मंत्रोचारण के साथ मंत्री ने किया पौधरोपण, बताया महत्व

गाजीपुर। जनपद में वृक्षारोपण महाअभियान-2023 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को आकुशपुर कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्व0प्रभार)स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन मंत्री उत्तर प्रदेश रवीन्द्र जायसवाल  ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आकुशपुर कृषि विज्ञान केन्द्र  भूमि पर मियांवाकी वृक्षारोपण में कुल 34 हजार पौध रोपण किये गये। मंत्री रवीन्द्र जायसवाल, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने क्रमशः रूद्राक्ष, हरिशंकरी, त्रिदेवी एवं अन्य लाभकारी पौधो का रोपण पूरे विधि विधान एवं मंत्रोचारण के साथ  परिसर में किया।
कार्यक्रम मे मंच पर आसीन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को वन विभाग द्वारा रूद्राक्ष के पौध भेट स्वरूप  देकर स्वागत किया गया। इसके साथ ही मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियो ने स्कूली छात्र-छात्राओ मे यूनिफार्म, किताबे एवं पौधरोपण हेतु पौध का वितरण किया गया। यूनिफार्म एंव किताबे पाकर छात्र-छात्राओ के चेहरे खिल उठे। तत्पश्चात मत्री ने उपस्थित समस्त आगन्तुको को वृक्षारोपण के प्रति शपथ दिलाई। मंत्री ने भगवान के चरणों में नमन तथा भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है। इसी क्रम में जनपद में कुल 33 लाख 86 हजार 853 पौधरोपण किया जाना है।

उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के अंदर वृक्षारोपण अति आवश्यक है क्योंकि वनों एवं पेड़ पौधों से जड़ी बूटियां, औषधियां, फल, फूल प्राप्त होते है तथा इसका लाभ आम जन को प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज 22 जुलाई 2023 को जनपद में कुल 33 लाख 86 हजार 853  पौधरोपण वन विभाग के अतिरिक्त विभिन्न विभागो के द्वारा किया गया। उन्होने कहा कि प्रत्येक परिवार अपने आस-पास, पास पड़ोस में एक-एक वृक्ष अनिवार्य रूप से लगाये । एक वृक्ष लगाने से आपका सम्मान, आपका अभिमान तथा आपका विश्वास सबसे ज्यादा बढ़ेगा क्योंकि इस से उपजे फलों का लाभ आपकी आने वाली पीढ़ियो को प्राप्त होगा।  उन्होंने लोगो से ज्यादातर औषधीय वृक्ष लगाने को कहा , जिसके उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है  एवं कई  प्रकार की बीमारियों से निरोग रहता है। उन्होने कहा कि पेड़ जहां होते हैं वहां की जलवायु भी ठीक रहती है तथा समय से वर्षा भी होती है। उन्होने शिक्षा विभाग के अधिकारी से कक्षाओ में वृक्षारोपण के प्रति बच्चो मे जागरूकता बढाते हुए पाठ पठाने का निर्देश दिया ताकि बच्चो को वृक्षारोपण के प्रति जानकारी हो सके । उन्होंने कहा कि आज जो पौधे आप लोगों को दिए गए हैं उसे अपने घर, आस-पास -पड़ोस, ग्रामों में अवश्य लगाएं तथा दूसरे व्यक्तियों , परिवार के लोगों को भी पौधरोपण से होने वाले लाभों की जानकारी देते हुए उन्हे भी वृक्षारोपण के प्रति प्रेरित करें । उन्होने लोगो से  अधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को लगाने की अपील की।  उन्होनंे कहा कि  जब तक पौधे वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते तब तक उनकी सेवा करते हुए उनकी रक्षा करने हेतु आमजन से आह्वाहन किया।

जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जनपद में भी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य से सापेक्ष पौधरोपण किया जा रहा है। पौधरोपण  कार्यक्रम जनपद स्तर के अलावा समस्त तहसीलों, विकास खण्ड मुख्यालयो तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया । आज जनपद में 33 लाख 86 हजार 853  पौधरोपण का लक्ष्य है  जिसे पूरा किया गया है।  15 अगस्त 2023 को  वृक्षारोपण का कार्य जनपद में चलाते हुए  जनपद में  शासन स्तर से प्राप्त 40 लाख पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण  है इसका संज्ञान हमे होना चाहिए। उन्होंने पौधरोपण प्रतिशत को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि आज के दिन इस संकल्प के साथ जाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का प्रयास करें। आप जहां भी जिस रूप में रहे वृक्षारोपण अवश्य करें तथा उन वृक्षों को बचाने का भी प्रयास करें। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने कहा कि आज इस वन महोत्सव-2023 के कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण जन आंदोलन का कार्यक्रम चल रहा है । इसी क्रम में जनपद में आज एक दिन में कुल 33 लाख 86 हजार 853  पौधे  जनपद स्तर, तहसील , विकास खण्ड स्तर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे हैं।  उन्होंने वृक्षारोपण की विशेषताओं की विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए कहा कि इस  वृक्षारोपण में ग्राम वन, नगर वन, मियावाकी वृक्षारोपण, औषधीय वन आदि की स्थापना किया जा रहा है ।

15 अगस्त 2023 को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जायेगा। विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल ने कहा की वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से कितने  महत्वपूर्ण है यह आप सभी जानते हैं ।  पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए हमें वृक्ष लगाना अति आवश्यक है । उन्होने उपस्थित सभी लोगो से आह्वाहन किया कि वृक्षारोपण अवश्य करे, क्योंकि वृक्ष ही जलवायु परिवर्तन का कारण है। अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि जीवन दायिनी ऑक्सीजन हमे वृक्षों से ही प्राप्त होती हैं, अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में वृक्षों का अनुपात कम है। हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना उत्तर प्रदेश को एक हरा-भरा प्रदेश बनाने का है जिसे हम लोगो को मिल जुल कर  पूरा करना है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने वृक्षारोपण से होने वाले फायदो को बताया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण की अपील की। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयो के छात्र-छात्राए, एन सी सी, भारत स्काउट गाइड, एन एस एस एवं नेहरू युवा केंद्र के वॉलिंटियर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर भूषण मिश्रा अपर कमिश्नर वाराणसी, मुख्य विकास अधिकारी संतोश कुमार वैश्य ,अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर प्रखर उत्तम, जिला युवा अधिकारी कपिल देव,एंव अन्य अधिकारी/कर्मचारी तथा आमजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नेहरू युवा केन्द्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सुभाष चन्द्र प्रसाद ने किया।

कैंडल मार्च निकालकर मणिपुर घटना का किया विरोध

गाजीपुर। शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी की महिला सभा के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष विभा पाल के नेतृत्व में मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी और निर्वस्त्र कर घुमाये जाने के विरोध में महुवाबाग से गांधी पार्क आमघाट तक कैंडल मार्च निकाल कर विरोध दर्ज कराया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने आक्रोश व्यक्त करते हुए तथा इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे मानवता को शर्मशार कर देने वाला बताया।
कहा कि मणिपुर में लगभग दो महीनों से हिंसा फैली हुई है। लेकिन मणिपुर को लेकर न मोदी को चिंता है और न गृहमंत्री अमित शाह को।

मोदी और अमित शाह को देश में फिर कैसे सरकार बने और मोदी कैसे तीसरी बार प्रधानमंत्री बन जायें इस बात की तो चिंता है लेकिन मणिपुर में अमन शांति कैसे बहाल हो इस बात की उन्हें कत्तई फिक्र नहीं है। प्रधानमंत्री को विदेशी और जिन प्रदेशों में चुनाव संभावित है का दौरा करने की तो फुर्सत है लेकिन मोदी के पास मणिपुर जाने का वक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भीड़ ने दो महिलाओं को दरिदंगी के साथ निर्वस्त्र कर क्षेत्र में घुमा रही है वह बहुत ही दुखी और शर्मशार करने वाली घटना‌ है। इस घटना से दुनिया की निगाह में देश की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा जिस तरह से महिलाएं मदद की गुहार लगा रही है और उन्हें बचाने के लिए भीड़ के डर से न पुलिस और न ही जनता बल्कि कोई भी आगे नहीं आ रहा है, यह बात यह साबित करने के लिए काफी है कि मणिपुर में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में शांति बहाल करने में असफल देश के प्रधानमंत्री मोदी जी, गृह मंत्री अमित शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री विरेन सिंह से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

