

गाजीपुर। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा विश्व बैंक की तकनीकी एवं आर्थिक सहायता के माध्यम से 746 करोड़ की लागत से जलमार्ग विकास परियोजना के तहत अर्थगंगा की संकल्पना पर उत्तर प्रदेश में जलमार्ग संख्या 1 ( गंगा नदी के तटों पर 15 स्थानों पर वाराणसी से लेकर बलिया तक आधुनिक सामुदायिक जेट्टियों का निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को इन 15 सामुदायिक जेट्टियों में से 7 जेट्टियों का लोकार्पण तथा 8 जेट्टियों का शिलान्यास मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा संत रविदास घाट वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। इस उपलक्ष्य पर कलक्टर घाट मे शुक्रवार को कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट का प्रसारण दिखाया गया। जनपद मे भी 5 जेट्टियों का निर्माण किया जाना है, जिसमे चोचकपुर, दुनगुनपुर, सैदपुर, जमांनियां एवं कलक्टर घाट पर जेट्टियों का निर्माण किया जायेगा। इन सामुदायिक जेट्टियों पर नाव के ठहराव एवं यात्रियों के उतरने चढ़ने के हेतु उचित व्यवस्था तथा तट पर आने वाले यात्रियों के ठहराव एवं विश्राम हेतु एक विश्राम स्थल इत्यादि सहित विभिन्न तरह की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इन सामुदायिक जेट्टियों के निर्माण के उपरांत एक समझौते के तहत जिला प्रशासन / स्थानीय संस्थाओं को स्थानांतरित कर दिया जाएगा जो आगे इसे उपयोग में लाने हेतु उचित माध्यम से रखरखाव एवं परिचालन की व्यवस्था देखेंगे। आरंभ में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण 2 साल के समझौते के तहत निर्माण करने वाली संस्था के माध्यम से इसकी रखरखाव हेतु व्यवस्था करेगा। इन सामुदायिक जेट्टियों के माध्यम से नदी तट पर रहने वाले किसान, छोटे व्यापारी, उद्यमी, मछुआरे एवं अन्य नागरिकों को नदी के माध्यम से आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने एवं नदी के आर-पार परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा। इनके निर्माण से आस पास के क्षेत्र में लघु औद्योगिक इकाईयों को बल मिलेगा तथा रोजगार की बढ़ोतरी होगी। इस कार्यक्रम मे जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण प्रभुनाथ चौहान, अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व, उपजिलाधिकारी सदर प्रतिभा मिश्रा, सी0ओ सिटी गौरव सिंह, एस0पी0 सिटी गोपीनाथ सोनी, अध्यक्ष नगर पालिका सरिता अग्रवाल, एम एल सी प्रतिनिधि प्रदीप पाठक एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।





