकपुर के लिए प्रस्थान कर देते है। महाराज जनक जब ब्रम्हर्षि विश्वामित्र के आने की सूचना पाते है तो वे विप्र वृन्द के साथ उनका स्वागत करने के लिए गेट पर आकर उन्हे एक सुन्दर आश्रम में विश्राम करने का निवेदन किया। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने दोनो चेलो के साथ आश्रम पर विश्राम करने लगे। दूसरे दिन गुरू विश्वामित्र के पूजा हेतु पुष्प वाटिका में पुष्प लेने के लिए राम लक्ष्मण पहुँचते है। किन्ही कारणवश उसी पुष्प वाटिका में सीता जी भी सखियो के साथ पहुँचती है, जहाँ श्रीसीता राम का मिलन होता है। इस मिलन को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गये।

इस अवसर पर अतिप्राचीन रामलीला कमेटी केे मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, वरूण अग्रवाल, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, राजकुमार शर्मा उर्फ छोटे आदि उपस्थित रहे।

स्कूल बस पर गिरा बिजली का जर्जर पोल, बाल-बाल बचे मासूम

गाजीपुर। शहर के कोयला घाट-मियापुरा मुहल्ला स्थित शाह फैज स्कूल के बस पर स्कूल के पास ही गड़े जर्जर बिजली का पोल गिर गया। संयोग अच्छा रहा की कोई हादसा नहीं हुआ। स्कूल बस में चालक और परिचालक के साथ 18 बच्चे बैठें थे। पोल गिरते ही चालक ने तत्परता दिखाई और बस यथा स्थिति में रोक सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इधर घंटों तक बिजली कर्मियों का कोई अतापता नहीं था। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को जानकारी होने पर तत्काल अवर अभियंता और अधिशासी अभियंता भेज दिया। जिसके बाद बस आगे के लिए रवाना हुई।

शहर के कोयला घाट-मियापुरा मुहल्ला स्थित एक स्कूल बस पर स्कूल की छुट्टी होने पर l बच्चों को लेकर स्कूल से निकली। स्कूल के गेट के पास ही जर्जर एलटी बिजली पोल बस की छत पर गिर पड़ा। बस के चालक 11 बजे बस में 18 बच्चों को लेकर स्कूल के गेट से जैसे ही आगे वैसे ही भरभरा कर बिजली का पोल बस की छत पर गिर पड़ा। संयोग अच्छा रहा की कोई हादसा नहीं हुआ। तत्काल सभी बच्चों को बस से निकाल दिया गया। इस घटना को लेकर तत्काल बिजली विभाग को सूचना दिया गया। इसके बाद भी करीब एक घंटे तक कोई बिजली कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इस संबंध में एसडीओ ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही तत्काल जेई को मौके पर भेज दिया गया।

बता दे की कुछ हफ्ते पहले विद्यालय प्रशासन द्वारा अधिशासी अभियंता के नाम पर पत्र भी लिखा था जिसमें जर्जर पोल सहित विद्यालय के आसपास स्थित जर्जर तारों को बदलने के बारे में भी लिखा गया था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और ना ही जर्जर तार और पोल को बदला गया। कुछ हफ्ते पूर्व भी इस जर्जर पोल सहित जर्जर तारों के बदलने का खबर भी प्रकाशित किया गया था, फिर भी विद्युत विभाग अभी तक मौन था। कुछ हफ्ते पूर्व खबर प्रकाशित करने के दौरान एसडीओ से इस जर्जर पोल के बारे में बात की गई थी तो उन्होंने कहा था कि कुछ दिनों में इस जर्जर पोल को बदल दिया जाएगा। लेकिन आज तक इस जर्जर पोल को नहीं बदला गया। आखिरकार पोल टूटकर मासूम बच्चों के बस पर गिर पड़ा।

आज विद्युत विभाग के मनमानी के चलते हादसा होते-होते रह गया। अगर इस हादसे में किसी बच्चे की जान चली जाती तो क्या विद्युत विभाग इसकी जिम्मेदारी लेता।