इस कैंडल मार्च में मुख्य रूप से विभा पाल,सीमा यादव,संगीता यादव, सुनीता यादव, रीना यादव,कंचन रावत,पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव,आमिर अली, रविन्द्र प्रताप यादव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,अशोक कुमार बिंद, अरुण कुमार श्रीवास्तव,मदन यादव ,डॉ समीर सिंह,नगर अध्यक्ष दिनेश यादव, तहसीन अहमद, भानु यादव, आदित्य यादव ,सुजीत कुमार, अशोक अग्रहरि,कैलाश यादव,आरिफ खां, फिरोज जमाल,लड्डन खां बाबी चौधरी, नरेन्द्र कुशवाहा, द्वारिका यादव, आदित्य यादव, इंद्रजीत कुशवाहा, रमेश यादव, राजेश यादव, रामनगीना यादव, राधेश्याम यादव,बैजू यादव, गोपाल यादव, छन्नू यादव,सतिराम यादव आदि उपस्थित थे।

पौधारोपण कर दूषित वातावरण को स्वच्छ किया जा सकता है: सरिता अग्रवाल

गाजीपुर। वृहद वृक्षारोपण अभियान-2023 के अंतर्गत नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल के नेतृत्व में शनिवार को वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर के विभिन्न वार्डों में वहाँ के क्षेत्रीय सभासद/प्रतिनिधि के देख-रेख में पौधारोपण हुआ। साथ ही जलकल प्रांगण, आमघाट गांधी पार्क, पीरनगर डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद पार्क जैसे आदि जगहों पर पौधरोपण कर वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह से वातावरण खराब होता जा रहा है जिसका मुख्य कारण पेड़ पौधों की अनियंत्रित कटाई पर्यावरण के लिए घातक साबित हो रहा है। जिसको अधिक मात्रा मे पौधारोपण करते रहने से दूषित वातावरण को स्वच्छ किया जा सकता है। पेड़-पौधों से ही हमें आक्सीजन मिलती है एवं वर्षा भी पर्याप्त मात्रा मे होती है जो हमारे जीवन के लिए अतिआवश्यक है।

इस मौके पर नगर पालिका पूर्व अध्यक्ष/भाजपा वरिष्ठ नेता विनोद अग्रवाल ने बताया कि दीर्घकालीन पौधे मनुष्य के कई पीढ़ियों को आक्सीजन देने का कार्य करते हैं। ये पौधे एक तरफ छांव देते हैं तो दूसरी तरफ प्राण वायु रूपी आक्सीजन के श्रोत हैं। जेई रफीउल्लाह ने बताया कि पेड़-पौधे हमारे वातावरण को हराभरा रखने में सहायक साबित होते हैं। उक्त अभियान में जेई विवेक बिन्द, एसआई एहसान आलम के आलावा सभासद/प्रतिनिधि मीनू मौर्या, रवि केशरी, संदीप श्रीवास्तव, सहबान अली, चुन्नू अंसारी, मोहम्मद नवाब, अखिलेश यादव, हिमालय जायसवाल, शाहिद, अजय कुशवाहा आदि मौजूद थे।

एसपी ने यातायात नियमों के प्रति छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

गाजीपुर। 17 जुलाई से 31 जुलाई तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए लोगों को यातायात नियम बताए जाएंगे और चेकिंग अभियान चलाकर जागरूक किया जाएगा। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर ज्ञानेंद्र और यातायात प्रभारी मनीष कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को जिले के एक शिक्षण संस्थान में जाकर छात्र छात्राओं को यातायात नियमो के प्रति जागरूक किया। इस दौरान यातायात नियमों का पालन करने के लिए छात्र छात्राओं को और शिक्षकों को शपथ दिलाई गई।

कहां की जीवन सुरक्षित रखने के लिए यातायात नियमों का पालन अवश्य करें ताकि होने वाले दुर्घटनाओं से आप बच सके। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे वाहन ना चलाएं। मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। नशे की हालत में और मोबाइल से बात करते समय वाहन का प्रयोग ना करें। तेज गति से वाहन ना चलाएं और वाहन पर स्टंट बिल्कुल ना करें। सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के तहत परिवहन विभाग और पुलिस विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर जगह जगह कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मणिपुर मामले को लेकर नेताओं ने सीएम और पीएम का फूंका पुतला

