महिला का शव रखकर किया धरना-प्रदर्शन, तीन पुलिस कर्मी निलंबित

गाजीपुर। विकास यादव को पकड़कर उसका एनकाउंटर करने के उद्देश्य से ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर पति को छुड़ाने के उद्देश्य से वाहन पर सवार हो गयी उसकी पत्नी नन्दिनी यादव की पुलिस ने निर्मम पिटाई कर और तेज चलती गाड़ी से उसको फेंककर पुलिस कर्मियों द्वारा उसकी हत्या करने का बड़ा आरोप लगा है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पीड़ित परिजनों और पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मृतक नन्दिनी यादव की लाश को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना -प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने इस हत्या के लिए खानपुर थानाध्यक्ष सहित अन्य दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने, मृतक नन्दिनी यादव के छोटे-छोटे बच्चों के पालन पोषण और उनकी देखभाल के लिए परिजनों को तत्काल 50लाख की आर्थिक मदद करने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराने की मांग किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, जंगीपुर विधायक डॉ वीरेंद्र यादव,सदर विधायक जै किशन साहू, सैदपुर विधायक के प्रतिनिधि ओपी भारती और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा , पुर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव और अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य आत्मा यादव और डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के बीच लगभग पांच घंटे चली वार्ता के पश्चात यह तय हुआ कि इस घटना की जुडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक जांच करायी जायेगी और जांचोपरांत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित धारा में कार्यवाही की जायेगी। जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस पुरी तरह से बेलगाम और निरंकुश हो गई है। रात ढाई बजे पुलिस द्वारा बिना सर्च वारंट के विकास यादव को उसके रिश्तेदारों के घर से उठाना फिर उसकी पत्नी की गाड़ी से फेंककर हत्या और उसके पश्चात पुलिस द्वारा विकास यादव के एनकाउंटर का प्रयास इस बात की कहानी कहता है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस पूरी तरह से बेलगाम हो गई है। वह अपने को कानून से ऊपर मानती है।

उन्होंने कहा कि जब रक्षक ही भक्षक बन जायेंगा तो देश कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि विकास यादव इतना बड़ा अपराधी नहीं था कि उसका एनकाउंटर किया जाये। यदि उसने कोई अपराध किया था तो उसे गिरफ्तार करती उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती लेकिन यह बात तो सही है कि वह इतना बड़ा अपराधी नहीं था कि उसका एनकाउंटर किया जाये। उन्होंने कहा कि पुलिस छोटे मोटे अपराधियों का एनकाउंटर कर अपनी पीठ ठोंक रही है लेकिन बड़े अपराधियों पर हाथ डालने में उसकी हिम्मत छूट जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने थाने में घुसकर पुलिस कर्मियों की पिटाई किया लेकिन इसके बावजूद पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस महिला पहलवानों के यौन शौषण के आरोपित भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है । पुलिस अपनी बहादुरी छोटे मोटे बदमाशों पर दिखा रही हैं। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्यवाही की गई है। उच्च स्तरीय जांच हो रही है। जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के ऊपर अग्रसर कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर आगे भी पुलिसकर्मियों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य कमलेश यादव, राजेंद्र यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, सदानंद यादव, अमित ठाकुर,सत्या यादव, सुनील यादव,मुन्नन यादव, डॉ समीर सिंह,अभिनव सिंह, चन्द्रिका यादव, संदीप यादव,विभा पाल, कंचन रावत, रीना यादव , द्वारिका यादव, राममूरत यादव,रामाशीष यादव,रामयश यादव,मोहन रावत, इलियास अहमद,अतीक अहमद राईनी, रामनगीना यादव,सताराम यादव आदि शामिल थे।

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