2 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला

2 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला


ग़ाज़ीपुर।जनपद के थाना क्षेत्र करण्डा में रामलीला समिति चकिया द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली रामलीला की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके संदर्भ में एक महीने पहले से ही अभ्यास का कार्यक्रम चालू है। युवा बुजुर्ग वह बच्चे काफी उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। समिति के अध्यक्ष यशवंत पांडेय ने बताया कि समिति का चुनाव भी हो चुका है जो की पिछले साल की तरह ही है। कोषाध्यक्ष- राधेश्याम पांडेय, उपाध्यक्ष राकेश पांडेय, प्रबंधक राजेश पांडेय, महामंत्री कृष्णानंद पांडेय (पिंटू), व्यास- शिव बच्चन पांडेय तथा शिव दास पांडेय को निर्वाचित किया गया है। रामलीला का कार्यक्रम पूर्व की भांति रामलीला मंच चकिया के माध्यम से ही किया जाएगा। हालांकि बारिश का मौसम होने की वजह से कार्यक्रम प्रभावित होने की संभावना है। जिसको ध्यान में रखते हुए बारिश से बचने के लिए संबंधित तैयारी पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि रामलीला का कैलेंडर तैयार हो गया है जिसके अनुसार-2 अक्टूबर- मुकुट पूजन तथा नारद मोह, 3 अक्टूबर- मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार तथा राम जन्म, 4 अक्टूबर- ताड़का वध तथा धनुष यज्ञ, 5 अक्टूबर- राम वन गमन, 6 अक्टूबर- भरत मनावन, 7 अक्टूबर- सीता हरण, 8 अक्टूबर- बाली वध तथा सीता की खोज, 9 अक्टूबर- लंका दहन, 10 अक्टूबर- विभीषण शरणागत तथा अंगद रावण संवाद, 11 अक्टूबर- लक्ष्मण शक्ति और 12- अक्टूबर को दशहरा का मंचन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राम के राज्यभिषेक की तिथि अभी निश्चित नहीं की गई है। जैसे ही तिथि निर्धारित होती है सभी दर्शकों को अवगत कराया दिया जाएगा।

फ्लैक्स प्रिंटिंग एसोसिएशन के मनोनीत हुए पदाधिकारी, यशवंत बने अध्यक्ष

गाजीपुर। लंका क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में गाजीपुर ‘फ्लैक्स प्रिंटिंग एसोसिएशन का सद्भाव मिलन एवं सम्मान समारोह 2024 आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए फ्लैक्स प्रिंटिंग संचालक शामिल हुए। इस दौरान संगठन की मजबूती पर जोर दिया गया और सर्वसम्मति से पदाधिकारी मनोनीत किए गए। जिसके क्रम में यशवंत राय (मां शारदा फ्लैक्स, स्टेशन रोड) को अध्यक्ष एवं विनीत चौहान (राम फ्लैक्स) को सचिव मनोनीत किया गया। जबकि इरफान (अल इफरा फ्लैक्स) को संरक्षक पद का दायित्व सौंपा गया।

इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नव मनोनीत अध्यक्ष यशवंत राय ने संगठन के सभी सदस्यों और जिले के सभी फ्लैक्स प्रिंटरों की समस्याओं के लिए हर संभव संघर्ष का दावा किया गया। वही सचिव विनीत चौहान ने जनपद के सभी फ्लैक्स प्रिंटरों को एक मंच पर आकर संगठन को मजबूत करने की अपील भी की गई।

कार्यक्रम के अंत में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए फ्लैक्स प्रिंटरों को अंग वस्त्रम, सम्मान पत्र एवं उपहार से सम्मानित किया गया। इस समारोह में जय माँ भवानी फ्लैक्स से दीपक राय, ओम प्रिंटिंग प्रकाश नगर से कृष्णा तिवारी, राष्ट्रीय प्रेस लालदरवाज़ा से निखिल कुमार, वंदना ऑफसेट एंड फ्लेक्स पीरनगर से रवि चौरसिया, विद्या फ्लेक्स सियारामपुर से हरिकेश यादव, भास्कर प्रेस जंगीपुर से रामाशंकर प्रसाद, न्यू भारत प्रेस जंगीपुर से विशाल गुप्ता, सर्वेश प्रेस कसिमाबाद से दुर्गेश यादव, स्टार फ्लेक्स विशेश्ववरगंज से मोहम्मद रेहान, भरोसे आर्ट्स मिश्रबाजार से
रामजी, ए के फ्लेक्स कठवामोड़ से महेंद्र कुमार, पी एन प्रेस हंसराजपुर से सर्वेश यादव आदि मौजूद रहे।