गाजीपुर। मणिपुर में हुए महिलाओं के ऊपर अत्याचार के विरोध में शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दिवांशू पाण्डेय अंशु और जिलाध्यक्ष सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में मणिपुर के मुख्यमंत्री वीरेन सिंह एवं प्रधानमंत्री मोदी का पुतला पीजी कॉलेज चौराहे पर फूंका गया। इसको लेकर यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दिवांशू पाण्डेय अंशु ने कहा कि यदि वीरेन सिंह से वहा की स्थिति संभाली नही जा रही तो कुर्सी छोड़ दे। जिला उपाध्यक्ष ताम्रध्वज कुमार ने कहा कि अब तो चुप्पी तोड़िए मोदी जी यदि अब भी कुछ नही किया गया तो यूथ कांग्रेस इससे भी उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। भदौरा अध्यक्ष अभय कुमार ने कहा कि यदि मणिपुर सरकार हिंसा को रोकने में सफल नही हो पा रही है तो गाजीपुर युवा कांग्रेस मणिपुर जाने का काम करेगा। इस मौके पर अनुराग पाण्डेय, मनीष राय, आशुतोष गुप्ता, ओजस्व साहू, बृजेश सिंह, धर्मेंद्र कुमार, अच्छे लाल, विवेक रंजन , बिट्टू यादव, अनुज कुमार, अभय कुमार, ताम्रध्वज कुमार, विशाल कुमार, अभिषेक बिंद और गजराज तिवारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पुलिस विभाग के खिलाडियों ने लिया 28वीं अंतर्जनपदीय खेल प्रतियोगिता में भाग

गाजीपुर। गुरूवार को पुलिस लाइन में पुलिस विभाग के वाराणसी जोन की 28वीं अंतर्जनपदीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने किया। इस प्रतियोगिता में कबड्डी, कुश्ती, भारोत्तोलन, बॉक्सिंग इत्यादि खेलों का आयोजन किया जाना है। इस दौरान सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक ने सिक्का उछालकर कबड्डी प्रतियोगिता की शुरुआत की। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले पुलिस अधीक्षक ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त किया।

उन्होंने खिलाडियों को खेल भावना के साथ खेलते हुए अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए सभी का उत्साहवर्धन किया। इस प्रतियोगिता में वाराणसी जोन की विभिन्न जनपदों सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, बलियां, मऊ, मिर्जापुर, चंदौली की टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। शुभारंभ से पहले समस्त टीमों को खेल भावना से खेलने के लिए शपथ दिलाई गई। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण/नगर ,क्षेत्राधिकारी नगर आदि उपस्थित रहे।

एसपी ने किया निरीक्षण, दिया निर्देश

गाजीपुर। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में परेड की सलामी ली गई और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने परेड किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न थानों से आई हुई पुलिस की गाड़ियों का निरीक्षण कर उनमें रखे गए सुरक्षा संबंधी उपकरणों को चेक किया तथा रख रखाव के लिए संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। उन्होंने डॉयल 112 की गाड़ियों का निरीक्षण कर गाड़ियों का रिस्पांस टाइम जाना। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन में स्थित विभिन्न शाखाओं का तथा पुलिस लाइन में हो रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। परेड के दौरान सभी जवानों को बाधा दौड़, बीम, रस्सी चढ़ाई, मंकी रोप और हथियारों को खोलने तथा तथा जोड़ने के लिए प्रशिक्षण से सभी को प्रशिक्षित किया गया।

कई घाटों पर किया गया मॉक ड्रिल का अभ्यास

गाजीपुर। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ के समन्वय से उत्तर प्रदेश राज्य के 41 जनपदों मे बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज़ किया गया। इसी क्रम में गुरूवार को जनपद के पांच बाढ़ प्रभावित तहसील सदर, सैदपुर,जमानिया ,मुहम्दाबाद, सेवराई, के समस्त बाढ़ प्रभावित तहसीलों में बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन 9 बजे से आरंभ कर अभ्यास किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत जेटी कलेक्टरघाट, सदर तहसील में सुबह समय 8ः58 बजे शासन द्वारा अगले 3 घंटे में बाढ़ आने की जानकारी दिया गया। सुबह 8.59 मिनट पर ई०ओ०सी० द्वारा इन्सीडेन्ट कमाण्डर को घटना की जानकारी दी गयी। इन्सीडेन्ट कमाण्डर जिलाधिकारी द्वारा आई०आर०एस की टीमों की त्वरितगति से कियाशील किया गया। कार्यक्रम स्थल पर वर्तमान तैनात टीम को सुबह 9 बजे एलर्ट करते हुए जलस्तर बढ़ने की सूचना दिया गया.। सुबह 9.30 बजे समस्त टीमें प्रभावित एरिया में एकत्रित होने के उपरान्त घटना स्थल के नजदीक कलेक्टर घाट मंदिर उच्च स्थान में पहुँचकर बचाव कार्य प्रारम्भ किया गया। सुबह 9.30 बजे से सुबह 10.30 बजे तक पी०एस०सी० स्थानीय पुलिस, गोताखोर, आपदा विशेषज्ञ, आपदा मित्र, स्थानीय अनुभवी व्यक्तियों की सहायता से तत्काल ध्वनि विस्तारक यन्त्र से उस इलाके में रहने वाले लोगो को बाढ़ का पानी आने की जानकारी दी गयी। सुबह 10.30 से सुबह 11.30 बजे तक स्वास्थ्य विभाग के तैनात चिकित्साधिकारी फार्मासिस्ट, एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा गर्भवती महिलाओं, बच्चों मेडिकल चेकअप के बाद राहत शिविरों में जाने हेतु एम्बुलेन्स एवं अन्य वाहन के माध्यम से भेजा। सुबह 11.30 से दोहपर बजे 12 तक सुरक्षित निकाले गये व्यक्तियों ने बताया गया कि कुछ लोग सामने वाले बालू के टीले पर फंसे हो सकते है।

तत्काल इन्सीडेन्ट कमाण्डर जिलाधिकारी के निर्देश पर ड्रोन को उठाकर खोज एवं बचाव कार्य प्रारम्भ कर किया गया। सर्वे के दौरान गंगा नदी के बहाव एवं प्रभाव से बचने के लिए उचे स्थान पर चढकर अपनी जान बचाने का प्रयास करते हुए 2 व्यक्ति देखा गया और तत्काल नाव के माध्यम से बचाव टीम द्वारा पीड़ितों को बचाया गया। अपरान्ह 12 से 12.30 बजे स्वास्थ्य विभाग के तैनात चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा सी०पी०आर० एवं मानसिक सहयोग प्रदान किया गया। अपरान्ह 12 से अपरान्ह 1 बजे स्वास्थ्य विभाग द्वारा सी०पी०आर० एवं प्राथमिक उपचार के उपरान्त कुछ मरीजो की हालात गम्भीर होने के कारण तत्काल उन्हें एम्बुलेन्स के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुचाया गया। दोपहर  1 से  1.30 बजे तक बाढ प्रभावित व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त उनको राहत शिविरों में पहुचान एवं उनके मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करना, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चो, बुजुगों के लिए विशेष अभियान चलाकर खाने-पीने एवं अन्य दवाओं को उपलब्ध कराया गया तथा  सुरक्षात्मक दृष्टि से खोज एवं बचाव का कार्य अपर जिलाधिकारी वि०/ रा०. ,आपदा विशेषज्ञ, आईआरएस के सदस्य, एसडीआरएफ के टीम लीडर एवं सदस्य मीडियाकर्मी तथा स्थानीय जनमानस द्वारा किया गया। इसी प्रकार जसवंत राय इंटर कालेज सैदपुर , गौसपुर घाट मुहम्मदाबाद , देवा बैरनपुर जमानिया, एवं  नरायन उर्फ नरबाध घाट गहमर तहसील सेवराई में मेगा मॉक अभ्यास का आयोजन कर किया गया। प्रतीकात्मक रूप में जलभराव से विस्थापित व्यक्तियों को उनके सामान सहित उक्त बाढ़ राहत केंद्र ले जाया गया। उक्त राहत केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग, पशु पालन विभाग, आपूर्ति विभाग द्वारा कैम्प लगाए गए थे, जिनमें रेस्क्यू किये गए व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण कराए गए। इसी प्रकार पशुओं की जांच पशु पालन विभाग द्वारा की गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर प्रखर उत्तम, मुख्य चिकित्साधिकारी, तहसीलदार सदर, जिला पूर्ती अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परिवहन विभाग के अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, दिलीप पाण्डेय, एवं अन्य जनपदस्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी, आपदा मित्र, एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अशोक राय आपदा विशेषज्ञ ने किया।