धनुष मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई हरिशंकरी की अति प्राचीन रामलीला

धनुष मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई हरिशंकरी की अति प्राचीन रामलीला

गाज़ीपुर।अति प्राचीन रामलीला कमेटी, हरिशंकरी के तत्वावधान में हर साल आयोजित होने वाली अति प्राचीन रामलीला का मंचन शनिवार, एकादशी 28 सितंबर से हरिशंकरी मोहल्ले में सांयकाल सात बजे विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हो गया, राम चबूतरे पर आयोजित धनुष मुकुट पूजन समारोह में मंत्रों के साथ पूजन और आरती में गाजीपुर के उप जिलाधिकारी प्रखर उत्तम, सीओ सिटी सुधाकर पांडे, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद अग्रवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह के साथ कमेटी के अन्य पदाधिकारी, सदस्य और विशिष्ट नागरिक उपस्थित रहे।

उन्नीस दिनों तक चलने वाली इस रामलीला मंचन में आज हरिशंकरी में धनुष मुकुट पूजन, नारद मोह के और राम जन्म लीला का सजीव मंचन कलाकारों द्वारा मंचित किया गया, इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा तिवारी ने बताया कि साढ़े चार सौ साल से अधिक समय से अनवरत चली आ रही इस राम लीला का मंचन तुलसीदास कृत रामचरित मानस के आधार पर तिथिवार किया जाता है, इस बार भी अति प्राचीन रामलीला का मंचन शहर के चिन्हित स्थानों पर होगा।कमेटी के पदाधिकारियों ने नगरवासियों को शुभकामना देते हुए सभी से इस आयोजन में सपरिवार उपस्थित होने की अपील भी की है।

इस अवसर पर गोपाल पाण्डे, रोहित अग्रवाल, अजय पाठक, अशोक अग्रवाल, मनोज तिवारी, मयंक तिवारी, कुश त्रिवेदी, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, छोटे शर्मा, कमलेश सिंह, प्रह्लाद पांडे के साथ अति प्राचीन रामलीला कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे।पूजा कार्यक्रम पंडित लव त्रिवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार से संपन्न कराया।

शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

ग़ाज़ीपुर। समग्र शिक्षा (माध्यमिक), जिला परियोजना कार्यालय के तत्वाधान में राजकीय सिटी इण्टर कालेज में आयोजित राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षको का उपचारात्मक शिक्षण माड्यूल तथा अन्य बिन्दुओं पर समेकित प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अगस्त से 27 सितम्बर तक पांच चरणों में सम्पन्न हुआ। जिसमे 366 शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा एवं डायट द्वारा नामित 24 मास्टर ट्रेनरो द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान के सहायक अध्यापकों एवं प्रवक्ताओं को विषयवार 05 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषयों से सम्बन्धित छात्रों की अधिगम सम्बन्धी समस्याओं को दूर करना, शिक्षकों को कक्षा प्रबन्धन में दक्षता विकसित करना तथा शिक्षण से सम्बन्धित नयी विधाओं, कौशल, मनोवैज्ञानिक तकनीक व दक्षता विकसित करने हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समय पर जिला विद्यालय निरीक्षक भास्कर मिश्र ने कहा कि शिक्षण अधिगम तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण के उपरान्त शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत् विषयों में कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करनें का निर्देश दिया। इय अवसर पर वित्त एवं लेखाधिकारी (मा०शि०) सी० चन्द्रशेखरन् ने कहा कि उपचारात्मक शिक्षण का उ‌द्देश्य उन विद्यार्थीयों की मद्द करना है जो खराब आदतों तथा अप्रभावी शिक्षण आदि के कारण पिछड़ जाते है।

शिक्षकों द्वारा उन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशिक्षण में प्रदान किये गए विभिन्न उपचारात्मक शिक्षण तकनीकों का उपयोग कर सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम में सह जिला विद्यालय निरीक्षक अरविन्द कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय सिटी इण्टर कालेज, दिनेश कुमार यादव द्वारा वक्तत्य दिया गया। कार्यक्रम का संचालन, जिला समन्वयक कुश कुमार राय द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम में जिला परियोजना कार्यलय के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।

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