कार्यों से नाराज डीएम ने दिया निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एंव मासिक स्टाफ बैठक गुरूवार को रायफल क्लब सभागार सम्पन्न हुआ। बैठक में जिलाधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, चकबन्दी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, आईजीआरएस, के सम्बन्ध मे विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक मे समीक्षा के दौरान वाणिज्यकर एवं विद्युत विभाग की लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए वसूली मे प्रगति लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी तालाब, खेल मैदान, चारागाह, एवं ग्राम सभा की भूमि को प्राथमिकता के तौर पर चिन्हित करते हुए उसपर भू-माफियाओं केे द्वारा किये गये अतिक्रमण को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए एफ आई आर दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होने आई जी आर एस की समीक्षा के दौरान सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत का निस्तारण निश्चित समयान्तराल मे किया जाये अन्यथा निस्तारण न होने के कारण डिफाल्टर होने पर सम्बन्धित अधिकारी जिम्मेदार होगे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का आह्वान करते हुए उन्हें निर्देश दिया कि राजस्व प्राप्ति के संबंध में जो विभाग कार्य कर रहे हैं उनके द्वारा अपने-अपने लक्ष्य को प्रत्येक माह उसे पूर्ण कर अंतिम रूप प्रदान किया जाए ताकि सभी विभागों में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पूर्ण किए जा सकें। उन्होने कम राजस्व वसूली वाले विभागो के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रत्येक माह कार्य योजना बनाकर मूर्त रूप प्रदान किए जाने का निर्देश दिया।

कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपने राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं की जाएगी उनके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित विभागीय अधिकारी की होगी। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरण एवं विवादित प्रकरण, दाखिल खारिज, विवादित वादो का निस्तारण करने को कहा। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जन सामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर करते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करे। उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के निस्तारण के संबंध में सभी पीठासीन अधिकारियों द्वारा शिकायतो का निस्तारण गुण एवं दोष के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, अरूण कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी आशीष मिश्रा, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं सम्बन्धित अधिकारी एंव पटल सहायक उपस्थित थे।

अति प्राचीन रामलीला कमेटी के संरक्षक के निधन पर शोक।



अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के संरक्षक सदस्य व वरिष्ठ चिकित्सक डा. सुरेश चंद्र राय के निधन पर शोक।

गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के संरक्षक सदस्य और जनपद के वरिष्ठ चिकित्सक डा० सुरेश चंद्र राय का निधन 18 जुलाई दिन मंगलवार को उनके स्टीमरघाट स्थित आवास पर हो गया। उनका अंतिम संस्कार काशी के गंगा घाट पर पूरे विधि विधान से उनके परिजनों द्वारा किया गया। कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा तिवारी ने बताया कि स्व० डा० सुरेश चंद्र राय जी 95 वर्ष के थे और कमेटी के संरक्षक सदस्य होने के साथ साथ कमेटी के कमेटी के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी निष्ठापूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे हैं, डाक्टर साहब के निधन की सूचना मिलने के बाद अति प्राचीन रामलीला कमेटी में दुःख का माहौल है, इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज दिनांक 20 जुलाई को हरिशंकरी चबूतरे पर सदस्यों ने दो मिनट का मौन रख कर प्रभु श्री राम से पुण्यात्मा के शांति की कामना किया। इस अवसर पर विनय कुमार सिंह, ओमप्रकाश तिवारी, रोहित अग्रवाल, पंडित लव त्रिवेदी, प्रदीप पांडेय, गोपाल जी पांडेय, अशोक अग्रवाल, वीरेश जी, सुधीर अग्रवाल, ओम नारायण सैनी इत्यादि सदस्य शोक सभा में उपस्थित रहे।

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